कंगना रनौत का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह मीडिया रिपोर्टों का हवाला देकर बता रही हैं कि कैसे सुशांत सिंह राजपूत की मीडिया ने मूवी माफिया की शह पर लिंचिंग की।
निजामुद्दीन चिश्ती जैसों के 'शांतिपूर्ण सूफीवाद' का मिथक खूब फैलाया गया है। लेकिन वास्तविकता यही है कि ये जिहाद को बढ़ावा देने, 'काफिरों' के धर्मांतरण के लिए ही भारत आए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए फैसला दिया है कि कोरोना महामारी के फैलने के डर और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए जगन्नाथ मंदिर में होने वाली वार्षिक रथयात्रा ना निकाली जाए।
सुशांत के एक मैनेजर ने पुलिस को बताया कि वह एक्स-मैनेजर दिशा से 14 करोड़ के एक वेब सीरीज में रोल करने के लिए टच में थे। हालाँकि, इससे कुछ खास बात.......