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जिस हिन्दू मालिक ने विश्वास कर के दी नौकरी उसी की बेटी से किया रेप, अश्लील वीडियो बनाकर वसूले हजारों रुपए भी, लखनऊ पुलिस ने दानिश को दबोचा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दानिश खान नाम के एक नौकर द्वारा अपने हिंदू मालिक की बेटी से रेप करने का मामला सामने आया है। दानिश ने पीड़िता का अश्लील वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया और पैसों की उगाही भी की। पुलिस ने इस मामले में 31 मई 2024 को FIR दर्ज की थी और अब आरोपित दानिश खान को 2 जून 2024 को गिरफ्तार कर लिया।

यह मामला लखनऊ के पूर्वी जोन में आने वाले थाना क्षेत्र पीजीआई का है। 31 मई को हिन्दू परिवार की पीड़िता ने पुलिस में तहरीर दी। तहरीर में महिला ने बताया कि उसका पति लोहे के सामानों की वेल्डिंग आदि का कारोबार करता है। अपने काम में सहयोग के लिए उसके पति ने अयोध्या निवासी दानिश खान को साथ रखा था। दानिश पीड़िता के मकान के ही बाहरी हिस्से में रहता था।

घटना के दिन महिला का परिवार रिश्तेदारी में गया था। घर में सिर्फ महिला की बेटी थी। वह B.Sc की छात्रा है। छात्रा को अकेला पाकर दानिश ने चोरी-छिपे आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसके साथ रेप किया। इसी दौरान उसने पीड़िता की अश्लील वीडियो भी बनाई और उसे दिखाकर ब्लैकमेलिंग करने लगा। दानिश ने वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर छात्रा से कई बार रेप किया।

इतना ही नहीं, दानिश ने छात्रा से पैसे भी माँगे। डर की वजह से लड़की ने दानिश को घर में रखे 23,000 रुपए उसे दे दिए। परिवार जब वापस लौटा तो घर में रखे पैसे को खोजने लगे। पैसे नहीं मिलने पर महिला ने अपनी बेटी से इसके बारे में पूछा। आखिरकार छात्रा ने दानिश की सारी करतूत बता दी। बदनामी को देखते हुए महिला ने बेटी से इस घटना को भूल जाने के लिए कहा।

इसके साथ ही महिला ने अपनी बेटी को दानिश खान से दूर रहने की भी हिदायत दी। छात्रा ने ऐसा ही किया। इससे नाराज दानिश खान ने फिर से पीड़िता को कॉल करके पैसे माँगे। मना करने पर दानिश ने उसने सारे आपत्तिजनक फोटो और वीडियो पीड़िता के तमाम रिश्तेदारों को भेज दिए। अपनी बदनामी से आहत होकर छात्रा ने 2 बार आत्महत्या की कोशिश भी की।

आखिरकार पीड़िता की माँ ने दानिश खान के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी। पहले यह मुकदमा IPC की धारा 376, 384 व 506 के तहत दर्ज हुआ। बाद में जाँच के दौरान केस में आईटी एक्ट की बढ़ोत्तरी की गई। ऑपइंडिया के पास शिकायत की कॉपी मौजूद है। FIR दर्ज होने के बाद दानिश खान फरार हो गया था।

दानिश खान की गिरफ्तारी के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस उसकी तलाश में जुट गई और जगह-जगह दबिश देने लगी। आखिरकार, पुलिस को 2 जून 2024 (रविवार) को उसके लोकेशन की सटीक जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने दानिश खान को दबोच लिया। इस मामले में जाँच व अन्य जरूरी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

मध्य प्रदेश, उत्तरांखड में BJP करती दिख रही क्लीन स्वीप, दिल्ली-गुजरात में INDI गठबंधन की हालत खराब: चौंका रहा UP

लोकसभा नतीजों के शुरुआती रुझान आना शुरू हो गए हैं। खबर लिखने वक्त तक के आँकड़ों में 543 लोकसभा सीटों पर बहुमत पाकर एनडीए गठबंधन आगे चल रहा है, लेकिन इस बीच इंडी गठबंधन उन्हें शुरू में कड़ी टक्कर देता दिख रहा है। ऐसे में कुछ राज्य अब भी ऐसे हैं जहाँ भाजपा के प्रति लोगों का विश्वास बना हुआ है। ये राज्य- दिल्ली, उत्तराखंड, गुजरात और मध्य प्रदेश है जबकि उत्तर प्रदेश के नतीजे चौंका रहे हैं

दिल्ली

  • दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों पर इस समय भारतीय जनता पार्टी 6 सीटों पर लीड कर रही है। वहीं इंडी गठबंधन एक सीट पर आगे है। ये सीट चांदनी चौक की है जहाँ कॉन्ग्रेस के जय प्रकाश अग्रवाल ने बढ़त बनाई हुई है।

