सुप्रीम कोर्ट की दो जजों वाली बेंच ने कहा कि वादा करना और किन्हीं परिस्थितियों में उसे नहीं निभा पाना वादा कर धोखा देना नहीं है। कोर्ट ने कहा, " झूठे वादे कर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाने में और आपसी सहमति से शारीरिक संबंध बनाने में फर्क है।
जिन पूर्व सांसदों ने अभी अपना सरकारी आवास खाली नहीं किया है, उनकी संख्या अब घटकर केवल 109 रह गई है। एक अधिकारी ने बताया कि अगले कुछ दिनों में 90% सरकारी आवास खाली होने की संभावना है।
सावरकर की प्रतिमा को एनएसयूआई दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय ने जूते की माला पहनाई। उसने समर्थकों संग मिल कर प्रतिमा के चेहरे पर कालिख पोत दिया। इस दौरान एनएसयूआई के छात्रों की सुरक्षाकर्मियों से झड़प भी हुई।
अगर एनडीटीवी को सीबीआई के दीवार फाँदने पर मर्यादा और 'तेलगी को भी सम्मान से लाया गया था' याद आ रहा है तो उसे यह बात भी तो याद रखनी चाहिए पूर्व गृह मंत्री को कानून का सम्मान करते हुए, संविधान पर, कोर्ट पर, सरकारी संस्थाओं पर विश्वास दिखाते हुए, एक उदाहरण पेश करना चाहिए था।
करीबी सूत्र बताते हैं कि इस फीडबैक से युवराज बेहद नाराज हैं। उनका कहना है, "मैंने पहले ही कहा था स्टार्टअप मोदी बोलता है। हम टूजी, जीजाजी टाइप का कुछ नाम रखते हैं। लेकिन, मम्मी आपने ही तो कहा था स्टार्टअप नाम रखेंगे तो मेक इन इंडिया के नाम पर छूट मिलेगी।"
सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में जुलाई 22, 2010 को अमित शाह को सीबीआई ने 1 बजे पेश होने को कहा। समन सिर्फ़ 2 घंटे पहले यानी 11 बजे दिया गया था। फिर 23 जुलाई को पेश होने को कहा गया और उसी दिन शाम 4 बजे चार्जशीट दाखिल कर दी गई।
ये है वामपंथी पत्रकारिता जो खबरों को देखता नहीं, दिखाता नहीं, बल्कि खबरों को बनाता है, मेकअप करता है उनका और तब आपको गंभीर चेहरे के साथ बताता है कि भाई साहब आप देखते कहाँ हैं, रवीश का हलाल खबर शॉप यहाँ है!
आख़िर एनडीटीवी का असली मालिक कौन सा व्यक्ति या संस्था है? शेयर्स की हेराफेरी के पीछे मकसद क्या था? इन सबमें आईसीआईसीआई बैंक का क्या हित था? 2004 से अब तक की कहानी पढ़ कर जानिए क्यों 'मीडिया की स्वतन्त्रता' का रोना रो रहे हैं रॉय दम्पति?
कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी नेशनल हेराल्ड केस में आरोपित हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दिसंबर 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोनों को 50-50 हज़ार रुपए के पर्सनल बॉन्ड पर ज़मानत दी थी।
2008 में एफआईपीबी की मंजूरी में कुछ दिक्कतें आईं तो पीटर मुखर्जी और इन्द्राणी ने 'उचित सलाह' के लिए तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम से मुलाक़ात की। कार्ति ने मुखर्जी दम्पति से 10 लाख डॉलर रिश्वत के रूप में माँगे।