कॉन्ग्रेस नेता का फेसबुक प्रोफाइल देखने पर पता चलता है कि वह फेक न्यूज़ फैलाने में माहिर है। उसने गोडसे और सावरकर के शारीरिक सम्बन्ध होने की बात पोस्ट कर रखी है। एक पोस्ट में भारत का नक्शा दिखा कर दावा किया कि जहाँ-जहाँ भाजपा की सरकार है, वे राज्य गोबर हैं।
NDTV के श्रीनिवासन जैन को इससे मतलब नहीं है कि एक सिख लड़की अगवा की गई। जबरन उससे इस्लाम कबूल करवाया। इससे भी एनडीटीवी को दिक्कत नहीं है कि आरोपित के समर्थन में मजहबी भीड़ ने गुरु नानक के पवित्र जन्मस्थान को निशाना बनाया।
सिर्फ मूर्तियों को नष्ट किए जाने की कल्पना मात्र और केवल अल्लाह का नाम ही इस दुनिया में रहना चाहिए, ये सोच मात्र ही इस कविता का विरोध करने के लिए काफी होना चाहिए ना? या फिर लिबरल्स को ये लगता है कि उनकी भावनाएँ दूसरों की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हैं?
विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर हमले का वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से तत्काल कार्रवाई की माँग की है। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे पर हमले के बाद पूरे पाकिस्तान में सिख समुदाय के बीच दहशत का माहौल है और कई पाकिस्तानी सिख उन्हें फोन कर अपना डर जता रहे हैं।
कोटा के जेके लोन अस्पताल में शुक्रवार की सुबह एक और बच्ची ने दम तोड़ दिया। लेकिन, खस्ताहाल अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री को फील गुड कराने का प्रशासन ने पूरा इंतजाम कर दिया है। वैसे भी जिस राज्य के सीएम ही मौतों को CAA से जोड़े वहॉं अधिकारियों से उम्मीद रखना भी बेमानी है।
रेणुका कुमार की अगुवाई वाली जॉंच समिति ने सौंपी रिपोर्ट। सोनभद्र और मिर्जापुर में फर्जी सहकारी समिति बनाकर 6,602 एकड़ जमीन पर कब्जा आया सामने। मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत करीब 660 करोड़ रुपए आँकी गई है।
इस समय सोशल मीडिया पर कई सौ या शायद हजारों की तादाद में ऐसे सबूत वायरल हो रहे हैं जो राणा अयूब की फर्जी दावों को झूठा साबित करते हैं। बताते हैं कि सड़कों पर उतरी कट्टरपंथियों की भीड़ न शांतिपूर्ण है और न ही उसका मकसद पाक है।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले विहिप का बड़े कार्यक्रम का ऐलान। ‘रामोत्सव’ नाम से चलने वाला यह कार्यक्रम 25 मार्च को शुरू होगा और 8 अप्रैल को इसका समापन होगा।
इससे पहले एक महीने में जान देने वाले किसानों का आँकड़ा 300 के पार 2015 में पहुॅंचा था। राजस्व विभाग के आँकड़े बताते हैं कि बारिश में किसानों की 70% खरीफ़ की फसल नष्ट हो गई। अक्टूबर से नवंबर के बीच आत्महत्या में 61 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
केंचुली उतार कर ये पूरा विरोध अब 'हम बनाम वो' का हो गया है। इस पूरे विरोध का लहजा 'मुस्लिम बनाम काफिर' का हो चुका है। वो खुल कर कह रहे हैं कि 'गलियों में निकलने का वक्त आ गया है', वो चिल्ला कर जामिया की गलियों में कह रहे हैं कि उन्हें 'हिन्दुओं से आज़ादी' चाहिए।