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कोलकाता में BJP एजेंट का सर फोड़ा, संदेशखाली की महिलाओं को ‘विधवा’ बनाने की धमकी… चुनाव खत्म होते ही बंगाल में हिंसा, राज्यपाल ने कहा – एक्शन लो

2024 के लोकसभा चुनाव पूरे देश में खत्म हो चुके हैं। पश्चिम बंगाल में भी शनिवार (1 जून, 2024) को अंतिम राउंड की वोटिंग हो गई, हालाँकि, राज्य में चुनावी हिंसा का दौर चुनावों के बाद भी जारी रहा। संदेशखाली से लेकर कोलकाता तक भाजपा कार्यकर्ताओं के हमलों में घायल होने की सूचना है।

जनवरी, 2024 के बाद से हिंसा झेल रहे संदेशखाली में फिर से एक बार पुलिस और महिलाओं के बीच तकरार हुई है। यहाँ प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है। एक गिरफ्तारी का विरोध करने वाली महिलाओं पर पुलिस से बल प्रयोग किया। यह महिलाएँ एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने का विरोध कर रही थीं।

भाजपा आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने इसका एक वीडियो साझा किया है। उन्होंने इसमें बताया है कि चुनाव के एक दिन बाद TMC कार्यकर्ता संदेशखाली में जाकर कह रहे हैं कि 4 जून के बाद वह सबको विधवा बना देंगे। उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस पर आरोप लगाया कि वह TMC के गुंडों के साथ मिलकर महिलाओं को धमका रही है।

संदेशखाली में चुनाव वाले दिन भी जम कर हिंसा हुई थी। इस दिन पुलिस ने आसू गैस के गोले दागे थे। चुनाव के दौरान एक भाजपा कार्यकर्ता का हमले में सर भी फट गया था। अन्य लोकसभा क्षेत्रों से भी हिंसा की खबरें आई थी। वर्तमान में संदेशखाली धारा 144 लगा दी गई है।

इस हिंसा को लेकर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने राज्य सरकार से एक्शन लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि वह वोटिंग के बाद महिलाओं पर हमले की सूचना सुन कर चिंतित हैं। उन्होंने हमले जारी रहने पर राजभवन के दरवाजे खोलने की बात कही है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि कोलकाता में एक भाजपा पोलिंग एजेंट को TMC कार्यकर्ताओं ने काफी मारापीटा। कोलकाता उत्तर मध्य के भाजपा उम्मीदवार तापस रॉय के पुल्लिंग एजेंट भाजपा कार्यकर्ता रमेश साव ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होने के बाद उन्हें TMC के गुंडे एक जगह उठा ले गए और उनको काफी मारापीटा।

रमेश का सर भी फोड़ दिया गया, उनको यातनाएँ दी गईं। भाजपा ने आरोप लगाया कि यह उसके कार्यकर्ता को मारने की साजिश थी। वहीं नैहाटी में एक भाजपा कार्यकर्ता के घर के बाहर बम रख दिया गया। इसका आरोप भी TMC के लोगों पर ही लगा है।

वहीं नादिया में अघोषित कर्फ्यू की स्थिति है। यहाँ एक भाजपा कार्यकर्ता हफीजुल शेख को गोली मार दी गई थी। उसका सर काटने की भी खबरें है। पुलिस इस मामले में जाँच कर रही है। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा की आशंका के चलते चुनाव आयोग ने निर्णय लिया है कि वह परिणाम के 15 दिन बाद तक यहाँ से केन्द्रीय सुरक्षा बल नहीं हटाएगा।

न गाड़ी की हुई टक्कर, न रवीना टंडन ने पी रखी थी शराब: हिरोइन पर मुस्लिम परिवार के आरोप झूठे, जाँच के बाद मुंबई पुलिस का बयान

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन से जुड़े मारपीट के मामले में अलग-अलग एंगल्स से वीडियो वायरल होने के बाद अब पुलिस का बयान सामने आया है। इस बयान को सोशल मीडिया पर अभिनेत्री ने खुद शेयर किया है और अपनी बिन कुछ बोले मामले में अपनी सफाई दी है।

