इस समय कश्मीर से बाहर रह रहे छात्र और आम लोग ट्विटर हैंडल @CRPFmadadgaar पर संपर्क कर सकते हैं। बस इतना याद रखें कि ये वही CRPF है, जिसके जवानों पर कश्मीर में आए दिन पत्थरबाजी होती है।
नेशनल हेराल्ड कॉन्ग्रेस की वेबसाइट है। यह वही नेशनल हेराल्ड है, जिसके घोटाले की आँच 'युवा' नेता और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल से लेकर उनकी माता सोनिया तक कब का पहुँच गई है।
'हम AAP के लोग हरिश्चंद्र की संतान हैं, जो हमसे अलग हैं वो झूठ के पुलिंदे।' ऐसे ब्रह्म वाक्य वाले नेताओं के लिए पुलवामा हो या करगिल, राजनीति को छोड़ना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।
मेक इन इण्डिया के तहत इंटीग्रल कोच फैक्ट्री चेन्नई में निर्मित बदलते भारत की तस्वीर पेश करती वन्दे भारत एक्सप्रेस में ऐसी कई खूबियाँ हैं जो ट्रेन यात्रा को सुगम, समयबद्ध और आरामदायक बनाते हुए दिल्ली से वाराणसी की यात्रा को महज़ 8 घंटे में समेट देती है।
आप सेना में रहे हैं कैप्टेन साहब। इस तरह अनजान न बनिए। इस से पहले कि देश आपको दूसरा मनमोहन पुकारे, जनभावना का अपमान करने वाले सिद्धू को अपने कैबिनेट से निकाल बाहर फेंकिए।
सर्वसम्मति की आवश्यकता इसलिए है क्योंकि हमारा शत्रु एक है- ‘आतंकवाद’। जो भी देश आतंक का भरण पोषण करता है वह हमारे लिए आतंकी देश होना चाहिए। यह विचार भारत के प्रत्येक संस्थान और व्यक्ति द्वारा बिना किसी रिलिजियस अथवा सामुदायिक भेदभाव के अंगीकार किया जाना चाहिए।
इस बार आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर में रजौरी के नौशेरा में आईईडी ब्लास्ट किया, जिसमें इंजीनियरिंग कोर के मेजर के साथ दो अन्य गंभीर जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
गुजरात के लोग ये जानते हैं कि आपके नेतृत्व में प्रकाशित होने वाले अख़बार हमेशा सरकार विरोधी और प्रतिष्ठान विरोधी रुख़ अपनाता रहा है। यही वजह है कि बतौर संपादक आप तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज के ख़िलाफ़ लिखते रहे हैं।
क्या अकारण वीरगति को प्राप्त हुए सेना के जवान और आतंकी मनसूबों के साथ मरने वाले आतंकवादियों में कोई फर्क ही नहीं रह गया है? अपने दुख को इन जवानों के घर वालों के दुख के समान बताकर किस तरह का माहौल बनाया जा रहा है?
जहाँ एक तरफ देश पुलवामा में शहीद हुए 44 सीआरपीएफ के जवानों को लेकर शोक मना रहा था, वहीं दूसरी ओर दिव्या स्पंदना ने NDTV की आधी-अधूरी रिपोर्ट का इस्तेमाल करते हुए ट्रेन-18 के बारे में झूठी ख़बर फैलाते हुए ट्रेन को विफल बताया।