गोला इलाके में कुछ अराजक तत्व मूर्ति को बुर्का पहनाकर वहाँ से चले गए। जब सोमवार सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने इंदिरा पार्क में पूर्व पीएम की मूर्ति पर बुर्का चढ़ा हुआ देखा तो वह दंग रहे गए। यह खबर पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई।
कॉन्ग्रेस के पूर्व सांसद के भाजपा में शामिल होने के कयास लगाए जा रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि कासरगोड ज़िले के मंजेस्वरम निर्वाचन क्षेत्र से आगामी उपचुनाव लड़ने के लिए पार्टी उन्हें टिकट दे सकती है।
3 जून 2019 को दोपहर को गायब हुए वायुसेना के मालवाहक विमान एंटोनोव-32 (AN-32) का मलबा नज़र आया है। मलबा अरुणाचल प्रदेश के पायम इलाके के पास देखा गया है। लेकिन विमान में सवार चालक दल के 8 लोग और 5 सवार यात्री अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।
एअरपोर्ट पर जब अतीक अहमद उतरा, तो साथ में पुलिस होने के बावजूद उसके समर्थकों ने उसका स्वागत किसी बड़े नेता की तरह किया। अतीक अहमद की जेब में 2000 रुपए के नोटों की गड्डियाँ साफ़-साफ़ झलक रही थीं। वह शान से फूलों की माला पहन हाथ हिलाता चल रहा था।
दोनों महिलाओं ने एनजीओ के शुरुआती समय में उसे आगे बढ़ाने में किए गए अपने प्रयासों और संघर्षों के बारे में बात की। किस प्रकार बिना सैलरी के भी उन्होंने इस एनजीओ के लिए काम किया। कभी-कभी उन्हें 6,000 रुपए मिले, जो पर्याप्त नहीं होते थे लेकिन फिर भी उन्होंने एनजीओ के लिए काम करना नहीं छोड़ा।
बीजेपी अपने दम पर पूरे यूपी में 50% के करीब वोट और 64 सीटों पर जीत हासिल की तो वहीं सपा-बसपा मिलकर 15 सीटें और 40 फीसदी के आसपास वोट शेयर हासिल कर पाई। कुल मिलाकर पूरी तरह फेल हो गया उनका जातीय समीकरण। यही अब गठबंधन में टूट का कारण बन कर उभरा है।
प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2019 में केजरीवाल ने यह दावा किया था कि आम आदमी पार्टी दिल्ली की 7 में से 4 सीटें जीतेगी। उन्होंने यहाँ तक कहा कि विधानसभा चुनाव होने से पहले आप पार्टी द्वारा और भी घोषणाएँ की जाएँगी जिसका मक़सद केवल जनता को भ्रमित करना होगा।
विवेक अग्निहोत्री ने अपनी अगली फ़िल्म की घोषणा कर दी है। पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मृत्यु के पीछे से जुड़ा सच सामने लाने के लिए 'द ताशकंद फाइल्स' नामक फ़िल्म का निर्देशन करने के बाद उनका अगला प्रोजेक्ट कश्मीरी पंडितों के विस्थापन पर आधारित होगा।
आजम खान ने राज्य सरकार पर आरोप भी लगाए। उनके अनुसार प्रदेश में उनको रास्ते से हटाने के लिए हर तरह की कोशिशें की गई हैं, उन पर आपराधिक इल्जाम मढ़े गए हैं और उनकी हत्या का प्रयास भी हुआ है।
जिस हिस्से में बदलाव किया गया है, उसमें पहले व्यवस्था दी गई थी कि हिंदी भाषी राज्यों में विद्यार्थी हिंदी व अंग्रेजी के सिवा एक अन्य भारतीय भाषा का अध्ययन करेंगे जबकि जिन राज्यों में हिंदी नहीं बोली जाती, वहाँ के छात्र हिंदी और अंग्रेजी के सिवा अपनी मातृभाषा में पढ़ेंगे। इसे 'Three Language Formula' कहा जा रहा था।