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ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी का इंतकाल, सरकारी मीडिया ने की पुष्टि: हेलीकॉप्टर में सवार 8 अन्य लोगों की भी मौत, अजरबैजान की पहाड़ियों में मिला था मलबा

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई। यह दुर्घटना रविवार (19 मई, 2024) को ईरान के पूर्वी अजरबैजान प्रांत में हुई थी। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल रहा था। सोमवार सुबह इस हेलीकॉप्टर का मलबा राहत बचाव टीमों को मिला।

इस मलबे में कोई भी जीवित नहीं मिला। इसके बाद ईरान ने आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी की मौत की घोषणा कर दी। उनके साथ इस हेलीकॉप्टर में सवार ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान समेत 8 अन्य लोग भी मारे गए। ईरान ने इसे देश की सेवा करते हुए मिली शहादत बताया है।

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी रविवार को पूर्वी अजरबैजान इलाके में एक बाँध का उद्घाटन करने गए थे। उनके साथ विदेश मंत्री के अलावा अन्य कई महत्वपूर्ण नेता थे। यहाँ से वापसी के दौरान उनका हेलीकॉप्टर कुछ देर उड़ा और फिर एक निर्जन इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

उनके इस काफिले में और हेलीकॉप्टर थे, जो कि अपने गंतव्य तक सही पहुँच गए। यह सूचना मिलने के बाद ईरान ने एक बड़ा राहत बचाव अभियान चलाया। कई घंटों तक हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जगह को नहीं ढूँढा जा सका। इसके बाद तुर्की के ड्रोन इस जगह का पता लगाया।

जगह का पता लगने के बाद यहाँ टीमें पहुँची। उन्हें यहाँ हेलीकॉप्टर पूरी तरह से ध्वस्त मिला। उन्हें यहाँ कोई भी व्यक्ति जीवित नहीं मिला। जहाँ यह हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वह काफी मुश्किल पहाड़ी इलाका है। राहत और बचाव टीमों के किसी के नाम मिलने के कुछ देर बाद रईसी की मौत की घोषणा कर दी गई।

राष्ट्रपति रईसी की मौत पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति डॉ. सैयद इब्राहिम रईसी के दुखद निधन से गहरा दुख और सदमा लगा है। भारत-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और ईरान के लोगों के प्रति मेरी हृदय से संवेदना। दुख की इस घड़ी में भारत ईरान के साथ खड़ा है।”

ईरान के राष्ट्रपति रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान की मौत पर भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर ने एक्स पर लिखा, “हेलीकॉप्टर दुर्घटना में ईरान के राष्ट्रपति डॉ. इब्राहिम रईसी और विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान के निधन की खबर सुनकर गहरा सदमा लगा। उनके साथ मेरी कई बार मुलाक़ात हुई, सबसे हालिया जनवरी 2024 में हुई थी। उनके परिवारों के प्रति हमारी संवेदनाएँ। इस त्रासदी के समय हम ईरान के लोगों के साथ खड़े हैं।”

राष्ट्रपति रईसी की मौत के बाद अब ईरान में प्रथम वरीयता के उपराष्ट्रपति मुहम्मद मोखबर राष्ट्रपति पद का भार संभालेंगे। ईरान में 50 दिनों के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव होगा। तब तक मोखबर ही काम करेंगे जिसमें ईरान की कुछ और संस्थाएँ मदद करेंगी।

विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद पूरे AAP ने किया किनारा, पर एक ‘महिला’ अब भी स्वाति मालीवाल के लिए लड़ रही: जानिए कौन हैं वंदना सिंह

स्वाति मालीवाल के साथ सीएम आवास पर हुई बदसलूकी मामले में जहाँ विभव कुमार की गिरफ्तारी के बाद भी पूरी आम आदमी पार्टी एक तरफ होकर अपनी ही पार्टी की राज्यसभा सांसद का चरित्र हनन करने में लगी हुई है। वहीं पार्टी की एक युवा महिला नेत्री ने इस मामले में स्वाति के लिए आवाज उठाई है और एक तरफ से सारे दिग्गज आप नेताओं को जवाब देने में लगी हैं। महिला नेत्री का नाम वंदना सिंह हैं।

कौन हैं वंदना सिंह

वंदना फिलहाल दिल्ली महिला आयोग की सदस्य हैं और उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ कई मामलों पर काम किया है। वह आप की छात्र युवा संघर्ष समिति की भी नेता हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी की यूथ विंग की राष्ट्रीय प्रभारी के तौर पर काम कर रही थीं। उस समय उन्होंने AAP की परिवर्तन रैली का भी नेतृत्व किया था। इसके अलावा उनके X से पता चलता है कि वो अपनी पहचान एक भारतीय, एक ट्रैवलर, अरविंद केजरीवाल की समर्थक, एपीजे अब्दुल कलाम की फॉलोवर, धोनी और मेसी की फैन के तौर पर बताती हैं।

स्वाति के साथ एकजुटता लेकिन केजरीवाल का विरोध नहीं

वंदना के सोशल मीडिया अकॉउंट को अगर देखें तो पता चलेगा कि उन्होंने इस पूरे मामले में स्वाति के साथ एकजुटता दिखाई है। लेकिन, स्वाति ने जहाँ अरविंद केजरीवाल का फोटो अपने अकॉउंट से हटाकर AAP का विरोध दिखाया है, तो वहीं वंदना सिंह ने केजरीवाल की फोटो अपने अकॉउंट पर पिन रखते हुए स्वाति मालीवाल के साथ फोटो शेयर करके संदेश दिया है कि वो उनके साथ हैं।

