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मंदिर में भंडारा खाने गई थी 4 साल की दिव्यांग हिन्दू बच्ची, समीर ने बनाया हवस का शिकार: रेप के बाद खेत में अधमरा छोड़ा, कुकर्म में दूसरी बार गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के गंगोह जिले में एक नाबालिग हिन्दू बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। बच्ची की उम्र 4 साल है जिसका साजिद के बेटे समीर ने गन्ने के खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। आरोपित ने पीड़िता को अधमरी हालत में छोड़ा था। बच्ची गाँव में एक मंदिर के भंडारे में प्रसाद खाने गई थी। पीड़िता दिव्यांग है जो बोल नहीं पाती। साजिद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया है। घटना रविवार (12 मई 2024) शाम की है। साजिद पर पहले भी नाबालिग बच्चे से कुकर्म की FIR दर्ज है। वह 3 महीने पहले ही जमानत पर छूट कर जेल से बाहर आया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना सहारनपुर जिले के थानाक्षेत्र गंगोह की है। यहाँ रविवार को एक गाँव के मंदिर में भंडारा चल रहा था। गाँव के तमाम लोग मंदिर में प्रसाद खाने पहुँचे थे। इन्हीं लोगों में एक 4 साल की हिन्दू बच्ची भी थी। साजिद ने भंडारे से बच्ची का अपहरण किया और उसे गन्ने के खेत में ले गया। खेत में समीर ने बच्चे से रेप किया। बच्ची की तबियत काफी बिगड़ गई, जिससे वो अचेत हो गई। पीड़िता को मरा समझ कर समीर वहाँ से भाग निकला।

इस बीच बच्ची को आसपास न पाकर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। तलाशी के दौरान बच्ची गंभीर अवस्था में खेत में मिली। आनन-फानन में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती करवाया गया। मामला अलग-अलग समुदाय का होने की वजह से गाँव में पुलिस के तमाम सीनियर अधिकारी पहुँच गए। कुछ ही देर में समीर को खोज निकाला गया। पूछताछ में समीर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने 13 मई (सोमवार) को समीर को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया। उस पर IPC की धारा 363 और 376 के साथ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पीड़िता की काउंसिलिंग और इलाज जारी है।

दिव्यांग है पीड़िता, पिता कर रहे थे साधुओं की सेवा

जिस बच्ची को समीर ने अपनी हवस का शिकार बनाया है वो दिव्यांग है। पीड़िता के पिता के मुताबिक वह बोल नहीं पाती। घटना के समय बच्ची के पिता मंदिर में मौजूद साधुओं को भोजन बाँट रहे थे। जब साजिद पीड़िता को अपने साथ अपहरण करके ले जा रहा था तब रास्ते में कुछ लोगों ने उसे टोंका भी था। इस पर उसने जवाब दिया था कि बच्ची को नींद आ रही है और वो सुलाने के लिए उसके घर छोड़ने जा रहा। चश्मदीदों ने समीर के इस झूठ पर यकीन कर लिया था।

पहले भी नाबालिग बच्चे से कर चुका है कुकर्म

जब सहारनपुर पुलिस ने आरोपित समीर का इतिहास खंगाला तो उस पर पहले से ही एक नाबालिग बच्चे से कुकर्म का केस दर्ज पाया गया। यह कुकर्म उसने 15 दिसंबर 2021 को अपने ही गाँव के एक 5 वर्षीय बच्चे से किया था। तब वह नाबालिग बच्चे को बहला-फुसला कर खंडहर में ले गया था, जहाँ उसने बच्चे से कुकर्म किया। बच्चे की चीखें सुन कर आसपास के लोग जमा हुए थे। खुद को घिरता देख कर तब समीर बच्चे के सिर पर ईंट मार कर भाग निकला था। नाबालिग को अगले दिन होश आया था।

तौबा करके जीता था ग्रामीणों का भरोसा

नाबालिग से कुकर्म के आरोपित समीर को तब पुलिस ने IPC की धारा 323, 377 और 506 के अलावा पॉक्सो एक्ट में जेल भेजा था। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। लगभग 2 साल जेल में रहकर समीर 3 महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। बताया जा रहा है कि जेल से निकलने के बाद समीर ने तौबा किया था और ग्रामीणों को भविष्य में ठीक से रहने का भरोसा दिया था। कुछ दिन वह गाँव में शराफत का चोला ओढ़ कर भी रहा था। हालाँकि महज 3 महीने के अंदर ही समीर ने एक बार फिर से अपना विकृत रूप दिखा दिया।

PM मोदी ने नहीं ब्लर की CM योगी की तस्वीर, कॉन्ग्रेस की ‘मंथरा मौसी’ ने फैलाया था झूठ: जानें कैसे खुला प्रोपगेंडे का सच

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (14 मई 2024) को काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। इस पूजा के दौरान उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। पूजा की कुछ क्लिप समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने हैंडल पर शेयर की, बाद में कई मीडिया चैनलों ने इस क्लिप को अपने चैनल पर चलाया।

अब संभवत: कॉपी राइट से बचने के लिए इन्हीं मीडिया चैनलों में से एक चैनल ने एएनआई के लोगो को ब्लर करके पीएम मोदी की फोटो दिखाने का प्रयास किया। ये संयोग कहिए कि जिस जगह लोगो ब्लर किया गया वहाँ कुछ देर के लिए सीएम योगी का चेहरा भी ब्लर हो गया। मंशा शायद चैनल की गलत नहीं थी, लेकिन कॉन्ग्रेस की प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने इसे देखते ही इसका कुछ हिस्सा काटा और उसे एक्स पर साझा करके पीएम मोदी पर निशाना साधा।

मंगलवार (14 मई) को कॉन्ग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने अपने X हैंडल पर 6 सेकेंड के इस वीडियो को शेयर किया है। इस वीडियो में PM मोदी काशी विश्वनाथ परिसर में माथे पर टीका लगवाते दिख रहे हैं। पीछे चौखट के पास भगवा वस्त्र में सीएम योगी बैठे दिख रहे हैं जिन्हें सुप्रिया श्रीनेत ने महंत बतया है। 6 सेकेंड के इस वीडियो में पीछे सीएम योगी का चेहरा ब्लर नजर आ रहा है। यह क्लिप ‘हिंदी खबर’ नाम के न्यूज़ चैनल की है। कैप्शन के तौर पर सुप्रिया ने लिखा, “एक महंत को चौखट पर बिठा कर उनका चेहरा भी ब्लर कर दिया गया। फ़ोटोजीवी की आत्ममुग्धता का कोई अंत नहीं।”

हिंदी खबर ने खोली सुप्रिया के झूठ की पोल

सुप्रिया श्रीनेत द्वारा शेयर किए गए इस वीडियो की असलियत हिंदी खबर ने अपने आधिकारिक X हैंडल से बताई है। चैनल ने सुप्रिया को कॉन्ग्रेस की कंफ्यूज़्ड मंथरा मौसी कह कर सम्बोधित किया है। चैनल ने सुप्रिया श्रीनेत को फेक न्यूज़ फैलाते हुए मानसिक बीमार बताया और काशी विश्वनाथ से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। चैनल ने अपने ट्वीट के साथ कई स्क्रीनशॉट भी लगाए हैं जिसमें पीछे बैठे CM योगी आदित्यनाथ का चेहरा साफ दिख रहा है।

हिंदी खबर ने आगे लिखा, “संदर्भित क्लिप ANI न्यूज़ एजेन्सी के काफी बड़े आकार के Logo के साथ थी। ‘हिन्दी ख़बर’ डिजिटल में कार्यरत एक ट्रेनी पत्रकार के द्वारा उस Logo को ब्लर किया गया था, ना कि योगी जी के चेहरे को (हालाँकि ऐसा करने की ज़रूरत नहीं थी) कुल 4 मिनट 40 सेकेन्ड्स अवधि वाली इस क्लिप में कई बार, बारंबार योगी जी को मोदी जी के साथ पूजा-अर्चना करते दिखाया भी गया लेकिन आपने शुरूआत की सिर्फ 5 सेकेन्ड की क्लिप काट कर X पर चढ़ा दी और तुष्टिकरण की परिपाटी को कायम रखते हुए, अपनी विषैली राजनीतिक तृष्णा की तुष्टि कर ली। खैर… ‘हिन्दी ख़बर’ चैनल का मुफ्त में प्रचार-प्रसार करने के लिए धन्यवाद मंथरा मौसी। जय जय सियाराम।”

