Wednesday, September 30, 2020
Home देश-समाज अब्दुल्ला मस्जिद में विदेशी जमातियों को छिपाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद...

अब्दुल्ला मस्जिद में विदेशी जमातियों को छिपाने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद सस्पेंड, योगी सरकार सख्त

प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद पिछले दस वर्षों में कई देशों की यात्राएँ कर चुके हैं। इन यात्राओं को देखते हुए पुलिस अब पुलिस मजहबी चंदे का विवरण भी खंगाल रही है। इतना ही नहीं इनका पूरा मामला ही मजहबी और संदिग्ध लग रहा है। प्रोफ़ेसर शाहिद, विदेश के कई मुस्लिम संगठनों से भी जुड़े हुए हैं।

योगी सरकार के द्वारा लगातार चेतावनी के बाद भी निजामुद्दीन मरकज से जुड़ी जानकारी छिपाने और विदेशियों को शरण देने वाले इलाहाबाद विश्वविद्यालय (Allahabad University) के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद (Professor Shahid) को सस्पेंड कर दिया गया है। उन्हें विश्विद्यालय प्रशासन ने विदेशी नागरिकों को छिपाने सहित कई अन्य मामलों में उनकी संलिप्तता और चौतरफा हो रही बदनामी को ध्यान में देखते हुए यह कार्रवाई की है। तत्काल प्रभाव से प्रशासन ने सस्पेंशन ऑर्डर भी जारी कर दिया है।

सस्पेंशन ऑर्डर

गौरतलब है कि प्रोफ़ेसर मोहम्मद शाहिद तबलीगी जमात में शामिल होने दिल्ली स्थित निजामुद्दीन के मरकज़ गए थे। लेकिन, प्रयागराज लौटने के बाद उन्होंने अपनी ट्रैवेल हिस्ट्री छिपाई थी। इंटेलीजेंस के द्वारा यह सूचना जब मिली तब उन्हें 8 अप्रैल की रात को पुलिस ने घर से पकड़कर क्वारंटाइन सेंटर भेजा था। प्रशासन की सख्ती तब और बढ़ गई जब पता चला कि शाहिद ने ही इंडोनेशिया से आए आठ विदेशी समेत नौ जमातियों को प्रयागराज की अब्दुल्ला मस्जिद में छिपकर रहने में मदद की थी। उनकी सिफारिश पर ही इन नौ जमातियों को मस्जिद में जगह मिली थी।

21 अप्रैल को पुलिस ने प्रोफ़ेसर शाहिद समेत 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया जिसमें कुल 19 तबलीगी जमाती हैं। ये सभी जमाती, वही हैं जो निजामुद्दीन से निकल कर प्रयागराज जनपद में आकर छिपे हुए थे। प्रयागराज जनपद से गिरफ्तार किए जमातियों में 7 जमाती इंडोनेशिया और 9 थाईलैंड के हैं। एक जमाती केरल और एक पश्चिम बंगाल का है। शाहगंज थाना क्षेत्र की अब्दुला मस्जिद एवं करैली थाना क्षेत्र के कुछ इलाकों से 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन लोगों ने जमातियों को छिपाया हुआ था।

गौरतलब है कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज़ में आयोजित तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) के कार्यक्रम में शामिल होकर लौटने के बाद से वह खुफिया तंत्र की निगाह में थे। मोहम्मद शाहिद के खिलाफ प्रयागराज की शिवकुटी पुलिस ने महामारी ऐक्ट समेत कई अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और अब उन्हें 30 अन्य के साथ जेल भेज दिया गया है।

बता दें कि कोरोना संक्रमण का प्रमुख केंद्र बने मरकज से जुड़े लोगों की खोजबीन के दौरान ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय से इस हाई प्रोफाइल मामले के आने के बाद से सनसनी मच गई। प्रोफ़ेसर मोहम्मद शाहिद समेत 30 जमातियों और उनके मददगारों को अस्थायी जेल में शिफ्ट किया गया था। इनमें 16 विदेशी जमाती भी शामिल हैं। इन सभी लोगों को पुलिस ने सोमवार (अप्रैल 20, 2020) की रात में गिरफ्तार किया था और मंगलवार (अप्रैल 21,2020) को नैनी जेल भेजा गया था।

प्रशासन को पता चलने के बाद से ही इलाहाबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर मोहम्मद शाहिद नजर रखते हुए इनके बारे में कई जानकारी इकठ्ठा कर रही थी। क्योंकि तबलीगी जमात से लौटने के बाद वह कई दिन यूनिवर्सिटी भी गए थे। उस दौरान दो दिन में उन्होंने तकरीबन साढ़े तीन सौ स्टूडेंट्स की परीक्षा भी ली थी। इसके अलावा वह कई शिक्षकों, कर्मचारियों और बाहरी लोगों से भी मुलाकात की थी। जिसका पता बाद में चला।

गिरफ्तारी के बाद प्रोफेसर शाहिद ने पुलिस को बताया था कि वह इथोपिया के इस्लामी संगठन से भी जुड़े थे। साथ ही बीते वर्ष संगठन की ओर से आयोजित दो सम्मेलनों में भी शिरकत कर चुके थे। अंतिम बार बीते वर्ष दिसंबर में वह सम्मेलन में शिरकत करने इथोपिया की राजधानी अदीस अबाबा गए थे। सम्मेलनों में शिरकत करने के लिए जाने के बारे में विवि प्रशासन से अनुमति के सवाल पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे वहीं से उन पर शक गहराता गया और अब हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। 

गौरतलब है कि प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद पिछले दस वर्षों में कई देशों की यात्राएँ कर चुके हैं। इन यात्राओं को देखते हुए पुलिस अब पुलिस मजहबी चंदे का विवरण भी खंगाल रही है। इतना ही नहीं इनका पूरा मामला ही मजहबी और संदिग्ध लग रहा है। प्रोफ़ेसर शाहिद, विदेश के कई मुस्लिम संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। प्रोफ़ेसर शाहिद थाईलैंड, कतर, हांगकांग, नीदरलैंड, मलेशिया, साउथ अफ्रीका, बांग्लादेश, जापान, कनाडा, इथोपिया, यूक्रेन, लन्दन, दुबई और केन्या जैसे देशों की यात्रा कर चुके हैं।

पुलिस ने बताया कि नीदरलैंड और सऊदी अरब की यात्रा उन्होंने एक से ज्यादा बार की है। पुलिस का कहना है कि इन विदेश यात्राओं को देखते हुए विदेशी चंदे के बारे में भी पता लगाया जा रहा है। प्रोफेसर मोहम्मद शाहिद किस-किस मजहबी संगठनों के संपर्क में हैं और कितने विदेशी संगठनों ने चन्दा दिया है, इस दिशा में भी जाँच की जा रही है।

बता दें कि इससे पहले योगी सरकार के मंत्री बृजेश पाठक ने कहा था कि जो लोग कोरोना को छुपा रहे हैं और फैला रहे हैं, उन पर अटेम्पट टु मर्डर का केस दर्ज होना चाहिए। इसके अलावा योगी सरकार ने सख्त आदेश देते हुए कहा था कि पुलिस दो दिन में सभी जमातियों को ढूँढे। उन्होंने कहा था कि अगर दो दिन में जमाती नहीं मिले, तो थानेदारों को खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

यादों के झरोखों से: जब कारसेवकों ने बाबरी की रक्षा के लिए बना डाली थी ‘बेंगलुरु मॉडल’ वाली ह्यूमन चेन

चूक कहाँ हुई, यह राज बाबरी के साथ ही गया चला। लेकिन चंद जज्बाती लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर बाबरी की सुरक्षा की थी, यह इतिहास याद रखेगा।

यह तो पहली झाँकी है, काशी-मथुरा बाकी है: बाबरी मस्जिद पर कोर्ट के फैसले के बाद आचार्य धर्मेंद्र

"मैं आरोपी नंबर वन हूँ। सजा से डरना क्या? जो किया सबके सामने चौड़े में किया। सौभाग्य से मौका मुझे मिला, लोग इस बात को भूल गए हैं, लेकिन...”

