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तेलंगाना की ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना: चक्रवात गुलाब के कारण आई बाढ़ में 16 महीने के बच्चे को ऐसे मिली दवा

जिला प्रशासन से इसकी अनुमति मिलने के बाद करीब 4 बजे तकनीकी टीम ने व्यवस्था की और यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ परीक्षण किए कि ड्रोन दवाओं के साथ नदी पार कर सके।

तेलंगाना सरकार ने हाल ही में ‘मेडिसिन फ्रॉम द स्काई’ परियोजना शुरू की थी, जिसमें टीकों और दवाओं को वितरित करने के लिए ड्रोन का उपयोग करती है। इस परियोजना ने अपना रिजल्ट दिखाना शुरू कर दिया है। इसके तहत हाल ही में ड्रोन के जरिए 16 महीने के बच्चे के लिए बहुत ही जरूरी दवाएँ पहुँचाई गई थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 27 सितंबर को स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने चक्रवात गुलाब के कारण हुई बारिश के कारण उग्र रूप धारण कर चुकी मंजीरा नदी के पार एक ड्रोन तैनात किया था।

कथित तौर पर बीमार बच्चे का परिवार कामारेड्डी जिले के पितलम मंडल के कुर्ठी गाँव का रहने वाला है। बच्चा पेट में दर्द और बुखार से पीड़ित था। सरकारी डॉक्टरों ने फोन पर सलाह दी। मामले की जानकारी मिलने के स्थानीय स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कामारेड्डी कलेक्टर कार्यालय को मामले की जानकारी दी और पीड़ित तक दवा की आपूर्ति करने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की अनुमति माँगी।

जिला प्रशासन से इसकी अनुमति मिलने के बाद करीब 4 बजे तकनीकी टीम ने व्यवस्था की और यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ परीक्षण किए कि ड्रोन दवाओं के साथ नदी पार कर सके। न्यू इंडियन एक्सप्रेस की पत्रकार डोनिता जोस ने नदी के किनारे से ड्रोन के उड़ान भरने के वीडियो साझा किए।

स्काई प्रोजेक्ट

यह परियोजना 11 सितंबर 2021 को तेलंगाना सरकार द्वारा विश्व आर्थिक मंच, नीति आयोग और हेल्थनेट ग्लोबल (अपोलो हॉस्पिटल्स) के साथ साझेदारी में शुरू की गई थी। यह परियोजना वर्तमान में राज्य के 16 क्षेत्रों में सक्रिय है। ट्रायल रन के दौरान ड्रोन ने लॉन्च साइट से तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में लगभग 5 किलोग्राम टीके वितरित किए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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