फिलहाल वह, अपनी टाइमलाइन पर आप नेताओं को जवाब देने के साथ स्वाति के पुराने ट्वीट भी रीट्वीट कर रही हैं जिसमें उन्होंने आम आदमी पार्टी का समर्थन किया है, केजरीवाल को सपोर्ट किया है, संजय सिंह को शेर बताया है। शायद वो दिखाना चाह रही हैं कि स्वाति मालीवाल कभी भी भाजपा की एजेंट नहीं थी जैसा कि उनपर अब आरोप लगाए जा रहे हैं।

दूसरी ओर ये गौर करने वाली बात है कि पार्टी के अन्य नेता जहाँ विभव कुमार की बदसलूकी पर खुलकर बोलने से इसलिए डर रहे हैं कि कहीं केजरीवाल के खिलाफ न माहौल बने… तो वहीं वंदना सिंह इस मामले में AAP समर्थकों से सवाल भी कर रही हैं, और साथ ही अभी भी केजरीवाल की फोटो अपने अकॉउंट पर पिन करके लगाई हुई है। उनके हर ट्वीट में केजरीवाल के लिए सर शब्द कहा जा रहा है। शायद दोनों चीजें एक साथ करके वो दिखाना चाहती हैं कि ये मामला सीएम के विरुद्ध जाने का नहीं, बल्कि एक महिला नेता का साथ देने का है।

देख सकते हैं कि वंदना सिंह ने अपने ट्वीट में आतिशी मार्लेना की वीडियो पर जवाब दिया है जिसमें वो कह रही थीं कि ये सारा षड्यंत्र भाजपा ने रचा है। इसमें जहाँ वो ये कहती हैं कि मालीवाल बिन अपॉइंटमेंट के सीएम से मिलने आईं उस पर वंदना पूछती हैं कि अगर ये मान भी ले कि स्वाति मालीवाल बिना अपॉइंटमेंट के मिलने आ गई थी तो क्या तुम उसको पिटवा दोगे? वैसे अरविंद केजरीवाल सर से तो वो हमेशा बिना अपॉइंटमेंट ही मिली हैं। इसके अलावा वो ये भी गौर करवाती हैं कि घटना सीएम आवास की है, अगर बात बीजेपी के इशारे पर कुछ करने की होती तो वो सीएम का नाम ही न ले लेती, पीएस का क्यों लिया।

इसके अलावा आम आदमी पार्टी से दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री बने सौरभ भारद्वाज ने जो स्वाति मालीवाल के कुर्ते पर कमेंट किया है कि उसमें बटन थी ही नहीं तो टूटी कैसे। उसे लेकर वंदना ने स्वाति की एक फोटो शेयर की है जिसमें उन्होंने वही कुर्ता पहना है और उसमें बटन भी दिख रही है। वंदना कहती हैं- “मंत्री सौरभ जी, स्वाति जी की फोटो जूम करके कह रहे हो बटन थे ही नहीं… लीजिए एक और फोटो उसी कपड़े में, शायद इसमें आपको बटन बंद दिख जाएँ। वैसे औरतों के कपड़े और बटन से ध्यान हटाएँ और काम पे लगाएँ। आपसे इस लेवल तक गिरने की उम्मीद नहीं की थी।”

इसी तरह एक आप समर्थक ने जब स्वाति मालीवाल के अरविंद केजरीवाल से मिलने की बात पर सवाल उठाए तो भी वंदना ने जवाब दिया कि शायद सीएम जेल से आए हैं इसलिए वो मिलने गई थी। लेकिन लगता है उसने गलती ही कर दी। वो अपने ही पार्टी नेताओं से कहती हैं कि हर मामले में सबको बीजेपी वाला या गद्दार कहने से काम नहीं चलेगा।

स्वाति मालीवाल के साथ ऐसी घटना घटने के बाद वंदना सिंह ने एक भी बार आम आदमी पार्टी का समर्थन अपने वॉल पर नहीं दिखाया है। न ही उन्होंने पार्टी की किसी अन्य नेता के स्टैंड से सहमति दिखाई है। वह लगातार स्वाति के साथ होने का दावा कर रही हैं। उन्होंने पूरी टाइमलाइन शेयर करके समझाया है कि कैसे ये घटना एक ऐसी महिला नेता के साथ घटी है जिसने अपना तन-मन सब पार्टी को समर्पित रखा। उन्होंने पार्टी के नेताओं का रवैया देख उन्हें ट्रोल कहा है और गिरी हुई सोच का बताया है।

जिस हेलीकॉप्टर में 8 लोगों के साथ सवार थे ईरान के राष्ट्रपति, उसका मलबा अजरबैजान की पहाड़ियों में मिला: सभी सवारों के मौत की आशंका

ईरान के राष्ट्रपति इब्राहीम रईसी को एक आयोजन से वापस लेकर आ रहा एक हेलीकॉप्टर रविवार (19 मई, 2024) को दुर्घटना का शिकार हो गया। यह दुर्घटना ईरान के पूर्वी अज़रबैजान प्रांत में हुई। दुर्घटना के बाद से राष्ट्रपति रईसी के विषय में कोई जानकारी नहीं है। उनकी मौत की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति रईसी पूर्वी अजरबैजान प्रांत में एक बाँध का उद्घाटन करने गए थे। उनके साथ ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दोल्लाहियान भी थे। इसके अलावा और भी दो महत्वपूर्ण नेता राष्ट्रपति रईसी के साथ थे। हेलीकॉप्टर में कुल 9 लोग थे। राष्ट्रपति रईसी के काफिले में दो और हेलीकॉप्टर थे, जो कि सुरक्षित रूप से पहुँच गए।

