इससे पहले अहमद खान नौशेरा, सुंदरबनी और पल्लनवाला सेक्टरों में आतंकवादियों की भारत में घुसपैठ कराता रहा है। घुसपैठ कराने के लिए पाकिस्तानी सेना ने उसे विशेष रूप से तैनात और प्रशिक्षित किया था।
दिल्ली हाईकोर्ट चिदंबरम को 'किंगपिन' बताते हुए उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। HC ने चिदंबरम के मामले को मनी लॉन्ड्रिंग का 'क्लासिक उदाहरण' बताते हुए कहा कि ऐसे केस में यदि आरोपित को जमानत दी जाती है, तो इससे समाज में बेहद खराब संदेश जाएगा।
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तुरंत इस BPO को डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन का काम सौंप दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले 18 महीने में यहाँ लगभग 2,000 लोगों की नौकरी लगेगी। जिस MNC में ये लोग कार्य कर रहे थे, वहाँ करीब 500 लोगों के काम करने की जगह है।
पीड़िता के पिता का कहना है कि अगर पुलिस ने उनका साथ दिया होता, तो आज उनकी बेटी उनके पास होती। उन्होंने अपनी बेटी का मेडिकल कराने और पूर्ण रूप से स्वस्थ होने के बाद ही पूरी सुरक्षा के बीच उससे पूछताछ की माँग रखी है।
क्या है और कैसे काम करता है जोमैटो का बिजनेस प्लान? जानिए 'डार्क किचन' के बारे में। आखिर क्यों रेस्टॉरेंट्स चला रहे हैं जोमैटो के ख़िलाफ़ लॉगआउट अभियान? जोमैटो और रेस्टॉरेंट्स के बीच के विवाद को समझने के लिए समझें फ़ूड इंडस्ट्री में चल रहा नया कुचक्र।
प्रगतिशील लिबरल वर्ग का वास्तविक डर संवाद के साधनों का दोतरफा हो जाना है। अब यह संभव नहीं है कि आप टीवी स्क्रीन के पीछे बैठकर इकतरफा अपने कुतर्कों का ज्ञान बाँचें और श्रोता, दर्शक, पाठक आपसे सहमत होने के लिए मजबूर हो। यह समय त्वरित संचार और प्रतिक्रिया का है। जो प्लेटफॉर्म जितना ज्यादा प्रतिक्रिया करता है ये प्रगतिशील वहाँ से अवश्य पलायन करेंगे।
आँकड़े बताते हैं कि राजस्थान में गहलोत सरकार के आने के बाद अपराधों में बड़ा उछाल आया है। पुलिसिया आँकड़ों के मुताबिक इस साल बढ़कर जनवरी से अप्रैल के बीच 62,666 आपराधिक मामले दर्ज हुए। महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा के मामलों में 40.56% उछाल आया।
साइबर सेल को अपनी जाँच में मालूम चला कि जिन 2 खातों में पैसे डलवाए जा रहे हैं वो बैंक खाते कलकत्ता के हैं। एक अकॉउंट सुपर्णा दास के नाम से हैं जबकि दूसका मोहिउद्दुल अहमद के...
हम आपकी आजादी का सम्मान करते हैं। लेकिन, नहीं चाहते कि यह आजादी उन टुच्चों को भी मिले जो आपके कंडोम प्रेम की अफवाहें फैलाते रहते हैं। बस यही हमारे और आपके बीच का फर्क है। और यही भक्त और लिबरल होने का भी फर्क है।
नेहरू को माउंटबेटन ने आगाह किया था कि युद्ध हो सकता है। लेकिन उन्होंने उस चेतावनी को नज़रअंदाज कर CDS का गठन नहीं किया। बाद में वह इस भावना से ग्रसित हो गए कि सेनाध्यक्ष उनकी कुर्सी हथिया लेगा। आज मोदी ने सेना की वर्षों पुरानी माँग पूरी कर दी।