इस पोस्ट के अनुसार जोन 9 के डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया कि इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने फर्जी जानकारी दी थी। पुलिस ने सारी सीसीटीवी फुटेज चेक की है और पाया कि अभिनेत्री का ड्राइवर कार रिवर्स कर रहा था ताकि सड़क से गाड़ी सोसायटी में जाए, उसी समय परिवार भी उसी लेन से जा रहा था। इसी दौरान परिवार ने गाड़ी रोकी और कहा कि ड्राइवर को गाड़ी पीछे करने से पहले चेक करना चाहिए। इसी के बाद उनके बीच सारा बवाल शुरू हुआ।

डीसीपी ने बताया कि इसी बात के बात बहस बढ़ी और बात गाली-गलौच तक आ गई। इतने में रवीना टंडन भी स्पॉट पर पहुँची कि न जाने ड्राइवर के साथ कैसी बहस हुई। अभिनेत्री ने ड्राइवर को भीड़ से बचाने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ उनके ऊपर टूट गई। बाद में रवीना टंडन और वो परिवार दोनों थाने गए और लिखित शिकायतें दी। बाद में दोनों ने निर्णय लिया कि उन्हें मामला नहीं दर्ज कराना।

इस पोस्ट के अनुसार डीसीपी राजतिलक रौशन ने बताया हुआ है कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। सीसीटीवी फुटेज चेक कर ली गई है और कार ने भी किसी को नहीं मारा है। न ही अभिनेत्री नशे में चूर थी। ड्राइवर और अभिनेत्री के ऊपर जो आरोप लगाए गए थे वो सारे फर्जी थे।

बता दें कि रविवार (2 जून 2024) को एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, जिसमें एक मुस्लिम परिवार दावा कर रहा था कि रवीना टंडन ने शराब के नशे में चूर होकर उनसे मारपीट की है। उनके परिवार की बुजुर्ग महिला का सिर फोड़ा है और लड़की की नाक पर मारा है। इस वीडियो में रवीना टंडन बार-बार- मुझे मत मारो, वीडियो मत बनाओ जैसी बातें कह रही थीं। शुरू में लोगों ने अंदाजा लगाया कि शायद सच में अभिनेत्री ने ऐसा किया होगा, लेकिन बाद में दूसरे एंगल की वीडियो सामने आने के बाद क्लियर हुआ कि अभिनेत्री ने कुछ नहीं किया था। न कार टकराई थी, न किसी को चोट आई थी और न ही अभिनेत्री ने शराब पी थी। परिवार द्वारा चिल्ला-चिल्ला कर लगाए गए आरोप फर्जी थे

‘कॉन्ग्रेस नेता फैला रहे भ्रम, अमित शाह ने 150 जिलाधिकारियों को किया कॉल तो सबूत दिखाएँ’ : जयराम रमेश को चुनाव आयोग ने भेजा नोटिस

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने शनिवार (1 जून 2024) को अपने X हैंडल पर एक विवादित पोस्ट किया था। इस पोस्ट में उन्होंने दावा किया था कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह कई जिलों के DM को सीधे कॉल करके धमका रहे हैं। जयराम रमेश ने यह भी दावा किया था कि अब तक 150 जिलाधिकारियों से अमित शाह की बात हो चुकी है। अब इस पोस्ट का चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने नोटिस जारी करके जयराम रमेश से इस दावे के सबूत माँगे हैं। इन सबूतों के साथ कॉन्ग्रेस नेता को जवाब देने के लिए रविवार (2 जून) तक का समय दिया गया था। जवाब देने के बजाय जयराम रमेश ने उलटे चुनाव आयोग की ही निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, जयराम रमेश ने शनिवार (1 जून) को अपने X हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “निवर्तमान गृह मंत्री आज सुबह से ज़िला कलेक्टर्स से फ़ोन पर बात कर रहे हैं। अब तक 150 अफ़सरों से बात हो चुकी है। अफ़सरों को इस तरह से खुल्लमखुल्ला धमकाने की कोशिश निहायत ही शर्मनाक है एवं अस्वीकार्य है। याद रखिए कि लोकतंत्र धमकियों से नहीं बल्कि जनादेश से चलता है। 4 जून को आ रहे जनादेश के अनुसार नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और भाजपा सत्ता से बाहर होगी। INDIA जनबंधन विजयी होगा। अफ़सरों को किसी प्रकार के दबाव में नहीं आना चाहिए व संविधान की रक्षा करनी चाहिए। उन पर हमारी नजर है।”

