सिर्फ MSME सेक्टर से 4 सालों में 6 करोड़ लोगों को मिली नौकरी: CII

लेबर ब्यूरो के आँकड़ों का उपयोग करके वर्ष 2017-18 में लेबर फ़ोर्स की कुल संख्या लगभग 45 करोड़ आँकी गई है। औद्योगिक संगठन CII के सर्वे में यह पता चला है कि MSME यानि छोटे और मझोले उद्योगों में पिछले 4 सालों में हर साल 1.49 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।

पिछले 4 साल के दौरान एमएसएमई (MSME: Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises) सेक्टर में रोजगार के ज्यादा मौके पैदा हुए हैं। सीआईआई (CII: Confederation of Indian Industry) द्वारा जारी किए गए सर्वे के अनुसार मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान पिछले 4 साल में MSME में 13.9% की बढ़ोत्तरी से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। जब हम इस प्रतिशत को संख्या में बदलते हैं तो हमें प्रति वर्ष लगभग 1.49 करोड़ नौकरियों का सृजन होता दिखता है। चार सालों में यही संख्या लगभग 6 करोड़ होती है।

उद्योग संगठन CII के अनुसार, अगले 3 साल के दौरान नौकरियों के मौकों में बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। MSME पर ब्याज में 2% छूट और ट्रेड रिसविवेबल्स ई-डिस्काउंटिंग सिस्टम (TReDS) की वजह से इसमें ग्रोथ आएगी, जिस कारण नौकरियों के मौके बनेंगे।

सर्वे में प्रति वर्ष 3.3% (मिश्रित विकास दर) की वृद्धि हुई है। CII के अध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल ने कहा कि जब लेबर ब्यूरो से लिए गए Macro level के डेटा को मैप किया गया, तो इसमें 1.35 से 1.49 करोड़ प्रति वर्ष का अतिरिक्त रोजगार सृजन पाया गया है। ब्यूरो के आँकड़ों का उपयोग करके वर्ष 2017-18 में लेबर फ़ोर्स की कुल संख्या लगभग 45 करोड़ आँकी गई है। औद्योगिक संगठन CII के सर्वे में यह पता चला है कि MSME, यानी छोटे और मझोले उद्योगों में पिछले 4 सालों में हर साल 1.49 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है।

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उद्योग संगठन CII का यह सर्वे अन्य सभी आँकड़ों को झूठा साबित करता है, जिनमें यह दावा किया गया है कि नोटबंदी और GST के लागू होने की वजह से बड़े पैमाने पर नौकरियाँ खत्म हो गई। साथ ही, कई और सर्वेक्षणों के मुताबिक अलग-अलग सेक्टरों में भारी संख्या में नौकरी सृजन की बात कही गई है।

CII के सर्वे की जरुरी बातें

CII के इस सर्वे में 1,05,347 MSME ने भाग लिया। सर्वे बताता है कि पिछले 4 सालों के दौरान छोटे उद्योग धंधों ने सबसे ज्यादा रोजगार के मौके पैदा किए और इस दौरान किए गए आवश्यक सुधारों के कारण अगले 3 सालों में भी ऐसा ही होने की उम्मीद है।

सर्विस और कपड़ा उद्योग के क्षेत्र में मिली हैं सबसे ज्यादा नौकरियाँ

पिछले 4 सालों में सबसे ज्यादा नौकरियाँ सर्विस सेक्टर में मिली हैं। इसमें खासकर पर्यटन के क्षेत्र और इसके बाद कपड़ा उद्योग और मेटल प्रॉडक्ट्स के क्षेत्र में नौकरियों के मौके बने हैं। इनके अलावा भारी मशीनरी, लॉजिस्टिक्स और परिवहन के क्षेत्र में खासा रोजगार बढ़े हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले राज्य

सर्वे के अनुसार विगत 4 वर्षों में महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना क्रमशः सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले राज्य हैं। निर्यात के मामले में महाराष्ट्र, तमिलनाडू और तेलंगाना क्रमशः सबसे आगे रहे हैं। अगले 3 वर्षों में कर्नाटक पहले 3 रोजगार प्रदाता राज्यों में शामिल हो सकता है।

सर्वे में बताया गया है कि असंगठित और अनिश्चित समूहों में रिसर्च करने वालों के कारण लोगों में अफवाह है कि रोजगार सृजन नहीं हुआ है। जबकि, CII ने अपने सर्वे में बड़े और व्यापक प्रक्रियाओं को अपनाया है। CMIE और अन्य रिपोर्ट्स के तरीके अलग हैं और जिन आँकड़ों पर वो बात करते हैं, वो MSME के व्यापक क्षेत्र को नहीं जोड़ता है जबकि यह क्षेत्र सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करता है।

सर्वे में कहा गया है कि टेक्नोलॉजी के साथ वर्क फोर्स को तैयार करना आगामी समय में चुनौती हो सकती है जिसके लिए तैयार रहना होगा।

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