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परवेज, रहमान, आलम, अख्तर, अमीन, मोहम्मद खलीकुज्जमान… PFI आतंकियों को जमानत से पटना HC का इनकार, 2047 तक भारत को मुस्लिम मुल्क बनाने की थी साजिश

पटना हाई कोर्ट ने ‘पीएफआई-फुलवारी शरीफ आतंकी मॉड्यूल’ मामले से जुड़े छह आतंकवादियों को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जुलाई 2022 की बिहार यात्रा में खलल डालने की कथित साजिश से जुड़ा है। इसके तहत बिहार में 12 सेंटर खोले गए थे और 15 हजार से अधिक मुस्लिम युवकों को आत्मरक्षा के नाम पर आक्रामक कार्रवाईयों के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। इस मामले में 2 एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसकी जाँच एनआईए कर रही है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, पटना हाईकोर्ट में जस्टिस विपुल एम पंचोली और जस्टिस रमेश चंद मालवीय की बेंच ने इस मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) द्वारा जुटाए गए सबूतों पर विचार करते हुए पाया कि अपीलकर्ताओं के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है, ऐसे में आरोपितों को जमानत नहीं दी जा सकती। पीएफआई के फुलवारी शरीफ टेरर मॉड्यूल से जुड़े आतंकियों मंज़र परवेज़, अब्दुर रहमान, महबूब आलम, शमीम अख्तर, मोहम्मद खलीकुज्जमान और मोहम्मद अमीन ने पटना हाई कोर्ट से जमानत माँगी थी। इस मामले की जाँच एनआईए कर रही है। ये सभी प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) और स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य हैं।

मोहम्मद जलालुद्दीन और अताहर परवेज़ के बयानों से ये पता चला है कि सभी आतंकी पीएम मोदी की रैलियों में बाधा डालकर सांप्रदायिक सद्भाव और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने के लिए “नापाक मंसूबों” को अंजाम देने की कोशिश कर रहे थे। पटना हाईकोर्ट ने माना है कि एनआईए ने इस साजिश की जांच में अब तक पर्याप्त सबूत जुटा लिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि साजिश के तहत पीएफआई और सिमी के बैनर तले लोगों को संगठित कर पूरे देश में धार्मिक उन्माद चार चरणों में फैलाना था ताकि इस्लामी राज्य को स्थापित किया जा सके।

कोर्ट ने कहा है कि इस्लामिक साजिश के तहत जिन चार चरणों के तहत जो प्लानिंग की गई थी उसके अनुसार, सबसे पहले भारत के मुस्लिमों को संगठित कर हथियारों का प्रशिक्षण देना था दूसरा चुने गए जगह पर दूसरे धर्म के लोगों को निशाना बनाकर हमला कर दहशत फैलाना था। तीसरे चरण में एससी-एसटी के साथ मिलकर हिंदुओं में विभाजन करना था। आखिरी चरण में देश की पुलिस, फौज और न्यायपालिका में घुसना था। इन सबका जिक्र पीएफआई के ‘मिशन 2047’ नाम के विजन डॉक्यूमेंट में भी है।

बता दें कि दोनों संदिग्ध आतंकियों ने खुलासा किया था कि PFI द्वारा बिहार के जिलों में शारीरिक शिक्षा के नाम पर मुस्लिम युवाओं को आतंक की ट्रेनिंग दी जा रही थी। बिहार में इन ठिकानों पर PFI अब तक 15000 से अधिक मुस्लिम युवाओं को अस्त्र-शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग दे चुकी है। युवाओं को ट्रेनिंग देने के लिए राज्य में करीब 12 जिलों में ऑफिस खोला गया था। जबकि, पूर्णिया को PFI का हेड क्वार्टर बनाया गया था। देश विरोधी गतिविधियों की इस बड़ी साजिश की जाँच अब एनआइए कर रही है।

इन सबूतों के आधार पर केंद्र सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने जमानत का कड़ा विरोध किया। पटना हाई कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह पाया कि इन सारी साजिशों को पूरा करने के लिए आरोपियों ने जिन डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल किया उनकी बरामदगी के बाद एजेंसी ने सरकारी तकनीकी लैब में उसका परीक्षण करवाया।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पटना के कार्यक्रम में गड़बड़ी फैलाने की साजिश की सूचना पर पुलिस ने 11 जुलाई 2022 को फुलवारी में मोहम्मद जलालुद्दीन के घर छापा मार कर उसके किराएदार जाहिद परवेज के पास से जब्त दस्तावेज और उपकरण बरामद किया था। देश में सांप्रदायिक तनाव और देश के अखंडता के खिलाफ साजिश रचने का मामला फुलवारी थाने में रजिस्टर्ड किया गया था। इस मामले में कुल 2 एफआईआर दर्ज की गई थी, पहली एफआईआर में 26 और दूसरी एफआईआर में 1 आतंकी का नाम है। NIA ने पटना, दरभंगा, पूर्वी चम्पारण, नालंदा और मधुबनी जिलों में कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस मामले में बिहार पुलिस द्वारा 12 जुलाई 2022 को FIR दर्ज की गई थी लेकिन NIA ने 22 जुलाई 2022 को एक बार फिर से FIR दर्ज करवाई, जिसमें IPC की धारा 120, 120- बी, 121, 121-A, 153-A, 153-बी और 34 लगाई गई।

