इससे पहले भी जामिया में हिंसा को लेकर आप का दोहरा रवैया सामने आ चुका है। उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ट्विटर पर दिल्ली पुलिस पर आग लगाने का इल्जाम लगाया था। वहीं, एक वीडियो में हिंसक भीड़ की अगुवाई करते पार्टी विधायक अमानतुल्लाह नजर आए थे।
छात्रों ने कैमरामैन के साथ भी धक्का-मुक्की की और कहा कि एबीपी न्यूज़ बिका हुआ है, वो कुछ भी सही नहीं दिखा रहा। इससे पहले जामिया के छात्रों ने ज़ी न्यूज़ की पत्रकार के साथ बदतमीजी की थी।
पायल को बूॅंदी पुलिस ने रविवार को अहमदाबाद स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया था। उन पर नेहरू को लेकर सोशल मीडिया में आपत्तिजनक पोस्ट करने का आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थन में सोशल मीडिया में 'आई स्टैंड विथ पायल रोहतगी' ट्रेंड करने लगा था।
जामिया नगर में शूट किए गए इस वीडियो के छठे सेकंड में आप सुन सकते हैं कि एक व्यक्ति यह कहता दिखता है कि वो मोदी, अमित शाह और हिन्दुओं से 'आज़ादी' लेकर रहेंगे।
"अगर उनमें से 70% लोग अमित शाह का समर्थन करते हैं, तो बीजेपी यहाँ सत्ता में आ जाएगी। तब आप अपना सिर नहीं उठा सकेंगे, जैसा वे (बीजेपी) उत्तर प्रदेश में करते हैं। तब कोई भी सड़कों पर नहीं आएगा।"
सरिता और अनुज के अनुसार रविवार की सुबह वे दवाई लेने के लिए घर से निकलने वाले थे। तभी सरिता के मायके पक्ष से 20 लोगों ने उनपर हमला बोला और लाठी-डंडो से उनसे मारपीट की गई। उनपर पत्थर बरसाए गए।
अफवाहों को चारों तरफ़ से नकारे जाने के बाद भी सोशल मीडिया पर पुलिस की गोली से जामिया के छात्रों के मारे जाने की ख़बरें लगातार सर्कुलेट होती रहीं। न सिर्फ़ प्रोपेगेंडा पोर्टलों ने बल्कि कुछ पत्रकारों ने भी छात्रों को भड़काने के लिए झूठी ख़बरें शेयर की।
झारखंड की एक चुनावी सभा में राहुल गाँधी ने कहा था, “पहले 'मेक इन इंडिया' था, लेकिन अब यह 'रेप इन इंडिया' बन गया है।” इस बयान को लेकर उनकी काफी किरकिरी हुई थी। लोकसभा में भाजपा ने इसके लिए उनसे माफी की मॉंग भी की थी।
अब्दुल्ला रामपुर की स्वार विधानसभा सीट से 2017 में चुनाव जीते थे। नवाब काज़िम ने हाई कोर्ट में उनके निर्वाचन को चुनौती दी थी। उनका कहना था कि 25 साल से कम उम्र होने के कारण अब्दुल्ला चुनाव लड़ने के योग्य नहीं थे।
पुलिस ने बताया कि देर रात छात्रों ने नारेबाजी की तो उन्हें शांत करा दिया गया। इसके बाद सुबह दोबारा करीब 150 छात्रों ने पत्थरबाजी की। लेकिन, हालात पर काबू पाने में पुलिस को ज्यादा देर नहीं लगी।