पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने विपक्षी दलों से कश्मीर पर एकसाथ होने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर देश का एकजुट रुख होना चाहिए। क्योंकि अगर इस मुद्दे पर राजनीति की गई तो उससे सिर्फ़ नुकसान होगा।
"ये कश्मीर का मसला आज का है? ये पिछले 5 अगस्त से शुरू हुआ है? ये तो सात दहाईयों से है। तीस साल से क्या हुआ इस पर? मैं सवाल करता हूँ न! क्या ये मसला कोई नया है?"
अब्दुल बासित ने ट्वीट किया, “कश्मीर में संघर्ष के चार मोर्चे हैं। पहला, नेशनल कॉन्फ्रेंस द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई। दूसरा, पाकिस्तान को आत्मनिर्णय के साथ कूटनीतिक प्रयास जारी रखने चाहिए। तीसरा, पाकिस्तानी और कश्मीरी प्रवासी इस संबंध में काम करते रहें। चौथा, सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कश्मीर में राजनीतिक लड़ाई को पाकिस्तान कमजोर न होने दे। यदि भारत अपनी हदें पार करे तो युद्ध के लिए आगे बढ़ा जाए।"
पीरजादा ने कहा, "मुझे आशा है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के बाद कश्मीरी जनता अगर भारतीय सत्ता के ख़िलाफ़ सड़कों पर उतरती है तो पाकिस्तानी फौज जमीन पर जाकर उनकी मदद करेगी।"
देश में मवेशियों के व्यापार पर प्रभावी रोक ने इस अवैध व्यापार को प्रभावित किया है। फिर भी, भारत-बांग्लादेश सीमा पर पशु तस्करी का यह दुष्चक्र बीएसएफ के लिए एक बड़ी चुनौती है, जिसका कोई अंत नहीं है।
वीडियो में देखा जा सकता है कि सांसद मुशाहिद उल्ला खान और फवाद चौधरी एक-दूसरे को धमकी दे रहे हैं। स्पीकर की शांत रहने की दरख्वास्त का भी दोनों नेताओं पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
नायला के अनुसार, यह रिश्ता नैतिक रूप से ग़लत था। उन्होंने बताया कि उनके परिजनों ने काफी काम उम्र में ही उनका रिश्ता कजन से तय कर दिया था। परिवार की कट्टर इस्लामिक सोच के कारण बचपन से ही उन्हें काफ़ी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
ईद-उल-अजहा के मौके पर पाकिस्तान ने बीएसएफ से ईद की मिठाई लेने से इनकार कर दिया है। भारतीय जवानों ने बाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तानी रेंजर्स को ईद की मिठाई दी लेकिन उन्होंने मना कर दिया।