"मुख़्तार अंसारी एक पेशेवर अपराधी है, जिसने तमाम निर्दोष लोगों की हत्याएँ की हैं। अनेक माताओं-बहनों का उसने सुहाग उजाड़ा है और कई बच्चों के सिर से उसने पिता का साया छीना है।"
सियासत में कूदने से पहले ही प्रभुनाथ का आस्तीन दाग़दार हो चुका था। 1980 में मशरक के विधायक रामदेव सिंह की हत्या हुई थी और आरोप लगा था प्रभुनाथ सिंह पर।
एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए थानाध्यक्ष को सस्पेंड किया गया। पुलिस ने अपनी 'डेथ रिव्यू रिपोर्ट' में आशुतोष के शरीर पर चोट के निशान मिलने की पुष्टि की है।
उन्हें जम कर भाजपा का डर दिखाया। इससे वो मुस्लिमों के मसीहा भी बने रहे और यादवों का वोट भी उन्हें मिलता रहा। इस तरह उन्होंने MY समीकरण बना कर राज किया।