रिपोर्टर्स कलेक्टिव ने आरोप लगाया कि सरकार ने अब इसका यह छीन लिया जो सही नहीं है। इसने कहा कि पत्रकारिता से किसी को मुनाफा नहीं होता, ऐसे में इसका नॉन प्रॉफिट दर्जा हटाया जाना ठीक नहीं है।
हमले का इलाका पहले पुंछ और राजौरी तक सीमित था। लेकिन बाद में यह रियासी जैसे इलाके तक फ़ैल गए। ऐसे ही एक हमले में श्रद्धालुओं की बस को भी आतंकियों ने निशाना बनाया था।