ट्विटर पर आज काफी देर तक 'फेक इट लाइक ऑल्टन्यूज़' ट्रेंड में रहा। इस दौरान यूजर्स ने विभिन्न मीम्स के जरिए ये दिखाने का प्रयास किया कि प्रतीक सिन्हा और ज़ुबैर की वेबसाइट कैसे फैक्ट-चेक के नाम पर अपने गिरोह विशेष के लोगों का बचाव करती है।
सुरजीत मयूर विहार से निगम पार्षद भी रहे थे। 2017 में उन्होंने भाजपा का दामन थामा था। इस बार पटपड़गंज से दिल्ली के डिप्टी सीएम सिसोदिया बड़ी मुश्किल से 3201 वोटों से जीत पाए थे।
अहमद पटेल के पार्टी के कोषाध्यक्ष होने के दौरान करीब 400 करोड़ रुपए से ज्यादा की रकम कॉन्ग्रेस के खातों में आई थी। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस मामले में कॉन्ग्रेस के लेखा डिवीजन के अधिकारियों के दफ्तर में भी छापेमारी की।
उद्धव ने कहा है कि CAA और NRC दोनों अलग है। यदि CAA लागू होता है तो इसके लिए किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। लेकिन, पवार ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि एनसीपी इसके खिलाफ है।
"आलिया भट्ट अपनी अगली फ़िल्म में वेश्याओं की दलाल का रोल प्ले कर रही हैं, जो गंगू बाई के जीवन पर आधारित है। गंगू बड़े गैगस्टर्स को लड़कियाँ सप्लाई करती थी और कहा जाता है कि वो देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की भी दोस्त थी। आलिया को फिर अवॉर्ड मिल जाएगा।"
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
कई हिट फिल्मों में काम करने वाले तापस पॉल राजनीति में आने के बाद अक्सर विवादों में ही रहे। कभी अपने बयानों की वजह से तो कभी रोज वैली चिटफंड घोटाले की वजह से। इस सिलसिले में दिसंबर 2016 में वे गिरफ्तार भी हुए थे।
"भारत द्वारा डेबी अब्राहम का वापस भेजा जाना वास्तव में आवश्यक था क्योंकि वह केवल सांसद नहीं हैं बल्कि पाक की प्रॉक्सी भी हैं। उन्हें पाकिस्तान सरकार और आईएसआई के साथ संबंध रखने के लिए जाना जाता है। भारत की संप्रभुता पर हमला करने की कोशिश करने वाले हर प्रयास को नाकाम किया जाना चाहिए।"
जदयू से निष्कासित किए जाने के बाद पहली बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए प्रशांत किशोर ने नीतीश पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे अब भी उन्हें पिता समान मानते हैं, लेकिन कोई एक साथ महात्मा गाँधी और नाथूराम गोडसे का समर्थक नहीं हो सकता है।
इन 2 शिक्षकों के खिलाफ कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया ने प्रदर्शन किया। इसी संगठन ने ऊँ और माता सरस्वती की तस्वीर पर आपत्ति जताते हुए शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए स्कूल के अधिकारियों पर दबाव बनाया। कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया का मूल संगठन इस्लामी कट्टरपंथी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) है।