जयराम रमेश द्वारा की गई इसी पोस्ट के अगले दिन रविवार (2 जून) को भारत निर्वाचन आयोग के अधिकारी सुमन कुमार दास ने उन्हें नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा गया है कि आचार संहिता के दौरान सभी जिलाधिकारी सीधे तौर पर चुनाव आयोग को रिपोर्ट कर रहे हैं लेकिन अब तक किसी ने भी इस प्रकार की कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई है। आयोग ने बताया है कि जयराम रमेश द्वारा किए गए दावों से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। चुनाव आयोग ने कॉन्ग्रेस नेता से 2 जून तक उनके दावों को प्रमाणित करने वाले सबूत देने को कहा है।

खुद को मिली इस नोटिस पर जयराम रमेश ने सीधे-सीधे कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने चुनाव आयोग की ही निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े कर दिए। दावों का सबूत पेश करने के बजाय जयराम रमेश आरोप लगाने लगे कि चुनाव आयोग उन शिकायतों पर ध्यान नहीं देता जो भाजपा के विरोध में की जाती हैं। टाइम्स नाउ से बात करते हुए उन्होंने यह भी साफ़ नहीं किया कि वो चुनाव आयोग की इस नोटिस का क्या और कब जवाब देंगे।

केरल में ईसाइयों ने BJP के लिए किया भारी संख्या में मतदान: Exit Poll देख पूर्व केंद्रीय मंत्री का दावा- राज्य में दोगुना होगा पार्टी का वोट शेयर

एग्जिट पोल आने के बाद पूर्व केंद्रीय मत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कुछ खास दावे किए हैं। उन्होंने केरल में भाजपा के पॉजिटिव रिजल्ट की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस बार ईसाई समुदाय ने भाजपा को भारी संख्या में वोट दिया है।

उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा केरल में भाजपा को 20-24 प्रतिशत वोट शेयर मिलेगा, उन्होंने कहा कि ईसाई समुदाय ने भारी संख्या में पार्टी को वोट दिया है।

वह बोले, “मैं केरल का प्रभारी था, जिस तरह से हमारे सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव के लिए प्रचार किया था। हमारे वोट पिछली बार के 12 प्रतिशत से लगभग दोगुने हो गए हैं, यह 20-24 प्रतिशत तक जा सकते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि ईसाई समुदाय ने मतदान किया है भारी संख्या में।”

उन्होंने कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “केरल में कॉन्ग्रेस भी कम्युनिस्ट पार्टी की तरह सांप्रदायिक राजनीति करने लगी। यह पीएम मोदी के कारण हुआ है। राज्य के 3.5 करोड़ लोगों में से 2 करोड़ लोगों को केंद्रीय योजनाओं से लाभ मिला है। बुनियादी ढाँचे में विकास से भी लोग प्रभावित है।”

उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी दक्षिणी राज्यों से सबसे ज्यादा सांसदों वाली पार्टी बनकर उभरेगी। वह बोले “केरल के बहुत से लोग भारत के बाहर काम करते हैं, उन्हें यह भी लग रहा है कि भारत की प्रतिष्ठा विश्व स्तर पर बढ़ी है और उन्हें भाजपा को वोट देना चाहिए … लोगों ने पीएम मोदी के नेतृत्व पर भरोसा किया है, उन्होंने देश के भविष्य और उनके लिए वोट किया है बच्चों, और हमें विश्वास है कि हम एग्ज़िट पोल के पूर्वानुमानों से भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे।”

‘हाँ, पी थी शराब… लेकिन अब कुछ याद नहीं’: पुणे पोर्श कार केस के नाबालिग आरोपित ने 1 घंटे की पूछताछ में कबूली नशे में होने की बात, बाकी सवालों पर चुप रहा

पुणे पोर्श कार एक्सीडेंट मामले में आरोपित लड़के ने पुलिस के आगे स्वीकार कर लिया है कि उसने शराब पीकर ड्राइविंग की थी। सूत्रों से मीडिया में आई इस जानकारी में कहा गया है कि लड़के ने पुलिस को अपने शराब पीने की बात के साथ ये भी कहा है कि उसे नहीं याद उस दिन क्या हुआ था।

रिपोर्ट के अनुसार, एक घंटे से अधिक समय तक चली पूछताछ के दौरान (सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक) चली पूछताछ के दौरान, लड़के ने पुणे पुलिस को बताया था कि दुर्घटना के समय वह नशे में था, इसलिए उसे कुछ भी याद नहीं है।

बताया जा रहा है कि लड़के से पूछताछ उसकी माँ की मौजूदगी में की गई थी। माँ को भी पुलिस ने 1 जून को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि एक्सीडेंट के ठीक बाद अस्पातल में लड़के के ब्लड सैंपल माँ के सैंपल से ही बदले गए थे।

इस केस में पुलिस का कहना है कि उन्होंने लड़के से बार-बार पूछताछ की लेकिन वो बार-बार यही कहता रहा कि उसे कुछ याद नहीं है। अधिकारियों ने उससे पोर्श कार की ड्राइविंग, सबूतों से छेड़छाड़, मेडिकल टेस्ट आदि को लेकर सवाल किए लेकिन वो कहता रहा उसे कुछ याद नहीं हैं।

प्रारंभित जाँच में पता चला कि नाबालिग और उसके दोस्तों ने पबों में शराब पी थीं। इसके बाद उन्होंने 48000 का बिल चुकाया था।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक कई गिरफ्तारी हो गई हैं। लड़का जहाँ हिरासत में है। वहीं उसके माता-पिता सबूतों से छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार हैं और साथ ही उसके दादा को भी अरेस्ट किया गया है क्योंकि उन्होंने ड्राइवर को बंधक बनाकर उसे धमकाया था कि वो अपने ऊपर सारा इल्जाम लेले। वहीं लड़के की माँ शिवानी अग्रवाल ने बताया है कि उनसे खून का सैंपल बदलने का आइडिया उन्हें सैसन अस्पताल के डॉक्टर ने ही दिया था।

न टकराई कार, न कोई हुआ घायल… फिर भी रवीना टंडन पर टूटा मुस्लिम परिवार, लगाए फर्जी आरोप: घटना की दूसरी वीडियो से खुलासा

बॉलीवुड अदाकारा रवीना टंडन की गाड़ी से एक परिवार को टक्कर लगने की जो घटना मीडिया में आई थी उसमें एक वीडियो के जरिए नया अपडेट सामने आया है। शुरू में इस केस में आरोप लगाया गया कि अभिनेत्री की गाड़ी से एक महिला को टक्कर लगी, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गई और नशे में चूर अभिनेत्री ने उनसे मारपीट की। वहीं ये घटना की वीडियो है जो दिखा रही है कि गाड़ी से कोई टक्कर नहीं लगी थी। उलटा वो भीड़ रवीना टंडन को पीटने पर आमादा थी। इसके अलावा जहाँ ये दावा हुआ था कि रवीना टंडन नशे में होकर सबसे वीडियो न बनाने को कह रही थीं, वहीं अब सामने आया है कि अभिनेत्री अपने ऊपर हमले के बाद लगातार कह रही थीं कि उन्हें मारा-पीटा न जाए और न वीडियो बनाई जाए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटनास्थल मुंबई का बांद्रा इलाका है। जहाँ विवाद हुआ वहाँ रवीना टंडन का बंगला है। रवीना का ड्राइवर कार को रिवर्स गियर में डाल कर बंगले में ले जाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान एक दूसरी कार रवीना के बंगले के बाहर पहुँच गई। इस कार में मोहम्मद नाम का व्यक्ति अपने परिवार के साथ सवार था। उसने आरोप लगाना शुरू कर दिया कि रवीना टंडन की कार ने उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। मोहम्मद ने यह भी दावा किया कि टक्कर की वजह से उसकी भतीजी, अम्मी और अप्पी (बहन) घायल हो गईं थीं।

