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नाबालिग भांजी को अपने घर लेकर आया मामा, मुर्सलीन से रेप करवा कर Video किया वायरल: पीड़िता की मौसी से भी आरोपित का अवैध संबंध

उत्तराखंड के रुड़की में मामा ने अपनी ही नाबालिग भांजी का रेप करवा दिया। इसके बाद उसका वीडियो बना कर भी वायरल कर दिया। ऐसा उसने एक शख्स से बदला लेने के लिए किया। नाबालिग से रेप करने वाले को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस नाबालिग के मामा की तलाश कर रही है।

जानकारी के अनुसार, रुड़की के गंगनहर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पुलिस को बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ रेप हुआ है। यह रेप उसके खुद के साले ने करवाया है, वह जब तक उसकी बेटी को अपने घर लेकर जाता था। पुलिस ने जब जाँच की तो पूरा मामला सामने आया।

पता चला कि नाबालिग का मामा मुर्सलीन नाम के एक शख्स से बदला लेना चाहता था। मुर्सलीन के नाबालिग के मामा के दूसरी बहन से अवैध संबंध थे, इसी को लेकर वह उससे गुस्सा था और उससे बदला लेने के लिए उसने अपनी दूसरी बहन की नाबालिग बेटी का इस्तेमाल किया।

इसके लिए वह नाबालिग भांजी को लेकर आया और उसका रेप मुर्सलीन से करवाया। उसने इसका वीडियो भी बनाया और इसे वायरल कर दिया। वीडियो वायरल होने के बाद इस मामले की गंभीरता सामने आई। जिस मुर्सलीन ने नाबालिग का रेप किया वह दो निकाह कर चुका है और उसके नाती-पोते भी हैं जिनकी उम्र पीड़िता से अधिक है।

पुलिस ने रेप के इस मामले में POCSO और बलात्कार समेत तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मुर्सलीन को गिरफ्तार भी कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। नाबालिग का रेप करवाने वाले उसके मामा और वीडियो वायरल करने वाले व्यक्ति की तलाश जारी है।

हरिद्वार के एसएसपी परमिंदर अम्बर ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सीओ रुड़की ने बताया है कि इस मामले से सामजिक सौहार्द बिगड़ने के भी संकेत थे इसलिए इसकी जाँच तेजी से की गई और मामला दर्ज करने के बाद कार्रवाई चालू कर दी गई।

ED रिमांड में भेजे गए कॉन्ग्रेसी मंत्री आलमगीर आलम के PS संजीव लाल और नौकर जहाँगीर, ₹35 करोड़ कैश हुआ था जब्त: ऊपर तक जाता था पैसा

झारखंड के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम के व्यक्तिगत सचिव (PS) संजीव लाल और उसके नौकर जहाँगीर आलम को ED ने गिरफ्तार कर लिया है। मंगलवार (7 मई, 2024) की दोपहर इन दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित विशेष अदालत PMLA कोर्ट में पेश किया गया। ED ने इनसे पूछताछ के लिए 7 दिनों की रिमांड की माँग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। बताया जा रहा है कि जहाँगीर आलम के ठिकाने से 35.23 करोड़ रुपए कैश में जब्त किए गए थे।

जल्द ही आलमगीर आलम को भी समन भेजा जाएगा। इन दोनों से पूछताछ के बाद मंत्री से सारा हिसाब लिया जाएगा। प्रारंभिक पूछताछ में नौकर जहाँगीर आलम ने कबूल किया है कि कमीशन और रिश्वत के माध्यम से जो रकम जुटाई जाती थी, उसके केयरटेकर के रूप में उसे रखा गया था। इसके एवज में उसे 15,000 रुपए का वेतन दिया जाता था। उसकी जान-पहचान सीधे मंत्री आलमगीर आलम से थी, जिन्होंने अपने PS संजीव लाल के पास उसे बतौर घरेलू सहायक रखवाया था।

आलमगीर आलम पाकुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं और कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता हैं। जहाँगीर आलम उनके घर पर भी कुछ दिन काम कर चुका था। फिर संजीव लाल ने राँची ने गाड़ीखाना में सर सैयद रेसीडेंसी में फ़्लैट लेकर उसे रहने के लिए दिया था। हर एक-दो दिन में उसे रुपयों से भरा थैला थमाया जाता था। संजीव लाल पहले तो पूछताछ में इनकार करते रहे कि जहाँगीर के यहाँ से मिली रकम से उनका कोई लेना-देना है, लेकिन बाद में जहाँगीर के बयान के आधार पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।

