उत्तराखंड में दीपावली के 11 दिन या एक माह बाद माने जाने के पीछे एक और मान्यता बताई जाती है। कहा जाता है कि गढ़वाल क्षेत्र में भगवान राम के अयोध्या पहुँचने की खबर दीपावली के ग्यारह और कुछ स्थानों में एक माह बाद मिली और इसीलिए ग्रामीणों ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बाद दीपावली का त्योहार मनाया था और इसी परंपरा को निभाते गए।
क्षेत्र विशेष तक सीमित शिव सेना को एहसास है कि हालिया उभार मोदी की लोकप्रियता की बदौलत है। भाजपा से अलग होने का नतीजा भी वह 2014 के विधानसभा और 2017 के बीएमसी चुनाव में भुगत चुकी है। देर-सबेर उसका लौटना तय है। तब तक उसके राजनीतिक फुफकार के मजे लीजिए!
नीतीश कुमार के अलग होने के बाद मानों खुशियों ने लालू के परिवार से मुॅंह ही मोड़ लिया था। राजनीतिक दखल कमजोर पड़ गया और पार्टी की चूलें हिल गई। बेटे और बहू की तकरार भी सार्वजनिक चर्चाओं का हिस्सा बन गई। ऐसे में मोदी के कारण कैसे बदले समीकरण?
भाजपा केवल शिवसेना के भरोसे बैठे नहीं रहना चाहती। बताया जा रहा है कि 15 निर्दलीय और कई छोटी पार्टियॉं उसके साथ आने को तैयार हैं। निर्दलीयों में ज्यादातर ऐसे हैं जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर बीजेपी से ही बगावत की थी।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ जब NDTV के एंकर्स ने झूठ फैलाने में दिलचस्पी दिखाई हो। इससे पहले 2018 में NDTV ने अपने सोशल चैनल्स पर ‘असम बीजेपी सांसद के भतीजे, नागरिक सूची में नहीं हैं, ऐसा भी होता है’ हेडिंग के साथ एक न्यूज़ अपलोड और शेयर की थी।
"दिल्ली सरकार द्वारा नियुक्त पब्लिक प्रोसिक्यूटर 23 सितम्बर के बाद से पेश नहीं हुए हैं। अजीब स्थिति है। सरकार इस केस में गंभीरता दिखा ही नहीं रही। ऐसा लगता है कि राज्य सरकार ने सारी जिम्मेदारियों से हाथ धो लिया है।"
यूॅं ही नहीं कहते बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना। 44 सीटें जीत चौथे पायदान पर रही कॉन्ग्रेस भी शिव सेना के साथ मिल सरकार बनाने के ख्वाब बुन रही है। जबकि 54 सीटें जीतने वाली उसकी साझेदार एनसीपी बार-बार कह रही कि हम विपक्ष में बैठेंगे।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम को दिल का दौड़ा तब पड़ा, जब इमरान सरकार ने नवाज की बेटी मरियम नवाज को भी उसी अस्पताल में 'कैद' रखने का आदेश दिया, जिसमें नवाज शरीफ को रखा गया है। इमरान को ऐसा इसलिए करना पड़ा क्योंकि...
ट्रम्प ने ख़ुद और अपनी पत्नी मेलेनिया की तरफ़ से लोगों को दिवाली की बधाई देते हुए कहा कि प्रकाश के इस त्यौहार को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाएँ। ट्रम्प ने कहा कि प्रकाश की अँधकार के ऊपर जीत ही इस त्यौहार के मूल में है। उन्होंने हिन्दुओं, सिखों, जैनों और बौद्धों को शुभकामनाएँ दीं।