कोलकाता की 'ममता'मयी महफ़िल। बड़े-बड़े धुरंधर। जमावड़ा था एक गिरोह का, 'चौकीदार' को हटाना ही जिनका परम लक्ष्य। केजरीजी को आया जोश और महफ़िल को लूटने की जल्दी में...
सूत्र तो यह भी बता रहे हैं कि शाह फ़ैसल ने यह निर्णय ट्विटर पर चल रहे #10YearsChallenge की वजह से लिया है। 10 साल पहले जो हालात राजनीति में थे, वो उनको ही ‘रीस्टोर’ करने के मकसद से शायद राजनीति में उतरना चाह रहे हों।
कपिल सिब्बल और अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं की नज़र में सोनिया गाँधी ही उनकी देश है और सोनिया के ख़िलाफ़ कुछ लिखना राष्ट्रद्रोह। सिब्बल ने एक दशक पहले जो थूका था, अब उसे चाट लिया है।
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से मैं ये कह सकता हूँ कि जब-जब केजरीवाल जी ने पार्टी की खातिर अपने चेहरे को आगे किया है, पार्टी के खाते में पैसे बढ़े हैं। आप एक थप्पड़ मारिए, लोग 85 लाख रुपया दान कर देते हैं।
वहीं मीडिया के दूसरे हिस्से ने इस तस्वीर को देखकर माननीय मोदी जी को एक ‘कम्प्लीट स्टेट्समैन’ कहते हुए कहा कि मोदी ने लगातार दिल लूटते हुए पीएमओ के ‘हार्ट बैंक’ में कई लाख दिल और जमा करा लिए हैं, जिसका ट्रान्सप्लांट हेतु इस्तेमाल किया जाएगा
राहुल गाँधी का जयपुर में दिया गया बयान महिला-विरोधी है। उनकी ओछी मानसिकता का परिचायक है। और ट्विटर पर उस बयान के बचाव में एक और सेक्सिस्ट बयान देना उनकी छोटी सोच को दर्शाता है।