गुजरात

गुजरात की 26 लोकसभा सीटों पर भी दिल्ली जैसा हाल है। वहाँ करीबन 24 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी आगे हैं और 1 पर जीत दर्ज करा चुकी है। इसके अलावा कॉन्ग्रेस सिर्फ एक सीट पर आगे है।

उत्तराखंड

उत्तराखंड की तो पाँचों सीटों पर भाजपा का ही बोल बाला हो रखा है। अलमोड़ा में बीजेपी प्रत्याशी अजय टमता को कॉन्ग्रेस उम्मीदवार को कड़ी टक्कर मिल रही है।

मध्य प्रदेश

वहीं मध्य प्रदेश की बात करें तो 29 लोकसभा सीटों पर सुबह से भाजरा ने बढ़त बनाई हुई है। एक भी सीट पर कॉन्ग्रेस या कोई अन्य पार्टी आगे निकलती नहीं दिख रही है।

उत्तर प्रदेश

इसके अलावा सब उत्तर प्रदेश की बात करें तो 80 लोकसभा सीटों पर यहाँ भाजपा को कड़ाके की टक्कर मिली हुई है। शुरुआती रुझानों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के 35 प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। समाजवादी पार्टी के 35। दोनों पार्टियों में टक्कर बराबर की है। वहीं कॉन्ग्रेस को 8 सीट पर बढ़त मिलती दिखी है और राष्ट्रीय लोक दल को 2 सीट पर और आजाद समाज पार्टी को 1 पर।

बता दें कि चुनावी नतीजों की तस्वीर लगातार बदल रही है। अभी तक लोकसभा चुनाव की 543 सीटों में से 541 सीटों पर शुरुआती रुझान दिखाए जा रहे हैं। फिलहाल एनडीए को 291 सीट मिलती दिखाई गई है और इंडी को 234 सीट मिली है और अन्य को 22 सीट मिली है।

‘बंदूक का जवाब बंदूक से देंगे’: ‘हमारे बारह’ का इस्लामी कट्टरपंथियों ने किया विरोध तो भड़के अन्नू कपूर, ‘जनसंख्या जिहाद’ पर बनी है फिल्म

अन्नू कपूर की एक फिल्म आ रही है, ‘हम दो हमारे बारह’, जिसे लेकर वो विवादों में घिर गए हैं। मुस्लिम कट्टरपंथी उनकी आलोचना कर रहे हैं, क्योंकि इस फिल्म में ‘जनसंख्या जिहाद’ की समस्या को दिखाया गया है और साथ ही जनसंख्या विस्फोट की समस्या को दर्शाया गया है। वहीं इस्लामी कट्टरपंथी कह रहे हैं कि इसके जरिए मुस्लिमों को निशाना बनाया गया है। फिल्म को ये भी दिखाया गया है कि कैसे मुल्ला-मौलवी महिलाओं को एक वस्तु की तरह समझते हैं।

फिल्म को प्रतिबंधित किए जाने की माँग के बीच फिल्म के कलाकारों को हत्या की धमकियाँ भी मिल रही है। वहीं फिल्म में मुख्य किरदार निभा रहे अन्नू कपूर ने कहा है कि वो अच्छे पैसों के लिए ये फिल्म कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड (CBFC) ने इस फिल्म को पास कर दिया है। उन्होंने कहा कि जो लोग बंदूक की बात करेंगे, उन्हें वो भी बंदूक से ही जवाब देंगे। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत और अवैयक्तिक रूप से वो नास्तिक हैं। उन्होंने कहा कि निर्माता-निर्देशक को लगा कि इस कहानी को पर्दे पर उतारने के लिए वो सही आदमी हैं।

अन्नू कपूर ने कहा कि उन्होंने इस किरदार के साथ न्याय करने का पूरा प्रयास किया है, बाकी चीजों से उन्हें फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उनका काम है फिल्म में अभिनय कर के अपने किरदार के साथ न्याय करना और उन्होंने अपना काम किया है। उन्होंने कहा कि वो धार्मिक इंसान नहीं हैं, उन्हें धर्म या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं। उन्होंने कहा कि वो पैसे के लिए काम करते हैं, लेकिन वो न चोरी करेंगे, न जेब काटेंगे, न गला घोंटेंगे और न ही देश को बेचेंगे।

अन्नू कपूर ने कहा कि लोग हर समय प्रोपेगंडा की बात करते रहते हैं, वो इससे परेशान नहीं हैं। उन्होंने दर्शकों से निवेदन किया कि वो फिल्म को देखें और तय करें कि फिल्म कह क्या रही है। उन्होंने पूछा कि बिना फिल्म देखे लोग क्यों जज कर रहे हैं? उन्होंने कहा कि जिसे उनकी फिल्म के खिलाफ आवाज़ उठानी है वो शब्दों का इस्तेमाल करें न कि बंदूकों का, अगर वो बंदूक ला सकते हैं तो हम भी लाएँगे। उन्होंने कहा कि फिल्म को गाली दिए जाने का अर्थ है कि वो हार गए हैं, हम जीत गए हैं।

कहीं गिरफ्तार हो रहे पोलिंग एजेंट तो कहीं भड़की हिंसा; भाजपा का पश्चिम बंगाल पुलिस पर एजेंटों को प्रताड़ित करने का आरोप, चुनाव आयोग से हस्तक्षेप की माँग

पश्चिम बंगाल के बैरकपुर लोकसभा सीट से भाजपा प्रत्याशी अर्जुन सिंह के 2 काउंटिंग एजेंटों को पुलिस ने गिफ्तार कर लिया है। अर्जुन सिंह का आरोप है कि यह कार्रवाई सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के दबाव में काउंटिंग एजेंट प्रेम कुमार बांसफोर और शांतनु गांगुली हैं। प्रेम कुमार अनुसूचित जाति से हैं। भाजपा प्रत्याशी ने इस कार्रवाई के पीछे मतगणना में गड़बड़ी की साजिश बताया है। रविवार (2 जून 2024) को अर्जुन सिंह ने चुनाव आयोग से इस मामले में हस्तक्षेप की भी माँग की है।

अर्जुन सिंह ने रविवार को अपने X हैंडल पर पश्चिम बंगाल पुलिस की कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने कहा कि उनके मतगणना एजेंट प्रेम कुमार बांसफोर को गिरफ्तार करके ममता सरकार ने यह साबित कर दिया कि उनके मन में दलित समुदाय के लिए कोई सम्मान नहीं है। अपने ट्वीट में अर्जुन सिंह ने संदेशखाली की भी याद दिलाई और बंगाल पुलिस को TMC का पिट्ठू करार दिया और चुनाव आयोग से गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की।

अपने एक अन्य ट्वीट में अर्जुन सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस राजनैतिक दबाव में नाका चेकिंग के नाम पर भाजपा के एजेंटों को परेशान कर रही है। उन्होंने इस काम में बैरकपुर पुलिस के कमिश्नर तक को सीधे तौर पर शामिल बताया। चुनाव आयोग ने अर्जुन सिंह ने माँग की कि वो तय करें कि नाका चेकिंग के नाम पर एक भी भाजपा काउंटिंग एजेंट को न रोका जाए।

उधर भाजपा नेता अमित मालवीय ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में मतगणना के दौरान हिंसा हो रही है। भाजपा नेता ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी प्रदेश का लॉ एन्ड आर्डर नहीं संभाल पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले 3 जून (सोमवार) को भाजपा ने आरोप लगाया था कि सिलीगुड़ी में उनके काउंटिंग एजेंट को पश्चिम बंगाल पुलिस ने धमकी दी है। धमकाने का आरोप नगर थाने के सब इंस्पेक्टर विश्वदीप बर्मन पर लगा था। उन्होंने भाजपा के काउंटिंग एजेंट्स को फोन कॉल कर के व्यक्तिगत विवरण माँगा था।

दक्षिण भारत में भी NDA कर रहा कमाल, केरल में बीजेपी का खाता खुलने की उम्मीद बनी: कर्नाटक-आँध्र प्रदेश-ओडिशा में कमल कर रहा कमाल

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे आने लगे हैं। शुरुआती रुझान के बाद सुबह 11 बजे तक बीजेपी पूरे देश में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। दक्षिण भारत, जिसे बीजेपी के लिए कमजोर कहा जा रहा था, वो एग्जिट पोल्स के मुताबिक ही, बीजेपी के अच्छी खुशखबरी ला रहा है। बीजेपी और उसके सहयोगी दक्षिण भारत में भी बेहतरीन प्रदर्शन करते दिख रहे हैं। आइए, आपको बताते हैं राज्यवार आँकड़े…

अंडमान से आँध्र तक, बीजेपी और सहयोगियों को भारी बढ़त

बीजेपी दक्षिण भारतीय राज्यों खास आँध्र प्रदेश, कर्नाटक में बेहतरीन प्रदर्शन करती दिख रही है, तो बाकी के राज्यों में उसके सहयोगी दलों ने मोर्चा थाम रखा है। अंडमान-निकोबार की इकलौती लोकसभा सीट पर बीजेपी आगे चल रही है। वहीं, आँध्र प्रदेश में विपक्षी पार्टी का सफाया हो गया है। पिछले लोकसभा चुनाव में लैंडस्लाइड विक्ट्री पाने वाली जगनमोहन रेड्डी की YSR कॉन्ग्रेस पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। तेलंगाना में भी बीजेपी का प्रदर्शन शानदार रहा है।

आँध्र प्रदेश में एनडीए कर रहा क्लीन स्वीप

आँध्र प्रदेश की कुल 25 लोकसभा सीटों में एनडीए 80 प्रतिशत से अधिक सीटें ला रही है। बीजेपी के सहयोगी दल टीडीपी और जनसेना (16+2) सीटें ला रही हैं, तो बीजेपी भी 3 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज कर रही है। वहीं, अब तक यहाँ सत्ता में रही YSRCP को महज 4 सीटें मिलती दिख रही हैं। ये नतीजे अभी बदल भी सकते हैं।

तेलंगाना में बीजेपी का अच्छा प्रदर्शन

तेलंगाना में बीजेपी ने अपने दम पर चुनाव लड़ा है। यहाँ भारत राष्ट्र समिति 1 सीट पर आगे है, तो एआईएमआईएम 1 सीट पर आगे है। हैदराबाद सीट पर असदुद्दीन ओवैसी को कड़ा मुकाबला चल रहा है। राज्य में कॉन्ग्रेस 8 सीटों पर आगे है, तो बीजेपी शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 सीटों पर आगे है। खास बात ये है कि तेलंगाना में बीजेपी सत्ता में कभी नहीं रही है। ऐसे में उसका ये प्रदर्शन शानदार ही कहा जाएगा।

कर्नाटक में बीजेपी और JDS का कमाल

कर्नाटक में बीजेपी सत्ता में नहीं है, इसके बावजूद बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा रहा है। राज्य की 28 लोकसभा सीटों में बीजेपी और उसकी सहयोगी जेडीएस कुल 21 (18+3) लोकसभा सीटों पर आगे है। कॉन्ग्रेस महज 7 सीटों पर आगे है। यहाँ के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने कहा था कि कर्नाटक में कॉन्ग्रेस सब पर भारी पड़ेगी, लेकिन अभी तक नतीजे कॉन्ग्रेस को झटके देते दिख रहे हैं।

केरल में बीजेपी का प्रदर्शन अच्छा

केरल की कुल 20 लोकसभा सीटों में से बीजेपी 2 सीटों पर आगे है। बीजेपी अगर ये बढ़त बनाए रखती है, तो पार्टी राज्य में अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन करेगी। केरल में विपक्ष में बैठी कॉन्ग्रेस 13 सीटों पर आगे है। अन्य पार्टियों में मुस्लिम लीग 2, सीपीआई-एम 1, केरल कॉन्ग्रेस – 1 और रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी 1 सीट पर आगे चल रही है।

तमिलनाडु में डीएमके-कॉन्ग्रेस का डंका

तमिलनाडु में डीएमके और कॉन्ग्रेस का इंडी गठबंधन बेहतरीन प्रदर्शन करता दिख रहा है। तमिलनाडु में राज्य की सत्ता पर काबिज दल लोकसभा चुनाव में कमोवेश अच्छा ही प्रदर्शन करता है। समाचार लिखे जाने तक 39 लोकसभा सीटों में 19 पर डीएमके आगे चल रही है, तो सहयोगी कॉन्ग्रेस 8 सीटों पर आगे है। वीसीके 2 सीटों पर, सीपीआई और सीपीआई (एम) 2-2 सीटों पर आगे है, तो पीएमके 1 सीट पर आगे है।

ओडिशा में बीजेपी का शानदार प्रदर्शन

ओडिशा में बीजेपी क्लीनस्वीप की ओर बढ़ती दिख रही है। कुल 21 लोकसभा सीटों में से 18 पर बीजेपी जीत दर्ज करती दिख रही है, तो बीजू जनता दल महज 2 सीटों पर, और कॉन्ग्रेस सिर्फ 1 सीट पर आगे है।

ओडिशा में विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शुरुआती बढ़त

ओडिशा विधानसभा चुनाव में भी बीजेपी अच्छा प्रदर्शन करती दिख रही है। कुल 147 विधानसभा सीटों में से 124 सीटों के शुरुआती रुझान सामने आए हैं, जिसमें से 64 पर बीजेपी आगे है, तो सत्ताधारी दल बीजेडी सिर्फ 44 पर आगे है। कॉन्ग्रेस महज 12 सीटों पर आगे है। अगर ये ट्रेंड आगे भी जारी रहता है, तो बीजेडी को दशकों बाद हार झेलना पड़ सकता है।

