"पाकिस्तान में विश्वविद्यालय के छात्र 'कोरोना वायरस जिंदाबाद' का जाप कर रहे हैं, क्योंकि कोरोना आउटब्रेक के कारण उनकी परीक्षा स्थगित हो गई हैं। इससे उन्हें तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिल रहा है।"
कोरोना के संक्रमण में तेजी से बढ़त को देखते हुए देश के कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने का ऐलान कर दिया गया है। इस क्रम में राजधानी दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, हरियाणा, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और मणिपुर ने...
भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम अन्य विकसित देशों की तुलना में कहीं बेहतर नजर आ रहे हैं। हालाँकि कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ऐसा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है लेकिन वो इसे लेकर भारत सरकार का विरोध करना चाहते हैं।
उस समय दुनिया आज की तरह ग्लोबल नहीं थी। फिर भी उस वायरस को दुनिया को अपनी चपेट में लेते वक्त नहीं लगा। उस समय दुनिया का हर चौथा शख्स इससे प्रभावित था। मृतकों में से आधे से ज्यादा 20 से 30 की उम्र के थे।
इस संबंध में अंतिम फैसला शनिवार 14 मार्च को लिया जाएगा। लेकिन, माना जा रहा है कि इस बार IPL केवल प्रसारण के उद्देश्य होगा और मैच बिना दर्शकों के खाली स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा।
युद्ध पर निगरानी रखने वाली एक संस्था ने कहा कि इससे लड़ाई और बढ़ने का खतरा है। पड़ोसी सीरिया में ईरान समर्थित इराकी लड़ाकों को निशाना बनाकर कुछ हवाई हमले किए गए हैं जिनके बारे में संदेह है कि इनके पीछे अमेरिका नीत गठबंधन बलों का हाथ है। बताया जा रहा है कि कम से कम 18 लड़ाके मारे गए हैं।
संस्थान में विषाणु के वास्ते अनुसंधान एवं मेडिकल उपचार विकसित करने में 50 से ज्यादा अनुभवी वैज्ञानिक जुटे हुए हैं।' नेस जियोना में इंस्टीट्यूट ऑफ बॉयोलोजिकल रिसर्च को इजराइल के रक्षा बल विज्ञान कोर के तहत 1952 में स्थापित किया गया था और बाद में वह असैन्य संगठन बन गया। अखबार के मुताबिक तकनीकी तौर पर यह संस्थान प्रधानमंत्री कार्यालय के निगरानी में है,
इराक मूल के ईरान में रहने वाले इस्लामिक नेता अयातुल्ला सैयद हादी-अल-मुदारिसी ने 28 फरवरी को MEMRI-TV पर दिए एक वीडियो संदेश में चीन पर निशाना साधते हुए कहा था कि- नि:संदेह अल्लाह ने चीन को ये सज़ा दी है चीन के उन कारनामों के लिए, जिसमें वो मुस्लिम औऱ इस्लाम के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
इतिहास का यह पन्ना सन् 57 से भी पुराना है। तब सम्पूर्ण भारतवर्ष में मराठा शासन का प्रभाव चरम पर था। मुगलों से अपने तलवे चटवाने वाला एक सिंधिया भी था। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के पूर्वजों की बगावत को कुचलने वाला भी सिंधिया ही था।
1659 में आदिलशाह ने छत्रपति शिवाजी के साम्राज्य को नष्ट करने के लिए 75000 सैनिकों की सेना के साथ अफ़ज़ल खान को भेजा। छत्रपति शिवाजी ने कूटनीतिक तरीके से अफजल खान को मार डाला। फिर उन्होंने आदिलशाही सल्तनत पर बड़े हमले शुरू करने के लिए अपने सैनिकों को संकेत दिया।