सारा का परिवार जैकोबाइट ईसाई है लेकिन ऑर्थोडॉक्स गुट उनके तरीके से अंतिम क्रिया-कर्म की प्रक्रिया नहीं होने देने पर अड़ गया। तनाव को देखते हुए परिवार ने मृतक के देह-दान का निर्णय करते हुए रिसर्च के लिए उसे मेडिकल कॉलेज को सौंप दिया।
2010 में सूरत ज़िले की कामरेज पुलिस ने दक्षिण गुजरात में नक्सल गतिविधियों का प्रचार करने के लिए गाँधी समेत 25 के ख़िलाफ़ FIR दर्ज की गई थी। इस मामले में 24 आरोपित गिरफ़्तार किए जा चुके हैं। सीमा हिरानी पुलिस की गिरफ़्त से दूर है।
आतंकी तो मारा गया लेकिन उसकी पत्नी (जो कि उसकी कजन बहन भी है) और 4 बच्चे भारत वापस लौटने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंजीनियर से आतंकी बने उक्त व्यक्ति की मौत 2018 में एक एयर स्ट्राइक में हो गई थी।
कुछ अराजक तत्व घाटी में फ़र्ज़ी ख़बरें फैलाने और फ़र्ज़ी ‘क्लैंपडाउन स्टोरीज’ को गढ़ कर डर का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदेश में हालात सामान्य करने में केंद्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, जिसमें वो सफल भी रही है।
पुलिस को कोप का शिकार बने छात्रों का कहना था कि स्कूल के 10 में से 8 शिक्षकों का तबादला होने के बाद सिर्फ़ 2 शिक्षक बचे हैं। स्कूल की छत से बरसात के दौरान पानी भी टपकता है।
उर्दू मॉनिटर नामक अख़बार और कारवाँ डेली नामक पोर्टल मामले को नया 'एंगल' देने के लिए ज़बरदस्ती मारे गए युवकों पर ही पकड़े गए आरोपित असलम और फ़रार समीर पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं।
बिहार के रक्सौल में एक सिंडिकेट इसी काम में लगा था। आलम 5 साल से इस धंधे में लगा है। 2016 में नोटबंदी के बाद जाली नोटों के कारोबार पर रोक लगी थी। लेकिन, बीते एक साल में फिर से इस धंधे में तेजी दिख रही है।
निक़ाह के समय दहेज के रूप में 10 लाख रुपए दहेज के तौर पर दिए थे। लेकिन, चाँद बी द्वारा एक बेटी को जन्म दिए जाने के बाद ससुराल वालों ने उसके घर से और 5 लाख रुपए की माँग की। रहमान ने इस राशि के भुगतान से इनकार कर दिया। इसके बाद उसकी बेटी के साथ ससुराल वालों ने मार-पिटाई शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारी इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने वाले लोगों के बारे में जानकारी साझा करने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि सभी ऐंगल से जॉंच जारी है। बताया जाता है कि कालिख पोतने वालों ने पाकिस्तान के समर्थन में नारे भी लगाए थे।
जब 40 के क़रीब बांग्लादेशी पशु तस्करों ने घुसपैठ की कोशिश की, तो बीएसएफ ने उन्हें रोका। इसके बाद एक तस्कर ने बीएसएफ की तरफ धारदार हथियार फेंका। इसके बाद बीएसएफ को पैलेट्स का प्रयोग करने को मज़बूर होना पड़ा।