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चेहरे पर अंदरुनी चोटें, ठीक से चल भी नहीं सकती… स्वाति मालीवाल से कब-किसने-कैसे की मारपीट: अब तक क्या-क्या हुआ, सब कुछ एक साथ

स्वाति मालीवाल के साथ हुई बदसलूकी मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब दिल्ली पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। इस बीच सूत्रों के हवाले से मीडिया में दी गई जानकारी में कहा जा रहा है कि राज्यसभा सांसद के चेहरे पर सूजन मिली है। बाकी की डिटेल मेडिकल रिपोर्ट मिलने के बाद आएगी। अब पुलिस विभव कुमार को ढूँढने के लिए अपनी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने इस मामले में 10 टीमों को लगाया हुआ है।

बता दें कि स्वाति मालीवाल के साथ उस दिन क्या हुआ इसके सबूत जुटाने के लिए पुलिस मुख्यमंत्री आवास के फुटेज मँगाने वाली है, लेकिन मीडिया में इस केस में पहले दिन से क्या-क्या जानकारी आई है इसके बारे में सिलसिलेवार ढंग से जान लेते हैं।

  • 13 मई 2024 को सुबह 9:10 मिनट पर स्वाति मालीवाल सीएम केजरीवाल के आवास पहुँचीं। मीडिया में कहा गया कि चूँकि केजरीवाल सरकार ने उनसे इस्तीफा माँगा था इसलिए वो वहाँ बात करने गई थीं।
  • इसी दिन 13 मई को करीबन 24 मिनट बाद 9:34 पर स्वाति मालीवाल के नाम से पीसीआर को कॉल गई। उन्होंने बताया कि उनसे साथ सीएम आवास में हिंसा हुई है।
  • 13 मई 2024 को ही स्वाति मालीवाल सिविल लाइंस थाने पहुँची लेकिन एक कॉल आने के बाद बिन शिकायत किए वापस लौट आईं।
  • 13 मई 2024 की शाम तक ये खबर मीडिया में आ गई कि सीएम के आवास पर किसी राज्यसभा सांसद के साथ बदसलूकी हुई है।
  • 14 मई को साफ हो गया है कि वो सांसद स्वाति मालीवाल हैं।
  • शुरू में सोशल मीडिया पर AAP समर्थकों ने फैलाने की कोशिश की कि ये सारी बातें झूठ हैं।

14 मई को ही बात संभालने के लिए आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली।

  • प्रेस कॉन्फ्रेंस में भरोसा दिया गया कि पार्टी स्वाति मालीवाल के साथ है।
  • 14 मई को स्वाति के पूर्व पति की वीडियो सामने आई। इस वीडियो में उन्होंने मालीवाल की जान को खतरा बताया और पूरा हमला एक साजिश कहा।
  • 15 मई 2024 को बीजेपी दिल्ली ने सीएम हाउस के बाहर प्रोटस्ट किया। एक्शन की माँग हुई।
  • 16 मई 2024 को एक्शन तो दूर मुख्यमंत्री केजरीवाल अपने पीए विभव कुमार को लेकर लखनऊ पहुँच गए।
  • 16 मई शाम में तस्वीर सामने आई कि इतना सब होने के बावजूद अरविंद केजरीवाल पीए के साथ घूम रहे हैं। पूरी AAP पार्टी की मंशा और सोच पर सवाल उठे।
  • 16 मई 2024 रात में पता चला कि स्वाति मालीवाल ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दे दी है। पुलिस ने चार घंटे उनकी बात सुनने के बाद इस मामले में एफआईआर दर्ज की।

रात 11 बजे के करीब पुलिस स्वाति मालीवाल को लेकर एम्स पहुँची। उनका मेडिकल चेक अप हुआ।

  • 16-17 मई की रात करीब 3 बजे स्वाति वापस घर आईं और अंदर घुसते समय जो उनकी वीडियो दिखी उसमें उनके पैर लड़खड़ाते देखे गए।
  • 17 मई 2024 को मीडिया में पुलिस सूत्रों के हवाले से कई बातें सामने आईं। एफआईआर को लेकर कहा गया कि स्वाति मालीवाल ने बताया है कि उनके संवेदनशील अंगों पर विभव ने वार किया।
  • पुलिस की करीबन 10 टीमों को इस मामले की हकीकत जानने में लगाया गया।
  • 17 मई 2024 की दोपहर स्वाति मालीवाल अपना बयान दर्ज कराने कोर्ट में पहुँची।

सपा-कॉन्ग्रेस सत्ता में आई तो राम मंदिर पर चला देंगे बुलडोजर, रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अगर सपा-कॉन्ग्रेस सत्ता में आ गई तो वह रामलला को फिर से टेंट में भेज देंगे। उन्होंने कहा कि यह लोग राम मंदिर पर बुलडोजर चला देंगे। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि सपा कॉन्ग्रेस तुष्टिकरण के पीछे घुटने टेक चुके हैं।

पीएम मोदी ने यह बातें उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक चुनावी रैली में कही। यहाँ वह बाराबंकी से भाजपा की प्रत्याशी राजरानी रावत और मोहनलालगंज से प्रत्याशी कौशल किशोर के लिए समर्थन जुटाने पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने सपा-कॉन्ग्रेस गठबंधन को लेकर लोगों को चेताया।

पीएम मोदी ने कहा, “सपा और कॉन्ग्रेस किसी हद तक जा सकते हैं, इनका ट्रैक रिकॉर्ड ही ऐसा है। इनके लिए देश कुछ नहीं है, इन लोगों के लिए इनका परिवार और पॉवर, यही उनका खेल है। सपा-कॉन्ग्रेस वाले सरकार में आए तो रामलला को फिर से टेंट में भेजेंगे और राम मंदिर पर बुलडोजर चलवा देंगे।”

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा कि सपा-कॉन्ग्रेस को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सीखना चाहिए कि बुलडोजर कहाँ चलाना होता है और कहाँ नहीं चलाना होता। पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि वह सपा-कॉन्ग्रेस गठबंधन को वोट देकर वोट बर्बाद ना करने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा, “पहले रामलला को इन लोगों ने टेंट में पहुँचाया, उसके बाद मंदिर की जगह और कुछ बनाने की बात की। इसके बाद जब मंदिर बन गया तो उसकी प्राण प्रतिष्ठा में नहीं गए। इन्हें राम से कितनी घृणा है।” पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय पलटने की तैयारी कर रही है।

