संदिग्ध हालत में मिले बच्चों की उम्र 12-14 साल के बीच है। बच्चे वक्फ बोर्ड से मान्यता प्राप्त मदरसे में रह कर पढ़ाई कर रहे थे। लेकिन, रोज-रोज की पिटाई ने इन्हें मदरसे से भागने पर मजबूर कर दिया।
भला हो मोदी, LG, हाशमी दवाखाना और हर उस आदमी का जिन्होंने अरविन्द केजरीवाल को कभी कुछ करने ही नहीं दिया, वरना शाहीन बाग़ वालों को लंदन में बिरियानी के लिए लंगर लगाने और धरना प्रदर्शन करने की इजाजत ही कैसे मिल पाती, क्योंकि लंदन में तो हर काम के लिए कागज दिखाने पड़ते हैं और शाहीन बाग़ वालों के कागज़ तो कब की बकरी खा गई थी।
अनिल अंबानी के सासन पॉवर प्रोजेक्ट पर सरकार का 450 करोड़ रुपए बकाया है। इसकी वसूली एक साल के अंदर करनी थी। लेकिन कमलनाथ सरकार ने इसकी मियाद चार साल कर दी है।
कुणाल कामरा किसी का कहीं भी उत्पीड़न कर सकता है। क्योंकि दो लोगों ने जामिया नगर और शाहीन बाग़ में हवाई फायरिंग कर दी। इसीलिए, हजारों-लाखों मौतों का जिम्मेदार इस्लामी और नक्सल आतंकवाद भी जायज हो जाता है।
आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा है कि अब स्वयं भगवान श्रीराम भी भाजपा को नहीं जीता सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले मंदिरों में दलितों को प्रवेश नहीं दिया जाता था, भाजपा अभी भी उसी युग में जी रही है। उन्होंने पूछा कि केजरीवाल को अछूत भावना से क्यों देखती है भाजपा?
कन्हैया का कार्यक्रम समाप्त होने के बाद LNMU के छात्र-छात्राओं ने पहले मंच पर झाड़ू लगाकर उसे साफ़ किया, फिर मंच को पानी से धोया। इसके बाद सिमरिया से मँगाए गए गंगा जल और फूल छिड़क कर मंच को शुद्ध किया।
यहाँ पर सवाल उठता है कि केजरीवाल ने ऐसा क्यों कहा कि वोट देने से पहले पुरुषों से अवश्य चर्चा करें? क्या उनको आज की नारी पर भरोसा नहीं है? क्या वो पढ़ी-लिखी-समझदार नहीं है? क्या वो भला-बुरा देखकर समझ नहीं सकती? क्या महिलाओं में इतनी समझदारी नहीं है कि वो अपनी समझ से वोट दे सकें?
अलका लम्बा ने न सिर्फ़ केजरीवाल की पार्टी के एक कार्यकर्ता को खदेड़ा बल्कि खींच कर एक चाँटा भी मारा। हालाँकि, वो चाँटा उसे लगा नहीं। अलका लाम्बा कुछ महीनों पहले तक आम आदमी पार्टी में थी लेकिन फिर वो अपनी पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस में चली गईं।
यहाँ के युवाओं का कहना है कि हिंदू लोगों के ईसाई में परिवर्तित होने की पोल सरस्वती पूजा के दौरान खुली, जब वो लोग चंदा के लिए ताराटांड टोले में गए। वहाँ के निवासियों ने खुद को ईसाई बताते हुए चंदा देने से इनकार कर दिया, जबकि पिछले साल तक वे लोग पूजा में शाामिल रहे हैं।
छोटा शकील ने इन मीडिया रिपोर्ट्स को नकार दिया है। दाऊद के मुख्य गुर्गा रहे शकील ने कहा कि वो ऐसी कोई भी साज़िश नहीं रच रहा है। उसने कहा कि वो किसी को भी निशाना बनाने नहीं जा रहा है, ये सब झूठ है। हालाँकि, पुलिस को सूचना मिली है कि शकील ने अत्याधुनिक हथियार भी जुटा लिए हैं।