सामाजिक मुद्दे

सावन में माँस न खाना ढोंग, बकरीद में बकरियों को काटना ईमान: वामपंथियों का फिर जागा हिन्दूफोबिक ज्ञान

सावन का महीना शुरू। लिबरल्स भी घटिया एजेंडे के साथ जाग चुके हैं। बकरीद पर सैकड़ों बकरियों को लेकर आँख मूँद लेने वाले अब नॉन वेज को...

जातिवाद के लिए मनुस्मृति को दोष देना, हिरोशिमा बमबारी के लिए आइंस्टाइन को जिम्मेदार बताने जैसा

महर्षि मनु हर रचनाकार की तरह अपनी मनुस्मृति के माध्यम से जीवित हैं, किंतु दुर्भाग्य से रामायण-महाभारत-पुराण आदि की तरह मनुस्मृति भी बेशुमार प्रक्षेपों का शिकार हुई है।

गोकुलपुरी वाली चार्ज शीट एक महीने पुरानी है, इसे ‘खुलासा’ कह कर वामपंथी अभी क्यों नाच रहे हैं?

ऐसे में गोकुलपुरी के कुछ नवयुवक क्या करते? आप इस स्थिति में क्या करेंगे जब आप शत-प्रतिशत जानते हों कि यह भीड़ आपके घरवालों को पहली नजर में हाथ काट कर, पैर काट कर दिलबर नेगी की तरह आग में जलने को फेंक देगी?

दो धर्मों का झगड़ा नहीं था दिल्ली का हिन्दू विरोधी दंगा, ये नक्सली-जिहादी गठजोड़ का एक प्रयोग था

पुलिस के आरोप पत्रों और निष्पक्ष संस्थाओं की रिपोर्टों से यह समझ में आता है कि एक-एक घटना और हर किरदार पहले से तय था। डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा उनके लिए अवसर था। जब 'कुछ बड़ा' करके दुनिया का ध्यान अपनी तरफ़ खींचा जा सकता था।

दर्द कोरोनिल नहीं, आयुर्वेद है: वामपंथी गैंग को चाहिए गोरों का सर्टिफिकेट, रामदेव से इनका गुर्दा छिल जाता है

बाबा रामदेव ने कोरोनिल क्या लॉन्च की, वामपंथी गैंग बिना सबूत घृणा फैलाने में लग गया। इसकी वजह क्या है?

तब्लीगियों को तो गाली दे रहे थे, खुद रथ यात्रा? वो इसलिए कि थूकने वालों और पूजने वालों में अंतर है, और रहेगा

कोरोना को हल्के में लेने वाले, डॉक्टरों पर हमला करने वालों, थूकने, मल-मूत्र त्यागने वाले अधम श्रेणी के मनुष्यों की तुलना स्वामी जगन्नाथ के सेवायतों से करना धूर्तता है।

रथ यात्रा रोकने की साजिश किसने की: अजीत भारती का सवाल | Ajeet Bharti on who wanted to stop Puri Rath Yatra

यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद कई याचिकाएँ दाखिल कर शीर्ष अदालत से पुनर्विचार का आग्रह किया गया था। इन याचिकाओं में कहा गया कि...

सुशांत को नापसंद करने वाला बॉलीवुड-माफिया कौन? क्यों चुप है शत्रुघ्न सिन्हा से लेकर बिहारी कलाकारों की लॉबी?

क्या बॉलीवुड में इतनी स्पर्धा है कि अपनी ही जमीन से जुड़े भाई के लिए आप खड़े तक नहीं हो सकते! फिर खुशबूदार कपड़ों, रंगीन चश्मे में छिपे...

कितना खोखला है अवसाद से घिरे व्यक्ति को कहना- प्लीज रीच आउट टू मी

क्या हम अवसाद में घिरे इन्सान से 'प्लीज़ रीच आउट टू मी' की औपचारिकता निभाकर एक बड़ी समस्या को नजरअंदाज तो नहीं कर देते?

‘मेवात में धर्मांतरण करवाने वाले RSS के एजेंट होंगे, दीन नहीं देता जबरन धर्म परिवर्तन की इजाजत’

"प्रियंका चोपड़ा जब वह किसी फिरंगी ईसाई से शादी करती हैं, तब किसी के पेट में दर्द नहीं होता। लेकिन मेवात पर सब सवाल उठा देते हैं।"

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें