आर्यसमाज चौक पर हमेशा की तरह कुछ लोग समूह बना कर बातचीत कर रहे थे। जैसे ही मुस्लिमों ने उन्हें देखा, वे 'हिंदुस्तान मुर्दाबाद' का नारा लगाने लगे। मुहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों ने 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे भी लगाए।
चिड़ैया गाँव के सीआइएसएफ के जवान बाइक से स्टेशन जा रहे थे, उनकी बाइक को रोका गया, उन पर हमला हुआ और मुहर्रम के जुलूस में शामिल एक युवक ने तो सीआईएसएफ के जवान पर चाकू से भी वार किया.......
पीड़िता ने कहा कि आरोपित अतुल को लोग कह रहे हैं कि वो किसी भी तरह से छूट जाएँगे और फिर उसका उन्नाव रेप पीड़िता से भी बदतर हाल करेंगे। पीड़िता ने कहा कि उसने न्याय के लिए CJI को भी पत्र लिखा है।
बिहार के नरकटियागंज और झंझारपुर में भी मुहर्रम के जुलुस के दौरान मारपीट और विवाद की खबर है। वहीं, दरभंगा के सिंहवारा में भी मुहर्रम जुलूस के दौरान झड़प हो गई, जिसमें 6 लोग जख्मी हो गए।
घटना की सूचना मिलने पर वहाँ डीएम एवं एसपी बड़ी संख्या में पुलिस बल के साथ पहुँचे और तत्काल देवी की मूर्ति को ठीक करवाया गया। सुरक्षा के लिहाज से इलाके में पुलिस बल को भी तैनात किया गया।
पुलिस द्वारा मामले में ढिलाई दिखाने के कारण परिवार ने खुद ही मामले की छानबीन करनी शुरू की। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खँगाले और एक कार के नंबर के आधार पर वसीम को पुलिस के हवाले किया।
स्कूलों की पोल तब खुली, जब पैरेंट्स एसोसिएशन ने एक आरटीआई दाखिल की। 2000 से अधिक स्कूलों में फायर एनओसी का न होने का मतलब है कि 2 लाख बच्चे ख़तरे की जद में आ जाते हैं। दिल्ली सरकार किस अनहोनी के इंतजार में हाथ पर हाथ धरे बैठी है?