आरोग्य सेतु ऐप को डाउनलोड करने की सलाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में दी थी। यह ऐप न केवल आपको कोरोना के बारे में सभी जानकारी उपलब्ध कराता है, बल्कि कोरोना वायरस संक्रमण के खतरे और जोखिम का आकलन करने में भी मदद करता है।
वे क्रांतिकारियों के बम विशेषज्ञ थे। उनके ही बनाए बम का इस्तेमाल खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने किया था मुजफ्फरपुर में मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड के काफिले पर हमले में किया था। जयंती पर बम क्रांति के जनक उल्लासकार दत्ता को नमन।
सारी सभा में हलचल मच गई। रौद्र रूप धरे गुरु गोविन्द सिंह की इस माँग के बाद जो लोग आए, उन्होंने न सिर्फ़ अपनी बहादुरी से देश को गौरवान्वित किया बल्कि जाति-पाती के बंधनों को तोड़ने में भी अहम भूमिका निभाई। एक व्यक्ति आगे आया। गुरु गोविन्द सिंह उसे तम्बू में ले गए और खचाक...!
"अगर तबलीगी लोगों को जान गए तो उन्हें भगवान की तरह पूजोगे। तबलीगियों ने अंग्रेजों को धूल चटाई थी और RSS के मुखबिरों ने अंग्रेजों के पैर की धूल चाटी थी। आरएसएस सिर्फ अंग्रेजों की गुलामी कर सकता है।"
बुक माय शो ने एक दिन पहले हुसैन हैदरी जैसे कट्टर इस्लामिस्ट को अपना मंच दिया था, उसे प्रमोट किया था। आज PM मोदी के लिए मौत माँगने वाली वामपंथी ट्रोल हरनिध कौर को अपना मंच दिया, उसे प्रमोट किया।
205 देशों में फैल चुके कोरोना वायरस संक्रमण पर काबू पाने के लिए फिलहाल कोई वैक्सीन नहीं है। लेकिन, इस दिशा में दुनियाभर में युद्धस्तर पर काम चल रहा है। लेकिन, इस मर्ज की दवा बनाने में सबसे बड़ी बाधा समय की है। जो ड्रग्स क्लीनिकल ट्रायल्स के स्टेज 3 में भी हैं, उनके भी मरीजों तक पहुॅंचने में अभी 6 महीने और लगेंगे।
फार्मा सेक्टर दवाइयों और वैक्सीन से दुनिया की सेवा कर रहा है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कॉर्पोरेट सिर्फ और सिर्फ पैसा देखता है। COVID-19 दुनिया के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन यही चुनौती फार्मा जगत के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।
प्रतीक चिह्न की ऊपरी परिधि में ट्रस्ट का नाम लिखा है, जबकि नीचे 'रामो विग्रहवान धर्म:' अंकित किया गया है, जिसका अर्थ है- भगवान श्रीराम धर्म के साक्षात् साकार रूप हैं। इस तस्वीर में भगवान अभयदान की मुद्रा में दिख रहे हैं।
विहिप प्रवक्ता ने आगे कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने मन्दिर से पहले देशवासियों के कुशलक्षेम हेतु पीएम केयर्स फण्ड में दान देकर बहुत बड़ी कृपा की है। अब इस फण्ड में कभी कोई कमी नहीं आएगी।
ना केवल अपनी सेवाओं से बल्कि रेलवे आर्थिक स्तर पर भी देश की मदद कर रहा है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया कि उन्होंने व रेल राज्य मंत्री ने अपनी एक महीने की सैलरी व रेलवे के 13 लाख कर्मचारियों व PSU के सभी कर्मचारियों ने अपनी 1 दिन की सैलरी PM-CARES फंड में देने का निर्णय किया। इसका कुल योगदान 151 करोड़ हुआ।