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चीनी सामान पर टैक्स लगाने पर ट्रम्प को मूर्ख बताते थे बायडेन, अब खुद किया वही काम: चीन के इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाया 100% टैक्स

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बायडेन ने चीन से आने वाले कई सामानों पर ऊँचे स्तर के टैरिफ (टैक्स) लगा दिए हैं। बायडेन ने चीन पर आरोप लगाया है कि वह व्यापार के नियमों का उल्लंघन कर रहा है और बताया है कि उनका यह कदम अमेरिकी बाजार को सुरक्षित करेगा। जो बायडेन पहले तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की चीन के सामान पर टैरिफ बढ़ाने की नीति को लेकर आलोचना किया करते थे। अब उन्होंने स्वयं यह कदम उठाया है।

जो बायडेन ने एक्स (पहले ट्विट्टर) पर लिखा, “मैंने अब चीन में बनी वस्तुओं पर कई प्रकार के टैरिफ लगा दिए हैं। स्टील और एल्यूमीनियम पर 25%, सेमीकंडक्टर पर 50%,इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% और सोलर पैनलों पर 50% का टैरिफ लगाया है। चीन इन उद्योगों में अपना दबदबा बनाने के लिए जुटा हुआ है। मैं यह चाहता हूँ कि कि अमेरिका इस मामले में विश्व का नेतृत्व करे।”

बायडेन ने इस मामले को लेकर कहा ”चीन में बने इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100% टैरिफ, और लोग इसकी तारीफ कर रहे हैं। क्योंकि हम चीन को अपने बाज़ार में माल की बाढ़ नहीं लाने देंगे। जिससे अमेरिकी वाहन बनाने वाली कम्पनियों के लिए प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “हम चीन की इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों पर 25% टैरिफ और उन बैटरियों को बनाने वाले महत्वपूर्ण खनिजों पर 25% टैरिफ भी लागू कर रहे हैं। हम चीनी सोलर पैनलों पर टैरिफ 25 से 50% तक बढ़ाने जा रहे हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति बायडेन ने इस मामले में चीन की सरकार पर भी आरोप जड़े। उन्होंने कहा कि चीनी सरकार स्टील और एल्यूमीनियम, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, सोलर पैनल और स्वास्थ्य उपकरण कीकंपनियों में पैसा लगाती है। चीनी कंपनियों पर सारे सामानों का जरूरत से ज्यादा उत्पादन करने और फिर अपने प्रतिद्वंदियों को बाजार से बाहर करने के लिए इस सामान को बेहद कम कीमत पर बेंचने का आरोप है।

चीनी सामान पर ऊँचे टैरिफ लगाने के मामले में व्हाइट हाउस ने बताया, “चीन की टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, पेटेंट की सुरक्षा और आविष्कार को लेकर अनुचित व्यापार नीतियों ने अमेरिका को नुकसान पहुँचाया है।” व्हाइट हाउस ने आरोप लगाया कि चीन विश्व भर में जान बूझ कर कम दाम की चीजों का निर्यात कर रहा है।

बायडेन ने अपनाई ट्रम्प की नीति, पहले करते थे आलोचना

चीन से आने वाले सामान पर ऊँची दरों का टैरिफ लगाने को लेकर पहले स्वयं बायडेन ही पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आलोचना करते थे। तब उनका कहना था कि इससे अमेरिका के लोगों को नुकसान होगा क्योंकि उन्हें चीन से आने वाला’ समान महँगा खरीदना पड़ेगा।

उन्होंने 2019 में ट्रम्प की आलोचना करते हुए एक्स पर लिखा था, “ट्रम्प को कुछ नहीं मालूम। उनको लगता है कि उनके लगाए टैरिफ़ चीन पर भारी पड़ रहे हैं। कोई भी अर्थशास्त्र का पहले साल का छात्र आपको बता सकता है कि अमेरिकी लोग इन टैरिफ को झेल रहे हैं। सामान्य कैशियर तक देखते हैं कि क्या हो रहा है, वह तक ट्रम्प की तुलना में अर्थशास्त्र के बारे में अधिक जानते हैं।” यहाँ तक कि 2020 में अपने चुनाव अभियान के दौरान बायडेन वादा किया था कि वह सत्ता में आने पर यह टैरिफ हटा देंगे।

स्वाति मालीवाल के साथ बदसलूकी में अरविंद केजरीवाल पर भी हो FIR: नवीन जयहिंद, कहा- पीटने वाले का हाथ तोड़ देते, आदेश देने वाले की खींच लेते जुबान

आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री केजरीवाल के घर हुई मारपीट मामले में उनके पूर्व पति नवीन जयहिंद का एक और बयान आया है। उन्होंने स्वाति के मारपीट केस में सीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की माँग की है। इसके अलावा अपनी पूर्व पत्नी को झाँसी की रानी, मर्दानी और किसी से न डरने वाली बताया है।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए नवीन जयहिंद ने कहा कि दिल्ली में जिसे सीएम हाउस कहा जाता है, वो असल में गटर हाउस है। ये घटना बहुत खतरनाक घटना है। पूरा स्कैंडल हैं। इसमें तो अरविंद केजरीवाल के ऊपर भी एफआईआर होनी चाहिए। जिसने भी ये किया है उसकी इतनी औकात नहीं है ये काम करने की।

नवीन ने इस वीडियो में भी कहा, “स्वाति की जान को खतरा है, वरना कोई इस तरह पुलिस को फोन नहीं करेगा, थाने से वापस नहीं आएगा। अभी भी उसकी आवाज दबाई जा रही, उसे चुप कराया जा रहा है।” वह कहते हैं- “ये सिर्फ मेरी पूर्व पत्नी का मामला नहीं है। ये मामला लाखों महिलाओं का है। अगर सिर्फ पूर्व पत्नी का मामला होता तो अब तक जो हाथ स्वाति पर उठे हैं वो टूट चुके होते और जिसने आदेश दिया है अपनी जुबान से… उसकी जुबान भी निकाल लिए होते। ये मामला मेरा व्यक्तिगत नहीं है।”

आगे वीडियो में नवीन जयहिंद ने दिल्ली पुलिस से, देश के गृहमंत्री से इस मामले में एक्शन लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस मामले में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष क्यों चुप हैं। ये बहुत बड़ा मामला है।

वो कहते हैं- “कल को ऐसा न हो कि स्वाति का एक्सीडेंट हो गया, स्वाति ने कुछ और कर लिया। ये बहुत गहरा केस है। वो सांसद है। मुझे लगता है पूरे मामले पर कार्रवाई होनी चाहिए और स्वाति को बाहर निकलकर आना चाहिए। वो झाँसी की रानी है, वो मर्दानी है, वो डर नहीं सकती है। अब उसके ऊपर कौन सा प्रेशर डाला गया है ये नहीं पता।”

वह कहते हैं- “मैं नहीं मान सकता कि जिसने लाखों महिलाओं की आवाज को उठाया हो वो चुप रहे।” अपने बयान में नवीन ने उन लोगों को भी घेरा तो एक समय में तो महिला सम्मान आदि की बातें करते हैं दूसरी तरफ उन्हीं के घर में मारपीट होती है। वह दोहराते हैं- वो जगह गटर हाउस है, वहाँ बहुत गंदगी है। स्वाति इस मामले में आगे आए ताकि लाखों महिलाओं को संदेश जाए।

उन्होंने दिल्ली पुलिस से भी इस मामले में स्वत: संज्ञान लेने को कहा है। वो सवाल उठाते हैं कि इतनी बड़ी घटना पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।

इस वीडियो में नवीन ने बताया कि उनकी घटना के बाद स्वाति से कोई बात नहीं हुई है। दोनों का तलाक 2020 में हुआ था और तब से वो दोनों अलग हैं। इस मामले में वो इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि ये एक महिला का मामला है, जिनके साथ सीएम हाउस में बदसलूकी हुई है।

उन्होंने कहा कोई सामान्य व्यक्ति के घर ऐसा होता तो उसको पुलिस उठा लेती, तो फिर सीएम पर क्यों नहीं, जाँच पड़ताल तो हो। उन्होंने कहा कि वो सामान्य रूप से इस बात को कह रहे हैं कि अगर इस मामले में उनसे किसी ने भी मदद माँगी तो वो मदद को पूरी तरह से तैयार हैं। उनके हिसाब से बहुत बड़ी घटना है।

नवीन ने आखिर में ये भी कहा कि वो आम आदमी पार्टी वालों को 2008 से जानते हैं। वो दावा करते हैं कि उनसे ज्यादा इस पार्टी के बारे शायद ही कोई जानता हो। वो कहते हैं कि अभी ये मामला उनके लिए व्यक्तिगत नहीं है, लेकिन अगर व्यक्तिगत बना तो फिर वो अपने हिसाब से इसे देखेंगे। उन्होंने आप सांसद संजय सिंह को केजरीवाल का तोता बताया। साथ ही आरोप लगाया कि पूरे मामले में लीपापोती की जा रही है। जयहिंद के अनुसार, “संजय सिंह को पहले ही इस घटना के बारे में पता था कि ऐसा होगा, उसे ये भी पता है क्या-क्या हुआ है। बाकी सारी चीजें वो सिर्फ एक्टिंग कर रहा है।”

‘दिल्ली की तरह पंजाब में भी हुआ शराब घोटाला’: कॉन्ग्रेस के पूर्व CM ने INDI गठबंधन के साथी अरविंद केजरीवाल पर बोला हमला, कहा – उन पर विश्वास करें कैसे?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल घोटालेबाज हैं। ये हम नहीं कह रहे, या सिर्फ भाजपा का ऐसा बयान नहीं हैं। बल्कि, कॉन्ग्रेस पार्टी ऐसा कह रही है। वही कॉन्ग्रेस पार्टी, जो I.N.D.I. गठबंधन में AAP (आम आदमी पार्टी) के साथ शामिल है। लेकिन, पंजाब में दोनों अलग-अलग लड़ रहे हैं। ठीक वैसे ही, जैसे केरल में कॉन्ग्रेस और वामदल लड़ रहे, पश्चिम बंगाल और कॉन्ग्रेस और TMC लड़ रहे। अरविंद केजरीवाल हाल ही में चुनाव प्रचार खत्म होने तक जमानत पर छूटे हैं।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, “अरविंद केजरीवाल शराब के बहुत बड़े घोटाले में नामजद हैं। मात्र 15 दिनों के लिए वो जेल से बाहर आए हैं। ऐसे व्यक्ति पर कैसे विश्वास किया जा सकता है? जैसे दिल्ली में बहुत बड़ा शराब घोटाला हुआ, वैसे ही पंजाब में भी हुआ है। पंजाब वाले मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। दिल्ली में तो नई शराब नीति वापस भी ले ली गई, पंजाब में तो ऐसा नहीं हुआ। ऐसे शख्स का विरोध होना चाहिए।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब को लूटा जा रहा है, पंजाब पर 80,000 करोड़ रुपए का कर्ज लाद दिया गया है और अरविंद केजरीवाल पंजाब के सरकारी विमान का इस्तेमाल कर रहे हैं। चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। बता दें कि दिल्ली में तो AAP-कॉन्ग्रेस का गठबंधन है, लेकिन पंजाब में नहीं। AAP के संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरुवार (16 मई, 2024) को लुधियाना के जोधन में अपने प्रत्याशी अशोक पराशर पप्पी के समर्थन में रोडशो करेंगे।

उससे पहले दिल्ली CM का अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर और दुर्गियाना मंदिर में दर्शन करेंगे। लुधियाना से कॉन्ग्रेस के रवनीत सिंह बिट्टू सांसद हैं। अरविंद केजरीवाल के बाहर निकलने से पंजाब में कॉन्ग्रेस तनाव में आ गई है। इसका कारण ये है कि AAP ने ही राज्य की सत्ता से कॉन्ग्रेस को बेदखल कर जीत दर्ज की और भगवंत मान मुख्यमंत्री बने। दिल्ली के शराब घोटाले में पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी जेल में हैं। वहीं राज्यसभा सांसद संजय सिंह जमानत पर बाहर निकले हैं।

हाल ही में चरणजीत सिंह चन्नी ने जम्मू कश्मीर के पुँछ में भारतीय वायुसेना के जवानों पर हुए हमले को ‘भाजपा का चुनावी स्टंट’ बताया था। उन्होंने कहा था कि ये स्टंटबाजी हो रही है, हमले नहीं हो रहे। चन्नी ने पुलवामा में 40 CRPF जवानों के बल्दियन पर विवादित बयान देते हुए कहा था कि पिछली बार भी चुनाव आया तो ऐसे स्टंट खेले गए और बीजेपी को जिताने का काम किया गया। उन्होंने कहा था कि पहले से तैयारी करके हमले करवाए जाते हैं, यह भाजपा को जिताने का स्टंट होता है और इसमें कोई सच्चाई नहीं होती।

कंगाल पाकिस्तान की जनता आटे के लिए लड़-मर रही, नेता-फौजी दुबई में खरीद रहे अरबों का विला : काले धन को ‘इन्वेस्ट’ करने का ठिकाना बना UAE

पाकिस्तान में लोग आटे के लिए मार काट करने के लिए तैयार हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हो रहे हैं। पीओके में जनता सड़कों पर उतर कर इंस्पेक्टर को पीट कर मार चुकी है। इसी बीच 14 मई 2024 को ‘दुबई अनलॉक’ नाम की फाइल सामने आई है, जिसे इंटरनेशनल खोजी पत्रकारों ने जारी की है। इस फाइल में यूएई में प्रॉपर्टी में निवेश करने वालों के बारे में जानकारी है, जिसमें बताया गया है कि एक तरफ पाकिस्तान की जनता खाने-पीने के सामान के लिए मारामारी कर रही है, तो दूसरी ओर पाकिस्तान के भ्रष्ट नेता, ब्यूरोक्रेट्स और आर्मी के बड़े अफसर अरबों की काली कमाई से यूएई के अंदर हजारों प्रॉपर्टी खरीद रहे हैं।

दुबई अनलॉक के लिए सेंटर फॉर एडवांस्ड डिफेंस स्टडीज (C4ADS) और संगठित अपराध और भ्रष्टाचार रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) ने काम किया है, जिसने बताया है कि दुबई के अंदर लक्जरी प्रॉपर्टीज में किन लोगों ने निवेश किया है। अकेले पाकिस्तानियों ने यूएई में 11 अरब अमेरिकी डॉलर की संपत्तियाँ खरीदी है। एक तरफ पाकिस्तान की जनता भूख से बेहार है, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान के भ्रष्ट सैन्य अधिकारी और अमीर नेता लोग यूएई में प्रॉपर्टीज बना रहे हैं।

इस जाँच के दौरान पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के बच्चों, नवाज शरीफ के बेटे हुसैन नवाज शरीफ, गृहमंत्री मोहसिन नकवी की बीवी, शरजील मेमन और उसके परिवार, सीनेटर फैसले वावदा, फराह गोगी, शेर अफजल मारवत जैसे नेशनल और स्टेट असेंबली के मेंबर्स के पास यूएई में संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इस सूची में पूर्व तानाशाह परवेज मुशर्रफ, पूर्व प्रधानमंत्री शौकत अजीज, कई रिटायर्ड आर्मी जनरल, पुलिस चीफ, राजदूत और वैज्ञानिक तक के पास यूएई में संपत्ति है।

खास बात ये है कि मौजूदा राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को साल 2014 में एक संपत्ति गिफ्ट के तौर पर मिली थी। साल 2018 में उन्होंने कागजों पर इसे दिखाया भी था, लेकिन बाद में उन्होंने इसे गिफ्ट में किसी और को दे दिया। ऐसा ही एक नाम अब्दुल गनी माजिद का है, जो एक बिजनेस टाइकून है और जरदारी के साथ फर्जी अकाउंट मामले में सह-अभियुक्त भी हैं। बाद में पता चला कि 319 मिलियन पाकिस्तानी रुपए का ये पेंटहाउस साल 2014 में उन्होंने जरदारी को दे दिया था और जरदारी ने बाद में इसे अपनी बेटी को दे दिया।

एक और पाकिस्तानी नेता मोहनिस नकवी ने दुनिया के अरेबियन रेंचेज में 5 वेडरूम का विला अपनी बीवी के नाम से खरीदा था। लेकिन अपने चुनावी हलफनामे में उसकी जानकारी नहीं दी। ये विला साल 2017 में 329 मिलियन पाकिस्तानी रुपए में खरीदा गया था औऱ अप्रैल 2023 में इसे 344 मिलियन पाकिस्तानी रुपए में बेच भी दिया गया। इस रिपोर्ट में अल्ताफ खनानी नेटवर्क की संपत्तियों के बारे में भी जानकारी दी गई है। वो मनी लॉन्ड्रिंग का कारोबार करता है। अमेरिका ने मनी लॉन्ड्रिंग पर बैन लगाया हुआ है, लेकिन खनानी के परिवार के सदस्यों की कई संपत्तियाँ मनी लॉन्ड्रिंग के पैसों से ही दुबई में खरीदी गई हैं। इस परिवार के 3 लोगों पर अमेरिका बैन लगा चुका है। इसी तरह से हामिद मुख्तार नाम का डॉक्टर भी दुबई में प्रॉपर्टियों का मालिक है, जिसपर अमेरिका ने बैन लगा रखा है। उस पर मानव तस्करी नेटवर्क चलाने का आरोप है।

यूएई में भारतीयों के पास ज्यादा संपत्ति, लेकिन भारतीय अधिकतर बिजनेसमैन हैं, तो पाकिस्तानियों में अपराधी और सरकारी कर्मचारियों के साथ ही नेताओं-आर्मी अफसरों का गठजोड़ है।

इस रिपोर्ट में जोर देकर कहा गया है कि पाकिस्तान के अमीर वर्ग ने काफी सारा धन दुबई भेजा हुआ है, जिससे पाकिस्तान में आर्थिक असमानता बढ़ी है। डाटा से पता चला है कि दुबई में संपत्तियाँ खरीदने में भारतीय दुनिया के किसी भी देश से सबसे आगे हैं। दुबई में भारतीयों के नाम 35 हजार से ज्यादा संपत्तियाँ हैं, जिनकी कीमत 17 बिलियन अमेरिकी डॉलर है। हालाँकि इस लिस्ट में शामिल सभी भारतीयों के नाम असली हैं और मालिक भी असली हैं। लेकिन पाकिस्तान के जिन लोगों ने यूएई में संपत्तियाँ खरीदी हैं, वो नेता हैं, सेना से जुड़े हैं या आपराधिक कार्यों में लिप्त हैं, यानी कि सारा पैसा काला धन है।

वैसे, यूएई में संपत्ति रखने वाले भारतीयों में नीरव मोदी जैसे व्यक्ति का भी नाम है, जो अभी लंदन की जेल में बंद है। उसके पास 13,41,900 अमेरिकी डॉलर की कीमत वाले तीन ऑफिस हैं, जो गोल्ड टॉवर में हैं। वहीं, खालिस्तानी आतंकी जममीत हकीमजादा के पास गार्डन होम्स फ्रोंड में 81.75 लाख अमेरिकी डॉलर से ज्यादा कीमत का विला है। चंदन की तस्करी करने वाले शाहुल हमीद दाऊद के नाम पर भी यूएई में प्रॉपर्टी है।

गरीबी, अराजकता और घोर अन्याय

दुबई फाइल्स में पाकिस्तानी नागरिकों द्वारा यूएई में भारी निवेश पाकिस्तान की खस्ताहाल व्यवस्था को दिखाता है। एक तरफ नेताओं, सैन्य अधिकारियों ने पाकिस्तान के धन को यूएई में भेजकर अपने लिए संपत्तियाँ इकट्ठी कर शाही जिंदगी जी रहे हैं, तो दूसरी ओर पाकिस्तान की आम जनता गरीबी, भोजन की कमी और भयंकर महँगाई की मार झेल रही है। बलूचिस्तान से लेकर पीओके में हो रहे विरोध प्रदर्शन दिखाते हैं, कि कैसे पाकिस्तान अपने नागरिकों की जरूरतों को पूरा कर पाने में विफल साबित हो रहा है। देश चलाने के लिए हुक्मरान दुनिया के दूसरे देशों में भीख माँग रहे हैं और कर्ज माँग रहे हैं, तो पाकिस्तान के गिने चुने लोग अरबों की दौलत विदेशों में इन्वेस्ट करके ऐश कर रहे हैं।

चाबहार पर प्रतिबंधों की धमकी दे रहा था अमेरिका, जयशंकर ने धो डाला: ईरानी बंदरगाह भारत के हाथ में आने के बाद बदला था स्टैंड

भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के चाबहार बंदरगाह के भारत द्वारा विकास पर अमेरिका के प्रतिबंधों की धमकी को लेकर जवाब दिया है। विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा है कि ईरान का यह बंदरगाह सबके हित में है और हम यह बात उन तक पहुँचाएंगे और समझाएँगे।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “मैंने इस विषय में कुछ बयान देखे थे। साल में यह बात लोगों तक पहुँचाने और समझाने की जरूरत है कि यह बंदरगाह सबके हित में है। लोगों को इसे एकदम आशंकित होकर नहीं देखना चाहिए।” विदेश मंत्री जयशंकर ने इसको लेकर पुराने अमेरिकी निर्णयों का हवाला भी दिया।

उन्होंने कहा, “उन्होंने पूर्व में भी ऐसा (प्रतिबंध लगाना) नहीं किया है। अगर आप अमेरिका का पुराना रवैया इस मामले में देखें, तो अमेरिका भी चाबहार के विकास को सराहता रहा है।” इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया कि भारत का चाबहार से लंबा जुड़ाव रहा है।

विदेश मंत्री जयशंकर का बयान अमेरिकी विदेश मंत्रालय की टिप्पणी के बाद आया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने भारत के चाबहार बंदरगाह विकसित करने को लेकर कहा था कि कोई भी देश या कम्पनी जो कि ईरान के साथ व्यापारिक सौदे कर रहा है, उसे इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि उन पर प्रतिबन्ध लग सकते हैं।

अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि उसे चाबहार बंदरगाह को लेकर ईरान और भारत के बीच समझौते की रिपोर्ट को देखा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि वह भारतीय विदेश मंत्रालय का चाबहार समेत ईरान से रिश्तों को लेकर पक्ष देखेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसके द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबन्ध जारी रहेंगे।

गौरतलब है कि भारत और ईरान ने सोमवार (13 मई, 2024) को ईरान के चाबहार बंदरगाह को विकसित करने और प्रबंध करने को लेकर समझौता किया था। भारत एक सरकारी कम्पनी के जरिए ईरान के इस बंदरगाह को अगले 10 वर्षों तक चलाएगा। भारत इस बंदरगाह में पहले ही 85 मिलियन डॉलर (लगभग ₹709 करोड़) के निवेश करने की घोषणा कर चुका है।

हालिया समझौते में भारत ने कहा है कि वह इस बंदरगाह के विकास के लिए 120 मिलियन डॉलर (लगभग ₹1000 करोड़) का निवेश करेगा। भारत ने इसके लिए सस्ता कर्ज देने की घोषणा भी की है। यह बंदरगाह पाकिस्तान को दरकिनार कर भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जोड़ता है।

इस समझौते को लेकर अमेरिका की प्रतिबंधों की धमकी नई बात है। 2021 से पहले जब अमेरिका के हित अफगानिस्तान से जुड़े हुए थे, तब वह इस बंदरगाह के विकास का समर्थन करता था। अमेरिका ने इसको लेकर भारत को प्रतिबंधों से छूट दी थी।

अमेरिका ने इस बंदरगाह से जुड़ी रेलवे लाइन को भी प्रतिबंधों से छूट देने की बात कही थी। ईरान पर यह अमेरिकी प्रतिबंध उसके परमाणु बम बनाने को लेकर लगाए गए हैं। अमेरिका, ईरान पर आरोप लगाता रहा है कि वह परमाणु बम बना रहा है और इसको लेकर प्रतिबन्ध लगाए हैं।

2021 में अमेरिका अफगानिस्तान से बाहर निकल गया था। अब उसके अफगानिस्तान में हित नहीं है। ऐसे में वह चाबहार पर अपनी भाषा में परिवर्तन कर रहा है। हालाँकि, अभी अमेरिका ने इस बात को लेकर कोई घोषणा नहीं की है कि भारत पर चाबहार के लिए प्रतिबन्ध लगाएगा या नहीं।

भारत, चीन के बढ़ते प्रभाव के कारण अमेरिका का महत्वपूर्ण सहयोगी है और अमेरिका पूर्व में भी भारत को कई बार ऐसी ही छूट दे चुका है। अमेरिका ने अपने NATO सहयोगी तुर्की पर रूस से S-400 मिसाइल सिस्टम खरीदने के लिए CAATSA प्रतिबन्ध जड़ दिए थे जबकि भारत को इससे छूट दे दी थी।

ऐसा ही अमेरिका ने भारत के रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर किया था। ऐसे में चाबहार को लेकर अमेरिका, भारत पर कदम उठाएगा, इसकी संभावनाएँ कम है।

जिस प्रदर्शन में लगे ‘भारत की बर्बादी’ के नारे उसे गर्लफ्रेंड ने बताया ‘कविता पाठ’, सुनते रहे समदीश भाटिया: बॉयफ्रेंड की करतूत को कोर्ट बता चुका है ‘आतंकवाद’

दिल्ली दंगा के मामले में JNU का छात्र नेता रहा उमर खालिद फ़िलहाल जेल में है। वहीं उसकी गर्लफ्रेंड बनोज्योत्स्ना लाहिरी ने समदीश भाटिया को लगभग एक घंटे का इंटरव्यू दिया है। उन्होंने कहा कि 2016 में उनका Ph.D पूरा हुआ था। उन्होंने कहा कि उस दौरान मौत की सज़ा के खिलाफ एक प्रदर्शन किया गया, जिसमें ‘कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन’ की बात की गई। बकौल बनोज्योत्स्ना लाहिरी, ये JNU बस एक सामान्य दिन था, जहाँ हर छात्र किसी न किसी रूप में राजनीति करता है।

उन्होंने इस इंटरव्यू में आगे कहा कि अचानक से ‘Zee News’ का कैमरा उन्हें दिखा, फिर उनलोगों ने सोचा कि आज ये मीडिया वाले क्यों आ गए हैं क्योंकि JNU में तो रोज ऐसे-ऐसे कार्यक्रम होते हैं। बनोज्योत्स्ना लाहिरी ने कहा कि माइक घुसा-घुसा कर देश विरोधी नारे लगने की बात की गई, कल को पूरी मीडिया और पूरी दुनिया इसकी बात करने लगी। उन्होंने कहा कि तब देश के गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने कड़ी कार्रवाई की बात की, फिर राजद्रोह की FIR दर्ज की गई।

बनोज्योत्स्ना लाहिरी का कहना है कि ये सब सुन कर उनलोगों को कॉमेडी लग रही थी, क्योंकि सेडिशन का चार्ज तब लगता है जब कोई भड़काऊ बयान दे और हिंसा हो लेकिन कोई हिंसा तो हुई ही नहीं थी। क्या बनोज्योत्स्ना लाहिरी ये कहना चाहती हैं कि पुलिस-प्रशासन को हिंसा होने तक इंतज़ार करना चाहिए? अगर कोई भारत विरोधी बयान दे तो हिंसा होने का इंतज़ार करना चाहिए, वरना वो व्यक्ति निर्दोष माना जाएगा और उस पर कोई कार्रवाई न हो?

असल में 2016 में 9 फरवरी को इनलोगों ने जो प्रदर्शन किया था, उसके बैनर की शुरुआत ही ब्राह्मणों को गाली देकर की गई थी। उसमें स्पष्ट लिखा था कि ये विरोध प्रदर्शन ‘अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की न्यायिक हत्या’ के विरोध में है। ये प्रदर्शन सरकार नहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ था। अफजल गुरु कौन था? 2002 में संसद भवन पर आतंकी हमले का मास्टरमाइंड। मकबूल भट्ट कौन था? पाकिस्तान की शह पर जम्मू कश्मीर में कई आतंकी हमलों को अंजाम देने वाला। लेकिन, बनोज्योत्स्ना लाहिरी कहती हैं कि वो तो ‘कविता पाठ’ था।

JNU में ‘कल्चरल इवनिंग’ के नाम पर इन दोनों के समर्थन में प्रदर्शन हुआ था, जिसे बनोज्योत्स्ना लाहिरी आज ‘सामान्य सा प्रदर्शन’ बता रही हैं। इस कार्यक्रम में ‘कश्मीर की आज़ादी तक जंग रहेगी’ के नारे लगे और उमर खाली की गर्लफ्रेंड के लिए ये ‘जस्ट अनदर डे’ था। क्या कश्मीर गुलाम है? जम्मू कश्मीर भारत का अखंड हिस्सा है और इसके एक भाग पर पाकिस्तान का जबरन कब्ज़ा है और वहाँ पाकिस्तान के खिलाफ जम कर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

क्या भारत ने कश्मीर को गुलाम बना रखा है? अगर नहीं, तो ये आज़ादी के नारे क्यों? ‘तुम कितने अफजल मारोगे, हर घर से अफजल निकलेगा’ और ‘भारत की बर्बादी तक जंग रहेगी’ के नारे भी लगे थे। जिस देश में आप रहते हैं और जिस देश के वासियों के टैक्स के पैसे से पढ़ते हैं, उसी देश को बर्बाद करने की साजिश सेडिशन नहीं तो और क्या है? बनोज्योत्स्ना लाहिरी के लिए इस पर कार्रवाई ‘कॉमेडी’ है। हर घर से आतंकी निकलने की बात करना क्या है? इसकी अनुमति क्यों दी जाए?

बड़ी बात ये है कि समदीश भाटिया ने इस दौरान बनोज्योत्स्ना लाहिरी को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। समदीश भाटिया ने दक्षिणपंथियों को रिझाने के लिए एकाध वीडियो बनाए और फिर अब वो उमर खालिद के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। इसी तरह एक वीडियो में उन्होंने कहा था, “मैं भाजपा थोड़े हूँ जो चोरी करूँगा।” क्या भाजपा कार्यकर्ता होना चोर होना है? ऐसे यूट्यूबरों को कमाई के अलावा कुछ नहीं सुझता। उन्हें इसके लिए देश विरोधी एजेंडा भी चलाना हो तो वो चलाएँगे।

उमर खालिद पर आरोप है कि उसने दिल्ली दंगों की साजिश रचने में भूमिका निभाई। CAA विरोध के नाम पर हुए विरोध प्रदर्शन को हिंसा में परिवर्तित करने में इसका हाथ था। दिल्ली उच्च न्यायालय के जस्टिस रजनीश भटनागर ने उसकी जमानत अर्जी ख़ारिज करते हुए लिखा था कि उमर खालिद ने जो किया वो ‘आतंकवाद’ है। उस पर UAPA के तहत कार्रवाई की जा रही है। उसके भाषणों पर जजों ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि इससे बड़ी ‘खूनी क्रांति’ आ सकती थी।

पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर हमारा, इसे हम लेकर रहेंगे: बंगाल में बोले अमित शाह, कहा- POK पर बात करने से डरते हैं ममता बनर्जी और राहुल गाँधी

पश्चिम बंगाल के हुगली में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पहले कश्मीर में आजादी के नारे लगते थे और अब PoK में आजादी के नारे लगते हैं। अमित शाह ने कहा कि पहले कश्मीर में पत्थरबाजी होती थी, अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पत्थरबाजी होती है। उन्होंने कहा कि 2.11 करोड़ टूरिस्टों ने कश्मीर जाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया और PoK में आटे के भाव ने रिकॉर्ड बनाया।

इस जनसभा में गृहमंत्री ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वाली पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी पर जमकर निशाना साधा। POK में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर भारत का हिस्सा है और भारत इसे लेकर रहेगा।

पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि साल 2019 में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद कश्मीर में शांति लौट आई है। वहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर अब विरोध प्रदर्शनों और आजादी के नारों से गूंज रहा है। बता दें कि POK में महंगाई को लेकर हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ये मणिशंकर अय्यर, ये फारुख अब्दुल्ला देश को डराने का काम करते हैं कि पाकिस्तान के पास एटम बम है और PoK की बात मत करो, क्योंकि पाकिस्तान के पास परमाणु बम है। अमित शाह ने कहा, “राहुल बाबा आपको डरना है तो डरिए, ममता दीदी आपको डरना है तो डरिए, PoK भारत का है और इसे हम लेकर रहेंगे।”

मस्जिद में चल रही थी नमाज, भीड़ के साथ आया खालिद और करने लगा सबकी पिटाई: पुलिस ने बताया जमीन का विवाद, FIR दर्ज

उत्तराखंड के हरिद्वार जिले की एक मस्जिद में नमाज़ पढ़ा रहे इमाम और नमाज़ियों पर हमले की खबर है। इस हमले में कई लोग घायल हो गए हैं। हमले का आरोप कारी खालिद नाम के व्यक्ति और उसके साथियों पर लगा है। घटना के पीछे की वजह सम्पत्ति विवाद को बताया गया है। पुलिस ने कारी खालिद पक्ष के कुल 27 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। दोनों पक्षों के लोगों को मुचलके पर थाने में पाबंद भी किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हरिद्वार जिले के थानाक्षेत्र रुड़की में घटना सोमवार (13 मई 2024) को घटी। सोमवार को यहाँ समीर अली शेख ने पुलिस में तहरीर दी है। तहरीर में समीर ने खुद को दरगाह खादिम गुलाब शाह पीर का खादिम बताया है। उन्होंने लिखा है कि गुलाबनगर इलाके में दरगाह के पास एक मस्जिद भी बनी हुई है। इस मस्जिद पर कारी खालिद अपना हक जताता आ रहा है जबकि समीर अली इसे अपनी जागीर मानता है। इस जमीनी विवाद के चलते दोनों पक्षों में अक्सर तनातनी बनी रहती थी। दोनों ने अदालत में भी अपना-अपना दावा ठोंक रखा है।

सोमवार की रात में समीर अली इस मस्जिद में कुछ अन्य नमाज़ियों के साथ नमाज़ अदा कर रहा था। नमाज़ पढ़ रहे लोगों में इजहार, जमीर अहमद और महताब, आदि शामिल हैं। इसी दौरान कारी खालिद अपने दर्जनों साथियों सहित वहाँ आ धमका। उसके साथ मौजूद लोगों ने नमाज़ पढ़ रहे लोगों को अपशब्द कहे। कुछ ही देर में इस भीड़ ने नमाज़ियों पर हमला कर दिया। हमले से मस्जिद में भगदड़ का माहौल बन गया। भाग रहे लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया जिसमें कई लोग घायल हो गए। शोरगुल सुन कर आसपस के लोग जमा हुए। घटना की जानकारी होते ही पुलिस भी मौके पर पहुँची।

पुलिस को देख कर हमलावर भाग खड़े हुए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। रुड़की कोतवाली के प्रभारी गोविंद कुमार ने मीडिया से बात करते हुए इस घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर कारी खालिद, जमील अहमद, शाहनवाज, अली नवाब, कलीम, जान आलम और सुहेल सहित कुल 27 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। इन सभी बलवा समेत अन्य धाराओं में कार्रवाई की गई है। दोनों पक्षों के कुछ लोगों को मुचलके पर पाबंद भी किया गया है। पुलिस ने किसी भी प्रकार से माहौल बिगाड़ने वालों को सख्त चेतावनी दी है। मामले की जाँच की जा रही है।

कार में जबरन बैठाकर चाकू की नोक पर रेप, महिला ने AAP के नेता और उसके बेटे-बहू पर भी लगाया आरोप: पार्टी ने बताया मनगढंत

गुजरात के अमरेली जिले में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता कांति सतासिया के बेटे हरेश पर एक लड़की का अपहरण करके चाकू की नोक पर बलात्कार करने का आरोप लगा है। पीड़िता ने शिकायत में 2022 का विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके कांति सतासिया, उनके दूसरे बेटे भाविन और हरेश की बीवी वैशाली पर धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने 11 मई को FIR दर्ज कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 35 वर्षीया पीड़िता मूल रूप से बसगरा की रहने वाली है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता ने बताया कि हरेश के साथ उसका 15 वर्षों से अफेयर है। लगभग 25 दिन पहले हरेश सतासिया ने पीड़िता को उसके गाँव से बुलाया। इसके बाद उसने महिला को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और रेप किया।

पीड़िता का कहना है कि इसका जब उसने विरोध किया तो उसे चाकू दिखाकर चुप रहने की धमकी दी गई। बकौल पीड़िता, हरेश पहले भी उससे शादी का वादा करके कई बार रेप कर चुका है। शिकायत में महिला ने आगे बताया कि किसी अन्य लड़के से जब उसका ब्याह तय हो रहा था तब हरेश के पिता कांति सतासिया और उसके भाई भाविन ने इसमें व्यवधान डाला।

इन दोनों पर पीड़िता के मंगेतर पर दबाव डालकर सगाई तुड़वा देने का आरोप है। साथ ही हरेश की पत्नी का भी जिक्र शिकायत कॉपी में है। हरेश की बीवी वैशाली पर आरोप है कि उन्होंने कॉल करके पीड़िता को धमकी दी। पुलिस ने हरेश पर रेप और अपहरण के साथ उनके पापा कांति सतासिया, बीवी वैशाली और भाई भाविन पर धमकी देने की FIR दर्ज कर ली है।

अमरेली के पुलिस अधीक्षक हिमकर सिंह ने बताया कि चारों आरोपितों को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। वहीं, आम आदमी पार्टी ने अपने नेता व उनके बेटे पर लगे आरोपों को राजनीति से प्रेरित करार दिया है। AAP ने FIR की टाइमिंग को संदिग्ध बताते हुए इसे विश्वास के लायक नहीं माना है। बताते चलें कि 2022 विधानसभा चुनावों में भाजपा के जेवी काकड़िया ने कांति सतासिया को हराया था।

‘मोदी अद्भुत नेता, वे तीसरी बार भी बनेंगे भारत के PM’: कौन हैं साजिद तरार जिन्होंने कहा पाकिस्तान को भी ‘नमो’ जैसे नेतृत्व की जरूरत

पाकिस्तानी अमेरिकी कारोबारी साजिद तरार ने भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ की है। वह इस बात को लेकर एकदम निश्चिंत है कि नरेन्द्र मोदी भारत के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनेंगे। उन्होंने पीएम मोदी को एक जन्मजात नेता बताया है और कहा है कि भारत को उनके मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है।

साजिद तरार ने पीएम मोदी को लेकर कहा, “मोदी जी एक अद्भुत नेता है, वह जन्मजात नेता हैं। वह अकेले ऐसे नेता हैं जो कि खराब हालातों में भी पाकिस्तान गए और राजनीतिक साख को दाँव पर लगाया। मैं इन्हीं मोदी जी से आशा करता हूँ कि वह पाकिस्तान के बातचीत और व्यापार शुरू करेंगे। क्योंकि पाकिस्तान में अगर शांति होगी तो यह भारत के लिए भी अच्छा है।”

उन्होंने आगे बताया, “पीएम मोदी की उपलब्धियों की एक लम्बी लिस्ट है। मजबूत भारत के लिए उनका नेतृत्व जरूरी है और यह एकदम स्पष्ट है कि वह तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री बनेंगे।” साजिद तरार ने भारत के चुनावों को लेकर भी हैरानी व्यक्त की है।

उन्होंने कहा कि एक पाकिस्तानी के नाते भारत में 97 करोड़ लोगों का वोट डालना उन्हें एकदम चमत्कार लगता है। उन्होंने कहा कि यह भारत सबसे बड़े लोकतंत्र होने को सिद्ध करता है। उन्होंने भारत में बड़े स्तर पर मतदान को अद्भुत बताया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में लोग भारत के लोकतंत्र से सीखेंगे। उन्होंने आशा जताई कि पाकिस्तान को भी एक बार नरेन्द्र मोदी जैसा प्रधानमंत्री मिले।

साजिद तरार ने इस दौरान पाकिस्तान के आर्थिक संकट को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान आर्थिक संकट से गुजर रहा है, इसकी वजह से महँगाई बढ़ी हुई है। IMF के पैकेज के कारण बिजली, पेट्रोल महँगा है, बिजली महँगी होने के कारण निर्यात नहीं हो पा रहा। पाक अधिकृत कश्मीर में बिजली महँगी होने की वजह से जुलूस निकले।”

उन्होंने प्रश्न खड़े किए कि हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने POK के लिए एक पैकेज का ऐलान किया है, इसके लिए पैसे कहाँ से दिए जाएँगे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में मूल मुद्दे नहीं हल किए जा रहे। उन्होंने पाकिस्तान में कानून व्यवस्था और आंतकवाद पर भी प्रश्न खड़े किए।

साजिद तरार पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी कारोबारी है। वह 1990 के दशक में अमेरिका चले गए थे। साजिद अमेरिका के बाल्टिमोर के बड़े कारोबारी हैं। वह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के करीबी माने जाते हैं। वह मुस्लिमों के मामलों के लिए ट्रम्प के सलाहकार भी रहे हैं। तरार एक बड़ी निवेश कम्पनी में बड़े पद पर हैं। तरार सोशल मीडिया पर भी अपने विचार खुल कर रखते हैं। वह पाकिस्तान के मुद्दों को लेकर भी मुखर रहते हैं।