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5000 ग्राम सोना देने का किया वादा… फिर धोखाधड़ी की: शिल्पा शेट्टी और पति राज कुंद्रा ‘गोल्ड स्कैम’ में फँसे, कोर्ट ने पुलिस को दिए जाँच के आदेश

बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इस दफा उनके ऊपर गोल्ड स्कीम में निवेशकों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगा है। ये आरोप ‘ऋद्धि सिद्धि बुलियंस’ के मैनेजिंग डायरेक्टर पृथ्वीराज कोठारी ने लगाया है। उन्होंने इस संबंध में बीकेसी थाने में शिकायत दी थी।

उनकी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मुंबई की एक कोर्ट ने पुलिस को जाँच करने के निर्देश दे दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एन पी मेहता ने अपने आदेश में कहा कि कुंद्रा दंपती, उनके द्वारा स्थापित कंपनी सतयुग गोल्ड प्राइवेट लिमिटेड तथा कंपनी के दो और निदेशकों एवं एक कर्मचारी के खिलाफ प्रथम दृष्टया संज्ञेय अपराध बनता है।

इसके साथ ही कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए कि मामले की जाँच के बाद अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो धोखाधड़ी, क्राइम और भरोसा तोड़ने के लिए भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

बता दें कि शिल्पा शेट्टी और राज कुंद्रा समेत अन्य लोगों के खिलाफ कोठारी ने अपनी शिकायत में कहा कि इन लोगों ने साल 2014 में एक योजना को शुरू किया था। इसमें निवेश करने वालों के लिए स्कीम थी कि उन्हें आवेदन करते समय डिस्काउंट रेट पर सोने का एडवांस पेमेंट करने की बात कही गई थी और फिर स्कीम की मैच्योरिटी पर उन्हें तय अमाउंट में सोना दिया जाना था।

कोठारी के मुताबिक उन्होंने इस योजना में 90,38,600 रुपए का निवेश किया कि उन्हें 2 अप्रैल 2019 को 5000 ग्राम 24 कैरेट सोना दिया जाएगा। हालाँकि कंपनी ने अपना वादा पूरा नहीं किया। ऐसे में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई और अब इस मामले में कोर्ट ने आदेश के लि

सड़कों पर न पढ़ी जाए नमाज, न प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी हो: बकरीद से पहले UP में CM योगी ने दिए सख्त निर्देश, अधिकारियों से कहा- 24 घंटे एक्टिव रहने की जरूरत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (13 जून 2024) को पर्व-त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान सीएम ने बकरीद के दिन मुस्लिमों को सड़कों एवं सार्वजनिक स्थानों पर नमाज नहीं पढ़ने, प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी नहीं देने और कुर्बानी वाले जानवरों के अवशेषों का उचित ढंग से निस्तारण करने का निर्देश दिया।

बता दें कि सोमवार (17 जून 2024) को बकरीद है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 16 जून को गंगा दशहरा, 17 जून को बकरीद, 18 जून को ज्येष्ठ माह का मंगल का पर्व और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन है। वहीं, जुलाई में मोहर्रम और काँवड़ यात्रा होने हैं। इसलिए सभी अधिकारियों को चौकन्ना रहना होगा और कानून-व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बकरीद पर कुर्बानी के लिए स्थान पहले से तय होना चाहिए। तय स्थान के अलावा, कहीं और कुर्बानी न हो। विवादित एवं संवेदनशील स्थानों पर कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी किसी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि नमाज परंपरा के अनुसार निर्धारित स्थल पर ही होना चाहिए, सड़कों पर नहीं।

सीएम योगी ने कहा कि सभी लोग आस्था का सम्मान करें, लेकिन किसी नई परंपरा को प्रोत्साहन न दें। हर एक पर्व शांति और सौहार्द्र के बीच संपन्न हों, इसके लिए स्थानीय जरूरतों को देखते हुए सभी जरूरी प्रयास किए जाएँ। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यदि कोई भी कानून हाथ में लेने का प्रयास करे तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। अराजक तत्वों पर नजर रखें। 

ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल पर भंडारा आयोजन की परंपरा रही है। इसको लेकर भी सीएम योगी ने दिशा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आयोजकों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि प्रसाद खाकर अपशिष्ट सड़क किनारे न फेंके जाएँ। भंडारा वाली हर जगह पर डस्टबिन की उपलब्धता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई घटना न हो, जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएँ आहत हों।

 

G-7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली पहुँचे PM मोदी: मेलोनी, मैक्रों समेत विश्व के कई नेताओं से करेंगे मुलाकात, बोले- अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है लक्ष्य

