विजयवर्गीय ने माकपा के भट्टाचार्य के बहाने कॉन्ग्रेस पर हमला करते हुए उसे ऐसे व्यक्ति को राज्यसभा पहुँचाने का दोषी कहा जिसने बीफ पार्टी का आयोजन कर हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करने का काम किया था।
मध्य प्रदेश में फ्लोर टेस्ट को लेकर मचे घमासान पर सुप्रीम कोर्ट में आज बृहस्पतिवर को तीसरे दिन भी सुनवाई शुरू हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि कल यानी शुक्रवार (मार्च 20, 2020) को सत्र बुलाकर फ्लोर टेस्ट किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाथ उठाकर बहुमत परिक्षण करवाने के भी निर्देश दिए।
याद रहे कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों, सिनेमा घरों मल्टीप्लेक्सेस और पर्यटक स्थलों को 2 अप्रैल तक बंद कर दिया है
गाँव-देहात के किसी चौपाल पर बैठिए, जहाँ पहले की सरकारों में चर्चा का विषय होता था- कितने करोड़ का घोटाला, कहाँ हत्या, लूटमार या जमीन-मकान पर कब्जा, कहाँ बलात्कार! वहीं योगी सरकार के कार्यकाल में जनता अब इन चौपालों पर चर्चा करती है - गाँव-गाँव बिजली, पानी और सड़क पहुँची, अपराधी प्रदेश छोड़कर भाग रहे और...
कॉन्ग्रेस को मजबूत करना लोकतंत्र के लिए जरूरी है, जैसे तर्क बेमानी हैं। असल में कॉन्ग्रेस एक बीमारी है। इससे देश को जितनी जल्दी निजात मिल जाए उतना बेहतर। देश रहेगा तो लोकतंत्र भी बचेगा और संविधान भी।
गोगोई के शपथ लेने और विपक्ष के वॉक आउट पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "राज्यसभा में पूर्व सीजेआई सहित विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले कई प्रतिष्ठित व्यक्तियों के आने की एक महान परंपरा है। गोगोई जिन्होंने आज शपथ ली है, वह निश्चित रूप से अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।"
साल 2005 में आई एक लिस्ट पढ़िए। इस लिस्ट में 107 ऐसे लोगों के नाम हैं जिन्हें 1952 से लेकर 2005 तक राज्य सभा के लिए नामित किया गया। इनमें करीब 4 नाम ऐसे हैं, जिनका वकालत संबंधी बैकग्राउंड होने के बावजूद उन्हें नामित किया गया।
केवल इतिहासकार नहीं, बल्कि 'मस्जिद' के भीतर रखा गया 11वीं शताब्दी का शिलालेख भी इस बात को संदर्भित करता है कि पहले ये 'मस्जिद' इंद्रनारायण का मंदिर था। लेकिन राज्य सरकार की तुष्टिकरण वाली ऐसी क्या मजबूरी कि वो सच बोलने से बचती है?
"अनाज की न कोई कमी है और न इसको लेकर कोई घबराहट है। इसके अलावा खुले बाजार में भी OMSS के माध्यम से बिक्री हो रही है, जिसमें चावल का भाव 22.50 रुपए प्रति किलो है। किसी को घबराने की ज़रूरत नहीं है।"
पीएम मोदी ने सार्क देशों की तर्ज पर ही सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के साथ टेलीफोन पर कोरोना संक्रमण से निपटने के उपायों पर बातचीत की। G-20 समूह के मौजूदा मुखिया (अध्यक्ष) सऊदी अरब ने इस संगठन की बैठक बुलाने के मोदी के सुझाव को स्वीकार कर लिया है।