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नार्थ-ईस्ट दिल्ली की 5 मस्जिदों से 48 विदेशी मिले, 12 जामा मस्जिद में थे: मरकज से जुड़े हैं तार

मरकज विवाद पर दिल्ली पुलिस ने एक विडियो जारी किया है। 23 मार्च के इस विडियो में पुलिस के एक अधिकारी वहॉं जुटान को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। विडियो से जाहिर है कि दिल्ली पुलिस के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद मरकज के जिम्मेदारों लोगों ने वहॉं से लोगों को हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में आयोजित मरकज़ के कार्यक्रम में शिरकत करने वाले विदेशियों की जानकारी अब सामने आ रही है। बीते दिनों हमने देखा कि पटना, राँची, अहमदनगर, अमीनाबाद जैसे कई जगहों पर मस्जिद से विदेशी मुस्लिम मिले थे। इससे पहले इनकी पूरी पड़ताल खत्म होती दिल्ली के मरकज़ कार्यक्रम की हकीकत सामने आ गई और सारी तस्वीर साफ हो गई। अब ताजा जानकारी के अनुसार, दिल्ली में विदेशियों के मिलने का सिलसिला शुरू हो गया है। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के 5 मस्जिदों से 48 विदेशी मुस्लिम मिले हैं। बताया जा रहा है कि इन विदेशी नागरिकों ने भी निजामुद्दीन इलाके में मरकज के कार्यक्रम में हिस्सा लिया था।

दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार को इस संबंध में एक चिट्ठी लिखी है। इसमें पुलिस ने दिल्ली सरकार से 157 विदेशी नागरिकों के मामले में तत्काल कार्रवाई की माँग की है। पुलिस का कहना है कि ये सभी विदेशी नागरिक दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में मरकज में हुए कार्यक्रम में मौजूद थे और फिलहाल दिल्ली की कई मस्जिदों और अन्य जगहों में रुके हुए हैं।

वजीराबाद की जामा मस्जिद में 12 विदेशी नागरिक मौजूद थे। इसको लेकर मस्जिद के मौलवी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इसी तरह भरत नगर की मस्जिद से आठ विदेशी मिले हैं।

इस बीच मरकज विवाद पर दिल्ली पुलिस ने एक विडियो जारी किया है। 23 मार्च के इस विडियो में पुलिस के एक अधिकारी वहॉं जुटान को लेकर आपत्ति जता रहे हैं। विडियो से जाहिर है कि दिल्ली पुलिस के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद मरकज के जिम्मेदारों लोगों ने वहॉं से लोगों को हटाने को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई।

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने मरकज कार्यक्रम की अगुवाई करने वाले मौलाना के खिलाफ कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कोई जनसभा आयोजित नहीं करने और सामाजिक दूरी बनाए रखने संबंधी सरकारी आदेशों के उल्लंघन को लेकर मामला दर्ज किया है। बता दें, 15 मार्च तक निजामुद्दीन में हुए कार्यक्रम में इंडोनेशिया और मलेशिया समेत अनेक देशों के 2,000 से अधिक मुस्लिम आए थे। इन्होंने 1 से 15 मार्च तक हजरत निजामुद्दीन में तबलीगी जमात में भाग लिया था और इसके बाद इनमें से कई अलग-अलग राज्य की ओर रवाना हो गए, जबकि 1400 के करीब लोग वहीं रुके रहे।


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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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