"साध्वी प्रज्ञा की भाजपा से उम्मीदवारी ‘भगवा या हिन्दू आतंकवाद की अवधारणा' के खिलाफ भाजपा का सत्याग्रह है।" लोकसभा उम्मीदवार घोषित होने के पहले साध्वी प्रज्ञा ने भी एक सवाल के जवाब में कहा था, ‘‘मैं धर्मयुद्ध के लिए तैयार हूँ।''
भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी पर बिना किसी पुख्ता सबूत या तथ्य के निराधार आरोप लगाए जाने पर औंधे मुँह गिरे राहुल गाँधी को जनता ने मुँहतोड़ जवाब दिया है। वैसे इसकी संभावना भी कम ही है कि इतना कुछ होने के बाद भी वो इससे कुछ सीख ले पाएँगे।
यह कहना ग़लत नहीं होगा कि राहुल गाँधी हमेशा इसी फ़िराक में रहे कि मोदी कब कोई चूक करें और फिर उन्हें मुद्दा बनाकर जनता के समक्ष उनकी छवि को धूमिल किया जा सके।
"तुमने जिस ख़ून को मक़्तल में दबाना चाहा, आज वह कूचा-ओ-बाज़ार में आ निकला है। कहीं शोला, कहीं नारा, कहीं पत्थर बनकर" शायर साहिर लुधियानवी ने ये पंक्तियाँ 23 मई 2019 की सुबह को ध्यान में रखकर नहीं लिखी थीं। ये पंक्तियाँ लिखी जा चुकी हैं, ठीक उसी तरह जिस तरह नरेंद्र मोदी को एक बार फिर देश ने सर आँखों पर बिठा लिया है।
एएनआई के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में शनिवार (मई 25, 2019) को कॉन्ग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक होगी। जिसमें पार्टी की हार की वजहों पर चर्चा करने करने के साथ ही कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर किसी बड़े फैसले की भी उम्मीद की जा रही है।
कुछ दुखद घटनाओं का स्मरण करें तो कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के इस्लामपुर में भाजपा कार्यकर्ता अपूर्बा चक्रवर्ती को तृणमूल के गुंडों ने बेरहमी से पीटा था।
मुख्यमंत्री कुमारस्वामी अपने पद से त्यागपत्र दे सकते हैं। कर्नाटक में सत्ताधारी दल के 17 विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं। तृणमूल के 47 विधायक पार्टी छोड़ने का मूड बना रहे हैं।
तमाम EVM हैकिंग से लेकर डर के माहौल के बीच अन्य कई प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवारों के अरमानों का शीघ्रपतन देखने को मिला है। इस प्रकार बड़े ही दुःख के साथ यह सूचित करना पड़ रहा है कि देश ने एकसाथ आज लगभग 22 प्रधानमंत्री खो दिए हैं।