ध्रुव राठी पर रील बनाने के बाद किए गए थे ट्रोल, अब चाकू से हुआ हमला: इन्फ्लुएंसर भूपेंद्र जोगी को लगे 37 टाँके, हमलावरों का पता नहीं

इंस्टाग्राम पर कुछ समय पहले मशहूर हुए भूपेंद्र जोगी पर हमला होने की खबर है। मध्य प्रदेश के भोपाल में अपनी कपड़ों की दुकान से लौटते वक्त कुछ नकाबपोशों ने चाकू लेकर उनपर हमला किया। घटना रात 9 बजे हुई। इस दौरान उन्होंने खुद को बचाने का प्रयास लेकिन चोटें गंभीर आ गईं। अस्पताल ले जाने पर उन्हें 37 टाँके आए। पुलिस अब मामले को दर्ज करके अपनी पड़ताल कर रही है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मामले में अरेरा हिल्स पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि अब तक आरोपितों का कोई सुराग नहीं मिला है। जोगी ने पूर्व में मिली धमकियों के बारे में जानकारी नहीं दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खँगाल रही है।

भूपेंद्र जोगी ने बताया, “मैं अपनी दुकान बंद कर चुका था और वापस लौट रहा था, तभी दो नकाबपोश लोगों ने मुझ पर चाकुओं से हमला कर दिया। उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया है। मैं इन लोगों को ढूंढने और मुझे न्याय दिलाने में मदद करने के लिए सभी से मदद का अनुरोध करता हूँ।”

अपने इंस्टाग्राम स्टोरी में भी जोगी ने कहा, “मैं भूपेंद्र जोगी हूँ, कल रात 9:30 बजे जब मैं अपनी दुकान से घर लौट रहा था तो रौशनपुरा चौराहे (थाने से 100 मीटर दूर) पर कुछ लोगों ने मुझ पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे मेरे शरीर पर 37 टाँके आए। हमला करने के बाद वे आसानी से भाग गए और अब तक उनका कोई पता नहीं चल सका है… कृपया आप सभी से अनुरोध है कि इन लोगों को ढूँढने में मेरी मदद करें और मुझे न्याय दिलाने में मदद करें।”

बताया जा रहा है कि भूपेंद्र जोगी एक ओटीटी प्लेटफॉर्म में ऑडिशन के लिए जाने वाले थे। अगर वह ऑडिशन पास करने में कामयाब होते तो सलमान खान के साथ काम करते। माना जा रहा है कि ये ऑडिशन बिग बॉस ओटीटी का था जिसके होस्ट सलमान खान ही हैं। उनके परिवार वालों का मानना है कि ये हमला उसी ऑडिशन से पहले हुआ।

वहीं, कुछ जगह कहा जा रहा है कि कुछ समय पहले भूपेंद्र जोगी ने अपने इंस्टाग्राम पर ध्रुव राठी का मजाक उड़ाया था। इसी के बाद सोशल मीडिया पर कुछ इस्लामी कट्टरपंथियों ने उन्हें धमकी दी थी।

किसी कमेंट में उन्हें अनफॉलो करने को कहा गया था तो कहीं पर उन्हें कहा गया था कि वह भाजपा के हाथों बिक गए हैं इसलिए इस तरह की बातें कर रहे हैं। फिलहाल हमले की असल वजह साफ नहीं हो पाई है लेकिन भूपेंद्र जोगी के लिए न्याय की माँग लोगों द्वारा उठाई जा रही है।

बता दें किं भूपेन्द्र जोगी भोपाल के एक व्यापारी हैं जो कपड़े की दुकान चलाते हैं। जोगी 2018 में अपने “नाम क्या है” मीम के वायरल होने के बाद प्रसिद्ध हुए थे। इसके बाद वो सोशल मीडिया इन्फ्लुंसर बन। वर्तमान में उनके फॉलोवर्स 2 लाख होने वाले हैं। वो मध्यप्रदेश के नेताओं के साथ भी फोटो खिंचवा चुके हैं।

