"साड़ी चैलेंज जैसे हालिया ट्रेंड, जिनमें महिलाएँ अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अपनी तस्वीरें अपलोड करती हैं और अपने दोस्तों को टैग करती हैं, एक चेन बनाती हैं। वे आपराधिक तत्वों को डीप न्यूड जैसी वेबसाइटों का इस्तेमाल करने का मौका देती हैं।"
फार्मा सेक्टर दवाइयों और वैक्सीन से दुनिया की सेवा कर रहा है लेकिन यह भी उतना ही बड़ा सच है कि कॉर्पोरेट सिर्फ और सिर्फ पैसा देखता है। COVID-19 दुनिया के समक्ष आज सबसे बड़ी चुनौती है लेकिन यही चुनौती फार्मा जगत के लिए सबसे बड़ा मौका भी है।
कोरोना वायरस को निष्क्रिय करने के लिए इस तकनीक में केमिकल की जगह पानी की बूँदों को ही आवेशित कर छिड़काव किया जा रहा है, जो कि सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद वायरस और बैक्टीरिया को निष्क्रिय करने में सक्षम है।
वैज्ञानिकों ने आगाह किया था कि ऐसी ही कोई बिमारी भविष्य में भी जन्म ले सकती है। 2002 के उत्तरार्ध में, एक रहस्यमयी निमोनिया जैसी बीमारी के मामले दक्षिण-पूर्वी चीन के गुआंगडोंग प्रांत में सामने आने लगे थे।
रिसर्च टीम में पीएचडी स्कॉलर प्रशांत प्रधान, आशुतोष पांडे और प्रवीण त्रिपाठी, पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोज डॉक्टर पारुल गुप्ता और अखिलेश मिश्रा एवं प्रोफेसर विवेकानंद पेरुमत, मनोज बी मेनन, जेम्स गोम्स और बिश्वजीत कुंडु शामिल हैं।
इस कार्यक्रम का मकसद देश के व्यस्ततम 400 रेलवे स्टेशनों पर तेज गति से फ्री पब्लिक वाईफाई सुविधा उपलब्ध करवाना था। इस प्रोजेक्ट को 2020 के मध्य तक पूरा किया जाना था। जून 2018 में ही यह लक्ष्य पूरा हो गया था।
"हम डोहार्टी इंस्टीट्यूट के साथियों को धन्यवाद देना चाहेंगे, जिन्होंने वायरस निकालकर हमें दिया ताकि उस पर रिचर्स की जा सके। फिलहाल पूरी टीम इस पर गहन अध्ययन कर रही है। इस वायरस के विकास के लक्षण और अन्य कारकों का पता लाकर इसका वैक्सिन बनाया जा सकेगा।"
पैर नहीं होने के कारण व्योममित्र को हाफ ह्यूमनॉइड कहा जा रहा है। वह केवल आगे और बगल में झुक सकता है। वह अंतरिक्ष में कुछ परीक्षण करेगा और इसरो के कमांड सेंटर से संपर्क में रहेगा।