रईसी के हेलीकॉप्टर के साथ दुर्घटना की सूचना के बाद सेना समेत राहत बचाव टीमें उन्हें ढूढ़ने में लग गईं। रईसी के हेलीकॉप्टर की लोकेशन काफी समय तक ढूंढी नहीं जा सकी। हालाँकि, कई घंटों की मेहनत के बाद हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने वाली जगह तक टीमे पहुँच पाई।

बताया गया है कि जहाँ हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, वहाँ घना कोहरा था और कुछ भी दिख नहीं रहा था। ईरान की सरकार ने राष्ट्रपति रईसी के गायब होने की सूचना के बाद देशवासियों से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने की अपील की थी। राजधानी तेहरान समेत देश की तमाम मस्जिदों में राष्टपति रईसी के लिए नमाज पढ़ी जा रही है।

बताया गया है कि कुछ टीमें हेलीकॉप्टर के दुर्घटना ग्रस्त होने वाली जगह पर पहुँची हैं और उन्हें यहाँ कोई भी जीवित नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर पूरी तरह जल चुका है। हेलीकॉप्टर तक पहुँचने के लिए तुर्की के एक ड्रोन का सहारा लिया गया, जिसमें एक जगह से धुआँ उठता दिखता है।

दुर्घटनास्थल पर पहुँची राहत बचाव टीमों ने बताया है कि राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर का पूरा केबिन गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। किसी के भी जीवित बचने की सम्भावना नजर नहीं आ रही है। शवों के विषय में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। अभी आधिकारिक रूप से रईसी और उनके विदेश मंत्री की मृत्यु या घायल होने के विषय में कोई पुष्टि नहीं की गई है।

बताया गया कि रईसी का जो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, वह बेल कम्पनी द्वारा निर्मित 212 मॉडल था। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि 1979 के बाद ईरान पर जारी प्रतिबंधों के कारण नए कोई हेलीकॉप्टर ईरान को नहीं मिल सकते थे, ऐसे में यह हेलीकॉप्टर काफी पुराना हो सकता है।

रईसी 2021 में ईरान के राष्ट्रपति बने थे और उनकी भूमिका गाजा में युद्ध छिड़ने के बाद से और भी महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। रईसी की आयु 63 वर्ष थी और राष्ट्रपति बनने से पहले वह ईरान में की महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वह ईरान की न्यायपालिका में ख़ासा दखल रखते हैं।

रईसी को ईरान के सुप्रीम लीडर अयातोल्लाह खामनेई का उत्तराधिकारी माना जाता है, ईरान में सुप्रीम लीडर ही सर्वोच्च्च होता है और उसे राष्ट्रपति से भी अधिक शक्तियाँ प्राप्त हैं। रईसी के साथ हुई दुर्घटना के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी संवेदना प्रकट की है।

उन्होंने एक्स(पहले ट्विटर) पर लिखा, “आज राष्ट्रपति रईसी की हेलीकॉप्टर दुर्घटना के संबंध में आई रिपोर्टों से अत्यधिक चिंतित हों। हम संकट के इस समय में ईरानी लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं और उनकी सुरक्षा के प्रार्थना करते हैं।”

कमल बनकर कामिल ने हिंदू लड़की को फँसाया, फिर ब्लैकमेल कर एक साल तक किया यौन शोषण: मुस्लिम बनने, नमाज पढ़ने और बीफ खाने का बनाते थे दबाव

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कामिल नाम के एक मुस्लिम लड़के ने अपना नाम और धर्म छिपाकर एक हिंदू लड़की से इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ली। उसके बाद उसने युवती को ब्लैकमेल करके लगभग एक साल तक उसका यौन शोषण किया। युवती का आरोप है कि इस दौरान कामिल और उसके परिजनों ने उस मुस्लिम बनने, नमाज पढ़ने और गोमांस खाने का भी दबाव बनाया। शनिवार (18 मई) को पीड़िता ने थाने में शिकायत दी है।

युवती हरियाणा के जिंद जिले की रहने वाली है। लगभग डेढ़ साल पहले इंस्टाग्राम पर कमल नाम के युवक से मुलाकात हुई थी। दरअसल, यह कामिल ही था, जिसने कमल नाम से अपनी आईडी बना रखी थी। कामिल ने युवती को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी और उसके बाद दोनों के बीच बातचीत होने लगी। सोशल मीडिया की बातचीत धीरे-धीरे फोन कॉल और मैसेज तक पहुँच गई।

उसने शादी के नाम पर युवती को अपने झाँसे में ले लिया। उसने युवती से शारीरिक संबंध भी बनाए। इसका उसने अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिया। लगभग एक साल पहले कामिल ने युवती को अपने साथ आने के लिए कहा। उसने धमकी दी की अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो उसका वीडियो और तस्वीरें वह सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा और वह कहीं मुँह दिखाने लायक नहीं रहेगी।

इतना ही नहीं, पुलिस को दी गई शिकायत में लड़की ने यह भी आरोप लगाया है कि कामिल ने उसके भाई की हत्या की भी धमकी दी। कामिल ने उसे मुज़फ्फरनगर के मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गाँव संधावली आने को कहा और साथ में अपने जेवरात आदि लाने के लिए कहा। युवती का कहना है कि डर के कारण वह अपने घर से पैसे और जेवरात लेकर निकल गई।

युवती ने बताया, “उसके साथ आने के बाद उसने मुझे एक साल तक अपने घर में रखा। इस दौरान वह रेप करता था। मुझे मारा-पीटा व उसने और उसकी फैमिली ने मेरा शोषण किया। वे मुसलमान बनने के लिए मेरे साथ जबरदस्ती की। वे कहते थे- मुसलमान बन, बुर्का पहन, नमाज पढ़, उर्दू पढ़। उन्होंने मुझे गाय का मीट आदि भी खिलाने की कोशिश की। वे मेरे साथ जोर-जबरदस्ती करते थे।”

युवती ने बताया, “जान-पहचान के दौरान उसने अपना बैकग्राउंड बहुत अच्छा बताया था। उसने कहा था कि उसका सैलून है, उसका घर है। उसने होटल के रूम में फोटो क्लिक कर रखी थी और कहा था कि देख में रिसेप्शन पर बैठा हूँ। मेरे पास सब कुछ है। लेकिन, उसके पास ऐसा कुछ भी नहीं था। उसने बहुत टाइम तक ऐसे ही करके मेरा बेवकूफ बनाया है। दो बार गर्भवती होने पर उसने मेरा गर्भपात कराया।”

लड़की ने आगे बताया, “यहाँ मुझे पता चला कि वह मुसलमान है और उसका नाम कामिल है। वह सन्धावली गाँव का है। उसका एक भाई दुबई में है और एक भाई केरल साइड काम करता है। ये ऐसे ही करके लड़कियों को बेचते होंगे। मैं चाहती हूँ कि उसको सजा मिले और वह जेल में रहे। कभी बाहर ना आए। अगर बाहर आया तो पता नहीं मेरी तरह कितनी लड़कियों को फँसाकर उनकी जिंदगी खराब करेगा।”

आरोपितों के चंगुल से छूटी पीड़िता ने शनिवार (18 मई) को हिंदू संगठनों से संपर्क किया और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पीड़िता को लेकर हिंदू संगठन के कार्यकर्ता एसएसपी से मिले। पूरा मामला सुनने के बाद एसएसपी ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। आरोपित कामिल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

भारत में 1300 आइलैंड्स, नए सिंगापुर बनाने की तरफ बढ़ रहा देश… NDTV से इंटरव्यू में बोले PM मोदी – जमीन से जुड़ कर बड़ा और दूर का सोचता हूँ, उतारूँगा ढोंगी सेक्युलरिज्म का नकाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव 2024 के 5वें चरण से पहले NDTV को इंटरव्यू दिया है। ‘AMG मीडिया नेटवर्क’ के CEO एवं मुख्य संपादक संजय पुगलिया को दिए गए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा कि वो टुकड़ों में नहीं सोचते हैं, उनका बहुत ही व्यापक और एकीकृत दृष्टिकोण होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान स्पष्ट किया कि सिर्फ मीडिया अटेंशन के लिए काम करना उनकी आदत में नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सोच ये है कि जब देश आजादी का 100 साल मनाएगा तो हम कहाँ रहेंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि इसके लिए 2047 को ध्यान में रखते हुए उनकी सरकार ने काफी मंथन किया है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले टर्म में उनकी सरकार ने 100 दिन की बजाए 125 दिन का टारगेट सेट किया है। उन्होंने ‘माय भारत’ के लॉन्च का उदाहरण देते हुए कहा कि आने वाले दिनों में वो ‘माय भारत’ को किस प्रकार से देश के युवा को जोड़ा जाए और युवा शक्ति में बड़े सपने देखने की आदत डाली जाए इस पर काम होगा। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि पहले हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का बहुत बड़ा दुरुपयोग हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले इसका मतलब होता था- जितना बड़ा प्रोजेक्ट, उतनी ज्यादा मलाई। NDTV से बातचीत में पीएम मोदी ने इस सोच को देश की तबाही के लिए जिम्मेदार बताते हुए कहा कि इसको रिव्यू कर गति देने का काम किया गया। बकौल पीएम मोदी, एक तो स्कोप बहुत बड़ा होना चाहिए और यह टुकड़ों में नहीं होना चाहिए। दूसरा, स्केल बहुत बड़ा होना चाहिए और फिर स्पीड भी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन दोनों के अनुसार ही होनी चाहिए।

बकौल पीएम मोदी, स्कोप, स्केल और स्पीड के साथ स्किल भी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ये चारों चीजें अगर हम मिला लेते हैं तो हम बहुत कुछ हासिल कर लेते हैं। पीएम मोदी ने समझाया कि उनकी कोशिश होती है कि स्किल भी हो, स्केल भी हो और स्पीड भी हो – कोई स्कोप जाने नहीं देना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहाँ करीब 1300 आईलैंड्स हैं, लेकिन पहले हमारे पास इसका रिकॉर्ड नहीं था, उनकी सरकार ने स्पेस टेक्नोलॉजी का उपयोग करके भारत में जितने भी आईलैंड्स हैं उसका सर्वे किया है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि कुछ आईलैंड्स तो करीब-करीब सिंगापुर के साइज के हैं, इसका मतलब है कि अगर हम लग जाएँ तो भारत के लिए नया सिंगापुर बनाना मुश्किल नहीं है और हम इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। पीएम मोदी ने संजय पुगलिया से बातचीत में कहा कि आप जो भारत में डिजिटल क्रांति देख रहे हैं, गरीब के सशक्तिकरण करने का एक सबसे बड़ा साधन डिजिटल रिवॉल्यूशन है। उन्होंने कहा कि असमानता कम करने में डिजिटल रिवॉल्यूशन बहुत बड़ी मदद करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि AI में भारत दुनिया में लीड करेगा।

पीएम मोदी ने कहा, “बाबासाहेब कहते थे कि इस देश में इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन बहुत जरूरी है, क्योंकि इस देश में दलित, आदिवासी एग्रीकल्चर में कुछ नहीं कर सकता है, क्योंकि वो जमीन का मालिक नहीं है। उसके लिए इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन का हिस्सा बनना बहुत जरूरी है। इसीलिए, मैं मानता हूँ कि भारत में हमें एग्रीकल्चर को मजबूत बनाने के साथ ही इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट भी बहुत जरूरी है। विपक्ष की बातों में कोई सच्चाई नजर नहीं आती। परिवारवादी पार्टियों को ये समझ में नहीं आ रहा है कि देश के युवाओं में कितना बदलाव आया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आँकड़े गिनाते हुए जिक्र किया कि 2014 के पहले कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, आज सवा लाख स्टार्टअप्स हैं, 100 यूनिकॉर्न्स हैं। उन्होंने PLFS (पीरियाडिक लेबर फ़ोर्स सर्वे) के डेटा का जिक्र करते हुए कहा कि बेरोजगारी आधी हो गई है, 6-7 साल में 6 करोड़ नई नौकरियाँ सृजित हुई हैं। पीएम मोदी ने कहा कि EPFO (एम्प्लाइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन) 7 साल में 6 करोड़ से ज्यादा नए अवसर रजिस्टर्ड हुए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि वो अति-आत्मविश्वास में नहीं जीते हैं, बल्कि जमीन पर नित्य जीवन का हिसाब-किताब करके कदम रखने वाला इंसान रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो बड़ा और दूर का सोचते हैं, लेकिन जमीन से जुड़े रहते हैं। बकौल पीएम मोदी, देश को मालूम है कि ये काम करने वाली सरकार है, देश को आगे ले जाने वाली सरकार है, गरीबों की समस्याओं को समझने वाली सरकार है। उन्होंने कहा कि आज देश को लग रहा है कि देश में एक ऐसी सरकार है, जिसे हमारे दुखों की चिंता है, हमारे सपनों का अंदाज है और जो हमारे सामर्थ्य को आगे बढ़ाने का प्रयास करती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDTV के संजय पुगलिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि आज लोगों को उनकी सरकार के प्रति भरोसा है, इसलिए वो कहते हैं कि इस चुनाव में भाजपा के लिए ऐतिहासिक रिकॉर्ड सेट होने वाला है। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार का 10 साल का ट्रैक रिकॉर्ड है – चाहे आतंकवाद के खिलाफ काम हो, चाहे सुरक्षा को लेकर काम हो, चाहे विकास को लेकर काम हो, चाहे विदेश नीति हो – देश की जनता इन सारी बातों को देखती है।

पीएम मोदी ने कहा, “मुझे जिसे जो कहना है कहे, लेकिन मैं इन सबके (विपक्ष) पापों को खोल कर रहूँगा। मेरा मंत्र है- सबका साथ, सबका विकास। वो वोटबैंक के लिए वोट जिहाद का समर्थन कर रहे हैं। ये सारी चीजें वे सेक्युलरिज्म का नकाब पहनकर कर रहे हैं। मुझे इनका ढोंगी सेक्युलरिज्म का नकाब देश के सामने उतारकर दिखाना है। मुझे कंफ्यूजन नहीं होता है – मैं जो भी करूंगा देश के लिए करूँगा। दूसरा, वो इंसान सही नीति बना सकता है जिसका कोई निजी स्वार्थ नहीं होता है।

Reel के लिए हद पार कर रही हैं लड़कियाँ: दिल्ली मेट्रो में भोजपुरी गाने पर अश्लील डांस का वीडियो फिर वायरल, स्कर्ट-टॉप में दूसरों को कर रही थी असहज

रील बनाने की बीमारी युवाओं को बहुत गहराई तक संक्रमित करती जा रही है। सार्वजनिक स्थान हो, धार्मिक स्थान हो या शैक्षणिक, हर जगह युवा रील बनाते नजर आ रहे हैं। ये समस्या और विकराल हो जाती है जब लड़कियाँ डांस के नाम पर अश्लील हरकतें करने लगती हैं। दिल्ली मेट्रो से लेकर यात्रा के अन्य साधनों में इस तरह की रील बनाने की कई घटनाएँ सामने आ चुकी है।

डांस के नाम पर इसी तरह का एक और वीडियो सामने आया है। यह वीडियो दिल्ली मेट्रो का ही बताया जा रहा है। इसमें एक युवती डांस के नाम पर अश्लील हरकतें कर रही है। इस दौरान कुछ महिला-पुरुष उसे बेहद अलग नजरों से देख रहे थे, फिर भी उस लड़की को कोई असर नहीं हुआ। वीडियो जब वायरल हुआ तो सोशल मीडिया यूजर लड़की की हरकत देख लोग भड़क गए।

वीडियो में दिख रहा है कि एक लड़की स्कर्ट और क्रॉप टॉप पहने मेट्रो ट्रेन में डांस कर रही है। लड़की रील बनाने के लिए भोजपुरी गाने पर वीडियो शूट करवा रही है। वहीं, मेट्रो में लड़की के पास एक महिला भी खड़ी है जो उसे देखकर हैरान है और हिकारत से देख रही है। लड़की के अश्लील डांस को देखकर महिला असहज महसूस कर रही है। हालाँकि, वह चुप रहती है।

इस वायरल वीडियो पर सोशल मीडिया यूजर तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। इसके साथ ही वे DMRC को भी टैग कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा- गजब चल रहा है, मेट्रो के फर्श पर बैठना गलत है और ये सब नहीं? एक अन्य ने लिखा- मेट्रो में लोगों ने हद कर रखी है। ऐसे लोगों पर तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए।

बता दें कि मेट्रो में इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। रील बनाने से लेकर महिलाओं के झगड़े से लेकर प्रेमालाप तक के कई मामले सामने आ चुके हैं। दिल्ली मेट्रो को भी एडवायजरी जारी करनी पड़ी है कि युवा मेट्रो में रील ना बनाएँ और ना ही अश्लील हरकतें करें। हालाँकि, इसका कोई विशेष असर इन लोगों पर होता नहीं दिख रहा है।

कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने ही अध्यक्ष के चेहरे पर पोती स्याही, लिख दिया ‘TMC का एजेंट’: अधीर रंजन चौधरी को फटकार लगाने के बाद मुश्किल में मल्लिकार्जुन खड़गे

पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता अपने ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के पोस्टर में उनके चेहरे पर स्याही पोत रहे हैं। बता दें कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने राज्य में कॉन्ग्रेस को गठबंधन का हिस्सा नहीं बनाया। इसके बाद कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी उन पर हमलावर हैं। इसे लेकर कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने पार्टी को क्षत्रप को चेताया भी। अब कोलकाता स्थित कॉन्ग्रेस भवन में इसका परिणाम देखने को मिला है।

पार्टी के पोस्टर में मल्ल्किजार्जुन खड़गे के चेहरे पर काले रंग की स्याही कॉन्ग्रेस के ही कार्यकर्ताओं ने पोत दी। उसी होर्डिंग पर पूर्व अध्यक्ष सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी की फोटो भी लगी हुई है। हालाँकि, उनकी तस्वीरों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। कोलकाता में विधान भवन के सामने कॉन्ग्रेस पार्टी के पोस्टरों में इन दिग्गजों की तस्वीरें लगी हैं। जैसे ही कॉन्ग्रेस के अन्य स्थानीय नेताओं को मामले का पता चला, आनन-फानन में स्याही लगे होर्डिंग्स और बैनरों को हटाया।

बता दें कि TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कुछ दिनों पहले एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि वो सरकार बनने की स्थिति में I.N.D.I. गठबंधन को बाहर से समर्थन देंगी। इस पर मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया था कि ममता बनर्जी गठबंधन के साथ हैं। जबकि पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस का गठबंधन ममता बनर्जी के धुर विरोधी वामदलों से है। केरल में कॉन्ग्रेस पार्टी इन्हीं वामदलों के साथ लड़ रही है। केरल के CM पिनाराई विजयन और राहुल गाँधी ने एक-दूसरे पर खूब जुबानी हमले बोले हैं।

शनिवार8(19 मई, 2024) रात को हुई ताज़ा घटना के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे की तस्वीर के नीचे अज्ञात लोगों ने ‘TMC का एजेंट’ भी लिख दिया। बताया जा रहा है कि ये नाराज़ कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने ही किया है। अधीर रंजन चौधरी फ़िलहाल अपने गृह-क्षेत्र बहरामपुर में हैं और उन्होंने कार्यकर्ताओं से इस मामले को लेकर शिकायत देकर FIR दर्ज कराने को कहा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि अधीर रंजन चौधरी ये निर्णय लेने वाले कोई नहीं हैं कि गठबंधन का स्वरूप कैसा होगा।

बिल्डर बाप ने खरीद कर दी थी ₹3 करोड़ की लग्जरी कार, नाबालिग बेटे ने बाइक सवार को रौंदा: रोड पर घसीटकर दो लोगों की मौत, आरोपित जमानत पर रिहा

महाराष्ट्र के पुणे में 18 मई की रात को तेज रफ्तार से आ रही लग्जरी कार पोर्शे ने एक बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के बाद बाइक चालक ने संतुलन खो दिया और बाइक पर सवार युवक-युवती सड़क पर काफी दूर तक घसीटते चले गए। इस तरह दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। पोर्शे एक बिल्डर का 17 वर्षीय नाबालिग बेटा चला रहा था। उसे थाने से जमानत भी मिल गई है।

पुणे सिटी डीसीपी विजय कुमार के मुताबिक, पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। उसके के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। डीसीपी विजय कुमार ने कहा, “हमने नाबालिग को मेडिकल जाँच के लिए हिरासत में लिया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने शराब पी थी या नहीं।”

पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जमानत मिल गई। आरोपित के वकील ने कहा, “मेरे मुवक्किल को येरवडा पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। माननीय न्यायालय मेरे मुवक्किल को कुछ शर्तों पर जमानत दी है। हमें जाँच पर पूरा भरोसा है। हम पुलिस एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे। मेरा मुवक्किल माननीय न्यायालय की शर्तों का पालन करेगा।”

आरोपित हेमंत अग्रवाल (बदला हुआ नाम) पुणे शहर के एक नामी बिल्डर का बेटा है। इस हादसे की जानकारी पुलिस को सुबह तीन बजे मिली। वहीं, इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि पास खड़े लोग कार ड्राइवर की पिटाई कर रहे हैं। दरअसल, हादसे के बाद वह मौके से भागने की कोशिश कर रहा था।