भारत के साथ रूस: कहा- लोकसभा चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है अमेरिका, धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन के आरोप निराधार

रूस ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि अपने रिपोर्ट के जरिए वह भारत में जारी लोकसभा चुनाव 2024 को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। रूस ने कहा कि अमेरिका ने भारत पर आरोप लगाया था कि वह धार्मिक स्वतंत्रता अधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। इस आरोप का एकमात्र उद्देश्य आम चुनावों को प्रभावित करना था।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने बुधवार (8 मई 2024) को कहा, “धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन के मामले में नई दिल्ली पर अमेरिका के नियमित निराधार आरोप कुछ और नहीं, बल्कि अमेरिका की राष्ट्रीय मानसिकता की गलतफहमी, भारत के विकास के ऐतिहासिक संदर्भ और एक देश के रूप में भारत के प्रति अनादर का प्रतिबिंब है।”

ज़खारोवा ने कहा, “इसका कारण देश में होने वाले आम चुनाव को जटिल बनाने के लिए भारत की घरेलू राजनीतिक स्थिति को अस्थिर करने का इरादा है।” रूसी राजनयिक ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोप उनकी नव-उपनिवेशवादी मानसिकता की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने कहा कि ये दावे एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में भारत के प्रति सम्मान की कमी दर्शाते हैं।

रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन का निराधार आरोप लगाया है।आयोग ने भारत को ‘विशेष चिंता वाला देश’ घोषित करने के लिए अमेरिकी विदेश विभाग को अपनी सिफारिश भी दी है।

रिपोर्ट में सत्ताधारी भाजपा पर ‘भेदभावपूर्ण’ राष्ट्रवादी नीतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया है। आयोग ने आतंकी निरोधी गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम (FCRA), नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (CAA), धर्मांतरण विरोधी कानून और गो-हत्या विरोधी कानूनों को भी चिह्नित किया है।

अमेरिकी आयोग ने कहा कि इन कानूनों को लागू करने के कारण धार्मिक अल्पसंख्यकों और उनकी ओर से वकालत करने वालों को मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया, निगरानी की गई और निशाना बनाया गया। हालाँकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप का प्रयास बताया और देश के खिलाफ दुष्प्रचार करने के लिए अमेरिकी आयोग की आलोचना की है।

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (7 मई 2024) को एक इंटरव्यू में बाहरी हस्तक्षेप की बात की थी। उन्होंने कहा था कि पूरी दुनिया भारत के चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। ये अपनी राय नहीं दे रहे हैं, वे प्रभावित कर रहे हैं। लेकिन, वे भारत को प्रभावित नहीं कर पाएँगे। भारत के लोगों की अंदरूनी शक्ति जबर्दस्त होती है।”

प्रधानमंत्री ने कहा था, “आपातकाल के चुनाव के बाद देश ने देख लिया है कि भारत के गरीब आदमी में भी लोकतंत्र, स्वतंत्रता और आदर्श क्या होते हैं।” बता दें कि विदेश मंत्री जयशंकर ने इस चुनाव को दुनिया का सबसे बड़ा चुनाव बताया है। इसमें 96.80 करोड़ पंजीकृत मतदाता 12 लाख मतदान केंद्रों अपने मत तका प्रयोग करेंगे। इसके लिए 1.40 करोड़ चुनाव आयोग के कर्मचारी लगे हैं।

बालमुनि को उसी अख्तर अंसारी ने मार डाला, जिसके लिए तोड़ आई थी सारे रिश्ते-नाते: कब्रिस्तान में लाश दफनाते हुए पकड़े गए

झारखंड के लोहरदगा में अख्तर अंसारी के साथ 5 साल से लिव-इन-पार्टनरशिप में रह रही बालमुनी लोहरा को अपनी जान गँवानी पड़ी, क्योंकि अख्तर अंसारी ने ही उसे मौत के घाट उतार दिया। इसका खुलासा तब हुआ, जब अख्तर अंसारी अकेले ही बाल मुनि लोहरा के शव को कब्रिस्तान में दफना रहा था, तभी स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये मामला लोहरदगा के किस्को थाना इलाके में आने वाले नवाडीह गाँव का है। जहाँ अनुसूचित जनजातीय समुदाय की बाल मुनि लोहरा (26 वर्ष) पिछले 5 साल से अपने लिव-इन पार्टनर अख्तर अंसारी के साथ रह रही थी। दोनों के बीच एक डेढ़ साल का बच्चा भी है। बताया जा रहा है कि बाल मनु पाँच साल पहले अपने घर से भाग आई थी और अख्तर अंसारी के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि दोनों ने कथित तौर पर निकाह भी किया था, लेकिन इस बाल मुनि के इस्लामिक नाम का कुछ पता नहीं चल पाया।

