भारत में कोरोना संक्रमितों के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर एक चौंकाने वाले बात सामने आती है। 300+ संक्रमण के मामले उन लोगों के हैं जिनका प्रत्यक्ष रूप से विदेश यात्रा का इतिहास रहा है। इनमें से भी 142 पॉजिटिव मामले उन लोगों के हैं, जो मध्य-पूर्व के इस्लामी मुल्कों से लौटे हैं।
"अब से कुछ ही वक्त पहले मैं जिंदगी और मौत से लड़ रही थी। मेरे पति नोएडा में फँसे थे और मुझे लेबर पेन हो रहा था। हॉस्पिटल पहुँचाने वाला भी कोई नहीं था... खाकी में भगवान हैं आप लोग।"
एक ही परिवार के 12 लोगों के संक्रमित होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सकते में है। उनके रिश्तेदारों को आइसोलेट कर दिया गया है। पूरे गॉंव में सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। डॉक्टरों को आशंका है कि संक्रमण की यह कड़ी काफी लंबी हो सकती है।
"एक उप जिलाधिकारी का इस तरह से लापता हो जाना सरकार को शर्मिंदा करने जैसा है। एक कप्तान इस तरह से जहाज नहीं छोड़ सकता है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में यूपी सरकार से संपर्क किया जा रहा है।"
लॉकडाउन के 48 घंटे बाद ही देश की राजधानी दिल्ली के अलग-अलग स्लम इलाकों से ऐसी तस्वीरें आईं, जिनमें मजदूरों और उनके परिवार के लोग भूख से बिलखते दिखाई पड़े। लेकिन दिल्ली पुलिस ने मानवता की ऐसी मिसाल पेश की कि वो लोग कह उठे - 'पुलिस वाले भैया' को धन्यवाद!
आज बृहस्पतिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में बताया। केजरीवाल ने कहा कि अब तक दिल्ली में कोरोना वायरस के कुल 36 केस सामने आए हैं, जिनमें से 26 लोग विदेश से आए थे।
धर्म आस्था का विषय है, व्यक्तिगत विषय है। लेकिन शायद सबके लिए नहीं! कर्नाटक के बेलगाम में एक मस्जिद में गई भीड़ के लिए तो बिल्कुल भी नहीं। इस भीड़ के लिए नमाज पढ़ने से ज्यादा मस्जिद में नमाज पढ़ना जरूरी है।
मृतक महिला राबिया ने कोई विदेश की यात्रा नहीं की थी। हाँ, उसने उज्जैन में आयोजित सीएए विरोध में हिस्सा जरूर लिया था साथ ही इंदौर में एक शादी में भाग लिया था। इसके बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिन लोगों ने...