किसानों के विरोध के खिलाफ वैश्विक अभियान के पीछे कनाडा का 'पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन' बहुत सक्रिय भूमिका निभा रहा है। इसकी वेबसाइट से वास्तविकता का पता चलता है कि यह सब सामान्य से कहीं अधिक भयावह है।
गृहमंत्री अमित शाह ने बुधवार (3 फरवरी, 2020) को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए विरोधी ताकतों को करारा जवाब दिया है।
“लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, किसान बिल को लेकर कतिपय संगठनों द्वारा दर्ज किए गए विरोध के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत सरकार 11 बार किसानों से वार्ता कर चुकी है।”
कुछ वीडियोज सामने आई हैं, जिससे साफ हो रहा है कि पूरे प्रदर्शन में खालिस्तानियों की घुसपैठ है। इसके बाद दूसरी वीडियो में साफ-साफ तिरंगे का अपमान होते देखा जा सकता है।
राहुल गाँधी ने अपने ट्वीट में लिखा कि इतने सारे तानाशाहों के नाम 'M' से ही क्यों शुरू होते हैं। इस पर लोगों ने राहुल गाँधी से ही सवाल किया कि फिर मोहनदास और मोती लाल नेहरू क्या थे?