प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी इटली के अपुलिया में आयोजित ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में भाग लेने इटली पहुँच चुके हैं। ब्रिंडिसि हवाई अड्डे पर इटली में भारत के राजदूत वाणी राव और अन्य अधिकारियों ने पीएम मोदी का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए इटली पहुँचा। विश्व नेताओं के साथ सार्थक चर्चा में शामिल होने के लिए उत्सुक हूँ। साथ मिलकर, हमारा लक्ष्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करना और उज्जवल भविष्य के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।”

जानकारी के मुताबिक, इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर आज जी-7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भाग लेंगे। इसके अलावा पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक करेंगे। साथ ही पीएम मोदी की मुलाकात विश्व के अन्य नेताओं से भी होगी।

सामने आए शेड्यूल के हिसाब से वह आज दोपहर 2.15 से 2.40 बजे तक फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। वह इसके बाद 2.40-3 बजे तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ वार्ता करेंगे। इसके बाद वो जी-7 में शामिल होंगे। वहाँ पहले उनका इटली पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ वेलकम शूट होगा फिर आउटरीच सत्र शुरू होगा। बाद में पीएम मोदी जर्मनी चांसलर ओलाफ स्कॉलज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद उनकी पीएम मेलोनी के साथ बी द्विपक्षीय वार्ता होगी। उनके बाद वह जापान के पीएम किशिदा के साथ बैठक करेंगे और फिर रात का खान होगा।

बता दें कि जी7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी, कनाडा और जापान शामिल हैं। इस बार इनकी मेजबानी का जिम्मा इटली का है। ऐसे में इटली ने इस समिट में शामिल होने के लिए भारत को आमंत्रित किया और साथ ही साथ अफ्रीका, दक्षिण अफ्रिका, हिंद प्रशांत क्षेत्र के 11 विकासशील देशों को इनवाइट भेजा था।

गुजरात में हड़प रखी है सरकारी जमीन: TMC सांसद युसूफ पठान पर नगर निगम करेगा कार्रवाई , VMC ने नोटिस भेजा

भारतीय क्रिकेट टीम में खेल चुके और हाल ही में पश्चिम बंगाल से तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) की टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले क्रिकेटर यूसुफ पठान विवादों में घिर गए हैं। भाजपा (BJP) के एक पूर्व पार्षद ने शिकायत की है कि पठान ने गुजरात के वडोदरा में सरकारी जमीन पर कब्जा कर लिया है। इसके बाद वडोदरा म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (VMC) ने पठान को नोटिस जारी किया है।

भाजपा नेता विजय पवार ने VMC की स्थायी समिति के अध्यक्ष को पत्र लिखकर इस मुद्दे को उठाया है और कहा कि यूसुफ पठान ने सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा कर रखा है। उन्होंने माँग है की कि उस जमीन को निगम वापस अपने कब्जे में ले। इसके बाद नगर निगम ने क्रिकेटर से नेता बने पठान को 6 जून 2024 को नोटिस भेजा है।

नोटिस में कहा गया है, “यह बताया जाता है कि वीएमसी को (मार्च 2012 में) टीपी स्कीम नंबर 22 और फाइनल प्लॉट नंबर 90 में 978 वर्ग मीटर की भूमि आवंटित करने के लिए आपसे अनुरोध प्राप्त हुआ था। प्रक्रिया के अनुसार, आपके आवेदन को स्थायी समिति के पास भेजा गया और उसके बाद मूल्यांकन समिति द्वारा न्यूनतम मूल्य तय करने के बाद सामान्य बोर्ड को भेजा गया।”

उसमें आगे कहा गया है, “इसके बाद बिना नीलामी के इसे विशेष मामले के तहत 99 साल की अवधि के लिए भूमि पट्टे पर देने के लिए गुजरात राज्य सरकार को मंजूरी के लिए आवेदन को भेजा गया था। हालाँकि, 9 जून 2014 को शहरी विकास विभाग से प्राप्त उत्तर के अनुसार, उक्त भूमि को आपको पट्टे पर देने का अनुरोध अस्वीकार कर दिया गया था।”

नोटिस में आगे कहा गया है, “आपको एक पत्र के माध्यम से इसकी जानकारी दी गई थी… हालाँकि, यह पता चला है कि आपने वीएमसी की उक्त भूमि पर अतिक्रमण किया है और आपको जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया जाता है।” दरअसल, यह मामला वडोदरा के तंदलजा में शुभम पार्टी प्लॉट के पास नगर निगम के स्वामित्व वाले प्लॉट से जुड़ा है।

यूसुफ पठान ने अपने प्लॉट नंबर 91 पर बंगला बनाने का फैसला किया। इसलिए उन्होंने उससे सटे प्लॉट नंबर 90 की माँग की। नगर आयुक्त की सिफारिश पर इसके लिए तुरंत प्रस्ताव तैयार किया गया। प्रस्ताव में सुरक्षा के विशेष मामलों में सार्वजनिक नीलामी के बिना आवासीय प्रयोजनों के लिए यूसुफ महमूद पठान को 57,270 रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से भूमि आवंटित करने की सिफारिश की गई।

इसके अतिरिक्त, सरकार से अनुमोदन प्राप्त करने और 99 साल के पट्टे पर सुरक्षा प्रदान करने के लिए सभी शक्तियाँ प्रदान करने की भी सिफारिश की गई है। यह प्रस्ताव 30 मार्च 2012 को नगर निगम की स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया और उसे मंजूरी दे दी गई। इसके बाद इसे मंजूरी के लिए आम सभा में भेजा गया। 8 जून 2012 को आम सभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव को मंजूरी दी।

अंत में निगम के इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया गया। हालाँकि, 9 जून 2014 को शहरी विकास एवं शहरी आवास विभाग के एक अधिकारी ने प्रस्ताव को खारिज कर दिया। आयुक्त को लिखित रूप से बताया गया कि राज्य सरकार ने क्रिकेटर यूसुफ महमूद पठान को सार्वजनिक नीलामी के बिना विशेष मामले के रूप में भूमि आवंटित करने के अनुरोध को खारिज कर दिया है।

पूर्व पार्षद विजय पवार ने अब स्थायी समिति के अध्यक्ष के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने दावा किया है कि भूमि आवंटन अनुरोध को अस्वीकार किए जाने के बावजूद पठान ने बगीचे और अस्तबल बनाने के लिए परिसर में दीवार खड़ी की है। पवार ने सवाल उठाया कि सरकार की अनुमति के बिना भूमि पर कब्जा कैसे किया जा सकता है। उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की माँग की है।

इस मामले पर स्थायी समिति की अध्यक्ष डॉक्टर शीतल मिस्त्री ने गुरुवार (13 जून) को बताया कि पठान के खिलाफ दो सप्ताह बाद कार्रवाई की जा सकती है। मिस्त्री ने कहा कि पठान को 6 जून को नोटिस देकर अतिक्रमण हटाने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। उन्होंने कहा कि दो सप्ताह का समय पर्याप्त है। अगर टीएमसी नेता खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं तो समिति आगे की कार्रवाई करेगी।

मिस्त्री ने ‘राजनीतिक कदम’ वाले आरोपों से इनकार करते हुए कहा, “मुझे राजनीतिक कदम के बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन हमारे संज्ञान में आने के बाद अतिक्रमण हटाने की यह एक प्रक्रिया है।” बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेल चुके यूसुफ पठान वह पश्चिम बंगाल की बेहरामपुर सीट से ममता बनर्जी की TMC के टिकट पर चुनाव लड़कर कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को हराया है।

‘देवस्थानम में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं…’: CM बनने के बाद तिरुपति पहुँचे चंद्रबाबू नायडू, भगवान वेंकटेश्वर का दर्शन कर लिया हिंदू धर्म की रक्षा करने का प्रण

तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार (12 जून 2024) को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में चौथी बार शपथ ली। इसके बाद उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री गुरुवार (13 जून) को तिरुमाला में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन किया। नायडू ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और तिरुपति-तिरुमाला प्रशासन को ‘शुद्ध’ करने की शपथ के साथ हिंदू धर्म की रक्षा का प्रण लिया।

भगवान वेंकटेश स्वामी का दर्शन करने के बाद मुख्यमंत्री नायडू ने जगन मोहन रेड्डी सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती जगन मोहन रेड्डी शासन के दौरान वेंकटेश्वर मंदिर की देखरेख करने वाले तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में अनियमितताएँ हुई थीं। उन्होंने कहा कि वो तिरुमाला में भ्रष्टाचार को खत्म करने और ‘हिंदू धर्म’ की रक्षा के लिए हरसंभव कोशिश करेंगे।

पूरे परिवार के साथ वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन करने पहुँचे TDP सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने कहा, “मैं तिरुमाला से शासन का शुद्धिकरण शुरू करूँगा। तिरुमाला को अपवित्र करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। तिरुमाला में केवल गोविंदा के नाम का ही जाप रहेगा।” उन्होंने आगे आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम का व्यवसायीकरण किया।

सीएम नायडू ने कहा, “प्रसादम अच्छी गुणवत्ता का होना चाहिए। दरें नहीं बढ़ाई जानी चाहिए और ‘दर्शन’ के लिए टिकट काला बाजार में नहीं बेचे जाने चाहिए। उन्होंने इस धार्मिक स्थल को मारिजुआना, शराब और मांसाहारी भोजन का केंद्र बना दिया। सफाई की शुरुआत टीटीडी से होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

अपने शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि वो प्रदेश को गरीबी से मुक्त करने की पूरी कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, “2047 तक तेलुगु लोग दुनिया में नंबर एक होंगे। मैं आंध्र प्रदेश को देश का नंबर एक राज्य बनाऊँगा। कुछ लोग अपराध करने के बाद हमारे खिलाफ झूठे आरोप लगा रहे हैं। राजनीतिक साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

सीएम पद का कार्यभार सँभालने से पहले अपनी पत्नी, बेटे नारा लोकेश, बहू और अन्य रिश्तेदारों सहित अपने परिवार के सदस्यों के साथ मुख्यमंत्री कल शाम तिरुपति के लिए विशेष विमान से रवाना हुए और फिर सड़क मार्ग से तिरुमाला पहुंचे, जहां उन्होंने रात बिताई। गुरुवार की सुबह उन्होंने पवित्र पहाड़ी मंदिर में पूजा-अर्चना की। यहाँ से वे अमरावती के लिए निकल गए।

‘फर्जी खबर की फैक्ट्री बनी कॉन्ग्रेस’: PM मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर फैलाई भ्रामक जानकारी, BJP प्रवक्ता ने लताड़ा

राजनीति में तथ्यों का पता लगाए बिना किसी झूठ को फैलाना अब सामान्य हो गया है और कॉन्ग्रेस इसे बहुत अच्छे से कर भी रही है। जैसे ताजा उदाहरण की बात करें तो केरल कॉन्ग्रेस ने कल फैलाया कि नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह का नाम मार्गदर्शक मंडल में रख दिया गया है। इसके बाद अनुमान लगाए गए कि शायद ये इस ओर इशारा है कि फ्लोर टेस्ट फेल होने वाला है। ट्वीट के साथ एक लिंक भी लगाया गया जो भाजपा की साइट का था।

अब उनके इसी ट्वीट के बाद भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इस पर बयान दिया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस के झूठ की पोल खोलते हुए तथ्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त 2014 को मार्गदर्शक मंडल में पाँच लोगों को शामिल किया गया था- श्री अटल बिहारी वाजपेयी, श्री नरेंद्र मोदी, श्री लाल कृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर लाल जोशी और राजनाथ सिंह।

उन्होंने कहा कि जहाँ से कॉन्ग्रेस ने नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह के मार्गदर्शक मंडल में शामिल होने वाली बात उठाई है वहाँ पर वो इस प्रेस रिलीज को भी देख सकते थे जिसमें ये बात है कि नरेंद्र मोदी और राजनाथ सिंह पिछले पिछले 10 साल से मार्गदर्शक मंडल में है, ये कोई अभी का फैसला नहीं है। उन्होंने कहा कॉन्ग्रेस पूरी तरह झूठ बोलने की फैक्ट्री बन गया है। इस रिलीज में साफ तौर पर 26 अगस्त 2014 की तारीख में 5 नेताओं का नाम लिखा है।

अजीब बात ये है कॉन्ग्रेस ने अपने झूठ की बात खुलने के बाद भी अभी तक अपने ट्वीट को हटाया नहीं है। लोग कह रहे गहैं कि जब तक झूठ फैलाने के लिए इन्हें कोर्ट तक नहीं घसीटा जाएगा तब तक ये इसी तरह की हरकतें करते रहेंगे।

NIFT से फैशन डिजाइनिंग, बेंगलुरु में नौकरी: दो साल से ‘कुँवारी बेगम’ पर अश्लील कंटेंट डाल रही थी गेमर शिखा मैत्रेय, गिरफ्तारी के बाद गाजियाबाद पुलिस का खुलासा

अपने यूट्यूब चैनल ‘कुँवारी बेगम’ पर बच्चों का यौन शोषण करने की शिक्षा देने वाली यूट्यूबर शिखा मैत्रेय को गाजियाबाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। हालाँकि, बाद में उसे जमानत मिल गई। दरअसल, मैत्रेय अपने वीडियो में बच्चों के यौन शोषण के अलावा, कह रही थी, “अगर मेरे पास लिंग होता तो मैं हस्तमैथुन पर एक ट्यूटोरियल बनाती और हस्तमैथुन को बेहतर तरीके से करने का सुझाव देती।”

उसका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कह रही थी, “मैं यह भी बताती हूँ कि आपको हस्तमैथुन क्यों करनी है। एक छोटा बच्चा ढूँढो। छोटा बच्चा, जिसके दाँत ना हों। पहले देखो कि तुम्हारे आसपास कौन-सा नवजात बच्चा है। जो नवजात है उसकी मम्मी से बोलो कि मैं इसे खिलाने ले जा रहा हूँ। उसकी मम्मी से परमिशन ले लो कि इसको खिलाने लेकर जाता हूँ मैं।”

खुद को पेशेवर गेमर बताने वाली शिखा मैत्रेय नाम यह यूट्यबर अपनी गंदी सोचकर को शेयर करते हुए आगे कहती है, उसके बाद उसे बच्चे को ले जाओ और उसके साथ कुछ करो। मैं इसके लिए माफी नहीं माँगती। अगर मेरे लिंग होता तो मैं ऐसा जरूर करती। सो बिना दाँत का…ओहो। यह एक अद्भुत अनुभव होगा।”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूट्यूबर को गिरफ्तार करने की माँग उठने लगी। इसके बाद गाजियाबाद पुलिस ने गुरुवार (13 जून 2024) को शिखा मैत्रेय को गिरफ्तार कर लिया। जाँच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। शिखा ने अपने यूट्यूब चैनल ‘कुँवारी बेगम’ पर पिछले कुछ दिनों में करीब 115 वीडियो अपलोड किए थे। इनमें अधिकांश अश्लील कंटेंट हैं।

शिखा मैत्रेय ने गिरफ्तारी से पहले अपने सभी सोशल मीडिया प्रोफाइल को प्राइवेट कर दिया था। इतना ही नहीं, उसने काफी कंटेंट भी हटा दिए थे। अब यूट्यूब पर चैनल शो नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि शिखा ने चैनल को डिलीट कर दिया है या फिर प्राइवेसी सेटिंग में बदलाव कर दिया है। पुलिस अब उसके मोबाइल और लैपटॉप को फोरेंसिक जाँच के लिए लैब भेजने का निर्णय लिया है।

23 वर्षीया शिखा गाजियाबाद के इंद्रगढ़ी की रहने वाली है। उसने 2021-22 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT), दिल्ली से फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया है। इसके बाद कालकाजी में एक ई-कॉमर्स कंपनी में काम कर रही थी। वहीं, शिखा के पिता गाजियाबाद के स्कूल में टीचर हैं, जबकि माँ गुरुग्राम की कंपनी में इंजीनियर हैं। उसकी छोटी बहन 12वीं की पढ़ाई कर रही है।

शिखा कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में आदित्य बिड़ला कंपनी में भी जॉब कर चुकी है। हालाँकि, पिछले दो साल से वह यूट्यूब पर कुँवारी बेगम के नाम से चैनल चला रही थी। इसमें वह अश्लील कंटेंट डालकर अपना रिच बढ़ाने की कोशिश कर रही थी। गिरफ्तार के बाद उसने पुलिस को यह भी बताया कि वह एक प्रोफेशनल गेमर है।  

दरअसल, दीपिका नारायण भारद्वाज नाम की एक महिला ने शिखा मैत्रेय के खिलाफ 12 जून 2024 को गाजियाबाद के थाना कौशांबी में IT एक्ट में FIR कराई थी। पुलिस ने शिखा मैत्रेय को 13 जून को गिरफ्तार करके उसे कोर्ट में पेश किया और फिर उसे जेल भेज दिया। न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, शिखा को अंतरिम जमानत मिल गई है।

‘… यही औकात है उसकी’ : KRK ने बसपा प्रमुख मायावती पर किया अपमानजनक ट्वीट, देवबंद में केस दर्ज

बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती के लिए अपशब्द बोलने के मामले में कमाल राशिद खान उर्फ KRK पर केस दर्ज हुआ है। उनके खिलाफ बसपा के जिला प्रमुख ने देवबंद थाने में शिकायत दी थी। ये शिकायत केआरके के एक पोस्ट के खिलाफ दी गई थी जिसमें उन्होंने मायावती को लेकर घटिया बात लिखी थी।