छापेमारी में लेनदेन और ट्रांसफर-पोस्टिंग से संबंधित कई दस्तावेज भी मिले हैं। दोनों को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में रखा गया है। संजीव लाल पर प्रभावशाली लोगों का हाथ था, जिस कारण वो इंजीनियरों से मोटी रकम वसूल करते थे और टेंडर मैनेज कर के उसका पैसा ऊपर तक पहुँचाते थे। कई अधिकारी-नेता इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। जहाँगीर आलम वसूली के लिए भी भेजा जाता था। सजीव लाल के जब्त 2 वाहनों में से एक उसके नाम पर है।

61.45% मतदान के साथ ख़त्म हुआ लोकसभा चुनाव 2024 का तीसरा चरण: असम में सबसे अधिक वोटिंग, 10 केंद्रीय मंत्रियों और 4 पूर्व मुख्यमंत्रियों की किस्मत EVM में कैद

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार (07 मई 2024) को 10 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश की 93 सीटों पर मतदान संपन्न हो गया। तीसरे चरण के मतदान में मतदाताओं में जबरदस्त जोश देखने को मिला। इस चरण में कुल 61.45 प्रतिशत मतदान दर्ज किया है। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में सबसे ज्यादा मतदान असम में दर्ज किया गया, जहाँ 75 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई है, तो सबसे कम महाराष्ट्र में वोटिंग हुई है, जो 55 प्रतिशत से थोड़ा ही ज्यादा है। चुनाव आयोग ने रात 8 बजे तक मतदान की जानकारी दी है।

चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए आँकड़ों के मुताबिक, असम में 75.26 प्रतिशत मतदान हुआ है। असम की 4 लोकसभा सीटों पर मतदान कराया गया। इसके साथ ही बिहार की 5 लोकसभा सीटों पर कुल 56.55 प्रतिशत मदतान, छत्तीसगढ़ की 7 लोकसभा सीटों पर 66.99 प्रतिशत मतदान, दादरा और नागर हवेली और दमन और दीव की 2 लोकसभा सीटों पर 65.23 प्रतिशत मतदान, गोवा की 2 लोकसभा सीटों पर 74.27 प्रतिशत मतदान, गुजरात की 25 लोकसभा सीटों पर 56.76 प्रतिशत मतदान, कर्नाटक की 14 लोकसभा सीटों पर 67.76 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इसके अलावा मध्य प्रदेश की 9 लोकसभा सीटों पर 63.09 प्रतिशत मतदान, महाराष्ट्र की 11 लोकसभा सीटों पर 54.77 प्रतिशत मतदान, उत्तर प्रदेश की 10 लोकसभा सीटों पर 57.24 प्रतिशत मतदान और पश्चिम बंगाल की 73.93 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

इन 10 केंद्रीय मंत्रियों की किस्मत ईवीएम में कैद

लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में 10 केंद्रीय मंत्री चुनाव मैदान में थे। इसमें गुजरात की गाँधीनगर सीट से बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गुजरात के पोरबंदर से बीजेपी उम्मीदवार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया, मध्य प्रदेश के गुना से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र के रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री नारायण राणे, उत्तर प्रदेश के आगरा से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल, कर्नाटक के धारवाड से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी, गुजरात के राजकोट से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला, उत्तर गोवा से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री श्रीपद नाईक, कर्नाटक के बीदर से भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री भगवंत खूबा, गुजरात के खेड़ा भाजपा उम्मीदवार केंद्रीय मंत्री देवु सिंह चौहान मैदान में थे।

4 मुख्यमंत्रियों की किस्मत भी EVM में कैद

लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में 4 पूर्व मुख्यमंत्री भी चुनाव मैदान में थे, जिनकी किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है। इसमें विदिशा से मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान बतौर बीजेपी उम्मीदवार, मध्य प्रदेश के राजगढ़ से कॉन्ग्रेस के टिकट पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से महाराष्ट्र के पूर्व सीएम नारायण राणे और हावेरी से कर्नाटक के पूर्व सीएम बसवराज बोम्मई भी चुनाव मैदान में थे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहमदाबाद शहर के रानीप इलाके में निशान स्कूल में अपना वोट डाला। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नाराणपुरा इलाके में एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का उपयोग किया। ये दोनों गांधीनगर लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उद्योगपति गौतम अडाणी और आध्यात्मिक नेता मोरारी बापू ने भी गुजरात में अपना वोट डाला।

40 साल बाद गिरफ्तार हुआ दाऊद बंडू खान: महिला का अपहरण और बलात्कार कर के हो गया था फरार, बेच डाली थी सारी संपत्ति

