विचार

बॉलीवुड ‘सुपरस्टार’ के सामने ‘अपराधी’ शब्द बौना, ड्रग्स से लेकर हत्या/आत्महत्या और दंगों तक… कहाँ खड़ा होता है बॉलीवुड?

ड्रग्स मामला हो या सुपरस्टार्स के गलत कामों पर पर्दा डालने की कोशिश... बॉलीवुड ‘बॉलीवुड’ का बचाव करने से पीछे नहीं हटता है। ऐसा करने...

फारूक अब्दुल्ला का दावा- कश्मीरी चाहते हैं कि भारत पर चीन शासन करे: अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti on Farooq Abdullah Karan...

करण थापर को दिए इंटरव्यू में फारूक अब्दुल्ला ने बहुत ही ज्यादा जहर उगला है। उनके द्वारा बोले गए 4-5 लाइन ही उनका एजेंडा समझने के लिए काफी हैं।

बिहार चुनाव: गुप्तेश्वर पांडे, पुष्पम प्रिया, प्रशांत किशोर, कन्हैया, चिराग: अजीत भारती का वीडियो। Ajeet bharti on Bihar Elections

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीख आ गई। 243 सीटों पर तीन चरणों में मतदान होगा। बिहार चुनाव के बारे में विश्लेषकों द्वारा जातिवाद पर बात करना मूर्खता है।

छद्म नारीवाद और हिंदू घृणा का जोड़: भारतीय संस्कृति पर हमला बोल कर कहा जाएगा- ‘ब्रेक द स्टिरियोटाइप्स’

यह स्टिरियोटाइप हर पोशाक की कतरनों के साथ क्यों नहीं ब्रेक किए जाते? हिंदुओं के पहनावे पर ही ऐसा प्रहार क्यों? क्यों नन की ड्रेस में मॉडल आदर्श होती है? क्यों बुर्के को स्टिरियोटाइप का हिस्सा नहीं माना जाता? क्यों केवल रूढ़िवाद की परिभाषा साड़ी और घूँघट तक सीमित हो जाती है?

पंडित दीनदयाल और एकात्म मानववाद: पश्चिम की बजाय भारत को भारत की ही दृष्टि से देखना आवश्यक

दीनदयाल जी ‘राष्ट्र’ की संकल्पना में व्यक्ति को एक साधन के रूप में देखते हैं। व्यक्ति स्वयं के अतिरिक्त अपने राष्ट्र का भी प्रतिनिधित्व करता है।

ड्रग्स और बॉलीवुड: बड़े सितारों की चुप्पी बहुत कुछ कहती है – अजीत भारती का वीडियो | Ajeet Bharti speaks on Silent Bollywood and...

बॉलीवुड के नशेड़ियों को सही साबित करने के लिए भगवान शिव पर एक टिप्पणी आई है और इसके जरिए ड्रग सेवन को सही साबित करने का प्रयास हुआ है।

…भारत के ताबूत में आखिरी कील, कश्मीरी नहीं बने रहना चाहते भारतीय: फारूक अब्दुल्ला ने कहा, जो सांसद है

"इस समय कश्मीरी लोग अपने आप को न तो भारतीय समझते हैं, ना ही वे भारतीय बने रहना चाहते हैं।" - भारत के सांसद फारूक अब्दुल्ला ने...

‘PM मोदी को हिन्दुओं के अलावा कुछ और दिखता ही नहीं’: भारत के लिए क्यों अच्छा है ‘Time’ का बिलबिलाना

'Time' ने भारत के पीएम नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की शुरुआत में ही लिख दिया है कि लोकतंत्र की चाभी स्वतंत्र चुनावों के पास नहीं होती।

टाइम्स में शामिल ‘दादी’ की सराहना जरूर कीजिए, आखिर उनको क्या पता था शाहीन बाग का अंजाम, वो तो देश बचाने निकली थीं!

आज उन्हें टाइम्स ने साल 2020 की 100 सबसे प्रभावशाली शख्सियतों की सूची में शामिल कर लिया है। खास बात यह है कि टाइम्स पर बिलकिस को लेकर टिप्पणी करने वाली राणा अय्यूब स्वयं हैं।

लोकतंत्र के मंदिर से होता खिलवाड़, क्या उपवास के बहाने ही सही विपक्ष करेगा गाँधी को याद?

आज हमें खुद से कुछ प्रश्न करने की जरूरत है कि लोकतंत्र के मंदिर में हुई शर्मनाक हरकत से हम अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या सीख दे रहे हैं?

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