कमाल राशिद खान ने अपने ट्वीट में लिखा था- “बहन जी ने टिकट दिया! कौन है बहन जी? बहन जी को बोलो शौचालय साफ करें। यही औकात है उसकी।”

केआरके का यह ट्वीट देखने के बाद उनके ऊपर आईपीसी की धारा 500, 509 और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

एसपी सागर जैन ने भी मीडिया को जानकारी दी कि बॉलीवुड अभिनेता कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से जाना जाता है, पर बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की अध्यक्ष मायावती के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के लिए देवबंद पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 500, 509 और एससी/एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ है।

बता दें कि इससे पहले मायावती को लेकर केआरके तब हमलावर हुए थे जब मायावती ने बयान दिया था कि मुस्लिम समाज ने बसपा को वोट नहीं दिया, तो आगे वो भी टिकट सोच समझकर देंगी। केआरके ने कहा था- “ना ही तेरी घटिया पार्टी का टिकट किसी मुस्लिम को चाहिए और न ही किसी मुस्लिम को तेरे को वोट देना है। अब अपने घर पर बैठकर सीएम बनने के सपने देख… देश को लूटने का मौका नहीं मिलेगा।”

इसके अलावा एक ट्वीट में केआरके ने कहा था- “हर चुनाव में हारने के बाद ये मायावती अपनी भड़ास मुस्लिमों पर उतारती है। ऐसा लगता है जैसे मुस्लिम इसके नौकर हैं। तुम्हें समझना होगा मायावती मुस्लिम तुम्हारे नौकर नहीं हैं। यूपी के मुस्लिम किसी भी पार्टी को वोट दे सकते हैं। तेरा कोई एहसान नहीं है यूपी के मुस्लिमों पर।”

इसके अलावा एक ट्वीट में केआरके ने ये भी आरोप लगाया था कि कॉन्ग्रेस और सपा को हराने के लिए बसपा ने भाजपा की मदद की।

कागज और प्लास्टिक के कमरों में ठूँसे गए थे श्रमिक, छत पर लॉक लगा था: कुवैत के जिस भवन में आग लगने से हुई 45 भारतीयों की मौत, चश्मदीदों ने उसकी हकीकत बताई

कुवैत में आग की घटना में मरे 45 भारतीयों के पार्थिव शरीर को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विशेष विमान कोच्चि के लिए रवाना हो गया है। विमान में विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह भी सवार हैं। वहाँ पहुँचकर विदेश राज्यमंत्री सिंह ने घायल भारतीय श्रमिकों से मुलाकात की और मृतकों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए जल्द से जल्द भारत लाने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय किया।

यह विमान आज सुबह करीब 11 बजे केरल के कोच्चि पहुँचेगा और फिर वहाँ से दिल्ली के लिए रवाना होगा। कुवैत में भारतीय दूतावास ने इसके बारे में शुक्रवार (14 जून 2024) सोशल मीडिया साइट एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए जानकारी दी। पोस्ट में कहा गया, “विदेश राज्यमंत्री कीर्ति वर्धन सिंह, जिन्होंने शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए कुवैती अधिकारियों के साथ समन्वय किया, विमान में सवार हैं।”

बता दें कि कुवैत के अल-मंगफ इलाके में प्रवासी श्रमिकों के आवास वाली एक इमारत में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 49 लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में 45 भारतीय हैं। मृतकों में 23 केरल से, 7 तमिलनाडु से, 2-2 आंध्र प्रदेश और ओडिशा से और 1-1 बिहार, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से हैं।

पीड़ितों में से अधिकांश कुवैत की एक कंपनी एनबीटीसी के लिए काम करते थे। यह कंपनी कुवैत की सबसे बड़ी निर्माण कंपनी है। जिस इमारत में आग लगी, वह भी एनबीटीसी की ही थी। बताया जा रहा है कि इमारत में 196 प्रवासी कामगार रह रहे थे। इनमें 176 भारतीय श्रमिक थे। वहीं, घायल 33 भारतीय श्रमिकों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

प्रारंभिक जाँच में इस अग्निकांड में बड़ी चूक के संकेत मिले हैं। सात मंजिला इमारत के भूतल पर लगभग दो दर्जन गैस सिलेंडर रखे हुए थे। श्रमिकों के रहने के बनाए गए कमरे को कागज, कार्डबोर्ड और प्लास्टिक जैसे ज्वलनशील पदार्थ से कमरे का पार्टिशन किया गया था। ये पार्टिशन कमरे में अधिक-से-अधिक श्रमिकों को रखने के लिए किया गया था।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, छत पर लगे बंद दरवाजे थे, जिससे श्रमिक छत पर नहीं जा सके और फँस कर रह गए कमरे में लगाए गए कागज, कार्डबोर्ड और प्लास्टिक के कारण यह आग बहुत तेजी से फैली और लोगों को बचने का मौका नहीं मिल पाया। ये सारी जानकारी जब भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने इस घटना में घायल लोगों से मुलाकात की तो बाहर आई।

