विचार

86 साल बाद निर्मली और भपटियाही का ‘मिलन’, पर आत्मनिर्भर बिहार कब बनेगा

आखिर आत्मनिर्भर बिहार कब बनेगा जहाँ के लोग रोजगार के लिए पलायन करने के बदले रोजगार देने वाले बनें?

उनके लिए धर्म अफीम है, मजहब नहीं: बेगूसराय में निपटा ‘लफंगा’ अब अपनों के गेम से चित

बेगूसराय ने जब वामपंथी पोस्टर बॉय को नकार दिया तो अब 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' ने उसी कुकृत्य से कुख्यात हुए एक दूसरे चेहरे को सामने रखना शुरू कर दिया है।

बॉलीवुड की ‘गंदगी’ घर-घर तक पहुँचाकर आखिर ‘भोजपुरी इंडस्ट्री’ को नंगा नाच करने वाला क्यों कहा जा रहा है?

कला के नाम पर यदि भोजपुरी फिल्मों में 'नंगा नाच' होता है, तो ​बॉलीवुड की फिल्मों में क्या होता है?

प्रवासी: तापसी पन्नू का वैचारिक प्रपंच

तापसी श्रमिक पालयन के मूल कारण पर मौन क्यों हैं? महामारी नियंत्रण में केंद्र सरकार के प्रयासों को विफल क्यों करना चाहती हैं, देश में अराजकता क्यों बढ़ाना चाहती हैं?

युद्ध पिपासु शी जिनपिंग: इतनी जल्दी नहीं मानेगा हार, देश को रहना होगा कठिन दिनों के लिए तैयार

गलवान की खिसियाहट में शी जिंगपिंग अपनी सेना के कई अफसरों की बलि चढ़ा सकते हैं। झल्लाहट में वे सीमा पर बड़ा कारनामा करने की भी...

जया बच्चन का कुत्ता टॉमी, देश के आम लोगों का कुत्ता कुत्ता: बॉलीवुड सितारों की कहानी

जया बच्चन जी के घर में आइना भी होगा। कभी सजते-संवरते उसमें अपनी आँखों से आँखे मिला कर देखिएगा। हो सकता है कुछ शर्म बाकी हो तो वो आँखों में...

मार्क्स चचा नहीं जानते थे कि पुलिस की लाठी से नास्तिक वामपंथियों का मजहब बाहर निकल आएगा

जब कोई उमर खालिद UAPA के तहत गिरफ्तार होगा तो उसके पास जमानत के लिए उसका मजहब ही उसकी प्रेग्नेंसी रिपोर्ट हो जाएगा। मार्क्स चचा ये नहीं जानते थे।

क्या है #UPSCjihad? क्या खास समुदाय को बढ़ावा देती है UPSC: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Suresh Chavhanke, Sudarshan TV, UPSC

शो में चैनल ने उड़ान योजना का हवाला दिया है, जिसमें समुदाय विशेष को छात्रवृत्ति के रूप में 25000 से 1 लाख रुपए तक की मदद दी जाती है।

चीन के खिलाफ बोलने से बचने के लिए तो नहीं भागे राहुल-सोनिया? मॉनसून सत्र के आधे हिस्से में नहीं रहेंगे दोनों

ये सवाल तो उठेगा ही कि क्या सोनिया गाँधी और राहुल चीन के डर से संसद सत्र के पहले हिस्से में भाग नहीं ले रहे हैं? चीन की आलोचना से बच रहे?

हिन्दी केवल उत्तर भारत की नहीं: हिन्दी दिवस को हिन्दी बोलने वालों तक नहीं करें सीमित, न ही किया जाना चाहिए

हिन्दी का दायरा और महत्व केवल एक दिन तक सीमित नहीं किया जा सकता है और न ही किया जाना चाहिए। और हाँ, हिन्दी केवल उत्तर भारत की भाषा नहीं है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें