बेगूसराय में महादलित परिवार के घर में घुस कर 2 महिलाओं के साथ बलात्कार की कोशिश की गई। आरोपितों में से एक लड्डू मियाँ को पीड़ितों ने पहचान लिया। लड्डू मियाँ महादलित परिवार को ज़मीन बेचने की धमकी देता रहता है। एक माह पूर्व भी उसने महिला की पिटाई की थी।
"क्राइम ब्रांच ने पूरे परिवार को बर्बाद करने की धमकी दी और लगातार दबाव बनाया कि बच्ची से दुष्कर्म और हत्या कबूल कर लो। क्राइम ब्रांच ने यातनाएँ देकर यह स्वीकार करने को कहा कि मैंने मेरठ में पेपर नहीं दिए, पेपर किसी और ने दिए थे।"
वीडियो में महिला कह रही हैं कि इलाके में समुदाय विशेष द्वारा उन पर पर रिश्वत लेकर मृतक बच्ची को खुद वहाँ फेंकने के आरोप तक लगाए जा रहे हैं। उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। इसके साथ ही महिला को अपने परिवार की सुरक्षा का भी डर सता रहा है।
दो लोगों ने किशोरी का उसके घर के बाहर से अपहरण किया और फिर उन्होंने नजदीक के एक खेत में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने बताया कि लड़की को चिकित्सकीय जाँच के लिए ले जाया गया है और गाँव में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
अलीगढ़ में बच्ची के साथ ये दरिंदे कितनी बर्बरता से पेश आए इसका विधिवत वर्णन शुरूआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में भी है। फिर किस मुँह से अनुराग उस जघन्यता पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं?
यहाँ दो अदालतों के दो जजमेंट सामने हैं जिनमें एक ही जैसा मामला है लेकिन इसे न्याय व्यवस्था की विडंबना ही कहा जाएगा कि एक मामले में एक पत्रकार सब कुछ जानते हुए एक नेता और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट ट्वीट करता है जिसपर उसे उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल जाती है। लेकिन...
मुस्लिम समाज से पैसे निवेश करवा कर और उन्हें 14% से 18% के लाभ का सपना दिखाकर अब मंसूर खान चंपत हो गया है। निवेशक जब बेंगलुरु के शिवाजीनगर स्थित IMA के दफ्तर में अपना पैसा माँगने पहुँचे तो वहाँ कोई नहीं मिला। पुलिस को महज 5 घंटों में 3300 शिकायत दर्ज करनी पड़ी।
मुजफ्फरपुर व वैशाली के विभिन्न अस्पतालों में इस बीमारी से एक दिन के भीतर 25 बच्चों के मरने की ख़बर के बाद क्षेत्र में हाहाकार मच गया है। पिछले एक सप्ताह में 56 बच्चों की मौत हुई है। 2012 में इस बीमारी से 120 बच्चों की मौत हो गई थी।
मेरठ के एक मरदसे में पढ़ाने वाले मौलाना द्वारा 12 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद शोर मचाने पर छात्रों ने उक्त मौलाना को दबोच भी लिया था लेकिन अँधेरे का फायदा उठा कर वह वहाँ से भागने में कामयाब रहा। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ़्तार कर लिया।
"राजाराज चोल के काल में सैकड़ों लड़कियों को वेश्यावृत्ति में ढकेल दिया गया। उनका शासनकाल अन्धकार का युग था। अगर हिन्दू गाय की पूजा करते हैं तो मैं उनके भगवान को खाने वाला व्यक्ति हूँ। सभी मठों की ज़मीनें छीन कर दलितों को दे देना चाहिए।"