मुंबई पुलिस ने एक महिला के अपहरण और बलात्कार के मामले में 40 साल बाद आरोपित बंडू खान को दबोचने में कामयाबी पाई है। उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया गया। दाऊद बंडू खान उर्फ़ ‘पापा’ अब 70 साल का हो गया है, जब उसने अपहरण-बलात्कार की घटना को अंजाम दिया था तब उसकी उम्र 30 साल थी। उसे ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है, जहाँ उसे अदालत में पेश किया गया। इसके बाद उसे जेल भेजने की कार्रवाई कर दी गई है।

ये मामला 1984 में दर्ज किया गया था। उस समय भी मुंबई पुलिस उसे दबोचने में कामयाब रही थी, लेकिन वो किसी तरह कोर्ट से जमानत पाने में कामयाब रहा। इसके बाद वो फरार हो गया। अदालत की किसी भी सुनवाई में उसने उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। कोर्ट ने इस कारण उसे भगोड़ा घोषित कर दिया। डॉ DB मार्ग पुलिस स्टेशन में इस मामले की जाँच चल रही थी। फ़ॉकलैंड रोड पर दाऊद बंडू खान का घर स्थित है, लेकिन वहाँ दबिश देने के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चल सका था।

कई वर्षों बाद उसके बारे में पता चला कि वो उत्तर भारत के किसी राज्य में पहचान बदल कर छिपा हुआ है। हाल ही में पुलिस को मुखबिर से उसके बारे में सूचना मिली। मुंबई के डॉ दादाभाई भडकमकर मार्ग थाने की पुलिस ने इस सूचना के आधार पर उत्तर प्रदेश के आगरा से सोमवार (6 मई, 2024) को उसकी धर-पकड़ में कामयाबी पाई। उसने अपनी सारी संपत्ति बेच दी थी, साथ ही परिवार को भी अपने साथ ले गया था। कई थानों की पुलिस उसके पीछे लगी थी।

वो अपने परिवार के साथ आगरा में ही रह रहा था। वो एक-दो तारीखों के लिए अदालत में शुरुआत में पेश हुआ था, लेकिन फिर भाग निकला था। मुंबई में कुछ दिनों पहले भी इस तरह का मामला सामने आया था, जब दीपक भिसे नामक हत्या के एक आरोपित को 31 साल बाद गिरफ्तार करने में कामयाबी मिली थी। पालघर के नालासोपारा से वो धराया था। 1989 में उसने राजू चिकना नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। धर्मेंद्र सरोज नामक एक व्यक्ति की हत्या के प्रयास का भी आरोप उस पर था। 1992 में उसे जमानत मिल गई थी।

18 आतंकी हमले, कश्मीरी पंडितों का खून, सिख शिक्षिका की हत्या… जानिए कौन था कुलगाम में मार गिराया गया ₹10 लाख का इनामी आतंकी बासित डार

जम्मू कश्मीर के कुलगाम में सुरक्षाबलों के साथ हुए एक एनकाउंटर में दो आतंकियों को मार गिराया गया। मारे जाने वाले आतंकियों में से एक बड़ा आतंकी कमांडर बासित डार भी था। बासित डार पर ₹10 लाख का इनाम घोषित किया गया था। सुरक्षाबलों ने उसके एक और साथी को मुठभेड़ में मार गिराया।

जानकारी के अनुसार, कुलगाम के रेदवानी पाईन इलाके में सोमवार (6 मई, 2024) को सुरक्षाबलों ने कुछ आतंकियों की मौजूदगी को लेकर एक घर को घेरा था। सोमवार शाम को फायरिंग भी हुई थी। इसके बाद मंगलवार (7 मई, 2024) को मुठभेड़ तेजी से चालू हुई। सेना की राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू कश्मीर पुलिस के इस संयुक्त ऑपरेशन में दोनों आतंकियों को घर में ही घेर लिया गया। उन्हें आत्मसमर्पण करने का भी मौक़ा दिया गया लेकिन उन्होंने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने भी जवाबी फायरिंग और कार्रवाई की। इस जवाबी कार्रवाई में उस घर को भी आग लग गई, जिसमें आतंकी छुपे हुए थे। कई घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद बासित डार और उसका साथी मारे गए। सुरक्षाबलों को इस कार्रवाई में कोई नुकसान नहीं होने की सूचना है।

जिस बासित डार को सुरक्षाबलों ने कुलगाम में मार गिराया है, वह एक बड़ा आतंकी कमांडर था। वह 18 आतंकी हमलों में शामिल था। वह पहले लश्कर ए तैयबा और फिर द रेजिस्टेंस फ्रंट से जुड़ गया था। बासित डार के खिलाफ ₹10 लाख का इनाम घोषित किया गया था। सुरक्षाबलों के एनकाउंटर में मारा जाने वाले आतंकी बासित डार ने महिला सिख शिक्षक रुपिंदर कौर की 2021 में हत्या कर दी थी। उसने इसी हमले में एक और कश्मीरी पंडित शिक्षक को भी मार दिया था।

बासित डार ने अक्टूबर 2023 में श्रीनगर में क्रिकेट खेल रहे जम्मू कश्मीर पुलिस के अफसर मसरूर अहमद वानी पर भी हमला किया था। मसरूर अहमद वानी की बाद में दिल्ली में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वह लगातार कश्मीर घाटी में आंतकी गतिविधियाँ बढ़ाने में लगा हुआ था। डार TRF आतंकी समूह का बड़ा कमांडर था। लश्कर ए तैयबा और हिजबुल मुजाहिद्दीन ने अपनी आतंकी गतिविधियों को जारी रखने के लिए PAFF और TRF नाम के दो नए आतंकी संगठन बनाए हैं। डार, इन्हीं में से एक से जुड़ कर घाटी में आतंक फैला रहा था।

ऑपइंडिया की खबर का असर: हमास समर्थक प्रिंसिपल को सोमैया स्कूल ने हटाया, हिंदुओं से दिखाई थी नफरत, PM मोदी की कुत्ते से की थी तुलना

मुंबई के मशहूर सोमैया स्कूल ने अपने हमास समर्थक कट्टरपंथी इस्लामिक विचारधारा से प्रेरित प्रिंसिपल परवीन शेख को पद से हटा दिया है। ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद सोमैया स्कूल को चलाने वाले सोमैया ट्रस्ट ने कहा था कि वो मामले की जाँच कर रही है और जाँच के बाद इस मामले में कदम उठाएगी। इस बीच, परवीन शेख को बचाने के लिए पूरे वामपंथी और इस्लामिक गिरोह ने कैंपेन चलाया, लेकिन अब सोमैया स्कूल ने परवीन शेख को स्कूल से निकाल दिया है।

सोमैया स्कूल ने जारी किया बयान, परवीन शेख को हटाया

सोमैया स्कूल ने इस्लामी कट्टरपंथी प्रिंसिपल परवीन शेख को मंगलवार (7 मई 2024) को पद से हटाया और इस बारे में आधिकारिक बयान जारी कर सूचना सार्वजनिक की। सोमैया स्कूल ने अपने बयान में कहा, “सोमैया विद्यासागर के 80 साल के इतिहास में हमने हमेशा ज्ञान और समाज के सेवा को वरीयता दी। हम मानवतावादी और स्वतंत्र विचारधारा के आधार पर सेवा करते रहे हैं।”

बयान में आगे लिखा है, “इस बीच, हमारी नजर में ये मामला आया कि सोमैया स्कूल में लीडरशिप रोल में कार्यरत परवीन शेख की सोशल मीडिया पर क्रियाकलापों को हमारे ध्यान में लाया गया था। हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मजबूती से समर्थन करते हैं, लेकिन उसमें दूसरों के लिए जिम्मेदारी और इज्जत भी होनी जरूरी है। ऐसे में परवीन शेख के क्रियाकलापों की हमने जाँच की और इस नतीजे पर पहुँचे हैं कि हम उन्हें तुरंत प्रभाव से पद से हटा रहे हैं और अपने सभी संबंधों को खत्म कर रहे हैं।”

ऑपइंडिया की रिपोर्ट का असर

बता दें कि ऑपइंडिया ने अप्रैल 2024 में परवीन शेख के कारनामों को दुनिया के सामने रखा था। हमने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि किस तरह से हजारों बच्चों के भविष्य को बनाने की जिम्मेदार महिला परवीन शेख सोशल मीडिया पर न सिर्फ हमास समर्थक, बल्कि एंटी हिंदू पोस्ट को भी लाइक करती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना कुत्ते से करती है।

ऑपइंडिया की रिपोर्ट के बाद सोमैया स्कूल ने 25 अक्टूबर 2024 को कहा था कि वो परवीन शेख के कारनामों की जाँच के बाद उचित कदम उठाएगा। सोमैया ट्रस्ट ने ऑपइंडिया की रिपोर्ट के जवाब में कहा था कि हमें परवीन शेख के इस पहलू के बारे में पता नहीं था, ये पूरी तरह से अस्वीकार्य है। सोमैया ट्रस्ट ने कहा कि परवीन शेख के बारे में सामने आई जानकारियाँ चिंता पैदा करने वाली हैं, और वो इस मामले को देख रहे हैं। सोमैया ट्रस्ट ने लिखा, “आज हमारे संज्ञान में लाए जाने तक हम इस मामले से अनजान थे। हम ऐसी भावनाओं (परवीन शेख की) से सहमत नहीं हैं। यह निश्चित रूप से चिंताजनक है। हम मामले की जाँच कर रहे हैं।”

