"कान खोलकर एक बात सुन लो और दिमाग में बिठा लेना कि मैं कोई जायरा वसीम नहीं हूं कि तुम्हारी धमकियों से डरकर घर पर बैठ जाऊँगी। मैं तुम्हारी धमकियों से नहीं डरने वाली। मैं असली बबीता फोगाट हूँ।"
आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में दी थी। यह ऐप न केवल आपको कोरोना के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में भी मदद करता है।
वे क्रांतिकारियों के बम विशेषज्ञ थे। उनके ही बनाए बम का इस्तेमाल खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किया था मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड के काफिले पर हमले में किया था। जयंती पर बम क्रांति के जनक उल्लासकार दत्ता को नमन।
सारी सभा में हलचल मच गई। रौद्र रूप धरे गुरु गोविन्द सिंह की इस माँग के बाद जो लोग आए, उन्होंने न सिर्फ़ अपनी बहादुरी से देश को गौरवान्वित किया बल्कि जाति-पाती के बंधनों को तोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई। एक व्यक्ति आगे आया। गुरु गोविन्द सिंह उसे तम्बू में ले गए और खचाक...!
"अगर तबलीगी लोगों को जान गए तो उन्हें भगवान की तरह पूजोगे। तबलीगियों ने अंग्रेजों को धूल चटाई थी और RSS के मुखबिरों ने अंग्रेजों के पैर की धूल चाटी थी। आरएसएस सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी कर सकता है।"