"क्या ज़ायरा वसीम के लुन्गी पहनने से इस्लाम ख़तरे में नहीं आता?" - ट्विटर पर एक यूजर ने पूछा क्योंकि बॉलीवुड छोड़ने की घोषणा करते समय ज़ायरा ने कुरान को उद्धृत करते हुए बताया था कि कैसे बॉलीवुड उन्हें कुरान के इल्म और सच के मार्ग से भटका रहा था।
लल्लू सिंह ने माफ़ी माँगते हुए जो लिखा वो किसी को भी ठीक से संतुष्ट नहीं कर पा रहा कि उन्होंने स्क्रॉल करते वक़्त गलती से ट्वीट के उस बेहूदे रिप्लाई को लाइक कर दिया।
साहो फिल्म में नील नितिन मुकेश ने भी काम किया है। उन्हीं को लेकर साहो फिल्म पर अपनी राय देते हुए अंकुर पाठक ने लिखा- "ये 2019 है, और फिल्म प्रोड्यूसर्स अभी भी नील नितिन मुकेश को फिल्मों में एक्टिंग करने के लिए पेमेंट दे रहे हैं? मुझे जवाब चाहिए।
जूही सेनगुप्ता अपने माता-पिता के साथ पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के लिए रुकी थीं। उन्होंने पेट्रोल पंप के कर्मचारी से अपनी गाड़ी में 1500 रुपए का पेट्रोल भरने को कहा, लेकिन उसने 3000 रुपए का पेट्रोल भर दिया। इसके बाद...
"मैं अभी भी अपने पाकिस्तानी दोस्तों से बातें करती हूँ और वे मेरे जन्मदिन पर मुझे कढ़ाईदार सूट गिफ्ट के रूप में देते हैं। पाकिस्तान भी कभी भारत का ही हिस्सा हुआ करता था और वहाँ की जनता भी शांति चाहती है।"
"आज के वक्त में आप बिना 'पॉलिटिकली करेक्ट' हुए कोई स्टार या सेलिब्रिटी नहीं बन सकते हैं। मीका ने भले ही पाकिस्तान में परफॉर्म करने पर माफी माँग ली है, लेकिन वह भीतरी तौर पर वैसे ही हैं। क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान में जाकर परफॉर्म किया और देश की भावनाओं को आहत किया।"
इस शो ने दुनियाभर में रिकॉर्ड तोड़ सफलता हासिल की। 36.9 लाख इम्प्रेशन और 61 लाख ट्यून-इन के साथ रात 9 से 10 बजे की समयावधि में यह इन्फोटेन्मेंट जेनर का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला शो बन गया।
अर्शी ख़ान ने इस साल की शुरुआत में ही कॉन्ग्रेस का हाथ थामा था। पार्टी में उन्हें एक बड़ा पद भी दिया गया था। उन्होंने तब ये भी कहा था कि वो लोकसभा चुनाव में भाग लेंगी। पार्टी ने उन्हें मुंबई प्रदेश माइनॉरिटी वेलफेयर कमिटी का वाइस प्रेसिडेंट बनाया था, लेकिन...
लिस्ट में हॉलीवुड अभिनेता ड्वेन जॉनसन शीर्ष स्थान पर हैं। ड्वेन जॉनसन को ही 'द रॉक' के नाम से भी जाना जाता है। फोर्ब्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस अवधि में उन्होंने 89.4 मिलियन अमरीकी डॉलर (लगभग 640 करोड़ रुपए) की कमाई की।
'कड़ा' या 'करा' का महत्व सिखों के लिए इसलिए इतना है क्योंकि ये उन 'पंज ककार' का ही एक हिस्सा हैं जिन्हें एक सिख हमेशा धारण किए रहते हैं। बाकी चार केश, कंघा, कछेरा और कृपाण हैं।