गौरतलब है कि सोमैया ट्रस्ट द्वारा संचालित सोमैया स्कूल मुंबई के घाटकोपर-ईस्ट इलाके में आने वाले विद्या विहार में स्थित है। परवीन शेख 12 साल से स्कूल से जुड़ी हुई थी, जिनमें से 7 साल वो बतौर प्रिंसिपल काम कर चुकी थी। लेकिन अब उसके खिलाफ कार्रवाई हुई है और उसे पद से हटा दिया गया है।

हालाँकि इस मामले में लेफ्ट और लिबरल मीडिया ने परवीन शेख का भरसक बचाव करने की कोशिश की थी। वामपंथी इकोसिस्टम ने परवीन शेख के इंटरव्यू छापे और उसे अपनी कट्टरपंथी विचारधारा का बचाव करने का खूब मौका दिया, लेकिन लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम की ये कोशिशें उसके काम नहीं आई और अब सोमैया ट्रस्ट ने परवीन शेख को पद से चलता कर दिया है।

नीदरलैंड में फिलिस्तीन समर्थकों पर बुलडोजर वाली कार्रवाई: एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी में घुस पुलिस ने 125 को पकड़ा, US-यूरोप में भी सख्ती

नीदरलैंड्स की एम्स्टर्डम यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की जगह फिलिस्तीन के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन को पुलिस ने तितर-बितर कर दिया है। एम्स्टर्डम पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन कर रहे 125 से ज्यादा फिलिस्तीन समर्थकों को गिरफ्तार भी कर लिया है। फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे कथित छात्रों ने यूनिवर्सिटी कैंपस में कैंप लगा लिए थे, जिसे पुलिस ने उखाड़ फेंका है।

टाइम मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार (7 मई 2024) के तड़के ही एम्स्टर्डम पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को यूनिवर्सिटी कैंपस से हटाने की मुहिम छेड़ी और सभी प्रदर्शनकारियों को टेंट खाली करके जाने के लिए कहा, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की बात नहीं मानी, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए सभी टेंटों को हटा दिया और 125 से अधिक प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

एम्स्टर्डम पुलिस ने इस कार्रवाई की सूचना एक्स पर भी साझा की है, जिसमें बताया गया है कि 125 फिलिस्तीन समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार करते हुए हिरासत में ले लिया है।

नीदरलैंड्स के राष्ट्रीय न्यूज चैनल ने घटनास्थल की तस्वीरें प्रसारित की है। इन वीडियो में पुलिस को बैरिकेड्स को गिराते दिखाया जा रहा है, जिसमें पुलिस ने भारी मशीनों का इस्तेमाल करते हुए अस्थाई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान पुलिस वालों ने लाठियों का भी जमकर इस्तेमाल किया। पुलिस वालों ने फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और तंबुओं को उखाड़ फेंका।

बता दें कि फिलिस्तीन के समर्थन में अमेरिका और यूरोप के कई देशों की यूनिवर्सिटीज में प्रदर्शन हो रहे थे। अमेरिका में प्रदर्शन उग्र भी हो रहा था, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कई फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनकारियों के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई की, बल्कि यूनिवर्सिटीज ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों को यूनिवर्सिटी से भी निकाल दिया है। ये प्रदर्शनकारी 7 अक्टूबर 2023 को हमास के इजरायल पर हुए हमले के बाद इजरायल की जवाबी कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।

‘बाबरी मस्जिद जिंदाबाद’ के नारे लगा वोट माँग रहे ओवैसी, पीएम मोदी ने बीड में कहा – कॉन्ग्रेस सरकार में आएगी तो राम मंदिर को भी कैंसिल कर देगी

AIMIM नेता और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी अपनी सभाओं में ‘बाबरी मस्जिद’ के समर्थन में जिंदाबाद के नारे लगा रहे हैं। वह अपनी सभाओं में इन नारों के जरिए वोट माँग रहे हैं। उनका यह करने का वीडियो भी वायरल हो रहा है। उधर पीएम मोदी ने विपक्ष पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।

