नए क़ानून के तहत रिकॉर्ड समय सात दिनों के भीतर यौन अपराधों के मामलों की जाँच और चार्जशीट दाखिल करने की तारीख से 14 कार्य दिवसों के भीतर मुक़दमे को पूरा करने की बात कही गई है। नए पारित क़ानून के तहत सज़ा के ख़िलाफ़ अपील को छ: महीने के अंदर निपटाना होगा।
कुछ लोगों ने महात्मा गाँधी का नाम भी सुझाया तो छात्रों ने यह कहकर इसे ख़ारिज किया कि वाराणसी में पहले से ही महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ है। उन्होंने कहा कि सावरकर का नाम भी चल सकता है क्योंकि वो भी महामना के सहयोगी रहे हैं।
सीएम अशोक गहलोत के गृह जिले में बच्चियों के साथ हो रहा था अमानवीय व्यवहार। अनजान आदमियों से मिलने के लिए किया जाता था मजबूर। भूखा रखती थी असमां, नहीं देती थी सेनेट्री पैड।
श्रीनगर-बारामूला रोड पर स्थित ये गुरुद्वारा पाकिस्तान से आए परिवारों की सेवा के लिए जाना जाता है। यहाँ लंगर के अलावा सामाजिक सेवा कार्य होते हैं। बाढ़ पीड़ितों और भूकंप पीड़ितों को शरण देना इसमें शामिल है।
प्रीति रेड्डी की गैंगरेप के बाद हत्या कर दी गई थी। फिर लाश को जला दिया गया। इस मामले में मोहम्मद पाशा, नवीन, चिंताकुंता केशावुलु और शिवा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
15 साल की बच्ची हाफिजगंज के ग्राम कमुआ में हाईस्कूल की छात्रा है। जब वह स्कूल जा रही थी तो गाँव के तीन युवकों की नजर उस पर पड़ी... दो को ग्रामीणों ने दबोचा, एक फरार। दो समुदायों से मामला जुड़ा होने के कारण गॉंव में पसरा तनाव।
रायपुर में दो बहनों की हत्या करने के मामले में एक नाबालिग सहित तीन आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित शोएब अहमद अंसारी (25) उर्फ सैफ, गुलाम मुस्तफा (18) को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनसे पूछताछ जारी है।
इस मामले में 13 दिसंबर को दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गवाही होनी है। लेकिन, उससे पहले ही आरोपितों ने पीड़िता के घर के बाहर धमकी भरा पोस्टर लगाकर पूरे परिवार को दहशत में डाल दिया। इसके अलावा, आरोपित पक्ष पीड़िता को कई बार जान से मारने की धमकी दे चुका है।
पूरे वाकये के बाद जब अधिकारी दारुल दारुल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी से बात करने पहुँचे। तो नोमानी ने पूरे प्रदर्शन पर नाखुशी जताई और कहा कि दारुल उलूम और देवबंद के किसी भी मदरसे से इस प्रदर्शन का कोई संबंध नहीं है।
राम जन्मभूमि मंदिर में विघ्न डालने के आज आखिरी दरवाजे भी सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिए हैं। जमीयत उलेमा ए हिन्द, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के इशारे पर याचिका डालने वालों, इरफ़ान हबीब-प्रशांत भूषण के लिबरल गिरोह समेत 18 याचिकाएँ सुप्रीम कोर्ट की नई संविधान पीठ ने ख़ारिज कर दी हैं।