पीएम मोदी ने यहाँ धर्म के आधार पर आरक्षण के मुद्दे को भी उठाया। पीएम मोदी ने कहा,” यूपी में इन लोगों ने धर्म के आधार पर आरक्षण देने की कोशिश की। कर्नाटक में यह कर भी दिया। कर्नाटक को इन लोगों ने अपनी प्रयोगशाला बना रखा है।” पीएम मोदी का भाषण आप यहाँ सुन सकते हैं।

बाराबंकी में पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस के सम्पत्ति के दोबारा बंटवारे के वादे को लेकर भी प्रश्न खड़े किए। पीएम मोदी ने कहा कि लोगों से सम्पत्ति लेकर जो लोग वोट जिहाद करते हैं उनको सम्पत्ति दी जाएगी। पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस-सपा को दलित विरोधी बताया।

पटना के स्कूल में भीड़ ने लगाई आग, गटर में मिला था 4 साल के बच्चे का शव: स्कूल जाने के बाद से था लापता, CCTV फुटेज से भी छेड़छाड़ का दावा

बिहार की राजधानी पटना के एक स्कूल में एक 4 वर्षीय छात्र का शव मिला। यह शव स्कूल के सीवर वाले कमरे से मिला। बच्चा 16 मई, 2024 को स्कूल गया था लेकिन जब देर शाम तक घर नहीं लौटा तो उसकी तलाश चालू की गई। शव मिलने पर भीड़ आक्रोशित हो गई और स्कूल में तोड़फोड़ के साथ आगजनी की।

जानकारी के अनुसार, पटना के टिनी टॉट एकेडमी नाम के एक स्कूल में 4 वर्षीय आयुष कुमार पढ़ता था। वह इसी स्कूल परिसर में ट्यूशन भी पढ़ता था। बताया गया कि आयुष गुरुवार (16 मई, 2024) को सुबह साढ़े छः बजे स्कूल पहुँचा था। वह छुट्टी के बाद भी वापस घर नहीं पहुँचा।

इसके बाद उसके परिजनों ने उसकी तलाश चालू की। परिजनों ने जब इस विषय में स्कूल के प्रधानाध्यापक से बात की तो उन्होंने दावा किया कि बच्चा स्कूल पहुँचा ही नहीं था। परिजनों ने इस मामले में जब बच्चे को स्कूल ले जाने वाले वैन ड्राइवर से बात की तो उसने स्पष्ट किया कि बच्चा स्कूल पहुँचा था।

इसके बाद परिजनों ने स्कूल के सभी CCTV कैमरे की जाँच की। कैमरे में बच्चा 11:49 बजे तक दिखा। परिजनों ने आरोप लगाया कि इसके बाद बच्चा स्कूल में नहीं दिखा और कैमरे से भी छेड़छाड़ की गई। कैमरे ने 10 मिनट की फुटेज गायब बताई गई। परिजनों ने जब बच्चे की तलाश की तो वह सीवर वाले कमरे में सुबह 3 बजे मिला।

स्कूल में छात्र का शव मिलने के बाद भीड़ बेकाबू हो गई और उसने स्कूल में आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने स्कूल में तोड़फोड़ की और प्रधानाध्यापक के चेम्बर को भी आग के हवाले कर दिया। मौके पर पुलिस और प्रशासन भी पहुँचा। बच्चे को शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पूरे मामले में प्रधानाध्यापक का असहयोग लोगों को गुस्सा कर गया।

इस मामले में पटना के एसपी चन्द्र प्रकाश दुबे ने बताया, “बच्चे की छुट्टी के 2 घंटे के बाद परिवार को बताया गया। इस बात की जाँच की जाएगी कि बच्चे के साथ क्या किया गया। हमें इस विषय में रात में जानकरी हुई है। हमारी टीम ने यहाँ से सबूत इकट्ठा किए हैं। CCTV की जाँच में पाया गया कि बच्चा एक तरफ जाता है लेकिन लौटता नहीं है। बच्चे का शव जहाँ छुपाया गया था, वहाँ से उसे निकाल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले में FIR दर्ज कर ली गई है।”

पुलिस ने कहा है कि वह इसे हत्या का मामला मान कर जाँच कर रही है। उन्होंने कहा कि शव को छुपाना आपराधिक मंशा को दर्शाता है। पुलिस ने कहा है कि कुछ लोगों को इस मामले में हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है।

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‘हम अछूत हैं इसलिए…’: स्विट्जरलैंड से आया एक दलित, 91 दिन राहुल गाँधी के साथ रहा, फिर समझ आया कॉन्ग्रेस को किसी के जीने-मरने से फर्क नहीं पड़ता

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी की न्याय यात्रा में सामान्य लोगों के साथ कैसा व्यवहार हो रहा था इसकी जानकारी हाल में यात्रा में शामिल नितिन परमार नाम के दलित व्यक्ति ने दी। उन्होंने ऑर्गनाइजर को दिए इंटरव्यू में बताया कि वो कॉन्ग्रेस की न्याय यात्रा में शामिल होने स्विटजरलैंड से आए थे लेकिन 91 दिन यात्रा में साथ रहने के बाद उन्हें समझ आया कि कॉन्ग्रेस को किसी के जीने-मरने से कोई फर्क नहीं पड़ता।

उन्होंने बताया कि इस यात्रा में सामान्य लोगों के साथ भेदभाव होता था। कॉन्ग्रेस नेता से लेकर कार्यकर्ता तक सब तैश में रहते थे। वीआईपी लोगों के लिए फाइव स्टार जैसा प्रबंध होता है। वहीं यात्रा में शामिल हो रहे सामान्य लोगों को पता भी नहीं होता वो कहाँ रहेंगे क्या खाएँगे।

नितिन ने अपना एक अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब यात्रा पंजाब पहुँची तो वहाँ मंच पर उन लड़कियों और महिलाओं को डांस करने के लिए बुलाया गया जिन्होंने सेलिब्रिटियों की तरह कपड़े पहने हुए थे। नितिन के अनुसार, उन्हें इस दौरान वहाँ एंट्री तक नहीं मिली थ इसलिए वो ये नहीं कह सकते कि डांस के समय राहुल गाँधी थे या नहीं।

नितिन अपना दुख साझा करते हुए कहते हैं, “हम अछूत हैं, झोपड़ी से आते हैं, इसलिए हमें उन्होंने सिर्फ भीड़ की तरह इस्तेमाल किया। वो हमें निर्देश देते थे- साथ में आओ, रैली में शामिल हो और रैली के बाद वो ऐसा करते थे जैसे हम लोग कौन हैं, कहाँ से आ गए हैं… हमें इन सबकी आदत है।” नितिन परमार ने कहा कि जनता की भावनाओं का ऐसा दुरुपयोग ब्रिटिश काल में होता होगा जहाँ जनता को भीड़ बनाकर इस्तेमाल किया जाता था और भीड़ के बाद उन्हें तितर-बितर कर दिया जाता था।

बता दें कि राहुल गाँधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा 23 अगस्त 2022 को शुरू हुई थी, जो 12 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेशों से होते हुए गुजरी। इसी यात्रा के लिए नितिन परमार स्विट्जरलैंड से अपना बिजनेस और काम छोड़कर आए, लेकिन यहाँ उनके साथ जो हुआ उसने उनकी उम्मीदों को तार-तार कर दिया। परमार बताते हैं कि शुरू में वह यूट्यूबरों की बातें सुन प्रभावित हुए। ध्रुव राठी समेत अन्य यूट्यूबर कहते थे कि कॉन्ग्रेस मोदी शासन के तहत लड़खड़ा जाएगा। ऐसे में वो राहुल गाँधी की ओर आकर्षित हो गए। न्याय यात्रा हुई तो उम्मीदें बढ़ गईं और इसीलिए वह भारत आ गए। लेकिन यहाँ आने के बाद वह ब्यूरोक्टे्स के चक्कर में पँस गए। तेलंगाना और कर्नाटक में कॉर्डिनेटर्स ने उन्हें यात्रा में शामिल होने पर साफ साफ कुछ नहीं बताया। बाद में उन्हें महाराष्ट्र में जाकर इस यात्रा में प्रवेश मिला।

नितिन परमार के अनुसार, यात्रा में शामिल होने के बाद उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। न रहने की व्यवस्था पता चल रही थी न खाने-पीने की। भाषायी अंतर की वजह से कोई उनसे पूछ भी नहीं था। इसके अलावा वॉशरूम की स्थिति भी खराब थी। परमार के अनुसार इस 91 दिन की यात्रा में उनके 2 लाख से ज्यादा रुपए खर्च हुए लेकिन उन्हें इसका गम नहीं है। उनके लिए असली मुद्दा सम्मान का था जो उन्हें इस यात्रा में नहीं हुआ।

उन्होंने यह भी शिकायत की कि राहुल गाँधी कभी आम जनता से नहीं मिलने आते थे। जब उन्होंने खुद मिलने की इच्छा जताई तो उनसे पैसे माँगे गए। हर राज्य में ये दर अलग अलग थी। कहीं 20 हजार रुपए माँगे जा रहे थे, कहीं 10 हजार और कहीं तो 35 हजार रुपए भी। यात्रा के दौरान कैंप में दो खेमे थे। वीआईपी के लिए स्टैंडर्ड व्यवस्था थी, वहीं आमजन को पकाने के लिए भी घटिया तेल दिया जाता था। परमार ने यहाँ तक बताया कि राजस्थान के दौसान गाँव में तो वो एक बार बेहोश तक हो गए थे, उन्हें अस्पताल में भर्ती भी किया गया, मगर जब वो वापस कैंप पहुँचे तो किसी ने उनके स्वास्थ्य के बारे में भी नहीं पूछा।

मौलवी अबु बक्र के 2 और साथी गिरफ्तार, एक के पास नेपाल की भी नागरिकता: पाकिस्तानी नंबर का भी इस्तेमाल, टारगेट थे नुपूर शर्मा-राजा सिंह जैसे हिंदुवादी नेता

हिंदू नेताओं की हत्या की साजिश रचने के मामले में गुजरात के सूरत से पकड़े गए मौलवी सोहेल अबू बक्र तिमोल से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। उसके दो साथी पकड़े गए हैं। इनमें से एक शहनाज है उसके पास भारत और नेपाल, दोनों की नागरिकता थी। उसके पास 17 मोबाइल नम्बर, 42 ईमेल आईडी थीं। उसके पास पाकिस्तानी नम्बर भी था।

सूरत के पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने इस मामले की जाँच को लेकर बताया, “हमने मई के पहले सप्ताह में मौलवी सोहेल को पकड़ा था। इस मामले में जब जाँच हुई तो देश के अलग-अलग राज्यों में चलने वाला इनका मॉड्यूल सामने आया। सोहेल के पास से दो वोटर आईडी मिली हैं,दोनों के EPIC नम्बर भी अलग हैं, इसके पास से जन्म प्रमाण पत्र भी दो अलग-अलग जगह के मिले। एक जन्म प्रमाण पत्र सूरत का और एक महाराष्ट्र के नवापुरा का मिला है।”

उन्होंने आगे इस पूछताछ से हासिल हुई जानकारी को लेकर बताया, “इस पूरी जाँच में शहनाज नाम का एक व्यक्ति मुजफ्फरपुर से पकड़ा गया है, वह नेपाल के नम्बर का इस्तेमाल करता था। उसने एक नम्बर के आधार पर 17 वर्चुअल नम्बर बना रखे थे, वह इन नम्बरों का उपयोग करके लोगों को धमकाता था। इसके पास 42 ईमेल आईडी भी थीं, इसके जरिए वह गैंग चलाता था। उसके पास नेपाल और भारत, दोनों देशों की नागरिकता थी।”

इस मामले में पता चला है कि शहनाज नेपाल में भी रहता था। शहनाज का कहीं कहीं नाम मोहम्मद अली भी बताया गया है। पुलिस कमिश्नर गहलोत ने बताया है कि इस मामले में रजा नाम का एक युवक भी पकड़ा गया है। वह महाराष्ट्र के नांदेड का रहने वाला है। उसने पकड़े जाने से पहले ही अपना मोबाइल तोड़ दिया था, हम उसके मोबाइल से फॉरेंसिक लैब के पास भेजा गया है और उससे डाटा रिकवर करने का प्रयास हो रहा है।

उन्होंने बताया है कि यह व्यक्ति पाकिस्तानी नम्बर उपयोग करता था, यह उसे इसके पाक्सितानी हैंडलर डागर ने मुहैया करवाया था। उन्होंने बताया कि रजा कई पाकिस्तानियों का अनुसरण करता था जो कि भारत के खिलाफ जहर उगलते हैं। इन दोनों ने नुपुर शर्मा, बजरंग दल के कार्यकर्ता सुरेश राजपूत, ब्लॉगर शबनम शेख और शिव सेना नेता अमित अरोड़ा को धमकियाँ दी थीं।

गौरतलब है कि गुजरात पुलिस ने शनिवार (4 मई 2024) को सूरत से एक मौलवी को गिरफ्तार किया था। मौलवी का नाम सोहेल अबू बक्र तिमोल बताया गया था। इस 27 वर्षीय मौलवी पर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा, हैदराबाद के गोशमहल से भाजपा विधायक टी राजा सिंह, सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक सुरेश चव्हाणके और सोशल मीडिया पर सक्रिय हिंदू नेता उपदेश राणा की हत्या की साजिश रचने का आरोप है। पुलिस ने इससे पूछताछ करने के बाद यह सारी जानकारी निकाली है।

सोहेल के बारे में बताया गया था कि महाराष्ट्र के नंदुरबार का रहने वाला है। फिलहाल वह सूरत के एक मदरसे में हाफिज है और करजा-अम्बोली गाँव में मुस्लिम छात्रों को ट्यूशन के माध्यम से मज़हबी तालीम देता था। इन सभी के अलावा अबू बक्र सूरत के डायमंड नगर की एक धागा फैक्ट्री में मैनेजर के तौर पर भी ड्यूटी करता था। पुलिस ने मौलवी की जाँच की तो पाया कि वह पिछले डेढ़ साल से पाकिस्तान और नेपाल के हैंडलरों के सम्पर्क में था।

विभव कुमार की तलाश में जुटी दिल्ली पुलिस, स्वाति मालीवाल बोलीं- मैं कहती रही छोड़ दो, लेकिन वह मारता और गाली देता रहा: देर रात महिला MP का मेडिकल

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पर्सनल सेक्रेट्री के खिलाफ स्वाति मालीवाल ने प्राथमिकी दर्ज करवा दी है। उन्होंने घटना के 81 घंटे बाद 2.5 पेज की शिकायत पुलिस को दी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि विभव ने उनके चेहरे, पेट और छाती पर 5-6 बार मारा।

मालीवाल ने अपनी शिकायत में बताया, “मैं सीएम आवास के ड्रॉइंग रूम तक गई और वहाँ इंतजार कर रही थी, तभी उनका पर्सनल स्टाफ आया और गालियाँ देने लगा। बिना किसी उकसावे के थप्पड़ मारा। मैंने शोर मचाया और कहा कि मुझे छोड़ दो,जाने दो। लेकिन वह मारता रहा।”

स्वाति मालीवाल के अनुसार पर्सनल स्टाफ उन्हें गालियाँ देता रहा, धमकियाँ देता रहा और ‘देख लेंगे, निपटा देंगे’ जैसे शब्द भी कहे। इसके बाद उसने पहले चेहरे पर मारा, फिर पेट पर मारा। मालीवाल के मुताबिक इसी के बाद वो भाग कर बाहर आईं और पुलिस को फोन किया।

उनकी इस शिकायत के बाद स्पेशल सेल की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था सहित कई मसलों पर स्वाति मालीवाल से बात की। स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाहा खुद मालीवाल के घर उनके बयान दर्ज करने के लिए पहुँचे। पुलिस करीब 4 घंटे उनके आवास पर रही।

सारी बात सुनने समझने के बाद पुलिस ने स्वाति मालीवाल के बयान के आधार पर विभव कुमार के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 506स 509, 323 और अन्य धाराओं के तहत एफआईआर की, फिर उन्हें मेडिकल के लिए एम्स लेकर आया गया। वहाँ उनका चेक अप हुआ। रात में 3 बजे जब वो घर लौटीं तो एक वीडियो सामने आई इसमें वह अपने घर में लड़खड़ाते हुए घुसती दिखीं।

FIR रजिस्टर करने के बाद नॉर्थ डिस्ट्रिक की पुलिस टीम और क्राइम ब्रांच की पूरी 10 टीमें पूरे केस की जाँच में जुटी हुई है। इस क्रम में एक टीम विभव से पूछताछ के लिए उनके घर पहुँची। हालाँकि वह वहाँ नहीं मिले। उन्हें 16 मई को केजरीवाल के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पर देखा गया था। वहीं राष्ट्रीय महिला महिला आयोग ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए विभव कुमार से आज सुबह 11 बजे पेश होने को कहा है।

स्वाति मालीवाल ने पुलिस अपनी शिकायत देने के बाद एक्स पर भी पोस्ट लिखा। उन्होंने कहा, “मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था। मेरे साथ हुई घटना पर मैंने पुलिस को अपना स्टेटमेंट दिया है। मुझे आशा है कि उचित कार्रवाई होगी। पिछले दिन मेरे लिए बहुत कठिन रहे हैं। जिन लोगों ने प्रार्थना की उनका धन्यवाद करती हूँ। जिन लोगों ने चरित्र हनन करने की कोशिश की, ये बोला कि दूसरी पार्टी के इशारे पर कर रही है, भगवान उन्हें भी खुश रखे। देश में अहम चुनाव चल रहा है, स्वाति मालीवाल ज़रूरी नहीं है, देश के मुद्दे ज़रूरी हैं। BJP वालों से ख़ास गुज़ारिश है इस घटना पे राजनीति न करें।”

बता दें कि स्वाति मालीवाल के साथ 13 मई को यह घटना घटी थी। उस दिन दो कॉल पुलिस के पास उनके नाम से आई थी जिसमें उन्होंने मारपीट की जानकारी दी थी। इसके बाद वो थाने भी गईं लेकिन बिन शिकायत दिए लौट आईं और फिर मीडिया में कुछ नहीं कहा। उनकी चुप्पी से तमाम सवाल उठ रहे थे। हालाँकि अब उन्होंने जब अपनी शिकायत पुलिस को दे दी है तो पुलिस ने विभव के खिलाफ केज को दर्ज कर लिया है। वहीं दूसरी ओर स्वाति मालीवाल के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

CAA के तहत मिलने लगी नागरिकता तो नाराज हुई कॉन्ग्रेस की सहयोगी IUML, जाएगी सुप्रीम कोर्ट: ‘नई जिंदगी’ देने पर पाकिस्तानी हिंदुओं ने PM मोदी का जताया आभार

जिस कानून के तहत भारतीय नागरिकता मिलने पर पाकिस्तानी हिन्दुओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नई जिन्दगी देने के लिए आभार जताया है, वह कॉन्ग्रेस की सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को रास नहीं आ रहा। CAA के तहत नागरिकता देने को मुस्लिम लीग ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताया है और सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही है। CAA पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित किए गए हिन्दुओं को नागरिकता देने का प्रावधान करता है। मुस्लिम लीग शुरू से ही इसके विरोध करती आई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुस्लिम लीग ने दिल्ली के कुछ वरिष्ठ वकीलों के साथ इस मुद्दे को लेकर बातचीत चालू कर दी है। मुस्लिम लीग इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की याचिका लगाएगी। मुस्लिम लीग के अनुसार, पाकिस्तान से आए प्रताड़ित हिन्दुओं को नागरिकता देना वोटरों को लुभाना है।

इस मामले में मुस्लिम लीग के राष्ट्रीय महासचिव पी के कुंहलीकुट्टी ने कहा, “केंद्र सरकार ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि इस कानून को तुरंत ही प्रभाव में नहीं लाया जाएगा। उन्होंने कोर्ट को गुमराह करके नागरिकता दी है। यह वोटरों को लुभाने के लिए किया गया है।”

मुस्लिम लीग के केरल के महासचिव PMA सलाम ने बताया, “हमने CAA के खिलाफ अपनी लड़ाई को आगे ले जाने के लिए वकीलों से बातचीत चालू की है। पार्टी इस मामले में चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट, दोनों के पास जाएगी।”

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने बुधवार (15 मई, 2024) को 300 से अधिक लोगों को नागरिकता दी है। इनमें से 14 लोगों को गृह मंत्रालय बुलाकर उनके नागरिकता प्रमाण पत्र दिए गए। इनमें से अधिकांश हिन्दू हैं, जो कि पाकिस्तान में प्रताड़ना से भाग कर भारत आए थे। CAA कानून के तहत यह 2014 से पहले आए थे, इसलिए इन्हें नागरिकता दे दी गई।

नागरिकता पाने वाले हिन्दुओं ने बताया कि पाकिस्तान में उन्हें लगातार यातनापूर्ण और दोयम दर्जे का जीवन जीना पड़ता था। एक महिला ने बताया, “वहाँ हमें बहुत मुश्किलें झेलनी पड़ती हैं। लड़कियाँ पढ़ नहीं सकतीं और घरों से बाहर निकलना मुश्किल होता है। मुस्लिम हिंदू लड़कियों को किडनैप कर लेते हैं और उन्हें जबरन इस्लाम कबूल करवाया जाता है।”

इन नागिरकता पाए लोगों के विरुद्ध अब मुस्लिम लीग कोर्ट का रास्ता अपनाएगी। मुस्लिम लीग इससे पहले मार्च 2024 में CAA लागू किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची थी। सुप्रीम कोर्ट में मुस्लिम लीग ने इस कानून को लागू किए जाने पर रोक लगाने की माँग की थी। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस कानून पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

गौरतलब है कि भारत सरकार ने सोमवार (11 मार्च, 2024) को CAA (नागरिकता संशोधन कानून) को देश भर में लागू करते हुए इसके नियमों की अधिसूचना जारी कर दी थी। इस कानून के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित हुए अल्पसंख्यकों (हिन्दू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध एवं पारसी) को भारत की स्थायी नागरिकता मिलेगी, जो 31 दिसंबर, 2014 तक विस्थापित होकर भारत आ गए थे।

CAA का विरोध करने वाली मुस्लिम लीग का कनेक्शन भारत का विभाजन करवाने वाले मोहम्मद अली जिन्ना से है। केरल और तमिलनाडु की राजनीति में IUML की मजबूत पकड़ है। इसे केरल में राज्यस्तरीय पार्टी का भी दर्जा प्राप्त है। केरल में वह कॉन्ग्रेस की सहयोगी पार्टी भी है। केरल में केरल विधानसभा में IUML के 15 विधायक और 4 लोकसभा सांसद हैं।

स्वाति मालीवाल ने दर्ज कराई FIR: मुख्यमंत्री आवास में अरविंद केजरीवाल के सामने ही उनके PA बिभव कुमार ने मुँह, पेट और छाती पर मारा

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने बीते दिनों मुख्यमंत्री आवास में अपने साथ हुई बदसलूकी और कथित मारपीट के मामले में आखिरकार लिखित शिकायत दे दी है। गुरुवार (16 मई 2024) को दिल्ली पुलिस की एक टीम स्वाति मालीवाल के आवास पहुँची थी और करीब चार घंटे वहीं रही। इस दौरान दो सदस्यीय टीम ने मध्य दिल्ली स्थित उनके आवास पर उनका बयान दर्ज किया। इस बीच, पता चल रहा है कि अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में उनके पीए बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल की जमकर पिटाई की। न सिर्फ थप्पड़ मारे, बल्कि छाती, पेट में भी मारा।

केजरीवाल की मौजूदगी में बिभव ने स्वाति को पीटा

टाइम्स नॉउ की रिपोर्ट के मुताबिक, बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को 5-6 थप्पड़ मारे। बिभव कुमार ने अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में स्वाति मालीवाल की पिटाई की। बिभव ने स्वाति की छाती, पेट और शरीर के निचले हिस्सों पर भी चोट पहुँचाया। इस रिपोर्ट के मुताबिक, अरविंद केजरीवाल उस समय अपने घर में ही मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में बिभव कुमार ने स्वाति मालीवाल को पीटा। इस मामले में स्वाति मालीवाल के बयान के आधार पर दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक अधिकारी ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मालीवाल ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर हुई घटना के बारे में पुलिस को बताया। पुलिस टीम अपर पुलिस आयुक्त पी.एस. कुशवाहा के नेतृत्व में दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट पर राज्यसभा सदस्य के आवास पर गई थी। उनके साथ महिला पुलिस अधिकारी भी थीं। यह टीम करीब चार घंटे से अधिक समय तक उनके घर पर मौजूद रही।

स्वाति मालीवाल ने इस मामले पर ट्वीट भी किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मेरे साथ जो हुआ वो बहुत बुरा था। मेरे साथ हुई घटना पर मैंने पुलिस को अपना स्टेटमेंट दिया है। मुझे आशा है कि उचित कार्रवाई होगी। पिछले दिन मेरे लिए बहुत कठिन रहे हैं। जिन लोगों ने प्रार्थना की उनका धन्यवाद करती हूँ। जिन लोगों ने कैरेक्टर असासिनेशन करने की कोशिश की, ये बोला की दूसरी पार्टी के इशारे पर कर रही है, भगवान उन्हें भी खुश रखे। देश में अहम चुनाव चल रहा है, स्वाति मालीवाल ज़रूरी नहीं है, देश के मुद्दे ज़रूरी हैं। बीजेपी वालों से ख़ास गुज़ारिश है इस घटना पे राजनीति न करें।”

दिल्ली बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष ऋचा पांडे मिश्रा ने कहा, “मैं स्वाति मालीवाल को धन्यवाद देती हूँ कि उन्होंने शिकायत दर्ज की और अपनी चुप्पी तोड़ी। जिस तरह के सदमे से वह गुजर रही होंगी, उसे देखते हुए उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी होगी…मेरी टीम और मैं उनसे मिलने और उनका समर्थन करने आए था। हम राजनीति से ऊपर उठ कर ये सब देख रहे हैं। हम जानते हैं कि वह हमारी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रही हैं और एक अलग विचारधारा से जुड़ी हैं, लेकिन यहाँ यह महिलाओं की समानता के बारे में था। मैं चाहती हूँ कि अरविंद केजरीवाल की जमानत रद्द की जाए और आरोपी विभव कुमार को जेल भेजा जाए…”

बता दें कि स्वाति मालीवाल ने सोमवार (13 मई 2024) को सीएम आवास में अपने साथ दुर्व्यवहार और कथित मारपीट होने का आरोप लगाया था। इस मामले में उन्होंने पहले सीएम हाउस से ही पुलिस को फोन लगाया था, फिर इसके बाद वे सिविल लाइन्स थाने पहुँच गई थीं। उनका आरोप था कि केजरीवाल के निजी स्टाफ के एक सदस्य बिभव कुमार ने उनके साथ बदसलूकी की है। हालाँकि उस वक्त वे पुलिस को लिखित शिकायत दिए बिना ही लौट आई थीं। हालाँकि अब दिल्ली पुलिस स्वाति मालीवाल के घर पहुँची थी। इस मामले स्वाति मालीवाल ने पुलिस को दी गई स्टेटमेंट का जिक्र करते हुए कार्रवाई की उम्मीद जताई है। इस दौरान स्वाति ने देश में चल रहे लोकसभा चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि स्वाति मालीवाल जरूरी नहीं है बल्कि देश में मुद्दे जरूरी हैं।

‘भ्रष्टाचारियों से जब्त जमीनों को नीलाम करके गरीबों को लौटा रहे हैं’: PM मोदी बोले- ‘कॉन्ग्रेस के लिए लोकतंत्र का मतलब उनकी सत्ता है’

लोकसभा चुनाव 2024 के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आजतक से खास बातचीत की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस इंटरव्यू में देश की अर्थव्यवस्था से लेकर महिलाओं की स्थिति, वैश्विक व्यवस्था से लेकर तमाम अहम मुद्दों पर बातचीत की। पीएम मोदी ने ईडी की कार्रवाई पर भी अपनी बात रखी, साथ ही बताया कि हम तीसरी सरकार के अगले 100 दिनों के एजेंडे पर नहीं, बल्कि सवा सौ दिनों के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने यूक्रेन से लेकर गाजा, ईरान से लेकर रूस तक की बात की।

काली कमाई गरीबों को लौटाने पर बोले पीएम मोदी

इस इंटरव्यू के दौरान पूछा गया कि ईडी द्वारा जब्त पैसों को आपने जनता के बीच पहुँचाने के लिए कहा था, ये कैसे संभव हो पाएगा। इस पर जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आपने बहुत मार्मिक चीज पूछी है। मैं मानता हूँ कि दो प्रकार के भ्रष्टाचार हैं। एक जो बड़े बड़े कारोबार में करते हैं, जिनमें लेने वाला भी कुछ बताता नहीं, देने वाला भी नहीं बताता, ये मुसीबत है। मगर, ज्यादातर निर्दोष लोग हैं। जैसे बंगाल में, शिक्षकों की भर्ती में पैसे गए। तो पता है भाई कि इस आदमी को नौकरी मिली, उसके पास सर्टिफिकेट वगैरह कुछ नहीं हैं, और उस बेचारे ने यहां से कर्ज लिया, उसने जमीन गिरवी रखी, घर गिरवी रखा यानी ट्रेल है।

अभी हमने काफी पैसे जब्त किए हैं। हमने सवा लाख करोड़ की संपत्ति जब्त की है। अब जैसे केरल में था कॉम्यूनिस्ट पार्टी एक ऐसा रैकेट चलाती है। ये बड़े इमानदारी का ठेका लेकर घूम रहे हैं। कॉपरेटिव में गरीबों के पैसे हैं। ज्यादातर नौकरी पेशा वालों के पैसे और आदमी फिक्स डिपॉजिट में पैसे देता है, रखता है कि बेटी बड़ी होगी तो शादी के लिए काम आएँगे। बेटा बड़ा होगा तो एक कमरा बड़ा होगा। इन लोगों ने पैसों को अपने निजी बिजनेस पार्टनरशिप के लिए बाँट दी है और हजारों करोड़ का घपला किया है उन्होंने। केरल फाइल को लेकर तो आप डरते हैं, लेकिन इसमें काम कर सकते हैं। अब उसमें ट्रेल है कि पैसा इसने रखा और इसका डूबा। अब हमने प्रॉपर्टी जब्त की है। मैं चाहता हैं, मैं उस प्रॉपर्टी से कैश है कैश से और जो संपति उसको ऑक्शन करके वह वो पैसे मैं कैसे लौटा सकता हूँ।

अब तक मैं 17 हजार करोड़ रुपये लौटा चुका हूँ, जिसका ट्रेल मिला है। अब लालू जी ने, जब रेलवे मिनिस्टर थे… साहब गरीब लोगों को जॉब देने के बहाने जमीन लिखवा ली है और इसका ट्रेल मिला है। अब वह बेचारा डर के मारे एफिडेविट देने तैयार नहीं है। लेकिन, देखिए ट्रेल मिल रहा है कि इसकी जमीन गई, इस तारीख को गई और इस तारीख को नौकरी मिली। अब हमने जब्त किया है, तो हम उसका ऑक्शन करके उस गरीब को जमीन वापस करने के लिए सोच रहे हैं। मैं दिमाग काफी लगा रहा हूँ इसमें क्योंकि कि यह मेरे मन से हो रहा है कि यह गरीबों का पैसा है। इन लोगों ने अपने पद का दुरुपयोग करके लूटा है, इनको वापस मिलना चाहिए। अभी मैं लीगल टीम की मदद ले रहा हूँ। मैंने जुडिशरी के लोगों से कहा कि कुछ रास्ता बताओ। रुपए पड़े रहने से मुझे क्या मतलब है।

वैसे हम जो न्याय संहिता नई लाए हैं, उसमें कुछ सुविधाएं हम लाए हैं, और वो कानून ऐसा बना… मेरे यहाँ भावनगर में, जब मैं मुख्यमंत्री था तो वो जो काला गुड़ होता है न, वो पकड़ा गया बहुत बड़ी मात्रा में। मतलब काला गुड़ गैरकानूनी शराब बनाने के उपयोग होगा। अब पुलिस थाने में रखा है, बारिश आई तो भीग गया, तो मच्चर मक्खी, इतना ढेर हो गया कि उस रास्ते से गुजरना मुश्किल हो गया। अब कानून यह कहता है इसको आप आप डिस्पोज नहीं कर सकते। तब से मेरे मन में था कि कानून बदलना चाहिए। यह जो नई न्याय संहिता आई है, उसमें सारे सॉल्यूशन लाए गए हैं।

कॉन्ग्रेस मेरा प्रधानमंत्री होना स्वीकार नहीं कर पा रही

पीएम मोदी ने कहा, ‘मेरी कोशिश रही है कि लोग कुछ करें, लेकिन दुर्भाग्य है कि कॉन्ग्रेस के इस परिवार के लिए लोकतंत्र का मतलब उसका सत्ता में होना है। आज भी वह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं कि दस साल पहले 2014 में देश ने कोई दूसरी सरकार चुनी है, कोई दूसरा प्रधानमंत्री है जिसे देश ने बनाया है, वो मन से स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।’

ईडी की कार्रवाई पर पीएम मोदी ने क्या कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘पूछना चाहिए कि दस साल तक ईडी को इतनी पगार दी, उतना काम किया या नहीं? 2004 से 2014 तक काम क्यों नहीं किया गया? रेलवे का टिकट चेकर है तो टिकट चेक नहीं करेगा तो रखने की क्या जरूरत है? उन्होंने आगे कहा, ‘2004 से 2014 तक, व्यवस्था तो यही थी। कानून वही था। मैंने कानून नहीं बदला है। मैंने ईडी भी नहीं बनाई है। उन्होंने कोई काम किया नहीं। सिर्फ 34-35 लाख रुपया जब्त किया। दस साल तो हम विपक्ष में थे। किसने रोका था? मेरी सरकार ने 2,200 करोड़ रुपये पकड़े हैं। नोटों के ढेर आपके टीवी वालों ने दिखाए हैं। उस ईडी को आप कैसे बदनाम कर सकते हैं?’ पीएम मोदी ने कहा सांसद के घर से मिले हैं पैसे, इससे कैसे इनकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘ईडी अगर पकड़ लेती है तो उसकी तारीफ भी नहीं और उसको गुनहगार भी बना दो, क्योंकि वो राजनेता के यहाँ से पकड़ा गया है।’ उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है और इसे खत्म होना चाहिए, क्योंकि ये देश का बहुत विनाश कर रहा है।

संस्थाओं के दुरुपयोग के आरोपों पर क्या बोले?

विपक्ष की ओर से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के आरोपों के सवाल पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘प्रणब मुखर्जी की किताब में देखा होगा कि मेरे साथ उन्होंने जो काम किया, वो कितना डेमोक्रेटिक तरीके में काम किया। राष्ट्रपति पद की कितनी प्रतिष्ठा उन्होंने बढ़ाई।’ उन्होंने आगे कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट की बात करें तो हम पर तो आरोप ये है कि लोग कहते हैं कि सरकार की तो सुप्रीम कोर्ट में कुछ चलती ही नहीं है। हमारी क्षमताओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसका मतलब ये है कि पहले कुछ लोग थे जो न्यायपालिका को मैनेज करते थे और वो संस्था ठीक थी? मैं मानता हूं मुझे क्यों मैनेज करना चाहिए? कानून, कानून का काम करेगा।’

परिवार वाद पर बोले पीएम मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने परिवार वाद पर भी अपनी बात रखी। पीएम मोदी ने कहा कि ‘जैसे मैं कहता हूं कि परिवारवादी पार्टी तो मुझसे सवाल पूछे जाते हैं कि राजनाथ जी का बेटा भी है, दोनों में फर्क है। मैं जो परिवारवादी पार्टी कहता हूँ, तो इसका मतलब है कि पार्टी ऑफ द फैमिली, बाय द फैमिली, फॉर द फैमिली। किसी परिवार के दस लोग अगर पब्लिक लाइफ में आते हैं तो इसे मैं बुरा नहीं मानता हूँ। चार लोग अगर बढ़-चढ़कर आगे जाते हैं तो बुरा नहीं मानता हूँ। वो पार्टी नहीं चलाते हैं, निर्णय पार्टी करती है।”

यूसीसी पर बोले पीएम मोदी

पीएम मोदी से पूछा गया कि यूनिफॉर्म सिविल कोड के बारे में एक दूसरा नेरेटिव है। अब लोग कहते हैं कि यह वन नेशन-वन ड्रेस हो जाएगी, वन नेशन-वन फूड हो जाएगा, वन नेशन-वन लैंग्वेज हो जाएगा और उसके आगे यह कि अब वन नेशन-वन लीडर हो जाएगा और हम उसी तरफ बढ़ रहे हैं। इसपर आपका क्या कहना है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जवाब देते हुए कहा, ‘जो लोग ऐसा बोलते हैं उनसे काउंटर सवाल किया जाना चाहिए कि आप यह नेरेटिव लाए कहाँ से। उन्होंने यूसीसी पढ़ा है? यूसीसी होता क्या है? इस देश के पास उदाहरण है, गोवा में यूसीसी है। आप मुझे बताइए कि गोवा के लोग एक ही प्रकार के कपड़े पहनते हैं क्या? क्या गोवा के लोग एक ही प्रकार का खाना खाते हैं? क्या मजाक बनाकर रखा है यूनिफॉर्म सिविल कोड का। इसका तो कोई लेना देना ही नहीं।’

श्रीनगर में वोटिंग इन चुनावों में मेरे लिए सबसे संतोष का पल

पीएम मोदी ने कहा कि, ‘इस पूरे चुनाव में मेरे लिए संतोष के पल है श्रीनगर की वोटिंग। इसने इस बात पर ठप्पा लगा दिया कि मेरी नीतियाँ सही हैं कि मैं कोई डिस्क्रिमिनेशन नहीं करता हूँ। मेरी सरकार धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं करती है। जहाँ तक राज्य के दर्जे की बात है, हमने पार्लियामेंट में प्रॉमिस किया हुआ है और हम उस पर कमिटेड हैं। पीएम मोदी ने कहा कि पहले हमको गालियाँ पड़ती थीं कि आपने इंटरनेट बंद कर दिया, चारों तरफ पूरे इंडिया में, हम जाते थे मीटिंग में तो आप लोग मिलते थे तो कहते थे कि इंटरनेट बैन हो गया। यह कौन सा लोकतंत्र है? गालियाँ खाई हैं, लेकिन मैंने कश्मीर का भला किया है। मैं दूर का देख सकता था, आप 24 घंटे चैनल के लिए देखते थे, मैं देश के लिए देखता था। इसलिए मैं इंटरनेट की गालियाँ खाने के बाद भी इंटरनेट बंद करके भी नौजवानों को गलत रास्ते से बचाने में सफल हुआ।

पीएम मोदी ने आगे कहा, “दूसरा मेरा संतोष है, दस साल का समय लगा लीजिए। 2004 से 2014 तक कितनी माताओं ने अपने बच्चे खोए? 2014 से 2024 तक कितनी माताओं के लाल बच गए। जीवन में इससे बड़ा संतोष क्या होता है। इसलिए राज्य भी हमारा कमिटमेंट है। हम सफलता के लिए जो भी रास्ता अख्तियार करना है, वो करेंगे।” पीएम ने कहा ‘मेरा कुछ दिन पहले कश्मीर में कार्यक्रम था। शायद 40 साल के बाद इतनी बड़ी रैली हुई थी। मेरी इच्छा है कि चुनाव फेस्टिवल होना चाहिए। मैं देख रहा था कि श्रीनगर में फेस्टिवल का मूड है। लोग चाय पिला रहे थे, लोग गाने गा रहे थे। मेरे लिए बड़ा खुशी का दिन था।’

रील बनाने का नशा, पार्टी का शौक और प्रेमी के लिए खरीदी गाड़ी: कर्ज में डूबी किरायेदार लड़की ने मकान मालकिन का घोंट दिया गला, लूट ली सोने की चेन

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 24 साल डेटा एंट्री ऑपरेटर और रील बनाने की व्यसन से ग्रस्त मोनिका एचएम नाम की एक लड़की को केंगेरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मोनिका ने 10 मई 2024 को 36 वर्षीय अपनी मकान मालकिन दिव्या की संपत्ति चुराने के लिए उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी थी। घटना के वक्त मृतका दिव्या और उसका 2 साल का बच्चा ही घर पर थे। मोनिका चिक्कबल्लापुरा जिले के चिंतामणि की की रहने वाली है।

रिपोर्ट के अनुसार, मोनिका ने लक्जरी वस्तुओं और पार्टियों पर खूब खर्च किया। इसके कारण उस पर 8 लाख रुपए का कर्ज हो गया। वह अपने प्रेमी को एक सामान ढोने वाला वाहन खरीदकर दी थी। उसने अपने मकान मालकिन दिव्या के गले में सोने का चेन देखा था और उसे हड़पना चाहती थी। इसके लिए दिव्या की हत्या की साजिश रची और फिर सोने की चेन ले ली।

मोनिका पिछले दो से तीन महीने से कोनसांद्रा स्थित दिव्या के घर के एक हिस्से में किराए पर रह रही थी। वह एक निजी कंपनी में काम करती थी। कुछ समय पहले ही उसने यह नौकरी छोड़ दी थी। वहीं, उसका प्रेमी एक पेशेवर ड्राइवर है। वह अक्सर मोनिका के पास आता-जाता रहता है। उसने अपने प्रेमी को मकान मालिक से अपना पति बता रखा था।

मृतका की 39 वर्षीय पति गुरुमूर्ति केंगेरी के शिवनपाल्या में एक सैलून चलाते हैं। जिस वक्त दिव्या की हत्या हुई, उस समय वे काम पर गए हुए थे। दिव्या और उसका दो साल का बच्चा घर पर थे। हत्या के बाद मोनिका दिव्या की छत्तीस ग्राम सोने की चेन लेकर चली गई और इलाके के एक साहूकार के पास उसे गिरवी रख दिया। इस घर को गुरुमूर्ति ने चार महीने ही पहले बनवाया था।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुँची और मोनिका से भी पूछताछ की। हालाँकि, उसने कई कहानियाँ सुनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। शंका होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गई और आखिरकार अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, मोनिका सोशल मीडिया पर सक्रिय थी और खूब रील बनाती थी। वह हर समय घूमती रहती थी और पार्टी करती रहती थी। उसने अपने बॉयफ्रेंड के लिए एक गाड़ी भी खरीदी थी। गुरुमूर्ति अपने परिवार के साथ मकान में पहले तले पर रहते थे। वहीं, मोनिका ग्राउंड फ्लोर पर रहती थी। जिस समय दिव्या की हत्या की गई, उस समय वह किचन में खाना बना रही थी। उसी दौरान मोनिका पीछे से आकर कपड़े में इस्तेमाल होने वाले नाड़े को गले में डाल कर कस दिया।