इस घटना का 47 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रवीना टंडन पर लगे आरोपों पर खबरें भी मीडिया में आईं। वहीं 2 जून (रविवार) को इस मामले पर अमिताभ चौधरी (@MithilaWaala) ने अपनी X प्रोफ़ाइल पर एक नई वीडियो डाली। वीडियो में दिख रहा है कि रवीना टंडन को एक भीड़ ने घेर रखा है। इस भीड़ में पुरुष के साथ बुर्का पहने एक महिला भी दिख रही है। भीड़ रवीना टंडन पर बुर्के वाली महिला को टक्कर मारने का आरोप लगा कर पीटने पर आमादा है। रवीना टंडन खुद को बचाने की कोशिश करते हुए वीडियो बना रहीं हैं।

जद्दोजहद करती रवीना को वीडियो में ‘हाथ नहीं लगाना, धक्का मत दो, प्लीज मुझे मत मारो’ जैसी तमाम गुजारिश करते साफ़ सुना जा सकता है। हालाँकि उनकी मिन्नत का हमलावर भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा। उलटे हमलावर भीड़ में मौजूद महिला को कहते सुना गया, “तुम्हे रात जेल में बितानी पड़ेगी। मेरी नाक से खून यह रहा है।” वह महिला रवीना टंडन पर खुद को पीटने का आरोप लगा रही थी। महिला के साथ मौजूद शोरगुल करता एक युवक रवीना टंडन पर नशे में होने का आरोप लगाता सुनाई दे रहा है। उसका आरोप था कि रवीना टंडन की वजह से उसकी माँ के सिर में चोट लग गई।

अमिताभ चौधरी द्वारा शेयर किए गए वीडियो के आधे फ्रेम में एक अन्य CCTV फुटेज है। इस फुटेज में दिख रहा है कि अभिनेत्री की कार से किसी को भी टक्कर नहीं लगी। मुंबई पुलिस के DCP राजतिलक ने भी किसी महिला के सिर में चोट लगने जैसे दावों का खंडन किया है। इसके अलावा टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने दावा किया है कि रवीना टंडन के नशे में होने जैसे आरोप असत्य और निराधार हैं। मुंबई पुलिस को अभी तक रवीना टंडन या मोहम्मद के परिवार की तरफ से कोई शिकायत नहीं मिली है।

प्रचंड जीत का क्रेडिट PM मोदी को: अरुणाचल प्रदेश में BJP ने बनाया नया रिकॉर्ड, CM प्रेमा खांडू बोले- लोकसभा में होगा और बेहतर प्रदर्शन

अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया। इस प्रचंड जीत के बाद रविवार (2 जून 2024) को मुख्यमंत्री प्रेमा खांडू इसे ऐतिहासिक दिन बताया है। उन्होंने आशा जताई कि 4 जून को होने वाले लोकसभा चुनावों की मतगणना में भी भाजपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। इन चुनावों में भाजपा ने साल 2019 में किए गए अपने प्रदर्शन को बेहतर किया है।

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में प्रेमा खांडू ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, “आज अरुणाचल प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। खास कर भारतीय जनता पार्टी के लिए। इस बार 2024 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है। प्रेमा खांडू ने अरुणाचल प्रदेश की जनता को यह विजय दिलाने के लिए धन्यवाद किया है। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में मिली विजय बताया है।

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार उन्होंने 50 सीटों का टारगेट रखा था जिसको लगभग हासिल कर लिया गया है। प्रेमा खांडू ने आगे कहा कि अरुणचल प्रदेश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को पसंद किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि 4 जून को लोकसभा चुनावों में भी भाजपा अरुणाचल प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन करेगी और दोनों लोकसभा सीटें जीतेगी। बकौल प्रेमा खांडू 4 जून की मतगणना के बाद अरुणाचल में नई सरकार के गठन की दिशा में काम शुरू होगा जिसमें केंद्र के कुछ सीनियर पदाधिकारी भी मौजूद होंगे।

गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में कुल 60 सदस्य होते हैं। यहाँ बीजेपी की सरकार है। इस बार 60 में से 10 सीटों पर उसे किसी तरह की कोई चुनौती ही नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री समेत 10 उम्मीदवार निर्विरोध जीत गए थे। कॉन्ग्रेस को इन सीटों पर उम्मीदवार तक नहीं मिले। बाकी दलों का भी कमोबेश यही हाल रहा।

सलीम डाल रहा था 8वीं बीवी पर वेश्यावृत्ति का दबाव, विरोध करने पर बेरहमी से पीटा, फिर तीन तलाक: तमंचा लेकर भी धमकाया, मुरादाबाद में केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहाँ पीड़िता ने अपने शौहर पर 8 निकाह करने व खुद को देह व्यापार पर मजबूर करने का आरोप लगाया है। शिकायत में आरोपित शौहर के अन्य परिजनों पर भी पीड़िता को प्रताड़ित किए जाने का जिक्र है। घटना शुक्रवार (17 मई 2024) की है। शुक्रवार (31 मई 2024) को मामले की शिकायत की गई जिस पर पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

यह मामला मुरादाबाद जिले के थानाक्षेत्र मझोला का है। यहाँ शुक्रवार को एक पीड़िता ने अपने शौहर सलीम के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। तहरीर में महिला ने बताया है कि 6 साल पहले उसका निकाह मुरादाबाद के ही कटघर इलाके में रहने वाले सलीम से हुआ था। निकाह के बाद महिला को पता चला कि उस से पहले भी सलीम 7 निकाह कर चुका था। 8वाँ निकाह उसने धोखाधड़ी और जालसाजी से किया था। निकाह के थोड़े समय बाद से ही सलीम अपनी बीवी को आए दिन पीटने लगा। अपने अम्मी-अब्बा की गरीबी को देखते हुए पीड़िता ने कुछ दिनों तक चुपचाप सब सहन किया।

शिकायत में पीड़िता ने आगे बताया कि सलीम शराब पीने और जुआ खेलने का आदी है। उसने अपनी बीवी को वेश्यावृत्ति के धंधे भी भी धकेलने की कोशिश की। बाहरी लड़कों को बुला कर सलीम पीड़िता को उनके साथ सोने पर मजबूर करने लगा। लड़कियों से निकाह कर के उन्हें बेचना पीड़िता ने अपने शौहर का पेशा बताया है। सलीम अपनी बीवी को आगे करके पड़ोसियों पर झूठी FIR दर्ज करवाना चाहता था। ऐसा वो पैसों की उगाही के लिए करना चाहता था। जब महिला ने ऐसा करने से मना किया तो उसकी पिटाई की गई। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

महिला के मुताबिक 5 अगस्त 2023 को सलीम ने उसे तीन तलाक दिया और घर से बाहर निकाल दिया। बेखदल और बेसहारा होने के बाद पीड़िता मुरादाबाद में ही रहने वाली अपनी मामी के घर पहुँची और जैसे-तैसे वहाँ गुजर-बसर करने लगी। 17 मई 2024 (शुक्रवार) को वह अपनी मामी के घर मौजूद थी, तभी उसका शौहर सलीम अपने भाई गुड्डू और बहनोई नईम के साथ वहाँ आ धमका। आरोप है कि इन सभी ने अपने हाथों में तमंचे ले रखे थे। इन सभी ने घर में घुस कर पीड़िता को गंदी-गंदी गालियाँ दीं और उसे जबरन अपने साथ ले जाने लगे।

जब महिला ने उनके साथ जाने से मना कर दिया तो सलीम, गुड्डू और नईम द्वारा उसे बेरहमी से पीटा गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग जमा होने लगे तो आरोपत भाग निकले। जाते-जाते उन्होंने पीड़िता पर तेजाब डालने की धमकी भी दी। महिला ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर पुलिस ने सलीम, गुड्डू और नईम को नामजद करते हुए FIR दर्ज कर ली है। इन सभी पर IPC की धारा 498- A, 323, 504 और 506 के साथ ट्रिपल तलाक 2019 अधिनियम की धारा 3/4 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

दिल्ली CM केजरीवाल फिर पहुँचे तिहाड़: सरेंडर करने के आधे घंटे बाद कोर्ट ने 5 दिन न्यायिक हिरासत में भेजा, बोले- पता नहीं कब लौटूँगा

दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने रविवार (2 जून, 2024) को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया। चुनाव प्रचार के लिए मिली उनकी अंतरिम जमानत रविवार को खत्म हो रही थी। इससे पहले उन्हें किसी भी अदालत से राहत नहीं मिली थी। उनके सरेंडर के बाद खबर आई कि उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट ने 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जेल जाते-जाते उन्होंने कहा- “मैं देश बचाने के लिए जेल जा रहा हूँ। मुझे नहीं पता कब वापस आऊँगा। वहाँ मेरे साथ क्या-क्या होगा, मुझे नहीं पता।”

दिल्ली CM केजरीवाल रविवार को अपने घर से निकल कर पहले महात्मा गाँधी की समाधि पर गए, इसके बाद दिल्ली कनॉट प्लेस स्थित हनुमान जी के मंदिर पहुँचे। यहाँ से उन्होंने आम आदमी पार्टी के पार्टी ऑफिस का रुख किया जहाँ उन्होंने एक भाषण दिया और इसके बाद वह तिहाड़ के लिए निकल गए।

CM केजरीवाल को 10 मई, 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव प्रचार करने के लिए 1 जून, 2024 तक की अंतरिम जमानत दी थी। उन्हें 2 जून को सरेंडर करने को कहा गया था। इस जमानत के दौरान ही उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर वृद्धि की माँग की थी, इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया था।

केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट ने 7 दिन की वृद्धि जमानत अवधि में करने की माँग की थी। उन्होंने इसके पीछे स्वास्थ्य कारण बताए थे। उन्होंने कहा था कि शरीर के चेकअप के लिए उन्हें 7 दिन की जमानत चाहिए। हालाँकि, उनकी इन दलीलों को सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना था।

उन्होंने दिल्ली की एक निचली अदालत में भी इस मामले में 7 दिन की अंतरिम जमानत और शराब घोटाला मामले में नियमित जमानत की याचिका लगाई थी। इस मामले में भी उन्हें राहत नहीं मिली थी और कोर्ट ने 5 जून के लिए यह निर्णय सुरक्षित रख लिया था। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर फैसला सुरक्षित है।

गौरतलब है कि CM केजरीवाल को मार्च, 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया था। एजेंसी ने उन्हें इस मामले में सरगना बताया था। एजेंसी ने उन्हें किसी भी प्रकार की राहत देने का विरोध किया था और स्वास्थ्य आधार को भी नकारा था।

हिंदुओं को बदनाम करना चाहते हैं डीके शिवकुमार, काले जादू वाले आरोप बेतुके: केरल के मंत्रियों ने कॉन्ग्रेस नेता को फटकारा, पुलिस की जाँच में भी आरोप फर्जी निकले

केरल में कर्नाटक सरकार को डिस्टर्ब करने के लिए काला जादू का आरोप लगाने वाले डीके शिवकुमार को केरल सरकार के मंत्रियों ने जमकर घेरा है। केरल सरकार ने आरोप लगाया है कि डीके हिंदुओं को बदनाम करने के लिए इस तरह की बात कर रहे हैं। केरल सरकार के मंत्रियों ने पुलिस जाँच के बाद शिवकुमार के आरोपों को खारिज कर दिया है।

केरल के देवस्वोम मंत्री के राधाकृष्णन ने राज्य में इस तरह के अनुष्ठान की संभावना को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “यह ऐसा कुछ है जो केरल में कभी नहीं होगा। हम इन दावों की पूरी तरह से जाँच करेंगे।” वहीं, मंत्री आर बिंदू ने शिवकुमार के आरोपों को “बेतुका” बताया। उन्होंने कहा कि केरल में इस तरह की रस्में कभी नहीं हो सकतीं, उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। योगक्षेम सभा के अध्यक्ष अकीरामन कालिदासन भट्टाथिरिपाद ने शिवकुमार के दावों को राजनीतिक नौटंकी करार देते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “हिंदू समाज में ऐसी कोई गड़बड़ी नहीं है। ये आरोप निराधार हैं।”

वहीं, सीपीएम के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने आरोप लगाया कि शिवकुमार के दावों का उद्देश्य केरल के सांस्कृतिक लोकाचार का मजाक उड़ाना और इसे सांप्रदायिक रंग देना है। उन्होंने कहा कि “तालीपरम्बा में राजराजेश्वर मंदिर देश का एक महत्वपूर्ण हिंदू मंदिर है। इस मंदिर में किसी भी तरह का काला जादू या बलि से जुड़ी रस्में नहीं होती हैं। इसे पहले पेरुवंचल्लूर के नाम से जाना जाता था। यह एक ब्राह्मण गाँव था और आर्यन आक्रमण का प्रवेश द्वार था।”

कन्नूर के तलिपरम्बा में स्थित श्री राजराजेश्वर मंदिर के अधिकारियों ने शिवकुमार के दावों का खंडन किया है। मालाबार देवस्वोम बोर्ड के सहायक आयुक्त गिरीश कुमार ने दावा किया कि मालाबार क्षेत्र के किसी भी मंदिर में अवैध अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं। उन्होंने श्री राजराजेश्वर मंदिर और आस-पास के मंदिरों में किए जाने वाले अनुष्ठानों की सूची जारी की, जिसमें विधिसम्मत और पारंपरिक प्रथाओं का सावधानीपूर्वक पालन किया जाता है।

मालाबार देवस्वोम बोर्ड के अधिकारी ने कहा कि केरल के ज़्यादातर मंदिरों में की जाने वाली ‘शत्रु संहार’ पूजा में किसी बलि की ज़रूरत नहीं होती। उन्होंने कहा, “यह एक साधारण पूजा है जो मंत्रोच्चार तक सीमित है। कन्नूर के थिरुवरकाडु भगवती मंदिर उर्फ़ मडायी कावु में सिर्फ़ एक जीव की बलि दी जाती है। देवी के लिए मुर्गे की बलि ‘कोझी कलशम’ का आयोजन किया जाता है, लेकिन इस अनुष्ठान का कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री द्वारा किए गए दावे से कोई संबंध नहीं है।”

इस बीच, कर्नाटक पुलिस का एक विशेष दस्ता जिले में किए जा रहे विभिन्न अनुष्ठानों की जाँच करने के लिए कन्नूर पहुँचा। केरल पुलिस ने भी एक टीम तैनात की है जो यह जाँच करेगी कि राज्य में इस तरह का कोई अनुष्ठान किया जा रहा है या नहीं। दोनों टीमों ने मडायी कावु का भी दौरा किया। हालाँकि इस जाँच में कुछ नहीं निकला है।

बता दें कि शिवकुमार ने आरोप लगाया था कि केरल के “राजराजेश्वरी मंदिर” में ‘अघोरियों’ (तपस्वी शैव साधुओं) के परामर्श से ‘तांत्रिकों’ द्वारा किए गए ‘शत्रु भैरव यज्ञ’ के तहत 21 बकरियों, तीन भैंसों, 21 काली भेड़ों और पाँच सूअरों की बलि दी गई। उन्होंने कहा कि शत्रुओं के विनाश के उद्देश्य से किया गया यह यज्ञ उनके, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार के खिलाफ था। कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें इस अनुष्ठान के बारे में लिखित जानकारी मिली है, जिसमें इसका स्थान और इसमें शामिल व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के शामिल होने का संकेत दिया, लेकिन किसी खास व्यक्ति का नाम नहीं लिया।