मैं माननीय उच्चतम न्यायालय का ग़लत हवाला देने के लिए बिना शर्त माफ़ी माँगता हूँ। साथ ही मैं माननीय उच्चतम न्यायालय को यह भी बताना चाहता हूँ कि ये बयान ग़ैर-इरादतन, अनजाने में असावधानी से दिया गया था। मैं आग्रह करता हूँ कि कृपया मेरी क्षमा प्रार्थना स्वीकार की जाए और मेरे ख़िलाफ़ चल रहे अवमानना मामले को बंद कर दिया जाए।"
रवीश वास्तविकता में मुश्क़िल सवाल न तो सामने वाले से पूछते हैं और न ही खुद से… उन्हें बड़े जहाज़, मंच पर जाकर फोटोबाजी और महँगे प्रसाधन से भी परहेज नहीं। ऐसे में मोदी जी को भी बिना झिझक… प्रधानमंत्री रहते रवीश के सामने बैठ कर कहना चाहिए - 'पांडे जी तुम भी कम नहीं हो बे… हें हें हें'!
विवादास्पद मलयालम फिल्म 'सेक्सी दुर्गा' का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने फिल्मों के नाम पर अभिव्यक्ति की आजादी को पैगंबर मोहम्मद और फातिमा से जोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों पर फिल्म बनाने का साहस किसी में नहीं।
"पीछे की टायर में हवा कम है, प्लीज आगे की सीट पर आके बैठ जाओ मैडम..." से शुरू हुआ छेड़खानी का खेल। पीड़िता को मदद के नाम पर Uber ने बिना पुलिस को बताए राइड कैंसल करके ड्राइवर इरफान की ही भागने में मदद कर दी। कंंपनी में शिकायत पर उसने जान से मारने की धमकी भी दी।
तथाकथित लौह-महिला इंदिरा ने वामपंथी शिक्षा नीति के उस विष-बेल को बाकायदा सींचकर इतना जड़ीभूत कर दिया कि आज हम जो रोमिला, चंद्रा, हबीब आदि की विषैली शिक्षाएँ देख रहे हैं, वही मुख्यधारा बन चुकी है, यहाँ तक कि आर्य-आक्रमण का सिद्धांत, सभी तरह से खारिज होने के बाद भी पढ़ाया जा रहा है।
इस लिस्ट में कामरेड कन्हैया कुमार के समर्थक युवा नेता जिग्नेश मेवानी से लेकर कॉन्ग्रेस नेता दिव्या स्पंदना और अन्य कई नाम मौजूद हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी काल्पनिक और मनोवैज्ञानिक घृणा के कारण बेहद भद्दी बातें कही गई हैं
टैगोर लगातार अपने लेखन में महात्मा गाँधी की देशभक्ति की आलोचना करते नजर आते थे। उन्होंने लिखा कि किस तरह से कुछ लोगों के लिए यह उनकी आजीविका है, उसी तरह से कुछ लोगों के लिए राजनीति है, जहाँ वो अपने देशभक्ति की विचारधारा का व्यापार करते हैं।
जेट एयरवेज कंगाली की कगार पर है और इसके संस्थापक नरेश गोयल के दाऊद से संपर्क की बातें होती रही हैं। इसी तरह राफेल मामले में सुनवाई को प्रभावित करने की कोशिश की गई। प्रशांत भूषण ने मीडिया में झूठ क्यों बोला? कौन सा तंत्र काम कर रहा है CJI पर लगे आरोपों के पीछे?
साल के दो दिनों को छोड़ दिया जाए, वो भी कॉन्ग्रेस के कार्यकाल के, तो राजीव गाँधी सिख हत्याकांड से लेकर, क्वात्रोची, एंडरसन, शाहबानो, रामजन्मभूमि, बोफ़ोर्स, भोपाल गैस कांड आदि के लिए हमेशा चर्चा में बने रहते हैं।
सुरेश AAP की रैलियों और सार्वजनिक बैठकों के लिए एक आयोजक के रूप में काम करता था। पुलिस ने पार्टी के रजिस्टर्ड कार्यकर्ता से भी इस बारे में पूछा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वो आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों को आयोजित करने में मदद किया करता था।