पुणे पुलिस ने मृतकों की पहचान अनीस दूधिया और अश्विनी कोस्टा के रूप में की है। दोनों एक रेस्तरां से लौट रहे थे, तभी कल्याणी नगर इलाके में बिना नंबर प्लेट वाली एक लग्जरी पोर्शे कार ने मोटरसाइकिल को पीछे से टक्कर मार दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। बिल्डर बाप ने अपने नाबालिग बेटे के लिए 3 करोड़ रुपए में पोर्शे कार खरीदकर उसे दी थी।

सरकारी कर्मचारी को पीटने वाले 2 हमलावर धराए, मदरसे का सर्वे करने पर मुस्लिम भीड़ ने की थी मारपीट: प्रिंसिपल के साथ हुई थी लूटपाट भी

गुजरात के अहमदाबाद में मदरसे का सर्वे करने गए एक सरकारी कर्मचारी की पिटाई की गई है। पीड़ित कर्मी एक स्कूल का टीचर है। घटना के समय पीड़ित एक मदरसे का फोटो खींच रहा था। इसी दौरान मुस्लिमों की एक भीड़ वहाँ पहुँच गई और मारपीट शुरू कर दी। घटना शनिवार (18 मई, 2024) की है। पुलिस ने कुल 35 हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। अब तक 2 हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) के निर्देश पर गुजरात का शिक्षा विभाग पूरे प्रदेश में मदरसों का सर्वेक्षण करवा रहा है। इसी दौरान एक टीम अहमदाबाद के दरियापुर इलाके में गई थी। इस टीम का नेतृत्व सरकारी स्कूल के एक प्रिंसिपल संदीप पटेल कर रहे थे। प्रिंसिपल एक मदरसे के आगे पहुँचे जो उस समय बंद था। वो मदरसे के आगे खड़े हो कर फोटो खींचने के साथ अन्य कागजात बनाने लगे। इसी दौरान वहाँ 30-35 लोगों की भीड़ पहुँच गई। उन लोगों ने प्रिंसिपल से फोटो खींचने की वजह पूछी।

घटना सैयद सुल्तान मस्जिद के पास की है। संदीप पटेल ने भीड़ को पूरी वजह बताई और कहा कि वो ऐसा सरकारी आदेश पर कर रहे थे। हालाँकि इस सफाई का भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा। उन लोगों ने प्रिंसिपल की पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के दौरान संदीप के साथ लूटपाट भी की गई। जैसे-तैसे पीड़ित प्रिंसिपल भीड़ से चंगुल से छूट पाया। संदीप ने थाने में जा कर शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने भीड़ पर सरकारी काम में बाधा डालने और अपने साथ लूटपाट करने का आरोप लगाया।

संदीप पटेल ने अपनी शिकायत में आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी। अब तक 2 हमलावरों की गिरफ्तारी की सूचना है। घटनास्थल से फुटेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। केस दर्ज होने के बाद कई हमलावर फरार बताए जा रहे हैं जिनकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। बताते चलें कि गुजरात में चल रहे मदरसों के राज्यव्यापी सर्वे में वहाँ के बुनियादी ढाँचे, मैनेजमेंट और अग्नि सुरक्षा आदि के मापदंड जाँचे जा रहे हैं।

‘खिलाड़ियों की थोड़ी सी जिंदगी निजी भी रहने दो यार’: प्राइवेसी की चिंताओं के बीच प्रदर्शन पर भी पड़ता है फर्क, रोहित शर्मा का गुस्सा बिल्कुल सही

क्या खिलाड़ियों का निजी जीवन नहीं है? क्या वो प्रैक्टिस के दौरान किसी से चुपचाप बात भी नहीं कर सकते? क्या उनके जीवन के हर सेकंड को टीवी पर दिखाना जरूरी है? क्या खिलाड़ियों के पास निजी जीवन जैसा कुछ बचा है? ये सवाल अक्सर उठता रहा है, लेकिन अब इसलिए उठा है, क्योंकि भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े चेहरों में से एक रोहित शर्मा ने इसके खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने प्रसारण चैनल स्टार स्पोर्ट्स को सार्वजनिक तौर पर फटकार भी लगाई है।

स्टार स्पोर्ट्स के कैमरामैन और पूरी क्रू को अपने आसपास ही पाने वाले रोहित शर्मा के सब्र का बाँध आखिर टूट गया। उन्होंने स्टार स्पोर्ट्स को फटकार लगाते हुए खिलाड़ियों को बख्शने के लिए भी कहा है। रोहित शर्मा ने इस मामले को लेकर एक्स पर लंबा पोस्ट लिखा।

रोहित शर्मा ने लिखा, ‘क्रिकेटर्स की जिंदगी काफी दखलंदाजी वाली बन गई है। कैमरे हमारे हर कदम और बातचीत को रिकॉर्ड कर रहे हैं, जो हम अपने निजी तौर पर अपने दोस्तों, साथियों, ट्रेनिंग के दौरान और मैच वाले दिन करते हैं। स्टार स्पोर्ट्स ने रिकॉर्डिंग के लिए मना करने के बाद भी न सिर्फ वो किया, बल्कि उसे ऑन एयर भी कर दिया, जो गोपनीयता का उल्लंघन है। एक्सक्लूसिव कंटेंट पाने और सिर्फ व्यूज पाने अलावा इंगेजमेंट पर फोकस करना एक दिन फैन्स, क्रिकेटर्स और क्रिकेट के बीच विश्वास खो देगा।’

रोहित शर्मा ने उठाया बड़ा सवाल

रोहित शर्मा ने जो मुद्दा उठाया है, वो मुद्दा उनका अकेले का नहीं है। बहुत सारे खिलाड़ी इस बात से परेशान होते हैं, लेकिन बात सिर्फ खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। उनकी लाइफस्टाइल को बेचने का भी उन प्रसारकों के लिए जरूरी हो गया है, क्योंकि उसके ही कोई प्रोडक्ट बिकेगा और फिर उससे कमाई होगी। एक्सक्लूसिव फुटेज के प्रसारण के दौरान उनके पास पैसा देने वाले ब्रांड यानी स्पॉन्सर्ड भी होते हैं, ऐसे में वो भी उस महीन रेखा को भूल जाते हैं, जिसका ध्यान रखा जाना नितांत आवश्यक है।

दरअसल, भारत में क्रिकेटरों की जिंदगी से जुड़े हरेक पहलू को लोग जानना चाहते हैं। सोशल मीडिया के इस ‘रीलयुग’ में खिलाड़ियों का होना ही उसके व्यूज और उससे जुड़ी कमाई की गारंटी बन जाती है। फिर सैकड़ों-हजारों करोड़ रुपए देकर प्रसारण अधिकार हासिल करने वाली ब्रॉडकास्टिंग कंपनियों का भी क्या ही कसूर है? उन्हें भी प्रॉडक्ट बेचना है। उन्हें एयर टाइम भी बेचना है और उसके लिए भी एक भारी भरकम टीम काम पर लगी होती है। ऐसे में कुछ एक्सक्लूसिव ‘मसाला’ उनके लिए फायदे का सौदा हो जाता है।

कुछ दिन पहले ही रोहित शर्मा का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो स्टार स्पोर्ट्स के कैमरामैन को रिकॉर्डिंग से मना कर रहे थे। लेकिन कैमरामैन ने न सिर्फ उन पलों को रिकॉर्ड किया, बल्कि रोहित शर्मा के रोकने के बावजूद स्टार स्पोर्ट्स की प्रोग्रामिंग टीम ने उसे ऑन एयर भी कर दिया। दरअसल, यहाँ चैनल के लिए काम कर रहे प्रोग्रामरों पर भी दबाव होता है, ‘हिट’ कार्यक्रमों को देने का। ऐसे में कुछ ‘मसाला’ उन्हें वो भी करने की ताकत दे देता है, जैसा रोहित शर्मा के साथ हुआ। सोचिए, ये किस तरह के बाजारीकरण के दौर में हम आ गए हैं, जहाँ किसी खिलाड़ी की जिंदगी का हरेक सेकंड किसी चैनल के लिए बेचने का प्रोडक्ट हो सकता है।

वैसे, एक और वाकया कुछ दिन पहले रोहित शर्मा के साथ हुआ था, जब केकेआर की सोशल मीडिया टीम ने रोहित शर्मा और अभिषेक नायर के बीच की निजी बातचीत भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया था। उस वीडियो के सामने आने के बाद तमाम तरह की सुगबुगाहट शुरू हो गई। कुछ ही घंटों में वो वीडियो डिलीट कर दिया गया, लेकिन उस वीडियो का जो असर होना था, वो हो गया। ऐसे में रोहित शर्मा जो सवाल उठा रहे हैं, वो बिल्कुल वाजिब है।

रोहित शर्मा का गुस्सा भी वाजिद लगता है। लेकिन रोहित शर्मा ही नहीं, बल्कि हमें भी ये सोचने की जरूरत है कि स्टार स्पोर्ट्स की आखिर ऐसी क्या मजबूरी थी कि उसने रोहित शर्मा के मना करने के बावजूद उनका फुटेज जारी करने का जोखिम उठाया। वैसे, इसका सीधा जवाब बाजार से जुड़ेगा, जिसके लगभग हम सभी गुलाम बन चुके हैं, हम मानें या न मानें।

आज के युग में जहाँ विराट कोहली अपनी शादी की फुटेज बाहर न जाए, इसके लिए इटली में जाकर शादी करते हैं। महेंद्र सिंह धोनी चोरी-चुपके शादी करते हैं। ये खिलाड़ी बाहर तो कूल दिखते हैं, लेकिन जब बात निजी जिंदगी की आती है, तो ये भी बाजार के दबाव में आ जाते हैं, या फिर बाजार से फायदा उठाने की कोशिश करने लगते हैं। विराट कोहली ने अपनी बच्ची का चेहरा टीवी स्क्रीन पर न दिखे, इसके लिए काफी मशक्कत की थी। फिल्मी सितारों की शादियों के एलबम बिकने तक की खबरें आती रही हैं। ऐसे में जब हम सभी बाजार से जुड़ चुके हैं, तो बाजार के खिलाड़ियों चाहे वो क्रिकेटर हों या ब्रॉडकास्टिंग कंपनी स्टार स्पोर्ट्स, सभी को निजी जीवन को पहचानने और उसे स्पेस देने की जरूरत है, क्योंकि हमने इसी बाजार के दबाव और फोटो के चक्कर में प्रिंसेज डायना जैसे हादसे भी देखे हैं, तो कैमरों के दबाव में आकर खिलाड़ियों का बर्बाद होना भी देखा है। ऐसे में ‘कुछ तो निजी रहने दो न यार…।’