कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों से कहा है कि वे चुनाव खत्म होने तक सीएम विजय रुपानी, उप-मुख्यमंत्री नितिन पटेल या किसी अन्य मंत्री से न मिलें, भले ही जनता का ही कोई काम क्यों न हो। अगस्त 2017 में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कॉन्ग्रेस ने अपने विधायकों को बंगलोर के एक रिसोर्ट में ठहराया था।
बच्चों की लड़ाई का मामला शांत होने के बाद किस्मत अली दर्जन भर 'अपने लोगों' के साथ गाँव में पहुँचा। उन्होंने लाठी-डंडे से लैस होकर तिलकराम के घर धावा बोल दिया। जब तिलकराम के परिजनों ने इसका विरोध किया, तब किस्मत अली व उसके लोगों ने सब की पिटाई की।
112 अलगाववादी नेताओं के 210 बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं। अलगावादी ख़ुद के बच्चों के भविष्य को लेकर काफ़ी सजग हैं। 4 हुर्रियत नेताओं के 21 पुत्र, पुत्रियाँ, बहनें और बहुएँ अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, इरान, तुर्की, मलेशिया और पाकिस्तान जैसे देशों में पढ़ाई कर रहे हैं।
इससे हास्यास्पद क्या हो सकता है कि वामपंथी, जिन्होंने एक ही मार्क्सवादी फॉर्मूले से रूस, चीन, पूर्वी जर्मनी, कम्बोडिया, क्यूबा, वेनेज़ुएला और न जाने कितने और मुल्कों में कत्लेआम मचाया है, वह अपने विरोधियों पर 'एक जैसा' होने का आरोप लगाएँ।
इस बार जिस दृढ़निश्चय के साथ राहुल गाँधी अपने इस्तीफे के फैसले पर अड़े हुए हैं, उससे भाजपा और तमाम गाँधी परिवारविरोधी शक्तियों में निराशा की लहर छाई हुई है।
बात शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की थी हालाँकि, जिन लोगों ने वहाँ भाषण दिया, उनमें से कई के भाषण उत्तेजक थे तो कई ने शांति बनाए रखने की अपील की। मौलवियों ने कहा कि अगर समुदाय वालों की तरह किसी और को निशाना बनाया गया होता तो वे अभी तक पलटवार कर चुके होते।
कॉन्ग्रेस ने सरकार बनने पर तीन तलाक विरोधी बिल समाप्त करने का वादा किया था। लिहाजा, सिंघवी का यह रुख चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा है कि इसी आधार पर यदि देश का हर मुसलमान फैसला करने लगे तो फिर क्या होगा!
"अगर वित्तीय संसाधनों पर किसी पार्टी विशेष का एकछत्र कब्ज़ा हो तो कोई चुनाव निष्पक्ष हो ही नहीं सकता। अब भारत में सभी सरकारी संगठन न्यूट्रल नहीं रहे हैं और हमारी लड़ाई सबके ख़िलाफ़ थी। RSS सभी संगठनों पर कब्ज़ा करने में सफल हो गया है।"
निवासियों ने यह भी दावा किया कि इस्लामी भीड़ ने न केवल दुर्गा मंदिर की मूर्तियों को तोड़ा, बल्कि दुर्गा मंदिर में पेशाब भी किया। उन्होंने बताया कि गली के मुहाने पर कई सौ लोगों की भीड़ जमा थी और अगर वे शटर को नीचे नहीं खींचते तो इलाके के हिंदू जरूर मारे जाते।
बेहद भावुक कर देने वाले इस वीडियो में देखा जा सकता है कि नन्हा गैंडा जमीन पर मृत पड़ी माँ को जगाने की लगातार कोशिश कर रहा है। उसे समझ में नहीं आ रहा कि उसकी माँ के शरीर में कोई हरकत हो क्यों नहीं रही है। वह माँ का दूध पीने की कोशिश करता भी नजर आता है।