इस बीच, सोमवार को अख्तर अंसारी ने बाल मुनि लोहरा की गला दबाकर हत्या कर दी और चुपचाप उसके शव को कब्रिस्तान में ठिकाने लगाने के लिए पहुँच गया। अख्तर के साथ उसका भाई सैमुल्लाह भी था। स्थानीय लोगों ने दोनों को कब्रिस्तान में शव को ठिकाने लगाते देख लिया और पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुँची पुलिस ने देखा कि बाल मुनि के शरीर पर चोट के निशान हैं और गले पर भी, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया और अख्तर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला है कि अख्तर अंसारी ने बाल मुनि की हत्या सोमवार (06 मई 2024) को ही कर दी थी।

ऑर्गनाइजर के मुताबिक, ये वारदात मंगलवार (7 मई 2024) को सामने आई, जब अख्तर अंसारी को लोगों ने कब्रिस्तान में बाल मुनि लोहरा के शव को ठिकाने लगाते रंगे हाथों पकड़ लिया। इसके बाद लोगों ने बाल मुनि के माता-पिता और परिवार को सूचित किया। इसके बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने अख्तर अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में किस्को थाना कांड संख्या 13/24,धारा 302, 201, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है।

क्यों उड़ान नहीं भर पा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस, कैसे कर्मचारियों की बर्खास्तगी तक पहुँचा संकट: जानिए सब कुछ, अब तक 100 फ्लाइट कैंसल

एयर इंडिया एक्सप्रेस (Air India Express) में कर्मचारियों का संकट गहरा गया है। बताया जा रहा है कि विरोध प्रदर्शन करने के नाम पर एक साथ करीबन 200 स्टाफ मेंबर ने सिक लीव ले ली, जिसकी वजह से एयरलाइन की 100 उड़ानें बाधित हुईं। साथ ही पैसेंजर्स को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस घटना के बाद एयरलाइन ने 25 स्टाफ मेंबर्स पर कार्रवाई की है। वहीं बाकी बचे स्टाफ को नोटिस भेजकर नौकरी पर आने को कहा है। साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि अगर वो बात नहीं मानते तो फिर एक्शन लिया जाएगा।

कहाँ की फ्लाइट हुई कैंसिल

जानकारी के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस के पास अभी 70 प्लस एयरक्राफ्ट हैं। रोजाना ये एयरलाइन 300 से ज्यादा फ्लाइट ऑपरेट करती है। 1 हफ्ते में इस एयरलाइन्स से 2500 फ्लाइट्स ऑपरेट की जाती है। ये उड़ानें देश के 31 और विदेश के 14 शहरों में ऑपरेट होती हैं। मंगलवार को स्टाफ की कमी के कारण नई दिल्ली, श्रीनगर, गुवाहाटी, बेंगलुरु, गोवा, तिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कालीकट, कुन्नूर, कोझिकोड एयरपोर्ट पर एअर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें कैंसिल करनी पड़ी थीं, जिसकी वजह से काफी नुकसान हुआ था और पैसेंजर्स को दिक्कत भी हुई थी।

क्यों बिगड़े हालात

एयर इंडिया एक्सप्रेस के चेयरमैन की मानें तो 2022 में टाटा द्वारा टेकओवर के बाद हालत बिगड़े हैं। वेतन का बड़ा हिस्सा पोस्टर लाइफ इंश्योरेंस से जोड़ा गया है जिससे कर्मचारी नाराज हैं। इसके अलावा सीनियर्स पर भेदभाव का आरोप है। साथ ही ये भी बात हैं कि यहाँ प्रमोशन की नीति ठीक नहीं है। इसके अलावा ये इस प्रदर्शन का कारण एआईएक्स कनेक्ट और विस्तारा का एअर इंडिया में विलय करना, भी माना जा रहा है। कर्मचारी कह रहे हैं कि ऐसे निर्णय एअर इंडिया के मूल कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है।

मामला सुलझाने के लिए हो रही बात

एयरलाइन इस संकट को खत्म करने के लिए मैनेजमेंट वर्कर्स की यूनियन से बात कर रही हैं। कोशिश की जा रही हैं कि किसी भी तरह से उड़ानें प्रभावित न हों। मगर, हालात देख लगता है कि फिलहाल कर्मचारी काम पर लौटने के लिए तैयार नहीं हैं।

ऐसे में एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अचानक छुट्टी पर जाने वाले 200 में से 25 क्रू मेंबर्स को नौकरी से निकाल दिया है। बाकी बचे सभी सदस्यों को नौकरी ज्वाइन करने को कहा है। वहीं यात्रियों से उन्हें हो रही असुविधा के लिए माफी माँगी है।

बता दें कि मंगलवार को एयरलाइन के 200 से ज्यादा कर्मचारियों के एकसाथ छुट्टी जाने पर कंपनी की उड़ानों के परिचालन पर 100 से ज्यादा फ्लाइट्स रद्द करनी पड़ीं थीं। इससे एयर इंडिया एक्सप्रेस का परिचालन लगभग ठप हो गया था, जिससे करीब 15 हजार यात्री प्रभावित हुए।

सिर्फ सलमान खान नहीं, मुंबई में 2 और एक्टर के घर की हुई थी रेकी: राजस्थान से मोहम्मद रफीक को मुंबई पुलिस ने पकड़ा, बिश्नोई को भेजे थे वीडियो

बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग मामले में मुंबई पुलिस ने पाँचवे आरोपित को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद रफीक चौधरी नाम के इस आरोपित ने सलमान खान के घर की रेकी का वीडियो बना कर बिश्नोई गैंग को भेजा था। उसने पूछताछ में खुलासा किया है कि वह दो और एक्टरों के घरों की वीडियो बना चुका है।

मोहम्मद रफीक को मुंबई पुलिस ने राजस्थान से मंगलवार (7 मई, 2024) को गिरफ्तार किया था। रफीक ने मुंबई पहुँच कर सलमान खान के घर की वीडियो बनाई और उसे अनमोल बिश्नोई को भेजा। मोहम्मद रफीक ने सलमान खान के साथ ही 8 अप्रैल, 2024 और 12 अप्रैल को मुंबई में रहने वाले दो एक्टरों के घरों की वीडियो भी बनाई थी।

मुंबई पुलिस उसके द्वारा किए गए इन खुलासों की अब जाँच कर रही है और उसके मोबाइल फोन को जब्त करके उससे भी डाटा निकाला जा रहा है। उसने अपने फोन से यह वीडियो हटा दी थीं। ऐसे में पुलिस को तकनीकी विशेषज्ञों का सहारा लेना पड़ रहा है। यह भी सामने आया है कि रफीक बिश्नोई गैंग से 6 साल से अधिक से जुड़ा हुआ था।

रफीक अनमोल बिश्नोई और रोहित गोदारा से लगातार वीडियो कॉल पर भी बात करता था। वह सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपितों को पहले से नहीं जानता था। पुलिस उससे इस मामले में और तथ्य निकालने की कोशिश कर रही है।

इसी के साथ यह भी सामने आया है कि सलमान खान के घर पर फायरिंग करने वाले दोनों शूटर विक्की गुप्ता और श्रीजोगेंद्र पाल पहले डर रहे थे। इन्हें अनमोल बिश्नोई ने समझाया था कि अगर वह सलमान खान के घर फायरिंग करते हैं तो उनका नाम हो जाएगा। लोग उन्हें पहचानने लगेंगे।

गौरलतब है कि 14 अप्रैल को अभिनेता सलमान खान के घर पर सुबह सुबह दो शूटरों ने हमला किया था। इन्होने यहाँ कई राउंड फायरिंग की थी। इसके बाद दोनों शूटर फरार हो गए थे। इस घटना की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अनमोल बिश्नोई ने ली थी।

पुलिस ने कुछ दिन की तलाश के बाद सलमान खान के घर पर हमला करने वाले दोनों शूटरों को गुजरात से पकड़ लिया था। यह भुज में छुपे हुए थे। इसके अलावा पुलिस ने दो और आरोपितों अनुज थापन और चंदर बिश्नोई को पकड़ा था। इन पर हमले के लिए हथियार उपलब्ध करवाने का आरोप था। अनुज थापन ने बाद में आत्महत्या कर ली थी।

पुलिस ने अब इस मामले के पाँचवे आरोपित को पकड़ा है और आगे की जाँच कर रही है। सलमान खान के घर की सुरक्षा इस बीच बढ़ाई गई है। सलमान खान को काले हिरन के शिकार के मामले में लॉरेंस बिश्नोई लगातार धमकी देता आया है। यह हमला भी उसी के गैंग ने करवाया था।

‘मेरी फूल जैसी बेटी को छलनी कर दिया’: 10वीं की छात्रा से गैंगरेप, 500 का नोट देकर कहा- जब-जहाँ बुलाएँ चली आना; एक्शन में बुलडोजर

मध्य प्रदेश के शहडोल से एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। छात्रा का वीडियो भी बना लिया और उसे धमकाया गया। इस मामले में पुलिस ने पाँच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा को आरोपितों ने वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी।

जानकारी के अनुसार, 10वीं में पढ़ने वाली एक 15 वर्षीय छात्रा सोमवार (6 मई, 2024) की शाम को अपनी स्कूटी से फिजिक्स और केमिस्ट्री की कोचिंग से लौट रही थी। उसने बताया कि उसे शाम लगभग साढ़े सात बजे उसका एक दोस्त मिल गया जिसके साथ वह घूमने चली गई।

लड़की ने बताया कि वह एक जगह पर खड़ी होकर अपने दोस्त से बात कर रही थी। इतने में ही पाँच लोग वहाँ पर आ गए और लड़की तथा उसके दोस्त से पूछताछ करनी चालू कर दी। उन्होंने दोनों को धमकाना चालू कर दिया। इसके बाद वह लड़की के साथ बदतमीजी करने लगे।

लड़की ने बताया कि काफी देर परेशान करने के बाद पाँचों उसे पास की झाड़ियों में ले गए। यहाँ उसके साथ बारी बारी से रेप किया। उन्होंने उसके दोस्त के साथ भी मारपीट की। इसके बाद उन्होंने लड़की का उसके दोस्त के साथ वीडियो भी बना लिया और धमकाया कि अगर वह किसी को रेप के बारे में बताएगी तो वह यह वीडियो वायरल कर देंगे।

लड़की से गैंगरेप करने वालों ने उसे काफी मारा पीटा। उससे उसके पिता का नम्बर पूछा और उसे धमकाते रहे। उन्होंने नाबालिग से पैसे भी माँगे। दैनिक भास्कर की ग्राउंड रिपोर्ट में बताया गया कि इन आरोपितों ने नाबालिग से रेप और मारपीट के बाद उसे ₹500 दिए और कहा कि जब जहाँ बुलाएँ वहां चली आना।

पीड़िता की माँ ने बताया है कि इस घटना का नाबालिग पर बहुत प्रतिकूल प्रभाव हुआ है। वह सदमे में है और बार बार बेहोश हो जाती है। वह लगातार रोती भी है। माँ ने कहा है कि बलात्कारियों ने उनकी फूल जैसी बेटी को छलनी कर दिया।

लड़की ने अपने घर आकर सारी घटना बताई। इसके बाद लड़की के परिजनों ने शहडोल पुलिस के पास मामला दर्ज करवाया। नाबालिग से रेप करने वाले पाँचों आरोपित घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो गए थे। पुलिस ने इनकी तलाश में इनाम भी घोषित किया था।

शहडोल पुलिस ने इस मामले में शाहिल कुरैशी, मोहम्मद शमीम और अफजल अंसारी, एश्वर्या निधि गुप्ता और कैलाश पनिका को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ POCSO समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने नाबालिग से गैंगरेप के आरोपितों के घरों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की है। पुलिस ने बुलडोजर से नाबालिग से रेप के आरोपितों के घर ढहा दिए। पुलिस मामले की आगे जाँच करके अब कार्रवाई कर रही है।

‘कपड़े नहीं, मेरे शरीर पर थी सिर्फ ब्रा… हम मिशनरी पोजिशन में थे’: पोर्न स्टार कहा- ट्रंप के पेंटहाउस में सबकुछ मर्जी से हुआ, ‘सेक्स स्टोरी’ से जज भी स्तब्ध

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘हुश मनी केस’ में गवाही देते हुए पॉर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल्स ने कोर्ट में ऐसी बातें कहीं कि जज को खुद उन्हें बीच में रोकना पड़ा। इस दौरान डेनियल्स ने ट्रंप और उनके बीच बने शारीरिक संबंधों के बारे में खुलकर पूरे कोर्ट को बताया।

डेनियल्स गवाही के दौरान यहाँ तक पहुँच गईं कि उन्होंने ये बताने से भी गुरेज नहीं किया कि ट्रंप ने सेक्स के टाइम कॉन्डोम नहीं पहना था और वो दोनों मिशनरी पोजिशिन में थे। गवाही के समय डेनियल्स ने बताया कि 2006 में जब उनके और ट्रंप के बीच मुलाकात के बाद संबंध बने तब वो सिर्फ 27 की थीं और ट्रंप उनके पिता से भी बड़ी उम्र के थे।

उन्होंने कटघरे में खड़े होकर बताया कि दोनों के बीच सेक्स मनमर्जी से हुआ था और बहुत लाजवाब था। इसके बाद डेनियल्स ने पूरा चित्रण करके समझाया कि उस दिन क्या हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों की मुलाकात साल 2006 में हुई थी। ट्रंप ने एक गोल्फ टूर्नामेंट की मेजबानी के दौरान अपने बॉडीगार्ड से कहकर उन्हें अपने पेंटहाउस में बुलाया था। बॉडीगार्ड ने स्टॉर्मी डेनियल्स से कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप उनके साथ डिनर करना चाहते हैं। हालाँकि जब वो उनके पेंटहाउस में पहुँची, तो डोनाल्ड ट्रंप पायजामे में थे। इसका स्टॉर्मी डेनियल्स ने मजाक भी उड़ाया था।

डेनियल्स ने कोर्ट को बताया, “जब मैंने बाहर आने के लिए बाथरूम का दरवाजा खोला, तो मिस्टर ट्रम्प बेडरूम में आ गए थे। वो सिर्फ बरमूडा और टी-शर्ट में थे और बेड पर इंतजार कर रहे थे। मैं इससे चौंक भी गई थी, क्योंकि मैं सिर्फ डिनर के बारे में जानती थी।” स्टॉर्मी कहती हैं कि कोई अगर अंडरवियर उतारकर आपका बिस्तर पर इंतजार कर रहा है, तो जाहिर है कि उसकी मंशा क्या है।

इसके बाद डेनियल्स ने आगे बिस्तर पर दोनों ने क्या किया उसकी डिटेल देनी शुरू की। लेकिन इससे पहले स्टॉर्मी ने ये साफ किया कि उस दिन दोनों के बीच आपसी मर्जी से हुआ था और सब बहुत लाजवाब था। स्टॉर्मी ने बताया, “उस दिन मेरे शरीर पर कपड़े या जूते नहीं था। मुझे लगता है कि मैंने तब ब्रा पहनी थी और हम मिशनरी पोजिशन (सेक्स की एक पोजिशन जिसमें एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के ऊपर होता है) में थे। उन्होंने कॉन्डोम भी नहीं पहना था।”

आगे स्टॉर्मी ने ट्रंप को दबंग भी करार दिया और कहा कि वो जब वो जा रही थी तो ट्रंप ने उन्हें हनीबंच कहा और जल्द मिलने का वादा किया।

इस दौरान ट्रम्प ने डेनियल्स की गवाही को बड़े ही ध्यान से सुना। जज जुआन मर्चेन ने बचाव पक्ष की बार-बार आपत्तियों के बाद डेनियल्स को “सिर्फ़ सवालों के जवाब देने” का आदेश दिया, जिनमें से कई को उन्होंने सही ठहराया। हालाँकि इस दौरान कोर्ट ने कहा कि बारीक-जानकारियों की कोई जरूरत नहीं है, जैसे कि कमरे में टाइल का रंग कैसा था।

बता दें कि डेनियल्स का असली नाम स्टेफ़नी क्लिफ़ोर्ड है। ट्रंप पर मामला इसलिए चल रहा है क्योंकि 2016 में चुनावों के वक्त उन्होंने डेनियल्स को करीबन 1.30 लाख डॉलर देकर इन संबंधों का खुलासा न करने के लिए चुप रहने को कहा था। ये पैसे ‘लीगल फीस’ के तौर पर खाते में दिखाए गए थे, जबकि ये पैसे उन्होंने स्टॉर्मी को मुँह बंद रखने के लिए अपने वकील के मार्फत ये पैसे दिए थे। अब ये केस इसलिए चल रहा है कि अगर डेनियल्स को पैसे मुँह बंद रखने के लिए दिए गए थे, तो ट्रंप के खिलाफ कार्रवाई होगी।

घर से कॉलेज के लिए निकली हिंदू लड़की, फरियाद ने ट्रेन के आगे फेंक दिया: दो हिस्सों में कटा शरीर, पीड़ित माँ पर भी चाकू से किया हमला

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक मुस्लिम युवक ने एक हिन्दू लड़की को ट्रेन के आगे फेंक दिया, जिससे कटकर उसकी मौत हो गई। यह आरोप लड़की के परिजनों ने मुस्लिम युवक पर लगाया है। इस विषय में मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपित गिरफ्तार है।

जानकारी के अनुसार, बरेली के फतेहगंज पूर्वी की रहने वाली एक हिन्दू लड़की बुधवार (8 मई, 2024) को अपने घर से कॉलेज के लिए निकली थी। छात्र अपने कॉलेज में इम्प्रूवमेंट फॉर्म भरने जा रही थी। छात्रा की माँ ने अपनी शिकायत में बताया है कि उनकी बेटी को पास का ही रहने वाला फ़रियाद इसी दौरान रास्ते से ही अपनी बाइक पर बिठा ले गया।

फरियाद ने हिन्दू लड़की को कॉलेज छोड़ने को लेकर अपनी बाइक पर बिठाया था। हालाँकि, वह बाद में उसे कॉलेज ना ले जाकर पास कस्बे कटरा की तरफ ले गया। फरियाद जब हिन्दू बालिका को अपने साथ लेकर जा रहा था तो इसी दौरान उसके भाई ने देख लिया।

