बुर्क़े के भीतर आप बम बाँधे हो सकते हैं, RDX या IED बैग में लेकर घूम रहे हों, विस्फोटकों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे हों, लेकिन आप पर संदेह नहीं किया जा सकता। बुर्क़े के भीतर कुछ भी हो सकता है लेकिन आपको यही मानना होगा कि भीतर एक मजहबी महिला है जिसे उसका मज़हब इसी तरीके से उनके कल्चर को ढोने के लिए निर्देश देता है।
शब्दों का इस्तेमाल गलत कार्य के लिए मत कीजिए। किसी दिन उँगली जवाब दे देगी और गला सूख जाएगा। कई बार ऐसा होता है कि ज्ञान का इस्तेमाल गलत कार्य के लिए हो तो वह ज्ञान गायब हो जाता है।
कम्युनिस्टों की यही समस्या रही है कि उनके लिए कभी महाभारत कल्पना हो जाती है, कभी इतिहास। येचुरी जी बुजुर्ग हो गए हैं, उनको ऐसे बयान देने से बचना चाहिए।
वो दिन दूर नहीं जब पूरा दिन PUBG खेलने के बाद राहुल गाँधी PUBG को ही कॉन्ग्रेस द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक साबित कर देंगे। ऐसा करने के लिए उनके पास मीडिया गिरोह से लेकर नेहरुवियन सभ्यता वाले, किसी भी समय अवार्ड वापस करने वालों के गैंग, स्लीपर सेल अवस्था में हर वक़्त मौजूद तो हैं ही।
बात सिर्फ़ उन लड़कियों तक सीमित नहीं, जिन्होंने 500 में से 499 अंक लाकर किसी लड़के को पछाड़ा है। बात उन सभी लड़कियों की, जिन्होंने सामाजिक और परिवारिक जद्दोजहद के बावजूद अकादमिक क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखा और उस सपने को पूरा करने के लिए अपना एक-एक पल झोंक दिया।
मौलाना मसूद अज़हर कोई एक अकेला आतंकवादी नहीं है। जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन पूरी तरह से उसके परिवारवालों और परिजनों द्वारा संचालित है। इंडियन एयरलाइन्स के विमान IC-814 की हाईजैकिंग का मास्टरमाइंड मसूद का भाई इब्राहिम अज़हर था।
दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मसूद को आतंकवादी घोषित करने से क्या होगा? जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, मोदी जी के साथ दोस्ती निभा रहे हैं, तो उन्हें दाऊद इब्राहिम, मसूद अज़हर और हाफ़िज़ सईद को भी भारत को सौंप देना चाहिए।
गुरुग्राम में एक महिला और कुछ युवतियों में हुई बहस के बाद उस महिला का वीडियो वायरल कर दिया जाता है। इसके बाद इसमें संघ, भाजपा और रिलायंस का हाथ तलाशने की कोशिश की जाती है। इस प्रकरण का कॉन्ग्रेस ने राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास किया है।