दो साल में ये तीसरी बार हुआ, जब मंदिर के आसपास ऐसी हरकत हुई। लोगों का कहना था कि अप्रैल 2024 में गाय पर चाकू से हमला हुआ था और डेढ़ साल पहले मीट फेंका गया था, लेकिन पुलिस ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया।
बिहारी छात्रों को निशाना बनाकर तलवारों से हमला किया गया। कई छात्रों के सिर फट गए, हड्डियाँ टूट गईं और खून से लथपथ हालत में वो मदद की गुहार लगा रहे हैं।