AIMIM मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में अपने प्रत्याशी इम्तियाज जलील के समर्थन में सोमवार (6 मई, 2024) को एक जनसभा को संबोधित किया जहाँ उन्होंने ‘बाबरी मस्जिद जिंदाबाद’ के नारे लगाए। ओवैसी ने कहा कि 6 दिसम्बर, 1992 को गुनाह किया था। इसके बाद उन्होंने संसद में बाबरी के लिए लगाए गए नारों की याद दिलाई।

ओवैसी ने इस जनसभा में कॉन्ग्रेस, एनसीपी (शरद पवार) और शिवसेना (उद्धव) पर हमला भी बोला। उन्होंने पूछा कि विपक्षी INDI गठबंधन ने 48 सीटों में से किसी भी सीट पर किसी मुस्लिम को टिकट क्यों नहीं दिया। उन्होंने उद्धव ठाकरे को नया-नया सेक्युलर बताया। उन्होंने कहा कि जिस दिन उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिलेगी, वह सब भूल जाएँगे।

पीएम मोदी ने बीड में कॉन्ग्रेस पर किया हमला

पीएम मोदी ने मंगलवार (7 मई, 2024) को महाराष्ट्र के बीड में एक जनसभा को संबोधित किया। मुंडे परिवार के राजनीतिक प्रभाव वाली इस सीट पर उन्होंने केंद्र सरकार में मंत्री रहे गोपीनाथ मुंडे को याद किया। उन्होंने इस रैली में कॉन्ग्रेस पर हमला भी किया।

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस वर्तमान में तुष्टिकरण की राजनीती कर रही है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस सत्ता में आने पर राम मंदिर को कैंसल करवा देगी, यह कॉन्ग्रेस में ही लम्बे समय तक रहे एक नेता ने कहा है। उन्होंने यहाँ आचार्य प्रमोद कृष्णम का बयान लोगों को बताया जिसमें उन्होंने कहा था कि राहुल गाँधी राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पलटने का मन बना चुके हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि INDI गठबंधन के नेता अन्य किसी धर्म को लेकर कुछ नहीं बोलते लेकिन वोटों के लिए प्रभु राम का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि INDI गठबंधन के लोग वोट जिहाद की अपील कर रहे हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस 26/11 के आतंकियों के साथ रिश्तेदारी निभा रही है।

पीएम मोदी ने यहाँ मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब अम्बेडकर ने इस बात का पुरजोर विरोध किया था कि देश में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा, लेकिन कॉन्ग्रेस दलितों और पिछड़ों का आरक्षण छीन कर एक धर्म के लोगों को देना चाहती है। पीएम मोदी ने कर्नाटक में मुस्लिमों को दिए गए आरक्षण का उदाहरण इस जनसभा में दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर राज्य में यही काम करना चाहता है।

पीएम मोदी ने कहा कि INDI गठबंधन पूरा आरक्षण मुस्लिमों को देना चाहते हैं, यह खतरे की घंटी है। पीएम मोदी ने कहा कि जब तक मोदी ज़िंदा है तब कोई भी ताकत दलितों और पिछड़ों का आरक्षण नहीं ले सकती। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस नकली वीडियो बना रही है। उन्होंने कॉन्ग्रेस को काम रोकने वाला बताया।

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान के बेटे अनस की गुंडागर्दी, पेट्रोल पंप कर्मियों को पीटा: नोएडा में बाप-बेटे पर FIR, अलीगढ़ में भी कर चुका है मारपीट

दिल्ली की ओखला विधानसभा सीट से आप विधायक अमानतुल्लाह खान और उसके बेटे अनस की गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। यहाँ पेट्रोल पंप पर अनस खान और उसके साथियों ने सेल्समैनों के साथ मारपीट की है। जिसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान, उसके बेटे अनस खान और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मारपीट की ये घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गई, जिसका वीडियो अब वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लाइन तोड़कर ईंधन नहीं भरने पर विधायक के बेटे ने नोएडा के सेक्टर-95 स्थित फिलिंग स्टेशन पर काम करने वाले से मारपीट और गाली गलौज की। इस दौरान विधायक अपनी गाड़ी बैठे रहे और बाद में पेट्रोल पंप के मेनेजर के ऑफिस में कर्मचारियों को धमकाया।

ये घटना मंगलवार (07 मई 2024) की सुबह की है, जब करीब 9:30 बजे अपने साथियों के साथ नोएडा के सेक्टर 95 स्थित पेट्रोल पंप पर पहुँचा। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि आप विधायक के बेटे ने नोएडा में कैसे पहले पेट्रोल डलवाने को लेकर वहाँ के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज की और फिर उनके साथ मारपीट की