उद्धव ठाकरे वाली शिवसेना की रैली में लहराया इस्लामी झंडा: BJP नेता ने कहा- ये तो दाऊद का स्मारक भी बनवा देंगे; लोग बोले- बाला साहेब की पार्टी का क्या कर दिया

महाराष्ट्र के मुंबई का बता कर एक वीडियो मंगलवार (14 मई 2024) से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (उद्धव ग्रुप) के सदस्यों ने चेम्बूर इलाके की एक रैली में इस्लामी झंडा फहराया था। हरे रंग के इस झंडे में चाँद-तारे देखे जा सकते हैं। भीड़ में नमाज़ी टोपी पहने कुछ मुस्लिम युवक भी दिख रहे हैं। नेटिजन्स के अलावा भाजपा नेता नीतेश राणे ने शिवसेना उद्धव गुट की आलोचना की है।

महाराष्ट्र भाजपा के नेता नितेश राणे ने 1:26 मिनट के इस वीडियो को अपने X हैंडल पर शेयर किया है। वीडियो चेम्बूर इलाके के एक ओवरब्रिज के नीचे बनाया गया है। इस वीडियो में एक भीड़ आतिशबाजी कर रही है जिसकी वजह से सड़क पर ट्रैफिक जाम होने की स्थिति बन गई है। आसपास नमाजी टोपी पहने कुछ लोग दिख रहे हैं। इसी भीड़ के बीच में कुछ लोगों द्वारा चाँद-तारा छपा एक हरे रंग का बड़ा सा इस्लामी झंडा लहराया जा रहा है। झंडे को क्रेन पर लटकाया गया है। इसके नीचे एक माला भी झूल रही है।

भाजपा नेता नितेश राणे ने इस वीडियो को शेयर करते हुए उद्धव ठाकरे की निंदा की है। उन्होंने मराठी भाषा में कैप्शन में लिखा, “यूबीटी की रैली में लहराया पाकिस्तान का झंडा! अब आगे क्या? पीएफआई, सिमी और अल कायदा के लोग मातोश्री (उद्धव ठाकरे आवास) में बिरयानी खाएँगे ? जल्द ही मुंबई में दाऊद का स्मारक भी बनाया जाएगा। और वह (उद्धव) दावा करते हैं कि वो बाला साहेब ठाकरे के ‘असली बेटे’ हैं”।

नितेश राणे के अलावा कई अन्य यूजर में भी इस वीडियो को अलग-अलग तर्क देकर शेयर किया है। उमा माहेश्वरी श्रीधर ने लिखा, “हताशा देखो। उद्धव और संजय राऊत ने शिवसेना को क्या बना दिया।” उमा ने लोगों से उचित जवाब देने की उम्मीद जताई है।

मेघ अपडेट नाम के हैंडल ने भी यह वीडियो शेयर किया है। X प्लेटफॉर्म पर इस हैंडल ने कैप्शन में लिखा कि बाला साहेब ठाकरे ने इस दिन की कल्पना भी नहीं की रही होगी। हैंडल ने इस हरकत को शिवसेना का पतन बताया है।

@eternalroute नाम के X हैंडल कर्वज्ञ ने प्रशासन से वीडियो में दिख रहे लोगों पर कार्रवाई की माँग की है। भीड़ में शामिल लोगों पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इस हरकत से साम्पद्रायिक सौहार्द बिगड़ सकता है।

इन सभी के अलावा कई अन्य यूजर्स ने अपने-अपने शब्दों में उद्धव ठाकरे और उनके शिवसेना गुट की आलोचना की है।

चित्र- विभिन्न X प्लेटफॉर्म पर आए कमेंट

यहाँ ये ध्यान रखना होगा कि कुछ नेटिजन्स ने झंडे को पाकिस्तानी बताया है जो कि सही नहीं है। रैली में लहराया गया झंडा इस्लामी है। पाकिस्तानी और इस इस्लामी झंडे में सफेद पट्टी का एक मामूली सा फर्क है।

भाजपा से हाथ नहीं मिलाएँगे उद्धव

गौरतलब है कि इसी सप्ताह उद्धव ठाकरे ने ऐलान किया है कि वो भविष्य में नरेंद्र मोदी और भाजपा से कभी हाथ नहीं मिलाएँगे। भाजपा को विश्वासघाती बताते हुए उद्धव ने दावा किया है कि लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी हारेगी। उद्धव ने नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर महाराष्ट्र के प्रति द्वेष भाव रखने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लिए आने वाली परियोजनाओं को दूसरे प्रदेशों में ट्रांसफर कर दिया जाता है।

बकौल उद्धव इन चुनावों के बाद मोदी की तानाशाही वाला राज खत्म हो जाएगा। उन्होंने गारंटी देते हुए यह भी कहा कि INDI गठबंधन देश में नई सरकार बनाएगा जिस से महाराष्ट्र को पुराना गौरव हासिल होगा। बताते चलें कि 48 लोकसभा सीटों वाले महाराष्ट्र में अंतिम चरण का चुनाव 20 मई को है। इसमें मुंबई, कल्याण, पालघर और ठाणे आदि इलाकों में वोट डाले जाएँगे।

स्वाति मालीवाल की जान को खतरा… CM के घर हमला साजिश के तहत हुआ: पूर्व पति नवीन जयहिंद का दावा, AAP सांसद संजय सिंह को कहा- बंद करो एक्टिंग

स्वाति मालीवाल पर हुए हमले को लेकर AAP सांसद संजय सिंह ने जो प्रतिक्रिया दी है उसे स्वाति के पू्र्व पति नवीन जिंदर ने एक्टिंग करार दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में दावा किया है कि स्वाति पर जो हमला हुआ उसके बारे में संजय सिंह को जानकारी दी थी। उन्होंने ये भी दावा किया कि स्वाति की जान को खतरा है।

अपने हैंडल पर उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए कहा, “क्यों एक्टिंग कर रहा सांसद संजय सिंह, तुम्हें पता है ना सारी घटना का, तुम्हें पता था पहले ही क्या होना है। हमला साज़िश से हुआ है। स्वाति की जान को ख़तरा है, तुम्हें पता है ना। अब तुम उसको डरा धमका के चुप करा रहे हो तुम्हें पता है। आत्मा बची हुई है या वो भी बेच खाइ शर्म करो सांसद।”

नवीन जयहिंद वीडियो में जहाँ सांसद संजय सिंह को एक्टिंग बंद करने को कहते हैं। वहीं स्वाति मालीवाल से कहते हैं कि उन्हें अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए। उन्होंने लाखों महिलाओं की आवाज उठाई है। अब उन्हें खुद के लिए भी आवाज उठानी चाहिए।

बता दें कि नवीन जयहिंद की यह वीडियो संजय सिंह की उस प्रतिक्रिया पर आई है जहाँ उन्होंने कहा था कि स्वाति के साथ हुई घटना पर AAP उनके साथ है और आरोपित पर कार्रवाई होगी। उन्होंने इस घटना को बेहद निंदनीय घटना बताते हुए कहा कि सुबह अरविंद केजरीवाल के आवास पर स्वाति मालीवाल मिलने के लिए पहुँची थीं और ड्राइंग रूम में इंतज़ार कर रही थीं, इस बीच विभव कुमार वहाँ पर पहुँचे और उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ बहुत बदतमीजी की, अभद्रता की।

संजय सिंह ने वीडियो में बताया कि इसके बाद स्वाति मालीवाल ने 112 नंबर पर फोन कॉल कर के पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। संजय सिंह का ये भी कहना है कि AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को संज्ञान में लिया है और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। संजय सिंह ने स्वाति मालीवाल को देश-समाज के लिए बड़ा कार्य करने वाली महिला बताते हुए कहा कि वो पार्टी की वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं, हम सब उनके साथ हैं।

न घर है न गाड़ी… कैश में हैं सिर्फ 52000 रुपए: PM मोदी ने चुनाव आयोग को दिया संपत्ति का ब्यौरा, बताया- जो मिला सब सरकारी वेतन और बैंक के ब्याज से

लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर आज (14 मई 2024) जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। लगातार तीसरी बार इस सीट से चुनावी मैदान में उतरते हुए पीएम मोदी ने नामांकन के साथ अपनी संपत्ति का ब्यौरा दिया। उन्होंने इस संबंध में एक हलफनामा ईसी के समक्ष दायर किया, जिसकी हर जानकारी अब मीडिया में है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जमा कराए गए हलफनामे से पता चलता है कि पीएम मोदी के पास निजी जीवन में न तो अपनी कार है और न ही अपना कोई घर है। वहीं कैश की बात करें तो उनके पास 52 हजार कैश है और कुल संपत्ति की बात करें तो उनकी चल-अचल संपत्ति मिलाकर 3.02 करोड़ रुपए संपत्ति बताई गई है।

अपने हलफनामे में उन्होंने बताया कि इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाई गई उनकी संपत्ति 2018-19 में 11,14,230 रुपए थी; 2019-2020 में ये 17,20,760 हुई, 2020-2021 में ये आय थोड़ी घटी लेकिन 2021-2022 में ये 15,41,870 हो गई और 2022-2023 में ये 23,56,080 हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया है कि उनकी बढ़ी इनकम का सोर्स सरकारी वेतन और उनकी बचत पर अर्जित ब्याज है।

उन्होंने ये भी बताया कि उनके पास न तो कोई घर है और न ही कोई गाड़ी है, लेकिन, पिछले पाँच साल में पीएम मोदी की चल संपत्ति में इजाफा हुआ है, साथ ही उनके खिलाफ कोई केस भी नहीं है।

दरगाह पर जियारत करने गई थी विधवा, चादर बेचने वाले राहत ने किया रेप: आवाज निकालने पर मुँह में कपड़ा ठूँसा, बात न सुनने पर कत्ल की धमकी; FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले की एक दरगाह पर विधवा महिला से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता यहाँ बड़े सरकार नाम की दरगाह पर अपनी बेटी के साथ जियारत करने आई थी। रेप का आरोप राहत नाम के युवत पर लगा है। उसने मुँह खोलने पर महिला को जान से मार डालने की धमकी भी दी। राहत की दरगाह परिसर में चादर और सिन्नी (चढ़ाने वाली मिठाई) की दुकान है। उस पर आरोप है कि वह इलाज के नाम पर आए दिन नई-नई लड़कियों का बलात्कार करता है। मामले की शिकायत सोमवार (13 मई 2024) को की गई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला बदायूं के थाना कोतवाली क्षेत्र का है। सोमवार को यहाँ पीड़िता ने शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि वो विधवा है और मूल रूप से UP के ही बिजनौर जिले की रहने वाली है। पीड़िता 6 वर्षीया बच्ची की माँ है। वह 1 साल से अपनी बेटी के साथ बदायूँ के बड़े सरकार की दरगाह में जियारत करने आ रही थी। इसी दरगाह के परिसर में राहत नाम के युवक ने दुकान खोल रखी है। वह सिन्नी (मजार पर चढ़ाने वाली मिठाई) और चादरें बेचता है।

शिकायत में बताया गया है कि लगभग 15 दिन पहले राहत पीड़िता को बहला-फुसला कर अपने कमरे में ले गया। यहाँ उसने पीड़िता से बलात्कार किया। जब पीड़िता ने राहत का विरोध किया तो उसे गंदी-गंदी गालियाँ देते हुए पीटा गया। महिला ने शोर मचाने की कोशिश की तो उसके मुँह में कपड़ा ठूंस दिया गया। रेप के बाद राहत ने पीड़िता को धमकाते हुए कहा, “अगर तूने मेरी भविष्य में बात नहीं मानी तो मैं तुझे जान से मार दूँगा”। पीड़िता ने खुद को बेसहारा बताते हुए राहत से अपनी जान का खतरा भी बताया है।

शिकायत में महिला ने आगे बताया है कि राहत आए दिन नई-नई लड़कियों को जियारत के नाम पर बुला कर उनसे बलात्कार करता है। लड़कियाँ विरोध करें तो उन्हें पीटा जाता है। महिला का दावा है कि राहत खुलेआम दावा करता है कि वो पुलिस को पैसा देता है। महिला ने खुद को डरा बताते हुए अपने साथ अपनी बेटी की जान-माल की सुरक्षा की गुहार पुलिस से लगाई है। पुलिस ने राहत को नामजद करते हुए मामले में FIR दर्ज कर ली है। मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

बदायूँ में दोनों बच्चों का कातिल भी जाता था इसी दरगाह पर

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बदायूँ जिले में गुरुवार (19 मार्च 2024) को 2 हिन्दू बच्चों की गला रेत कर निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। इस हमले में तीसरा बच्चा घायल हो गया था। पुलिस ने इस मामले में 20 मार्च को घटना के मुख्य आरोपित साजिद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया था वहीं फरार चल रहे 25 हजार के इनामी जावेद को इसी दिन बरेली से दबोच लिया गया था। दोनों हमलावर सगे भाई ही हैं। ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी में यह बात निकल कर सामने आई थी कि मुख्य आरोपित साजिद भी बचपन से इसी बड़े सरकार की दरगाह पर ले जाया जाता था।

तब, साजिद की दादी ने भी दावा किया था कि उनके पोते की मानसिक बीमारी का इलाज बचपन में बड़े सरकार की ही दरगाह पर ले जाकर करवाया जाता था। साजिद का पूरा गाँव भी खुद को बड़े सरकार की दरगाह का मुरीद बताया था। जिस जगह दोनों बच्चों की हत्या हुई थी वहाँ से महज कुछ ही मिनटों के फासले पर बड़े सरकार की दरगाह मौजूद है। ताजा मामले में पीड़िता ने भी अपना और कई अन्य महिलाओं का इलाज इस दरगाह पर चलने की बात कबूली है।

‘तीसरी बीवी आने वाली है’: सैफ अली खान के बाजू पर नहीं दिखा ‘करीना’ वाला टैटू, सोशल मीडिया में तलाक तक के लग रहे कयास

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान की हाल ही में एक तस्वीर पर चर्चाएँ चालू हो गई हैं। सैफ अली खान की मुम्बई एयरपोर्ट से सामने आई एक तस्वीर पर कहा गया कि उन्होंने अपनी पत्नी कपूर खान के नाम का टैटू कवर करवा दिया है। करीना का नाम ना दिखने को लेकर कई तरह की चर्चाएँ तेज हो गई हैं।

मुंबई एयरपोर्ट से सामने आई एक तस्वीर में दिखता है कि सैफ अली खान के हाथ पर पहले हिंदी में लिखा हुआ ‘करीना’ का टैटू अब नहीं दिख रहा है। इस पर करीना की जगह अब एक नई आकृति बनी है और करीना नाम नहीं दिख रहा है। इसको लेकर लोगों ने सोशल मीडिया पर तरह तरह की टिप्पणियाँ की।

एक यूजर ने इन्स्टाग्राम पर लिखा, “वाइफ भी चेंज होगी।”

एक और यूजर ने लिखा, “अभी टैटू बदला है अब घरवाली बदलेगा”

एक और यूजर ने लिखा, “अब किसी और शिकार के चक्कर में होगा।”

एक और यूजर ने करीना और सैफ के बीच तलाक के कयास भी लगाए।

एक यूजर ने लिखा कि तीसरी बीवी आने वाली है, इसलिए हटवा दिया।

एक और यूजर ने लिखा, “हो गया काम तीसरी बीवी आने वाली है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सैफ अली खान ने यह टैटू 2008 में ही बनवा लिया था। यह टैटू तब से बना हुआ था। सैफ ने इस टैटू को लेकर कहा था, “मैं कहना चाहता था, ‘देखिए, मैंने यही किया है और यह एक बहुत गंभीर कमिटमेंट है। जब भी आप मुझे ‘कैसानोवा’ कहेंगे तो मैं इसे आपको दिखा सकता हूँ, ‘लेकिन मैंने पहले ऐसा नहीं किया है।”

हालाँकि, अब इसे सैफ अली खान ने क्यों कवर करवाया है, इसकी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी बताया गया है कि इससे पहले भी कुछ फिल्मों के लिए सैफ अली खान इस टैटू को कवर करवा चुके हैं।

मोदी सरकार के 10 वर्षों में हर साल 5 करोड़ रोजगार का सृजन: SKOCH ग्रुप ने रिसर्च में बताया – घटी गरीबी, सरकारी योजनाएँ जमीन पर दिखा रहीं असर

भारत के वित्तीय थिंक टैंक SKOCH ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 10 वर्ष के कार्यकाल में रोजगार के आँकड़ों को लेकर अपना अध्ययन प्रकाशित किया है। संस्था का कहना है कि पिछले एक दशक में भारत में 5.14 करोड़ पर्सन-ईयर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। इसका अर्थ है कि 51.40 करोड़ साल के रोजगार मोदी सरकार में पैदा हुए। ये केवल सरकारी प्रयासों द्वारा उत्पन्न रोजगार के आँकड़े हैं। साथ ही ये भी बताया गया है कि 31.61 करोड़ क्रेडिट आधारित प्रयासों से पैदा हुए हैं।

संस्था ने अपने इस अध्ययन को ‘Modinomics’ नाम दिया है। इसे आसान शब्दों में समझें तो 2014 में मोदी सरकार के बनने के बाद से वर्तमान में 2024 तक औसतन 5.14 करोड़ रोजगार का सृजन हर साल किया गया है। पर्सन-ईयर का अर्थ होता है घंटों (वर्क आवर्स) के आधार पर 1 वर्ष में किसी व्यक्ति द्वारा किए गए काम की गणना। इस रिपोर्ट को 80 केस स्टडी के आधार पर तैयार किया गया है। कई प्रकार के कर्ज और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से भी बात की गई।

ये आँकड़े 2014-24 के बीच के हैं। इस बीच रोजगार के 51.40 करोड़ अवसर पैदा हुए। इनमें से 19.79 करोड़ रोजगार के अवसर सीधे मोदी सरकार के प्रयासों से पैदा हुए। बता दें कि SKOCH ग्रुप भारत की सामजिकार्थिक स्थिति का अध्ययन करता है और समावेशी विकास के लिए 1997 से ही कार्य कर रहा है। रिसर्च में पाया गया है कि माइक्रो लोन से स्थिर और सुरक्षित रोजगार के अवसर पैदा किए जा रहे हैं। हर प्रत्यक्ष लोन लेने वाले ने 6.6 रोजगार पैदा किए।

इतना ही नहीं, इस गहन अध्ययन में ये भी पता चला है कि भारत में न सिर्फ गरीबी घट रही है, बल्कि घरेलू उत्पादन भी बढ़ रहा है। इस संस्था की रिपोर्ट्स को इससे पहले भी उच्च-स्तरीय स्वीकृति मिलती रही है। ‘Outcomes of ModiNomics 2014-24: A Report Card by SKOCH Group’ को अर्थशास्त्री समीर कोचर ने जारी किया है, जो कई पुस्तकें लिख चुके हैं। वो इस संस्था का चेयरमैन हैं, साथ ही एक इतिहासकार भी हैं।

‘बड़ी काशी’ में PM मोदी, ‘छोटी काशी’ में कंगना… पग-पग पर शिवधाम, 8 दिन मनता है शिवरात्रि का त्योहार; जानिए क्यों हिमाचल के मंडी को कहते हैं ‘छोटा काशी’

लोकसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने जब से बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत को प्रत्याशी बनाकर मंडी से उतारा है, उसके बाद से ये क्षेत्र लगातार सुर्खियों में है। आज कंगना ने नामांकन दाखिल करने के बाद भी मंडी की महत्ता का जिक्र करते हुए इसे छोटा काशी कहा।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा- “प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी काशी-वाराणसी से नामांकन पत्र दाखिल किया है जबकि मैंने छोटी काशी-मंडी से नामांकन किया है। ये बहुत महत्वपूर्ण दिन है।” उनकी इस टिप्पणी के बाद से मंडी की चर्चा तेज है। लोग जानने के इच्छुक हैं कि मंडी को आखिर क्यों ‘छोटी काशी’ कहा जाता है उसके आध्यात्मिक महत्व क्या हैं। तो आज चलिए आपको इस खास जगह से परिचय करवाते हैं।

हिमाचल प्रदेश एक पर्वतीय स्थल है लेकिन इस पर्वतीय स्थल पर बसा मंडी क्षेत्र ऐसा है जिसकी सुंदरता उसे अपनी ओर खींचती है। यहाँ से लोग सुंदर पहाड़ियों का आनंद लेते हैं और आध्यात्म की अनुभूति करते हैं। मात्र  3,950 वर्ग किलोमीटर में फैले इस छोटे से क्षेत्र में 81 प्राचीन मंदिर हैं। खास बात ये है कि इनमें से ज्यादातर भगवान शिव के धाम हैं।

माना जाता है कि मंडी रियासत पर राज करने वाले सभी राजाओं की भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था थी। इसके कारण यहाँ के राजाओं ने कई शिव मंदिरों को निर्माण करवाया था। इनमें सबसे खास मंदिर एकादश रूद्र, अर्धनारिश्वर, त्रिलोकीनाथ, पंचवक्त्र, नीलकंठ महादेव, बाबा भूतनाथ, महामृत्युंज्य मंदिर माने जाते हैंये मंदिर इतने भव्य हैं और इनकी इतनी मान्यता है कि इसके दर्शन के लिए लोग देश-विदेश से आते हैं।

इतना ही नहीं शिवरात्रि के समय में हिमाचल प्रदेश का यह जिला यहाँ की सुंदरता देखने योग्य होती है। शिवरात्रि के समय बड़ी संख्या में शिवभक्त यहाँ आते हैं। सब मंदिरों में पूजा करते हैं और उस माहौल का आनंद उठाते हैं जो स्थानीयों की श्रद्धा के कारण चारों ओर दिखाई देता है। इस जगह शिवरात्रि का इतना महत्व है कि यहाँ किसी के एक दिन इस त्योहार का उत्साह नहीं दिखता बल्कि पूरे 8 दिन तक जब इस त्योहार को मनाते हैं। यहाँ निर्मित शिव मंदिर और उन शिव के लिए स्थानीयों की भक्ति देखकर ही इस जगह को छोटा काशी कहते हैं।

इसके अलावा मंडी का प्राचीन महत्व इसलिए भी है क्योंकि इस जिले का नाम ऋषि मांडव के नाम पर पड़ा था। बताया जाता है कि तपस्वी मांडव ने मंडी में ही अपनी घोर तपस्या की थी और उन्हें आलौकिक शक्तियाँ मिली थीं। उन्होंने अपनी तपस्या कुल्लू के नजदीक कोलसरा नामक स्थान पर एक चट्टान पर बैठकर व्यास नदी के पास की थी। इसके बाद इस जगह का नाम उनके नाम पर पड़ा। यहाँ नमक की खानें होने की वजह से इस जिले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली और लोग यहाँ के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहे।

CM केजरीवाल के घर में स्वाति मालीवाल के साथ हुई थी बदसलूकी, AAP सांसद संजय सिंह ने मानी: बताया ड्राइंग रूम में विभव कुमार ने क्या-क्या किया

राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति में सोमवार (13 मई, 2024) को अचानक से भूचाल आ गया था जब 9 वर्षों तक ‘दिल्ली महिला आयोग’ (DCW) की अध्यक्ष रहीं स्वाति मालीवाल के साथ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आधिकारिक आवास में मारपीट हुई है। इसमें CM के पूर्व PA विभव कुमार का नाम आया था। स्वाति मालीवाल थाने भी पहुँची थीं, लेकिन बिना कोई लिखित शिकायत दर्ज कराए वो ऑटो से लौट गई थीं। उन्हें कुछ फोन कॉल्स आए, जिसके बाद वो वापस गई थीं।

अब पहली बार इस पूरे प्रकरण पर AAP की तरफ से प्रतिक्रिया आई है। पार्टी के राज्यसभा संसद और अरविंद केजरीवाल की तरह ही जमानत पर बाहर चल रहे नेता संजय सिंह ने इसे एक बहुत ही निंदनीय घटना बताते हुए कहा कि सुबह अरविंद केजरीवाल के आवास पर स्वाति मालीवाल मिलने के लिए पहुँची थीं और ड्राइंग रूम में इंतज़ार कर रही थीं, इस बीच विभव कुमार वहाँ पर पहुँचे और उन्होंने स्वाति मालीवाल के साथ बहुत बदतमीजी की, अभद्रता की।

संजय सिंह ने बताया कि इसके बाद स्वाति मालीवाल ने 112 नंबर पर फोन कॉल कर के पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस घटना की जितनी निंदा की जाए कम है। संजय सिंह का ये भी कहना है कि AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस घटना को संज्ञान में लिया है और सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। संजय सिंह ने स्वाति मालीवाल को देश-समाज के लिए बड़ा कार्य करने वाली महिला बताते हुए कहा कि वो पार्टी की वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं, हम सब उनके साथ हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस प्रकरण को गंभीरता से लिया है, आम आदमी पार्टी ऐसे लोगों का समर्थन नहीं करती है। विभव कुमार को विजिलेंस डिपार्टमेंट ने हटा दिया था, उससे शराब घोटाले में भी ED पूछताछ कर चुकी है। 2007 में उस पर सरकारी कर्मचारी से मारपीट का भी आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि केजरीवाल के जेल जाने के बाद मालीवाल निष्क्रिय थीं और अमेरिका चली गई थीं, इसीलिए उन्हें इस्तीफा देने को कहा गया और ये घटना हुई।