इस घटना में बाल-बाल बचे केरल के कासरगोड जिले के टिकरीपुर के रहने वाले नलिनाक्षन टी.वी. ने अपने डरावने अनुभव को साझा किया। 58 वर्षीय नलिनाक्षन ने बताया कि जब आग की लपटें उठने लगीं तो उनके पास निर्णय लेने के लिए कुछ ही पल थे। उन्होंने इमारत की तीसरी मंजिल की खिड़की से नीचे पानी की टंकी में छलांग लगा दी। इसमें उनकी कुछ पसलियाँ टूट गईं और पैर में चोट आई, लेकिन वे बच गए।

नलिनाक्षन करीब 12 साल से एनबीटीसी के साथ काम कर रहे हैं और वर्तमान में केरल के व्यवसायी के.जी. अब्राहम की कंपनी में जनसंपर्क अधिकारी हैं। बता दें कि इस घटना के पीछे ग्राउंड फ्लोर पर शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा है। इस शॉर्ट सर्किट के कारण वहाँ रखे लगभग दो दर्जन गैस सिलिंडर में ब्लास्ट हो गया और सात मंजिला इमारत धू-धू करके जलने लगी।

‘कश्मीर समस्या का इजरायल जैसा समाधान’ वाले आनंद रंगनाथन का JNU में पुतला दहन प्लान: कश्मीरी हिंदू संगठन ने JNUSU को भेजा कानूनी नोटिस

जेएनयू के प्रोफेसर और राजनीतिक विश्लेषक आनंद रंगनाथन ने कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिए ‘इजरायल जैसे समाधान’ की बात कही थी, जिसके बाद से वो लगातार इस्लामिक कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। एएनआई के पॉडकास्ट में आनंद रंगनाथन ने ये सलाह दी थी, जिसके बाद जेएनयू स्टूडेंट यूनियन ने ऐलान किया था कि वो 13 जून की शाम 6 बजे जेएनयू कैंपस में आनंद रंगनाथन का पुतला फूँकेगा और मार्च निकालेगा। इसके बाद कश्मीरी हिंदुओं के संगठन Youth4PanunKashmir ने JNUSU को कानूनी नोटिस भेजा है। यूथ 4 पनुन कश्मीर कश्मीरी हिंदू युवाओं का वैश्विक संगठन है, जो कश्मीर से विस्थापित हुए हिंदुओं की आवाज उठाता है।

यूथ 4 पनुन कश्मीर संगठन ने अपने वकील द्वारा भेजे कानूनी नोटिस में कहा है कि जेएनयू में स्टूडेंट यूनियन जो प्लानिंग कर रहा है, उसका उद्देश्य कश्मीरी समुदाय के खिलाफ हिंसा को भड़काना है। संगठन ने कहा है कि प्रोफेसर आनंद रंगनाथन की सलाह का गलत मतलब लोगों में फैलाया जा रहा है। नोटिस में कहा गया है कि प्रोफेसर आनंद रंगनाथन को सोशल मीडिया पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें धमकी दी जा रही है।

संगठन के वकील मुकेश शर्मा द्वारा भेजे गए कानूनी नोटिस में लिखा है, “व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से एक सुनियोजित प्रयास किया गया है, जिसमें आपके संगठन (JNUSU) से जुड़े छात्र और बाहरी पक्ष शामिल हैं। जेएनयू कैंपस में प्रोफेसर रंगनाथन के लैब के बाहर प्रो. रंगनाथन का पुतला दहने करने का उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा को खराब करना है। ऐसा करना मेरे मुवक्किल (यूथ फॉर पनुन कश्मीर) के साथ-साथ प्रो. रंगनाथन की गरिमा और प्रतिष्ठा पर सीधा हमला है।”

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि पुतला दहन कार्यक्रम से जुड़े पोस्टों में रंगनाथन की टिप्पणियों को गलत तरीके से पेश किया गया है। ऐसा करके प्रो रंगनाथन और मेरे मुवक्किल के खिलाफ दुश्मनीपूर्ण माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह के विरोध प्रदर्शन बदनाम करने, उत्पीड़न और हिंसा को बढ़ावा देने के लिए चलाए जा रहे हैं, जो कानूनी रूप से गलत है। इसलिए यूथ 4 पनुन कश्मीर संगठन जेएनयूएसयू से आनंद रंगनाथन का पुतला जलाने या किसी अन्य तरह के विरोध प्रदर्शन से दूर रहने की अपील करता है।

इस नोटिस में छात्र संगठन से रंगनाथन के खिलाफ सभी अपमानजनक बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी माँगने तथा कश्मीरी हिंदुओं और रंगनाथन के बारे में आगे से झूठे और भड़काऊ बयान देने से बचने को कहा गया है।

कानूनी नोटिस पोस्ट करते हुए, यूथ 4 पनुन कश्मीर समूह ने कहा कि कश्मीरी हिंदू नरसंहार के शिकार हैं। कश्मीरियों द्वारा पास साल 1991 के रिजोल्यूशन के मुताबिक, कश्मीरी हिंदुओं की घाटी में वापसी के मामले में कोई समझौता नहीं किया जा सकता। नोटिस के मुताबिक, ‘हम न तो डरेंगे और न ही किसी को हमारी मातृभूमि पनुन कश्मीर में वापसी की हमारी उचित माँग का समर्थन करने वाली आवाज को चुप कराने की अनुमति देंगे।’

बता दें कि रंगनाथन ने यह टिप्पणी एएनआई संपादक स्मिता प्रकाश द्वारा आयोजित पॉडकास्ट में की थी, जिसमें अभिजीत अय्यर-मित्रा, सुशांत सरीन और तहसीन पूनावाला भी शामिल थे। चर्चा के दौरान रंगनाथन ने कश्मीर की मौजूदा स्थिति पर अपना असंतोष व्यक्त करते हुए पिछली सरकार की नीतियों की आलोचना की थी। उन्होंने भारतीयों, खासकर कश्मीरी हिंदुओं को निराश करने के लिए हर पार्टी के नेतृत्व वाली सरकारों की आलोचना की थी।

रंगनाथन ने कहा था, “आपने 7 लाख कश्मीरी हिंदुओं का पुनर्वास नहीं किया है। पर्यटकों से आने वाला सारा पैसा आतंकवादियों के पास जा रहा है। यह आतंकवाद/उग्रवाद और आप इसे जो भी कहें, जारी रहेगा।” सभी विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के पुनर्वास का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा, “आपको कश्मीर के लिए इज़रायल जैसा समाधान चाहिए। इज़राइल इसे हल करने में असमर्थ है, इसका कारण यह नहीं है कि इज़रायल इसे हल करने के लिए काम नहीं कर रहा है। इज़राइल ने अपने लोगों की ज़रूरतों को पूरा किया है, लेकिन हमने नहीं किया है।”

हालाँकि उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया जाने लगा, जिसमें बताया गया कि रंगनाथन इजरायल की तरह कश्मीर में लड़ाई की वकालत कर रहे हैं। बाद में 11 जून को उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट डालकर सफाई भी दी थी, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘वो कश्मीर में हिंदुओं के पुनर्वास की माँग कर रहे थे, जैसे यहूदियों को इजरायल में फिर से बसाया गया। ये नरसंहार का आह्वान नहीं है, जैसा कि आरोप लगाया जा रहा है।’

उन्होंने लिखा, “इजरायल जैसे समाधान की माँग करना – पीड़ितों का पुनर्वास करना, बस्तियाँ बनाना, आतंकवाद से लड़ना, सीमाओं को सुरक्षित करना – नरसंहार की माँग नहीं है, बल्कि यह एक और नरसंहार को रोकने की माँग है। मैं इजराइल के साथ खड़ा हूँ। मैं कश्मीरी हिंदुओं के साथ खड़ा हूँ। और मैं हर एक शब्द के साथ खड़ा हूँ।”

जेएनयूएसयू को भेजे गए कानूनी नोटिस को लेकर रंगनाथन ने संगठन को धन्यवाद कहा और लिखा, “ये मेरे बारे में नहीं है और न ही इसके बारे में कि वो मुझे टारगेट कर रहे हैं और मार देंगे, बल्कि उन इस्लामिक कट्टरपंथियों के बारे में है, जो 7 लाख कश्मीरियों के पुनर्वास को नरसंहार बताने का काम साबित कर रहे हैं। वो आपको और 7 लाख कश्मीरी हिंदुओं को निशाना बना रहे हैं।”

यह समाचार मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित किया गया है। मूल लेख को पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।