NIA ने कहा था कि साज़िशकर्ताओं का मकसद केवल रामलिंगम की निर्मम हत्या तक ही सीमित नहीं था, बल्कि साम्प्रदायिक तनाव पैदा करना भी था। NIA ने यहाँ तक कहा था कि रामलिंगम की हत्या एक आतंकी गतिविधि थी, क्योंकि उन्हें मुस्लिम उपदेशकों द्वारा धर्म-परिवर्तन का विरोध करने के लिए मारा गया था।
अंकित के पिता यशपाल सक्सेना ने हाल ही में वादा न पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार के प्रति अपनी गहरी नाराज़गी जताई थी। उन्होंने बताया था कि किस तरह दिल्ली सरकार ने उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा न देकर नाउम्मीद किया।
"समुदाय विशेष के लोग स्टंटबाजी, छेड़खानी, लूटपाट, अवैध पार्किंग, हूटिंग और हुड़दंग करते हैं। आपत्ति जताने पर कहते हैं यब सब उनका अधिकार है। अब तक पलायन से 10 गालियाँ सुनसान हो चुकी हैं।" PMO ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मामले में कार्रवाई करने को कहा है।
माँ-बेटी जिस गाँव में रहते हैं, सभी आरोपी उसी गाँव के हैं। इस मामले में 5 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित खुर्शीद समेत 2 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
"होली-दिवाली पर अगर लोगों का घर तोड़ दिया जाता है तो वो कहाँ जाएँगे? नेताओं के पास। अगर स्थानीय जनप्रतिनिधियों की इज़्ज़त नगर निगम के अधिकारियों के सामने धूल बराबर है तो जनप्रतिनिधि फ़्रस्ट्रेशन में क्या करेगा? इसीलिए, आकाश विजयवर्गीय की कार्रवाई से मेरे जैसा आम आदमी ख़ुश है।"
यहाँ एक निश्चित पैटर्न उभर रहा है। ये उनमें से केवल दर्जन भर घटनाएँ हैं। 'हेट-ट्रैकर’ के माध्यम से नकली 'हेट क्राइम' के निर्माण के लिए मीडिया गिरोह और लिबरल पूरी तरह समर्पित हैं। ये डेटा और फैक्ट को तोड़-मरोड़कर, मुसलमानों को बारहमासी पीड़ित और हिंदुओं को निर्दयी हमलावर बताने की फिराक में रहते हैं।
"मेरी माँ की मृत्यु इस साल फ़रवरी में हो गई थी। उसके तुरंत बाद मेरे अब्बा मोहम्मद शकील अंसारी ने 16 साल की शहनाज़ के साथ शादी कर ली। इसके बाद पिछले हफ्ते उन्होंने एक और लड़की से शादी कर ली। अपनी दोनों बीवियों के साथ रहने के लिए वो मुझे और मेरे पति को घर से बाहर निकालना चाहते हैं।"
जैसे ही वे सूचना भवन के आगे बढ़े, मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों ने उनपर गोली दागनी शुरू कर दी। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम से आगे जाते ही मोटरसाइकिल सवार ने कार का पीछा करना बंद दिया।
ओवैसी की पार्टी के नेता कुल 30 गाड़ियों से आए थे, ताकि गाँव में दहशत फैलाई जा सके। वे लोग जिस वाहन से गाँव में पहुँचे थे, उस पर भी ओवैसी की पार्टी का बोर्ड लगा हुआ था। हमले के दौरान उन्होंने मंदिर के ध्वज को भी क्षतिग्रस्त कर दिया।