आँध्र प्रदेश में बीजेपी और सहयोगी कर रहे क्लीन स्वीप

आँध्र प्रदेश में बीजेपी और उसके सहयोगी दल विधानसभा चुनाव में क्लीन स्वीप करते दिख रहे हैं। आँध्र प्रदेश में कुल 175 लोकसभा सीटों में से 167 के रुझान आ गए हैं, जिसमें तेलुगू देशम पार्टी 122 सीटों पर आगे है। तो जनसेना पार्टी 17 सीटों और बीजेपी 7 सीटों पर। सत्ताधारी YSRCP महज 21 सीटों पर आगे दिख रही है।

असम-अरुणाचल -त्रिपुरा में भाजपा की आँधी, नागालैंड-मणिपुर में कॉन्ग्रेस ले रही साँस: पश्चिम बंगाल में TMC आगे

देश भर में लोकसभा चुनाव 2024 के रुझान सामने आ रहे हैं। उत्तरपूर्वी राज्यों में भाजपा बड़ी बढ़त बनाते हुए दिखाई दे रही है। असम, अरुणाचल प्रदेश में वह एकतरफा सफाए की तरफ बढ़ रही है। बाकी जगह भी वोटों की गिनती जारी है। जानिए उत्तरपूर्वी राज्यों के क्या हाल हैं। उत्तरपूर्वी राज्यों के अलावा पश्चिम बंगाल में TMC आगे है।

असम: भाजपा बड़ी बढ़त की तरफ

चुनाव आयोग की आधिकारिक जानकारी में असम की 14 में से 13 सीटों के रुझान आ गए हैं। असम में भाजपा 14 में से 8 सीटों पर आगे है। इसके अलावा UPPL भी 1 सीट पर आगे है। असम गण परिषद भी 1 सीट पर आगे चल रही है। कॉन्ग्रेस असम में 4 सीट पर आगे चल रही है।

अरुणाचल प्रदेश: भाजपा क्लीन स्वीप की तरफ

अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद भाजपा लोकसभा चुनाव में भी भाजपा बड़ी जीत की तरफ है। अरुणाचल प्रदेश की 2 सीटों पर भाजपा आगे चल रही है। भाजपा के किरेन रिजीजू और तापिर गाओ ने कॉन्ग्रेस के उम्मीदवारों के मुकाबले बड़ी बढ़त बनाई हुई है।

त्रिपुरा: कॉन्ग्रेस लेफ्ट पीछे

उत्तरपूर्व के एक और महत्वपूर्ण राज्य त्रिपुरा में भी भाजपा ने दोनों सीटों पर बढ़त बनाई हुई है। त्रिपुरा में भाजपा प्रत्याशी बिप्लब देब और कृति देवी देबबर्मन बड़ी बढ़त बनाए हुए हैं। भाजपा को 10 बजे तक की गिनती में यहाँ 71% वोट मिल चुके हैं।

मणिपुर: कॉन्ग्रेस-NPF ने बनाई बढ़त

मणिपुर कि दो सीटों पर कॉन्ग्रेस और NPF पार्टी 1-1 सीटों पर आगे हैं। मणिपुर में आंतरिक सीट पर कॉन्ग्रेस जबकि बाह्य सीट पर NPF सीट आगे है।

मेघालय: VOTPP-कॉन्ग्रेस बढ़त में

उत्तरपूर्व के राज्य मेघालय में कॉन्ग्रेस 1 सीट जबकि स्थानीय पार्टी VOTPP 1 सीट पर आगे है।

मिजोरम: ZPM जीत की तरफ

मिजोरम की 1 सीट पर सत्ताधारी ZPM आगे है। ZPM अभी यहाँ विपक्षी दल MNF से आगे चल रही है।

नागालैंड: कॉन्ग्रेस आगे

नागालैंड की 1 सीट पर कॉन्ग्रेस आगे चल रही है। हालाँकि यहाँ बढ़त का अंतर अभी काफी कम है।

सिक्किम: विधानसभा जैसा ही परिणाम

सिक्किम में लोकसभा परिणाम भी विधानसभा की ही राह पर है। सिक्किम की 1 सीट पर सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा आगे है। इसी पार्टी ने हाल ही में सिक्किम का चुनाव जीता है।

पश्चिम बंगाल: TMC की बड़ी बढ़त

पश्चिम बंगाल में TMC 24 सीट पर आगे है जबकि भाजपा 7 सीट पर आगे है। इसके अलावा कॉन्ग्रेस 3 सीट और लेफ्ट 1 सीट पर आगे है।

यह जानकारी 10:40 बजे तक की है। चुनाव आयोग के आँकड़ों पर आधारित है।

सिर पर कफन बांधकर आना… महाभारत होगी: नतीजों से पहले इंडी गठबंधन के नेताओं ने कार्यकर्ताओं को भड़काया, कर रहे भीड़ इकट्ठा