शिकायत दर्ज कराने वाले विनोद प्रताप सिंह के मुताबिक, विधायक के बेटे ने उन्हें पीटा, क्योंकि वह चाहता था कि पहले उसकी कार में ईंधन भरा जाए

मामला शांत होने के थोड़ी देर बाद ही आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान खुद नोएडा के सेक्टर 95 में स्थित पेट्रोल पंप पर पहुँच गए। यहाँ पहुँचने के बाद उन्होंने भी पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से बहस की। फिलहाल पुलिस ने इस पूरी घटना का संज्ञान लिया है। पुलिस ने इस मामले में विधायक अमानतुल्लाह खान और उसके बेटे पर FIR दर्ज कर ली है।

अलीगढ़ में डॉक्टर के साथ की थी मारपीट

27 मार्च 2024 को अमानतुल्लाह खान के बेटे अनस खान ने अपने मामा और साथियों के साथ मिलकर मामूली सड़क विवाद में अलीगढ़ के डॉक्टर सुहेब आरिफ को जमकर पीटा था। डॉ सुहेब आरिफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएनएमसी में वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर हैं। इस घटना में उन्हें काफी चोटें आई और उन्हें जेएनएमसीएच में भर्ती कराना पड़ा था। हमलावरों में मुख्य भूमिका अनस पुत्र अमानतुल्ला खान (ओखला निर्वाचन क्षेत्र, दिल्ली से विधायक) और उनके मामा थे। यही नहीं, उन लोगों के साथ कार में सवार महिलाओं ने भी पीड़ित डॉक्टर के साथ गाली-गलौच की थी।

बांग्लादेश से हिंदुओं को साफ करने के लिए चल रहा लव जिहाद का खेल: लड़कियाँ फँसाने पर लाखों का इनाम, इस्लामी कट्टरपंथी संगठन दे रहे ट्रेनिंग

बांग्लादेश में हिंदू पुरुषों और महिलाओं को धर्मांतरित कराने के लिए इस्लामी कट्टरपंथियों के समूह ने नया खेल शुरू किया हुआ है। वहाँ कट्टरपंथी संगठनों द्वारा समूह में शामिल मुस्लिम युवकों को इनाम दिया जा रहा है ताकि वो उसका इस्तेमाल हिंदुओं को इस्लाम कबूल करवाने के लिए करें।

मीडिया रिपोर्टें दावा करती हैं कि सोशल मीडिया पर तमाम पेज आदि खुले हैं ताकि कट्टरपंथी हिंदू पुरुषों और महिलाओं को धर्मांतरण के लिए मना सकें। इसके अलावा इन कट्टरपंथियों को ये भी सिखाया जाता है कि कैसे लव जिहाद के जरिए धर्मांतरण करवाया जाए। वहीं नव मुस्लिमों को संरक्षण देने के नाम पर बैंक समेत कई सामाजिक संगठन धर्म परिवर्तन जैसे कुकृत्यों में शामिल रहे हैं।

आज भी कई सामाजिक संगठन इस तरह की हरकत करते हैं जबकि कानून प्रशासन चुप होकर ये सब देखता रहता है। कट्टरपंथियों का मकसद अन्य धर्मों के लोगों को कमजोर करना है जिससे या तो वो इस्लाम में आ जाएँ या फिर पलायन करके भारत चले जाएँ।

उनके ऐसे घटिया प्रयासों के चलते देश में साम्प्रदायिकता फैल रही है… हाल में मोहम्मद साहिदुल्ला खान मदानी और डॉक्टर अब्दुल्ला फारूक द्वारा दस्तख्त किया गया जमीयत-ए-अहले-हदीस का फतवा सोशस मीडिया पर धड़ल्ले से चल रहा है। उसमें तो कहा यही गया है कि हिंदू युवतियों को लव जिहाद में फँसाओ और उनका धर्मांतरण कराओ। फतवे में 50 हजार से लेकर 50 लाख बांग्लादेशी करंसी इनाम देने की भी बात है। इस फतवे की कॉपी को संगठन के हर जिला अध्यक्ष और महासचिवों के पास भेजा गया है।

वहीं, जब इस संबंध में बांग्लादेश जमीयत-ए-अहले-हदीस से पूछा गया तो उन्होंने इसे साजिश बता दिया। जब पूछा गया कि इस संगठन का खर्चा कैसे चलता है तो बताया संतोषजनक जवाब देने की बजाय सिर्फ इतना कहा गया कि एफ्रो-अरब की अलग-अलग जगहों से जो चंदा आता है उससे ये संगठन चलते हैं।

इसी तरह इस्लामी दावाह संगठन भी मुफ्ती जुबैर अहमद के नेतृत्व में ऐसे कृत्यों को करवाने में शामिल है। वो मुस्लिम युवकों को ट्रेनिंग देते हैं कि कैसे हिंदू महिलाओं को फँसाकर इस्लाम में लाया जाए। इनके नाम पर तो एक पोस्ट भी वायरल हुआ था जिसमें साफ कहा गया था- “हमारे मुस्लिम भाई मूर्तिपूजकों (हिंदुओं) को प्रेम जाल में फँसा रहे हैं, और साथ ही उन्हें सच्चे मुसलमानों में बदल रहे हैं। प्रशंसनीय बात यह है कि हमारे मुस्लिम भाइयों को इस तरह से प्रशिक्षित किया जा रहा है कि लड़कियों (अन्य धर्मों की)को लगे कि वे वास्तव में उनसे प्यार करते हैं। उनकी यही क्षमता हमारे मिशन (गैर-मुसलमानों को प्रेम जाल में फँसाने) को पूरा कर रही है।” इसी तरह से लव जिहाद के नाम से एक मामून नाम का व्यक्ति ‘लव जिहाद मिशन’ पर पूरा फेसबुक पेज ही चला रहा है।

कई हिंदू संगठन इस्लामी कट्टरपंथियों के ऐसे कृत्यों से वाकिफ हैं इसलिए वो इसे चिंताजनक स्थिति बताते हैं। नेशनल हिंदू ग्रैंड अलायंस से जुड़े वकील गोबिंदा चंद्रा कहते हैं कि इस तरह का ट्रेंड बेहद डराने वाला है। ऐसा देखने को मिल रहा है कि इस्लामी खुलेआम लव जिहाद की गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं और मुस्लिम युवकों को रिवार्ड दे रहे हैं ताकि वो हिंदुओं को फँसाएँ। गोबिंदा कहते हैं कि मुस्लिम कट्टरपंथियों की ऐसी हरकत का शिकार सिर्फ हिंदू महिलाएँ नहीं है बल्कि हिंदू पुरुष भी हैं और पूरा का पूरा परिवार है। ऐसा लगता है कि ये प्रयास हो बांग्लादेश को हिंदू मुक्त करने का। ये लोग हिंदुओं को इस मुल्क से मिटाना चाहते हैं।

गोबिंदा और उनके संगठन पर हिंदुओं की आवाज बनने पर तमाम लांछन लगते हैं। लेकिन वो कहते हैं कि पिछले 35 सालों से उनका संगठन हिंदुओं के अधिकारों के लिए लड़ रहा है और लव जिहादियों का शिकार बनने से उन्हें रोक रहा है यही वजह है कि हिंदू विरोधी लोग इसे बंद कराना चाहते हैं। उनका कहना है कि ये लोग हर संगठन को चुप कराना चाहते हैं ताकि बांग्लादेश को हिंदू मुक्त बना सकें… ये आरएसएस को बैन कराना चाहते हैं क्योंकि वो संस्था देश भर के हिंदुओं के अधिकारों के लिए काम कर रही है। ऐसे ही बांग्लादेश के इस्लामी पीएम मोदी के खिलाफ भी प्रोपगेंडा चलाते हैं क्योंकि वो हिंदुओं के अधिकार संरक्षित करने वाले वैश्विक नेता बनकर उभरे हैं।

दावा है कि बांग्लादेश में इस्लामी अपने तौर-तरीकों को हिंदुओं पर थोपने का प्रयास करते हैं। वहीं प्रशासन में बैठे कुछ लोग ऐसे हैं जो साफ तौर पर लव जिहाद को मानने से इनकार कर देते हैं। गोबिंदा इसे हिंदू घृणा का सबसे घटिया उदाहरण कहते हैं और बताते हैं कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे अभियानों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है।

इसके अलावा एक प्राइवेट इस्लामिक शरीया बैंक हैं जहाँ मुस्लिमों को कानूनी, आर्थिक और रोजगार संबंधित दिक्कतों के लिए सहायता मिलती है। ये बैंक कहता है कि ये मुस्लिमों के सामाजिक स्तर को बढ़ाने के लिए काम करते हैं लेकिन हकीकत में तो ये युवकों को कट्टरपंथी बना रहे हैं। देश के 64 जिलों में इन्होंने धर्मांतरण के काम के लिए कट्टरपंथी तैयार किए हुए हैं।

नोट: बांग्लादेश में फैलते लव जिहाद पर यह लेख मूल रूप से अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित हुआ है। इसे विस्तार से पढ़ने के लिए आप इस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं।