ED ने छांगुर पीर के 22 बैंक खातों की जाँच की जिसमें ₹60 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग के प्रमाण मिले। इसके अलावा विदेशी मुद्रा, फर्जी रजिस्ट्री और संपत्तियों के सबूत भी मिले।
पीएम मोदी ने दुर्गापुर में ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। साथ ही राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति जैसे मुद्दों को उठाया।
राज्य में छिप कर धर्मांतरण करने वाले 'क्रिप्टो क्रिश्चियन' अगर आरक्षण का लाभ उठाते हैं तो सरकार कार्रवाई करेगी। सीएम फडणवीस ने विधानपरिषद में इसकी जानकारी दी है।
बेंगलुरु में कर्नाटक सरकार ने दुकानदारों को जीएसटी नोटिस दिया जिसके विरोध में 25 जुलाई को व्यापारियों ने बंद बुलाया है। साथ ही यूपीआई लेन देन बंद कर दिया है
जिस BLO की रिपोर्टिंग के दम पर अजीत अंजुम उछल रहे उसे पटना के DM खारिज किया। बताया कि शांति देवी और चंद्रप्रकाश शाह दोनों मृत मतदाता हैं, जिस पर BLO अपने हस्ताक्षर कर रहे हैं।
अमेरिका ने द रेजिस्टेंस फ्रंट को एक आतंकी संगठन घोषित कर दिया है। TRF ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए बड़े हमले की जिम्मेदारी ली थी। इस हमले में 26 हिंदू पर्यटक मारे गए थे।
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में सरकारी स्कूल के टीचर शकील मोहम्मद ने हिंदू देवी-देवताओं और भारत माता की तस्वीरें जलाईं। इसके साथ राष्ट्रीय ध्वज को भी जलाने की कोशिश की गई।
छांगुर केवल धर्मांतरण नहीं, लड़कियों को बेचने का धंधा भी करता था। कर्नाटक की पीड़िता ने छांगुर के जुल्मों की कहानी सुनाई, जिसको सुनते ही किसी के भी रौंगटे खड़े हो जाएँगे।
ओडिशा में छात्रा की आत्मदाह करने के मामले में ये खुलासा हुआ है कि कॉन्ग्रेस के छात्र शाखा एनएसयूआई ने पीड़िता के खिलाफ ऑनलाइन इमेज खराब करने के लिए अभियान चलाया।
मध्य प्रदेश के इंदौर में हिंदू किन्नरों पर धर्मांतरण का दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाया गया। इससे अब तक 60 किन्नर HIV संक्रमित हो चुके हैं।
ED ने छांगुर पीर के 14 ठिकानों पर छापेमारी की, जिनमें बलरामपुर के 12 और मुबंई के 2 शामिल है। जाँच में सामने आया कि 3 महीने में 7 करोड़ की विदेशी फंडिंग भी हुई।
पत्रकारों का एक संगठन है प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI)। इस संस्था का एक बार फिर से 'दर्द' प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उभर आया है।
नब्बे के दशक में भी देश में तीन-तीन बार SIR किया जा चुका है, फिर हंगामा सिर्फ़ अभी क्यों? 1957 और 1961 में जब SIR हुआ था, तब जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री थे।
छांगुर पीर नेपाल से सटे जिलों में धर्मांतरण का नेटवर्क स्थापित करने में जुटा था। इसके लिए ₹10 करोड़ खर्च करने की तैयारी थी। 46 गाँवों के हिंदू युवाओं को टारगेट बनाने वाला था।