लोकसभा चुनाव के नतीजे साफ होने से पहले विपक्षियों ने अपने कार्यकर्ताओं को भड़काना शुरू कर दिया है। मतगणना वाले दिन से पहले मद्देनजर विरोधी दलों के नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं जिसमें उकसाने का काम हो रहा है। किसी ने कार्यकर्ताओं से मतगणना वाले दिन सिर पर कफन बाँध कर आने को कहा है तो कोई बड़ी तादाद पर लोगों को मतगणना सेंटर के बाहर खड़े होने को बोल रहा है।

ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी ने मतगणना से एक दिन पहले प्रेस रिलीज जारी करके अपने कार्यकर्ताओं से गिनती वाले दिन सतर्क रहने को कहा। उन्होंने कहा है कि कार्यकर्ता घर में बैठकर न्यूज चैनलों पर रिजल्ट न देखें बल्कि कॉन्ग्रेस के सभी कार्यकर्ता जिला कॉन्ग्रेस के दफ्तों और राज्यों में सुबह से पहुँचे। वहाँ देखते रहें कि अगर कुछ गड़बड़ हो तो रिकॉर्ड करके उसे तुरंत पार्टी द्वारा जारी नंबर पर भेजें। इतना ही नहीं कॉन्ग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओ को ये आइडिया भी दिया कि गड़बड़ी होगी तो उन्हें उसे रोकना होगा।

मतगणना सेंटर के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़ खड़ी करके कॉन्ग्रेस कैसे हालात बदलना चाहते हैं ये समझना ज्यादा मुश्किल नहीं है। कॉन्ग्रेस के साथ इंडी गठबंधन का हिस्सा सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी अपने भाषण में कार्यकर्ताओं को भड़काने का काम किया।

अखिलेश यादव का एक बयान वायरल हो रहा है जिसमें वह कहते सुनाई पड़ते हैं- जनता इस बार गाँधीजी को याद करते हुए करो या मरो की तरह आंदोलित हो गई है और अपने और अपने देश को बचाने के लिए नया स्वतंत्रता आंदोलन लड़ने को तैयार बैठी हुई है। जनता स्वतंत्रता सेनानियों की तरह तैयार है क्योंकि भाजपा काल में उनका जीवन तो वैसे ही दूभर हो गया है। देश का युवा फिर से सिर पर कफन बाँधकर कह रहा है- “मेरा रंग दे बसंती चोला।”

इसी प्रकार से बिहार के पूर्णिया से चुनावी मैदान में खड़े पप्पू यादव ने अपने समर्थकों से कहा- “मतगणना के लिए पूरी तैयारी से आना, कफन बाँध कर आना, मरने के लिए आना… कल पूर्णिया सीट पर लोकतंत्र की हत्‍या हुई तो महाभारत का संग्राम होगा। पूर्णिया के जिलाधिकारी और एसपी मतगणना प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ करें, हम उन्हें पूरा सहयोग करेंगे, लेकिन लोकतंत्र को बचाने के लिए हमारा एक-एक कार्यकर्ता कफन बाँधकर तैयार है।”

उल्लेखनीय है कि मतगणना से पहले जिस तरह से इंडी गठबंधन के नेता इस तरह के बयान देते दिखे उससे साफ पता चलता है कि वो अपने कार्यकर्ताओं को एक तरह से उकसा रहे हैं कि अगर नतीजे उनके पक्ष में नहीं आए तो वो हिंसा करें और हिंसा में जो भी अंजाम हो वो इसके लिए तैयार रहें। हम सब जानते हैं कि भीड़ को इकट्ठा करके उनसे हल्ला करवाने के कितने गंभीर परिणाम हो सकते हैं मगर कॉन्ग्रेस ऐसा कर रही है। उसने टीवी पर नतीजे देखने से अपने कार्यकर्ताओं को मना कर दिया है और मतगणना सेंटर पर बुलाया है ताकि कोई उपद्रव हो या कोई गुस्सा जाहिर करे तो सेंटर के बाहर सबके आगे करे। वे ये नहीं सोच रहे कि कार्यकर्ता हिंसक होने से गणना की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। वहीं पप्पू यादव ने खुलेआम महाभारत की बात कही है। अखिलेश ने देश के युवाओं को इस चुनाव में सिर पर कफन बाँधकर बलिदान होने के लिए कह दिया है।

संभव है इन सब नेताओं के बयानों पर चुनाव आयोग बाद में संज्ञान भी ले, लेकिन उससे पहले जो ये लोग करने की सोचे बैठे हैं वो किस तरह से लोकतंत्र को बचाने की दिशा में है ये विचार करने का विषय है। हमने बंगाल में कार्यकर्ताओं को भड़काने के नतीजे देखे हैं कि वहाँ कितने बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थी। अब भी उस हिंसा का असर लोगों में देखने को मिलता है।

‘पीटते थे घर वाले, अम्मी ने तो की जान लेने की कोशिश’: बरेली की गुलफ्शा ने अपनाया हिन्दू धर्म, रोशनी पाल बन कर सूरज को चुना जीवन साथी

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में एक मुस्लिम लड़की ने घर-वापसी की है। लड़की का नाम गुलफ्शा बानो है। मूल रूप से UP के ही सीतापुर जिले की रहने वाली गुलफ्शा अब रोशनी पाल नाम से जानी जाएँगी। उन्होंने एक मंदिर में बदायूँ जिले के निवासी अपने प्रेमी सूरज से वैदिक विधि-विधान से शादी किया है। वैवाहिक कार्यक्रम सोमवार (3 जून, 2024) को सम्पन्न हुए हैं। शादी से बेहद खुश रोशनी ने अपना झुकाव पहले से ही हिन्दू धर्म की तरफ बताया है।

कक्षा 7 तक पढ़ीं गुलफ्शा ने बताया कि उनकी और सूरज की पहली मुलाकात लगभग 4 साल पहले हरियाणा के पानीपत जिले में हुई थी। यहाँ की एक फैक्ट्री में सूरज सिलाई का काम करते थे। इसी फैक्ट्री में गुलफ्शा झाड़ू-पोंछा लगाती थीं। वह बेहद गरीब परिवार की हैं। अम्मी-अब्बू के अलावा घर में 4 अन्य बहनें हैं। साथ काम करने के दौरान गुलफ्शा और सूरज पहले अच्छे दोस्त बने और बाद में एक दूसरे से प्यार करने लगे। गुलफ्शा ने अपने घर में सूरज से शादी की बात रखी तो सभी नाराज हो गए।

अब्दुल सलाम की बेटी गुलफ्शा का कहना है कि सूरज से रिश्तों की जानकारी होने के बाद उनके घर में सभी ने बातचीत बंद कर दी। गुलफ्शा की अम्मी किसमतुल ने तो अपनी ही बेटी को छत से धक्का दे कर जान से मार डालने की कोशिश की। लड़की के परिजनों ने सूरज पाल से बात करने पर उसे मार कर कहीं फेंक देने तक की बातें कहीं थीं। गुलफ्शा ने पहले से ही खुद को हिन्दू धर्म की तरफ आकर्षित बताया। उन्होंने खुद को बालिग़ बताते हुए सूरज पाल से अपनी मर्जी से विवाह करने की बात कही। शादी बाद गुलफ्शा अपने पति के साथ चली गईं।

गुलफ्शा और सूरज का विवाह बरेली के अगत्स्य मुनि आश्रम में हुआ है। शादी के लिए गुलफ्शा अपने पैतृक घर सीतापुर और सूरज बदायूँ से पहुँचे थे। दोनों ने वैदिक विधि विधान का पालन किया। गुलफ्शा ने हिन्दू परम्परा के हिसाब से कपड़े पहने थे। शादी के दौरान ही उन्होंने सूरज के नाम का सिन्दूर अपनी मांग में डाला। इस मौके पर आचार्य पंडित के के शंखधर से दोनों का विवाह सम्पन्न करवाया। शादी में सूरज के परिजनों के अलावा हिन्दू संगठन से जुड़े कुछ लोग भी शामिल हुए। इन सभी ने वर-वधू को सदा सुखी रहने का आशीर्वाद दिया।

‘BJP के काउंटिंग एजेंट्स को धमका रही पश्चिम बंगाल पुलिस, घरों पर मार रही छापा’: चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी ने दर्ज कराई शिकायत, कहा – कार्यकर्ताओं को खतरा

लोकसभा चुनाव 2024 के सातों चरणों के मतदान के समापन के बाद अब मंगलवार (4 जून, 2024) को मतगणना होनी है। Exit Polls की मानें तो भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी कर रही है। वहीं पश्चिम बंगाल में पहली बार BJP के सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने का अनुमान लगाया गया है। इन सबके बीच राज्य में चुनावी हिंसा अब भी नहीं थम रही है। पार्टी के एक मुस्लिम कार्यकर्ता की नदिया जिले में सिर में गोली मार कर हत्या कर दी गई।

इधर अब भाजपा ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल पुलिस उसके काउंटिंग एजेंट्स को कॉल कर-कर के धमका रही है। पार्टी के सूचना एवं तकनीकी विभाग के प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने बताया कि भाजपा एजेंट्स के प्रोफाइल को चेक करने के लिए ये सब किया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि किस कानूनी प्रावधान के तहत सिलीगुड़ी के नगर थाना SI विश्वदीप बर्मन भाजपा के काउंटिंग एजेंट्स को फोन कॉल कर के उनके व्यक्तिगत विवरण माँग रहे हैं?

बताया जा रहा है कि इन काउंटिंग एजेंट्स ने प्रक्रिया का पालन कर के चुनाव आयोग (ECI) से पहचान-पत्र हासिल किए हैं, इसके बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस उनसे नाम-पता पूछ रही है। इस प्रकरण को लेकर पार्टी ने ECI के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई है। अमित मालवीय ने कहा कि ‘तानाशाह’ से कोई डरने वाला नहीं है, उचित यही होगा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पीछे हट जाएँ और हमारे कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने के लिए पुलिस का इस्तेमाल बंद करें। आरोप ये भी है कि भाजपा के काउंटिंग एजेंट्स के घरों पर रेड भी मारी जा रही है।

शिकायत की प्रति के साथ कॉल करने वाले के नंबर की डिटेल्स और उसकी तस्वीर भी शेयर की गई है। आरोप है कि इंस्पेक्टर इंचार्ज के आदेश पर उक्त पुलिस अधिकारी ऐसा कर रहा था। शिकायत-पत्र में आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल पुलिस का एक वर्ग TMC कैडर की तरह काम कर रहा है और काउंटिंग एजेंट्स पर दबाव बना रहा है। दार्जीलिंग के सांसद, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJYM के नेशनल सेक्रेटरी और यूपी-मणिपुर में BJYM के प्रभारी राजू बिस्ता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि भाजपा के काउंटिंग एजेंट्स की सुरक्षा को खतरा है।

‘…तो कलेक्टर की लाश बाहर आएगी’: मतगणना से पहले लालू यादव की पार्टी का ऐलान, कहा – समाजवादियों का जज्बा ज़िंदाबाद

लोकसभा चुनाव 2024 में डाले गए वोटों की गिनती 4 जून, 2024 (मंगलवार) को होगी। चुनाव आयोग ने संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। साथ ही अफवाह व उत्तेजक बातें न लिखने व कहने की अपील की जा रही है। इन तमाम अपीलों को दरकिनार करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने मतगणना की पूर्वसंध्या यानी कि सोमवार (3 जुलाई, 2024) को एक आपत्तिजनक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में समाजवादी पार्टी के एक प्रत्याशी के उस बयान की तारीफ की गई है जिसमें उन्होंने जिलाधिकारी तक को मारने की बात कही है।

राजद (RJD) ने ‘ABP न्यूज़’ का एक स्क्रीनशॉट शेयर किया है। इस स्क्रीनशॉट में समाजवादी पार्टी के बलिया लोकसभा से प्रत्याशी का बयान अटैच है। प्रत्याशी का नाम सनातन पांडेय है जिन्होंने इसी साल अप्रैल माह में कहा था कि अगर मतगणना में धाँधली हुई तो अंदर से उनकी या कलेक्टर में से किसी एक की लाश बाहर आएगी। RJD ने इस बयान की 1 महीने से भी अधिक समय के बाद तारीफ की है। संगठन ने अपने X हैंडल पर लिखा, “समाजवादियों का जज्बा जिंदाबाद।”

बताते चलें कि सनातन पांडेय पिछला चुनाव भाजपा प्रत्याशी से 15 हजार से अधिक वोटों से हार चुके हैं। तब उन्होंने अपनी हार के पीछे मतगणना में धांधली को जिम्मेदार बताया था। उधर इस प्रकार के उत्तेजक ट्वीट का नेटीजेंस ने फ़ौरन ही विरोध शुरू कर दिए। बहुजन समाज पार्टी (BSP) के नेता सूरज कुमार बौद्ध ने लिखा, “शर्मनाक। सत्ता में आए नहीं लेकिन आप लोगों ने मार-काट और लठैती का आह्वान करना शुरू कर दिया। इसलिए लालू के राज को जंगलराज कहा जाता है।” सत्य सनातन नाम के यूजर ने RJD के इस ट्वीट पर व्यंग किया है।

चित्र RJD के ‘X’ हैंडल पर आए जवाब

अनुराग सिंह ने समाजवादी पार्टी से जुड़े युवाओं से अपील की है। उन्होंने लिखा, “अपने मुखिया की बातों में आकर कल अगर उपद्रव मचाने की कोशिश की तो बाबा की पुलिस तुम लोगों की रेल बना देगी। और गलती से भी तोड़-फोड़ की तो बुलडोज़र तैयार है। इन सब में आपके मलिक अखिलेश आपको बचाने नहीं आयेंगे। अखिलेश की बातों में आकर अपना भविष्य ख़राब न करें।” इन सभी के अलावा कई अन्य नेटीजेंस ने RJD के इस भड़काऊ का विरोध किया है।