Homeफ़ैक्ट चेकमीडिया फ़ैक्ट चेकऋषि कपूर के अंतिम क्षणों का अस्पताल वाला वीडियो वायरल, पास में खड़ा हो...

ऋषि कपूर के अंतिम क्षणों का अस्पताल वाला वीडियो वायरल, पास में खड़ा हो गाना गा रहा लड़का – Fact Check

ऋषि कपूर की मौत के बाद एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस दावे के साथ प्रकाशित किया है कि ये ऋषि कपूर की मौत से बस एक रात पहले का है और वो इसमें मुस्कुराते हुए देखे जा रहे हैं।

ऋषि कपूर की मौत के बाद एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे कई प्रमुख मीडिया संस्थानों ने इस दावे के साथ प्रकाशित किया है कि ये ऋषि कपूर की मौत से बस एक रात पहले का है और वो इसमें मुस्कुराते हुए देखे जा रहे हैं।

क्या है ऋषि कपूर के वायरल वीडियो में

इस वीडियो में ऋषि कपूर की ही फ़िल्म “दीवाना” के एक गाने को गाता हुआ एक युवक देखा जा रहा है। इसे ‘दी ट्रिब्यून’ नामक मीडिया हाउस से लेकर इंडिया टुडे और एबीपी तक अपने-अपने चैनलों और वेबसाइट पर चला चुके हैं। तमाम सोशल मीडिया यूजर इसे शेयर कर रहे हैं। वीडियो में ऋषि कपूर अस्पताल में बेड पर लेटे हुए देखे जा रहे हैं और उनके पास खड़ा एक युवक गीत गा रहा है।

क्या है सच्चाई

ऋषि कपूर के साथ रिकॉर्ड किया गया यह वीडियो फरवरी 2020 का है, ना कि ऋषि कपूर की मौत के एक रात पहले का। यह युट्यूब पर फरवरी 2020 को शेयर किया गया था जैसा कि इस स्क्रीनशॉट में देखा जा सकता है।

उल्लेखनीय है कि आज सुबह ऋषि कपूर की कैंसर की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई है। उनकी उम्र 67 साल थी।

फरवरी 2020 में YouTube पर अपलोड किए गए इस वीडियो को आप नीचे देख सकते हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?

मुस्लिमों को रिझाने में 2017 में औंधे मुँह गिरे थे अखिलेश, आरक्षण का वादा किया लेकिन घोषणापत्र खाली रहा: 2027 के चुनावी रण में...

मुस्लिम आरक्षण पर अखिलेश बयानों से लेकर मुलायम सिंह यादव की मुस्लिम राजनीति अपने पुराने ढर्रे पर रही है। हालाँकि अब यूपी में वोटर्स अपनी प्रथमिकताएँ बदल रहे हैं।
- विज्ञापन -