‘हिन्दू राष्ट्र में आपका स्वागत है, बाबरी मस्जिद खुद ही गिर गया था’: कोर्ट के फैसले के बाद लिबरलों का जलना जारी

अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद यहाँ हम आपके समक्ष लिबरल गैंग के क्रंदन भरे शब्द पेश कर रहे हैं, आनंद लीजिए।

बाबरी मस्जिद साजिश के तहत नहीं तोड़ी गई, यह अचानक घटी: कोर्ट ने सभी 32 आरोपितों को किया बरी

बाबरी ध्वंस मामले में सीबीआई के स्पेशल जज एसके यादव ने 2000 पन्नों का जजमेंट दिया। इस मामले में सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया है।

हाँ, मैंने ढाँचे को तुड़वाया, अब फाँसी भी मिलती है तो सौभाग्य: डॉ रामविलास वेदांती ने कहा – रामलला को नहीं छोड़ूँगा

रामविलास वेदांती ने अयोध्या बाबरी ढाँचे के नीचे के स्तम्भों पर बने चिह्नों को लेकर कहा कि दुनिया की किसी मस्जिद में हिन्दू प्रतीक नहीं होते।

मंदिर तोड़ मीर बाकी के मस्जिद बनवाने से लेकर बाबरी ध्वंस पर अदालत के फैसले तक: बाबरी मस्जिद टाइमलाइन

दिसंबर 1992 में अयोध्या बाबरी मस्जिद ध्वंस को लेकर चल रहे मामले पर बुधवार (सितम्बर 30, 2020) को सीबीआई का विशेष कोर्ट फैसला सुनाएगा।

प्रचलित ख़बरें

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशन को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल अंबानी ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

व्यंग्य: दीपिका के NCB पूछताछ की वीडियो हुई लीक, ऑपइंडिया ने पूरी ट्रांसक्रिप्ट कर दी पब्लिक

"अरे सर! कुछ ले-दे कर सेटल करो न सर। आपको तो पता ही है कि ये सब तो चलता ही है सर!" - दीपिका के साथ चोली-प्लाज्जो पहन कर आए रणवीर ने...

शाम तक कोई पोस्ट न आए तो समझना गेम ओवर: सुशांत सिंह पर वीडियो बनाने वाले यूट्यूबर को मुंबई पुलिस ने ‘उठाया’

"साहिल चौधरी को कहीं और ले जाया गया। वह बांद्रा के कुर्ला कॉम्प्लेक्स में अपने पिता के साथ थे। अभी उनकी लोकेशन किसी परिजन को नहीं मालूम। मदद कीजिए।"

एंबुलेंस से सप्लाई, गोवा में दीपिका की बॉडी डिटॉक्स: इनसाइडर ने खोल दिए बॉलीवुड ड्रग्स पार्टियों के सारे राज

दीपिका की फिल्म की शूटिंग के वक्त हुई पार्टी में क्या हुआ था? कौन सा बड़ा निर्माता-निर्देशक ड्रग्स पार्टी के लिए अपनी विला देता है? कौन सा स्टार पत्नी के साथ मिल ड्रग्स का धंधा करता है? जानें सब कुछ।

ईशनिंदा में अखिलेश पांडे को 15 साल की सजा, कुरान की ‘झूठी कसम’ खाकर 2 भारतीय मजदूरों ने फँसाया

UAE के कानून के हिसाब से अगर 3 या 3 से अधिक लोग कुरान की कसम खाकर गवाही देते हैं तो आरोप सिद्ध माना जा सकता है। इसी आधार पर...

RSS से जुड़े ब्राह्मण ने दिया था अंग्रेजों का साथ, एक मुस्लिम वकील लड़ा था भगत सिंह के पक्ष में – Fact Check

"भगत सिंह को फ़ाँसी दिलाने के लिए अंग्रेजों की ओर से जिस 'ब्राह्मण' वकील ने मुकदमा लड़ा था, वह RSS का भी सदस्य था।" - वायरल हो रहा मैसेज...

राजनीति से ग्रसित हो कॉन्ग्रेस ने करवाया था झूठा मुकदमा: बाबरी पर फैसले के बाद CM योगी का तीखा वार

"तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार ने पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर जो हमारे संत, महात्मा, वरिष्ठ नेताओं पर झूठे आरोप लगाए थे, वो निर्मूल सिद्ध हुए हैं।"

‘अनुराग’ के साथ काम करने के लिए ‘फिजिकली फ्रेंडली’ होना जरूरी: पायल घोष ने शेयर किया 2018 में #MeToo पर किया गया पोस्ट

"मैं कुछ और लोगों के लिए #metooindia का नाम बदलना सुनिश्चित करूँगी क्योंकि #metooindia नकली है और प्रभावशाली लोगों का गुलाम है।"

यादों के झरोखों से: जब कारसेवकों ने बाबरी की रक्षा के लिए बना डाली थी ‘बेंगलुरु मॉडल’ वाली ह्यूमन चेन

चूक कहाँ हुई, यह राज बाबरी के साथ ही गया चला। लेकिन चंद जज्बाती लोगों ने ह्यूमन चेन बनाकर बाबरी की सुरक्षा की थी, यह इतिहास याद रखेगा।

‘जय श्री राम’ के उद्घोष के साथ आडवाणी ने जताई खुशी, जोशी ने कहा- सभी को अब मंदिर निर्माण को लेकर उत्साहित होना चाहिए

"फैसले ने मेरी निजी और बीजेपी की राम जन्मभूमि मूवमेंट भावना को भी सही साबित किया। मैं इस फैसले का तहेदिल से स्वागत करता हूँ।"

यह तो पहली झाँकी है, काशी-मथुरा बाकी है: बाबरी मस्जिद पर कोर्ट के फैसले के बाद आचार्य धर्मेंद्र

"मैं आरोपी नंबर वन हूँ। सजा से डरना क्या? जो किया सबके सामने चौड़े में किया। सौभाग्य से मौका मुझे मिला, लोग इस बात को भूल गए हैं, लेकिन...”

‘हिन्दू राष्ट्र में आपका स्वागत है, बाबरी मस्जिद खुद ही गिर गया था’: कोर्ट के फैसले के बाद लिबरलों का जलना जारी

अयोध्या बाबरी विध्वंस मामले में कोर्ट का फैसला आने के बाद यहाँ हम आपके समक्ष लिबरल गैंग के क्रंदन भरे शब्द पेश कर रहे हैं, आनंद लीजिए।

1 अक्टूबर को 11 बजे के पहले थाने में हाजिर हो: अनुराग कश्यप को अभिनेत्री से रेप के मामले में मुंबई पुलिस का समन

बॉलीवुड अभिनेत्री पायल घोष की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मुंबई पुलिस ने फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप को समन जारी कर दिया है। अनुराग से पुलिस ने कल 11 बजे से पहले थाने में हाजिर होने को कहा है।

काली, बदसूरत… सुहाना खान ने झेला गोरे-काले का भेद, पापा शाहरुख हैं Fair & Handsome के ब्रांड एम्बेसडर

स्टार किड सुहाना कहती है कि केवल भूरी त्वचा के कारण अपने लोगों से नफरत करना सिर्फ INSECURITY के अलावा कुछ नहीं है।

बाबरी मस्जिद साजिश के तहत नहीं तोड़ी गई, यह अचानक घटी: कोर्ट ने सभी 32 आरोपितों को किया बरी

बाबरी ध्वंस मामले में सीबीआई के स्पेशल जज एसके यादव ने 2000 पन्नों का जजमेंट दिया। इस मामले में सभी आरोपितों को बरी कर दिया गया है।

हाँ, मैंने ढाँचे को तुड़वाया, अब फाँसी भी मिलती है तो सौभाग्य: डॉ रामविलास वेदांती ने कहा – रामलला को नहीं छोड़ूँगा

रामविलास वेदांती ने अयोध्या बाबरी ढाँचे के नीचे के स्तम्भों पर बने चिह्नों को लेकर कहा कि दुनिया की किसी मस्जिद में हिन्दू प्रतीक नहीं होते।

हमसे जुड़ें

264,935FansLike
78,088FollowersFollow
326,000SubscribersSubscribe