रवि किशन को ड्रग्स का मामला उठाने की वजह से कथित तौर पर धमकी मिल रही है। धमकियों पर उन्होंने कहा कि देश के भविष्य के लिए 2-5 गोली खा लेंगे तो कोई चिंता नहीं है।
इस मामले को लेकर जिला पुलिस ने कहा कि मुद्दा काकडाबेड़ा, सिंगनपुर और सिलाती गाँवों के दो समूहों के बीच वन भूमि अतिक्रमण का है, न कि समुदायों के बीच झगड़े का।
वायर के सिद्धार्थ वरदराजन और आरफा शेरवानी जैसे तथाकथित 'निष्पक्ष' पत्रकारों ने जानबूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं पर प्रारंभिक हमले को नजरअंदाज कर दिया और इस घटना के बारे में आधे सच को आगे फैलाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कृषि बिल विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हमला किया था।
"ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को निर्माता काम नहीं दें। ड्रग्स में संलिप्त कलाकारों को फिल्में देना बंद नहीं हुआ तो आरपीआई कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराते हुए शूटिंग बंद करने भी पहुँचेंगे।"