लड़की के भाई ने अपने घर पर इस विषय में सूचना दी। यह सूचना पाकर लड़की के परिजन उसको ढूंढते हुए पहुँचे। उन्होंने घटनास्थल पर पहुँच कर देखा कि फरियाद उनकी लड़की को ट्रेन लाइन की तरफ खींच कर ले जा रहा है। इस बीच उसे समझाने की भी कोशिश की गई। हालाँकि, वह नहीं माना।

लड़की के परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसके बाद फरियाद ने लड़की को सामने से आ रही ट्रेन के आगे धक्का दे दिया। इससे लड़की की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह घटना बहगुल नदी पर बने हुए पुल पर हुई। लड़की का शव नदी में जा गिरा।

इस बीच स्थानीय पुलिस को भी इस मामले में सूचना दी गई जिसने घटनास्थल से फरियाद को पकड़ लिया। मृतका के परिजनों ने आरोप लगाया है कि फरियाद ने उनके ऊपर भी हमला किया, लड़की की माँ पर धारदार चाकू से वार किया। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम करवा दिया गया है और उसके अंतिम संस्कार की तैयारी हो रही है। फरियाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और इस विषय में FIR भी दर्ज हो गई है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

हिंदुओं को ’15 मिनट’ की धमकी देने वाले ’15 सेकेंड’ की दहाड़ से बौखलाए, माधवी लता के लिए हैदराबाद आईं नवनीत राणा, कहा- पता नहीं चलेगा ओवैसी कहाँ गए

हैदराबाद की BJP प्रत्याशी माधवी लता के समर्थन में 8 मई 2024 को महाराष्ट्र के अमरावती की सांसद नवनीत राणा ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने हिंदुओं को ’15 मिनट’ की धमकी दिए जाने का ऐसा जवाब दिया कि AIMIM बौखला उठी। जिस पार्टी के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने कभी कहा था कि ’15 मिनट के लिए पुलिस हटा दो’, उस पार्टी के नेता अब नैतिकता की बात करने लग गए हैं।

नवनीत राणा ने कहा, “एक छोटा भाई है, एक बड़ा भाई है…छोटा (अकबरुद्दीन ओवैसी) बोलता है कि पुलिस को 15 मिनट हटा दो तो हम दिखाएंगे की क्या कर सकता है। छोटे को मेरा कहना है कि तेरे को 15 मिनट लगेंगे और हमको सिर्फ 15 सेकेंड लगेंगे। 15 सेकेंड पुलिस को हटाया तो छोटे और बड़े (असदुद्दीन ओवैसी) को पता नहीं लगेगा कि कहाँ से आया और कहाँ से गया। सिर्फ 15 सेकेंड लगेंगे।”

राणा के इस बयान की वीडियो क्लिप जगह-जगह वायरल है। AIMIM के लोग इस बयान से काफी आहत कहे जा रहे हैं। वह इस बयान को लेकर राणा के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। इस मामले में पार्टी प्रवक्ता वारिस पठान ने कहा राणा का यह बयान आयोग के नियमों का उल्लंघन करता है क्योंकि इससे दो समुदायों के बीच तनाव हो सकता है।

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, अगर नवनीत जैसा भाषण वारिस पठान देते तो वो जेल की सलाखों के पीछे होते। अकबरुद्दीन ओवैसी ने 15 मिनट पुलिस हटा दो वाले बयान के बाद खुद सरेंडर किया था। वो 40-42 दिन जेल में रहे थे। दस साल उन्होंने अदालत में लड़ाई लड़ी और बरी हुए। चुनाव आयोग नवनीत राणा पर कब कार्रवाई करेगी और कब उन्हें जेल भेजेगी। आए दिन मुसलमानों के विरोध में बयान दिए जाते हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।

बता दें कि साल 13 में अकबरुद्दीन ओवैसी ने ’15 मिनट हटा लो पुलिस को’ वाला विवादित बयान दिया था। अपने भड़काऊ बयान में उन्होंने कहा था, “अगर 15 मिनट के लिए पुलिस हटा दी जाए तो हम (मुसलमान) 100 करोड़ (हिंदुओं) को खत्म कर देंगे।” इस भड़काऊ बयान को सुनने के बाद उनपर आईपीसी की धारा 120 बी और 153ए व अन्य धाराओं के तहत लंबा केस चला था। 2022 में उन्हें इस मामले में जाकर बरी किया गया था। बाद में उन्होंने जेल से निकलकर अपने ऊपर भड़काऊ बयानबाजी करने वाले आरोपों को खारिज करने की कोशिश की थी।