Saturday, July 20, 2024
Homeदेश-समाजअब अलकायदा भी पड़ा नूपुर शर्मा के पीछे, 'ईशनिंदा की सज़ा' देने के लिए...

अब अलकायदा भी पड़ा नूपुर शर्मा के पीछे, ‘ईशनिंदा की सज़ा’ देने के लिए भारत के मुस्लिमों को उकसाया: ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े

इसके साथ ही भारतीय मुस्लिमों से कहा गया है कि उनके सबसे नजदीक में कश्मीर में जिहाद हो रहा है, जिसमें उन्हें हिस्सा लेना चाहिए।

खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा भी अब नूपुर शर्मा के पीछे पड़ गया है। उसने भारत के मुस्लिमों को उकसाते हुए कहा है कि वो नूपुर शर्मा को ईशनिंदा की सज़ा दें। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी करने के आरोप लगने के बाद से ही नूपुर शर्मा पर जिहादी ख़तरा बढ़ गया है। अब अलकायदा के इस परिदृश्य में सामने आने के बाद ख़ुफ़िया एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। अलकायदा ने अपने मुखपत्र के जरिए नूपुर शर्मा को ‘सज़ा’ दिलाने का ऐलान किया है।

अलकायदा के इस मुखपत्र का नाम ‘नवा-ए-घवा-ए-हिन्द’ है, जिसमें नूपुर शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी कर के ईशनिंदा की है। इस पत्रिका के ताज़ा अंक में आतंकी संगठन ने भारतीय मुस्लिमों से कहा है कि वो नूपुर शर्मा से बदला लें। साथ ही मुस्लिमों को उकसाते हुए उन्हें हथियार इकट्ठा करने और इसे चलाना सीखने के लिए भी कहा गया है। अलकायदा ने इसे ‘बचाव वाला जिहाद’ नाम दिया है।

इसके साथ ही भारतीय मुस्लिमों से कहा गया है कि उनके सबसे नजदीक में कश्मीर में जिहाद हो रहा है, जिसमें उन्हें हिस्सा लेना चाहिए। अमेरिका में जिस तरह से इस्लामी कट्टरपंथियों ने लेखक सलमान रुश्दी को निशाना बनाया, उसके बाद से अब नूपुर शर्मा की सुरक्षा को लेकर ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इससे पहले जून में अलकायदा ने नूपुर शर्मा से बदला लेने के लिए आत्मघाती हमलों का ऐलान किया था।

उस समय अलकायदा ने भड़काते हुए लिखा था कि अगर मुस्लिमों ने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का बदला नहीं लिया तो उनका बुरा हाल होगा। ‘अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS)’ का मुखिया असीम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने भी नूपुर शर्मा पर खतरे को देखते हुए उन पर दर्ज सारे FIR को दिल्ली ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया। पड़ोस में अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अलकायदा ने अपना गढ़ बना रखा है, जिस कारण भारत के लिए वो एक खतरा बना हुआ है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दिल्ली हाईकोर्ट ने शिव मंदिर के ध्वस्तीकरण को ठहराया जायज, बॉम्बे HC ने विशालगढ़ में बुलडोजर पर लगाया ब्रेक: मंदिर की याचिका रद्द, मुस्लिमों...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मकबूल अहमद मुजवर व अन्य की याचिका पर इंस्पेक्टर तक को तलब कर लिया। कहा - एक भी संरचना नहीं गिराई जाए। याचिका में 'शिवभक्तों' पर आरोप।

आरक्षण पर बांग्लादेश में हो रही हत्याएँ, सीख भारत के लिए: परिवार और जाति-विशेष से बाहर निकले रिजर्वेशन का जिन्न

बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। वहाँ सेना को तैनात किया गया है। इससे भारत को सीख लेने की जरूरत है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -